छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्यों की जिला बदर पर पुनः स्थापना की मांग

कहा कि हम अनुरोध करते हैं कि मीरी के जिला बदर की कार्रवाई पर प्रशासन विचार कर मामला दर्ज कराए। विशिष्टता संख्या में दक्षिणी अमेरिका छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्यों ने राज्यपाल के नाम से सीमांत जिला प्रशासन को निर्देश सौपा।

द्वारा सुरेश कुमार देवांगन

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:12:39 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 12:12:39 पूर्वाह्न (IST)

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के दल के सदस्यों की जिला बदर पर पुनः स्थापना की मांग

पर प्रकाश डाला गया

  1. छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्य, रजिस्ट्रार कार्यालय
  2. गोपाल पांडे 24 घंटे जिले में भर्ती रहेंगे
  3. राज्यपाल के नाम से सीधे जिला प्रशासन को निर्देश।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा:छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सदस्य दिलीप मिरी पर रजिस्ट्रार अजीत स्प्रिंग ने जिला बदर की कार्रवाई की है। जिस पर शोध के साथ कार्रवाई को निरस्त करने की मांग लेकर संगठन के सदस्य जिला कलेक्टोरेट कार्यालय दक्षिणी थे। संगठन के जिला अध्यक्ष अतुलदास ने बताया कि दिलीप मिरी एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने अपने सामाजिक जीवन में भू-विन्यासों, ईसाइयों को न्याय के लिए एक कट्टर के रूप में काम किया है। उन पर लगाया गया आरोप निराधार है।

गोपाल पांडे 24 घंटे जिले में भर्ती रहेंगे

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अजीत स्प्रिंग ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-3 एवं 5 के अंतर्गत गोपू पांडे प्रकाश पांडे 27 वर्ष साकिन ब्राम्हण पारा ओल्ड बस्ती कोरबा को वह 24 घंटे के अंदर कोरबा और भूतपूर्व सचिवालय जिला बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती , रायगढ़, सरगुजा, सूरजपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, गौरला-पेंड्रा-मर्गी जिला क्षेत्र से एक वर्ष की अवधि के लिए बाहर जाने के लिए कहा गया है। आदेश का पालन न करने के लिए संबंधित के प्रतिबंध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

चारागाह मैदान व खेल मैदान पर कब्जा, नहीं हो रही कार्रवाई

नईदुनिया न्यूज, छुरीकला: नगर क्षेत्र की अधिकांश सरकारी जमीन पर घास की जमीन और बड़े झाड़ के जंगल की जमीन और सरकारी भवन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसकी याचिका प्रशासन जिला के अधिकारियों से की गई है, अधिकारियों द्वारा किसी प्रकार की जांच नहीं की जा रही है। इस अवैध कब्जा करने का निर्देश नहीं दिया जा रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र के चारों ओर सरकारी जमीन और बड़े झांड के जंगल के साथ खुला मैदान था, जिसमें कोयले की चारगाह भी शामिल थी। उसे कब्जे में लेकर संपत्ति बिक्री कर भवन बनाया जा रहा है। जमीन के चारागाह की जमीन को भी जमीनों के माध्यम से कब्जे में लेकर बेच दिया गया है। इसके अलावा कृषि विस्तार अधिकारी के सरकारी भवन पर भी कब्जा कर लिया गया है।

यूनिवर्सल ग्राउंड पर कब्ज़ा कर मकान बनाया गया है। कुछ जलाशय भूमि के पट्टे की खरीद कर उस पर कब्ज़ा कर लिया गया। जमीन व सरकारी भवन व्यवसाय को मुक्त करने के लिए लेकर ठेकेदारों ने कई बार प्रशासन जिला अनुविभागीय अधिकारी को पत्र लिखा, अधिकारियों ने ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिला प्रशासन द्वारा साप्ताहिक बैठक में अवैध कब्जे को हटाने के लिए सबंधित अधिकारी को बार-बार निदेशित किया गया, इसके बाद भी राजस्व अधिकारी ने अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की और न ही कोई अभियान चलाया। इससे अवैध कब्जे वाले दिन बढ़ते जा रहे हैं।