गुरुघासीदास तमोर पिघला नेशनल पार्क ने छत्तीसगढ़ का चौथा और देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया

छत्तीसगढ़ का गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान अब राज्य का चौथा और देश का 53वां टाइगर रिजर्व बन गया है। इसका कोर क्षेत्र 2,049 वर्ग किलोमीटर और बोल्ट क्षेत्र 780 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह जंगल पहले संजय नेशनल पार्क का हिस्सा था और अब कोरिया, बाढ़, और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी में स्थित है।

द्वारा पराग मिश्रा

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:52:27 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:52:27 पूर्वाह्न (IST)

गुरुघासीदास तमोर पिघला नेशनल पार्क ने छत्तीसगढ़ का चौथा और देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाया

पर प्रकाश डाला गया

  1. गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान देश का 53वां टाइगर रिजर्व।
  2. रिजर्व में नीलगाय, पैंथर, बाघ सहित 32 स्थान रहते हैं।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया रायपुर। छत्तीसगढ़ का गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान अब राज्य का चौथा और देश का 53वां टाइगर रिजर्व बन गया है। राज्य सरकार ने अपनी अधिसूचना जारी कर दी है, और इसमें टाइगर रिजर्व की बैठक आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर खोलेगी। इस रिजर्व का कोर क्षेत्र 2,049 वर्ग किलोमीटर और बोल्डर क्षेत्र 780 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, जो देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है।

टाइगर रिजर्व बनाने का निर्णय प्रदेश सरकार ने हाल ही में नागालैंड की बैठक में लिया। गार्डन के विशेषज्ञ सौरव सिंह के अनुसार, इस नए टाइगर रिजर्व की पूरी तरह से संभावना में अभी ज्यादा समय नहीं बचा है, क्योंकि डॉक्युमेंट्री प्रक्रिया अंतिम चरण में है।naidunia_image

पूर्व में संजय नेशनल पार्क का हिस्सा था

कोरिया जिले में स्थित यह जंगल पहले संजय नेशनल पार्क का हिस्सा था, लेकिन मध्य और छत्तीसगढ़ के दुर्ग के बाद यह छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आ गया। इस क्षेत्र में नीलगाय, पैंथर, बाघ और अन्य 32 पत्थरों का घर है। यह टाइगर रिज़र्व 2829.387 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, और इसमें मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी, कोरिया और बाज़ीगर जिले भी शामिल हैं।

अब राज्य में चार टाइगर रिजर्व हो गए हैं- इंद्रावती (बीजापुर), उदंती-सीतानदी (गरियाबंद), अचानकमार (मुंगेली), और अब गुरुघासीदास-तमोर पिंघला।

तीन साल पहले भी हुई थी कोशिश

वर्ष 2021 में इस पार्क को टाइगर रिज़र्व बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ विरोध और रिज़र्व क्षेत्र में कोल ब्लेक, आइल ब्लेक और मिथेन गैस ब्लेक की स्थापना के कारण यह योजना रुकी हुई थी। तब छत्तीसगढ़ में सरकार थी। अब यह टाइगर रिजर्व देश का 56वाँ टाइगर रिजर्व बनेगा।naidunia_image

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री को धन्यवाद दिया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद दिया, गुरुघासीदास-तैमूर पिघला टाइगर रिजर्व का सपना पूरा हुआ। इस रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें वृक्ष वन क्षेत्र 1254.586 वर्ग किलोमीटर और संरक्षित वन 1438.451 वर्ग किलोमीटर शामिल हैं, जबकि राजस्व क्षेत्र 136.35 वर्ग किलोमीटर है।