ठंड बढ़ते ही तेंदुए दे रहे जंगल से जबलपुर की ओर दस्तक, रात आठ बजते ही पसर जाता है सन्नाटा
मध्य प्रदेश के जबलपुर में विभाग के अमले ने क्षेत्रों में रात की गश्त बढ़ा दी है। रिहायसी इलाकों में रहने वाले लोग, तेंदुओं की बढ़ती चहलकदमी से खौफजदा हैं। विभाग इन पर नजर रखता है, लेकिन इस समय जिन क्षेत्रों में इनके होने की सूचना मिल रही है, वो जंगल से लगा है, जहां पर कैमरे लगाना मुश्किल है।
By Atul Shukla
Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 11:16:24 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 11:16:24 AM (IST)
HighLights
- लगातार वन विभाग को मिल रही हैं सूचनाएं।
- सात जगहों पर लगातार दिखने पर बढ़ाई गश्त।
- शिकार के लिए रिहायसी इलाकों में आ रहे हैं।
अतुल शुक्ला, नईदुनिया जबलपुर (Jabalpur Information)। जबलपुर में ठंड की दस्तक के साथ ही तेंदुओं की शिरकत भी बढ़ रही है। शहर के खमरिया, सीओडी, जीसीएफ के साथ डुमना से लगे जंगल और इनकी सीमा में आने वाले रिहायसी इलाकों में लगातार तेंदुओं को देखे जाने की सूचना मिल रही है।
20 से ज्यादा सूचनाएं वन विभाग को मिली हैं
रात के आठ बजते ही इन क्षेत्रों में सन्नाटा पसर जाता है। इधर पिछले कुछ दिनों में तेंदुओं के दल को दिखे जाने की करीब 20 से ज्यादा सूचनाएं वन विभाग को मिली हैं। विभाग के मुताबिक शहर और इसके आसपास के जंगलों में रहने वाले तेंदुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो इस समय करीब 80 के ऊपर पहुंच चुकी है।
ऐसी जगहों को चिंहित किया है, जहां लगातार देखा जा रहा है
वन विभाग ने जबलपुर में करीब सात ऐसी जगहों को चिंहित किया है, जहां लगातार तेंदुओं को देखा जा रहा है, जिसमें खमरिया और एलवीआर के साथ जीसीएफ, डुमना, बरगी, पनागर और आर्मी बेस वर्कशाप के क्षेत्र शामिल हैं। यहां पर विभाग ने लोगों को रात के वक्त सर्तक रहने कहा है। इधर विभाग का गश्त लगाने वाला अमला, तेंदुए के देखने की सूचना मिलने के बाद तत्काल समय पर पहुंच रहे हैं।
कुत्तों और सुअर का कर रहे शिकार
- ठंड के दिनों में तेंदुए दल से दूर जाकर शिकार करते हैं खासतौर पर मादा तेंदुआ।
- आसानी से शिकार मिल जाए, शिकार के लिए यह रिहायसी इलाकों की ओर आ रहे हैं।
- जबलपुर व आसपास तेंदुओं के बढ़ती शिरक्त की वजह से वन विभाग भी परेशान है।
- तेंदुए की आमद के कारण वन विभाग की रेस्क्यू टीम को लगातार लोगों के फोन आ रहे।
- तीन दिन पूर्व ही जीसीएफ के पास एक कुत्ते को मुंह में दबाकर ले जाते हुए भी देखा गया।
50 से 80 तक पहुंची तेंदुओं की संख्या
इस वजह से यह अब शहर की ओर शिरक्कत कर रहे हैं और रिहायसी इलाकों की ओर बढ़ने लगे हैं। खासतौर पर विभाग को मिलने वाली सूचना में रात के वक्त ही इनके होने की जानकारी मिलती है। ऐसे में हमने कुछ क्षेत्रों को चिंहित किया है, जहां पर लगातार इनके होने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि इनके शिकार करने की भी शिकायत आ रही है, जिसके बाद यहां लगातार गश्त की जा रही है और लोगों को भी सतर्क रहने कहा गया है।
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इसलिए बढ़ रही शिरकत
- ठंड के दिनों में तेंदुए अपने दल से दूर जाकर शिकार करते हैं, जिससे यह आ रहे हैं।
- खासतौर पर मादा तेंदुए ठंड में ही बच्चों को जन्म देती है और वह दल से दूर जाती हैँ।
- मादा तेंदुआ रिहायसी इलाकों में आकर कुत्ते-बिल्ली और सुअर का शिकार कर रहीँ।
- अधिकांश लोगों ने जंगलों की ओर अपने घर बना लिए हैं, जिसउनके घर तक पहुंच रहे हैं।


