चार माह के बाघ शावक की निमोनिया से मौत, स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ के शोध छात्र करेंगे शव पर अध्ययन

सिवनी क्षेत्र के सिवनी में मृत नर बाघ के शावक की आयु चार माह बताई जा रही है। शव परीक्षा के लिए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मनदीप शर्मा के निर्देशन में एक जांच टीम की ओर से कहा गया था। प्रथम दृष्टया परीक्षण के दौरान पता चला कि शावक की मृत्यु फेफडों में संक्रमण (निमोनिया) के कारण हुई।

द्वारा अतुल शुक्ला

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 08:04:33 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:18:43 पूर्वाह्न (IST)

चार माह के बाघ शावक की निमोनिया से मौत, स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ के शोध छात्र करेंगे शव पर अध्ययन
स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ के डॉक्टर डॉ. शोभा जावरे की उपस्थिति में डॉ. निधि राजपूत, डॉ. अमोल राडार, डॉ. राकेश बरैया एवं प्रयोगशाला पोधाडे ने किया शव परीक्षण: नईदुनिया।

पर प्रकाश डाला गया

  1. ख़राब होने की वजह से बंधन ने शावक को जंगल में अकेला छोड़ दिया था।
  2. पोस्टमार्डम को जबलपुर के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ के लिए लाया गया था।
  3. मगरकथा बीट के कक्ष क्र. फ़्यूज़ 188 गेडीघाट जंगल में शव मिला था।

नईदुनिया, जबलपुर (जबलपुर समाचार)। प्लांट टाइगर रिजर्व के जंगल में चार माह के बाघ शावक का शव मिला, जिसे पोस्टमार्डम के लिए जंबाल के स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ के लिए लाया गया। सोमवार को वाइल्ड लाइफ स्टाफ ने शव का पोस्टमार्डम किया।

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प्लांट टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने शव को स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ को दे दिया

जांच रिपोर्ट में शावक के फेफडों में संक्रमण (निमोनिया) मिला, जो मौत की वजह बना। ट्रायल के बाद प्लांट टाइगर रिजर्व मैनेजमेंट ने शव को स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ को दे दिया है, जिस पर अब वाइल्ड लाइफ के शोध छात्र व्यवहारिक अध्ययन करेंगे।

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सैद्धांतिक परीक्षण कार्यक्रम एक साथ मिलकर तैयार किया गया

मृत नर बाघ शावक का शव परीक्षण स्कूल ऑफ लाइफ वाइल्ड फोरेंसिक एंड हेल्थ की लीडर डॉ. शोभा जावरे की उपस्थिति में डॉ. निधि राजपूत, डॉ. अमोल राडार, डॉ. राकेश बरैया एवं मंडल पोधाडे ने किया।

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बाघ शावक का शव रविवार सुबह सुपरमार्केट के दौरान वन अमले से मिला था

  • मगरमच्छा बीट के कक्ष क्र. के अंतर्गत अरी गोल्फर वन क्षेत्र। फ़्यूज़ 188 गेडीघाट जंगल में शव मिला था।
  • वन अधिकरियों ने बताया कि मैदानी अमले द्वारा जंगल में लगाए गए अवशेषों में बाघिन और दो शावकों की फोटो कैद हुई थी।
  • भूखा होने से मौत होने का अनुमान। डैग स्क्वायड और पैदल यात्रियों में कोई भी ज़िंदा वन अमले को नहीं मिला।
  • सूक्ष्म परीक्षण एवं पोस्ट मार्टम के लिए शव आइस बाक्स में डायपर नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विवि विज्ञान जैनबाला को भेजा गया था।

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कैमरा ट्रेप में थे बाघिन, दो शावक

  • बाघ के शावक का पेट काफी पिचका था, जो कुछ दिनों से भूखा था।
  • शावक के शव लगभग 10 मीटर दूर गाय के तट पर पाए गए।
  • मॉल पर लगे ट्रैप में बाघिन वी दो शावकों की फोटो खींची गई है।
  • गाय के घर में मक्खियों और अन्य सूक्ष्म जीवों की बैठक की पुष्टि हुई है।

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वन परिशोधन ने पूरे क्षेत्र में सूक्ष्मदर्शी से निरीक्षण किया था

सूचना पर एसोसिएशन सार्क प्लांट टाइगर रिजर्व क्षेत्र के विशेषज्ञ, उपसंचालक, वरिष्ठ वन्यप्राणि चिकित्सक के अलावा डैग स्क्वायड दल और वन चॉकलेट ने पूरे क्षेत्र में सूक्ष्मदर्शी से निरीक्षण किया था।

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पोषण अधिकतर अच्छे से करने की दृष्टि से सौम्य शावक को अकेला छोड़ देते हैं

वृद्ध वृद्ध वैद्य चिकित्सक अलोकतांत्रिक मिश्रा ने बताया कि बाघों और अन्य बड़े समुदायों में यह सामान्य व्यवहार है। जब वह किसी शावक को अकेला छोड़ देते हैं, तो अन्य शावकों को स्वस्थ और उनके भरण-पोषण में अच्छा पोषण मिलता है। खाली पेट के शावक के पास कोई और चारा नहीं मिला।