कोरबा जिला इंटक के अध्यक्ष श्यामू व राजेश के घर सीबीआइ ने दबिश देकर जब्त किए दस्तावेज

क्षेत्र में उनके मकान भी नहीं थे और जिनके मकान थे, वह भी छोटे थे। बावजूद उनके साथ भेदभाव बरता गया। इस कार्य में राजस्व विभाग पदस्थ कुछ अधिकारी- कर्मचारियों के साथ ही एसईसीएल के राजस्व विभाग की भी अहम भूमिका है।

By Pradeep Barmaiya

Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 12:30:24 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 12:30:24 AM (IST)

HighLights

  1. मुआवजा वितरण में गड़़बड़ी की शिकायत
  2. दिन भर जांच पड़ताल के बाद टीम वापस लौट गई।
  3. एसईसीएल के राजस्व विभाग की भी अहम भूमिका है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की टीम ने हरदीबाजार निवासी श्यामू जायसवाल तथा दीपका निवासी राजेश जायसवाल के निवास में जांच पड़ताल की। एसईसीएल द्वारा जमीन अधिग्रहण के एवज में वितरित किए गए मुआवजा में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत पर सीबीआइ ने यह कार्रवाई की। दिन भर जांच पड़ताल के बाद टीम वापस लौट गई।

सोमवार को सुबह छह बजे तीन वाहन में सवार होकर सीबीआइ की टीम कोरबा के हरदीबाजार – दीपका क्षेत्र में पहुंची। स्थानीय पुलिस से सहायता लेने के साथ ही टीम के सदस्य श्यामू जायसवाल तथा राजेश जायसवाल के निवास पर पहुंची। टीम के सदस्य मकान के अंदर प्रवेश हुए। इसके साथ ही उन्होंने घर के सदस्यों से मोबाइल फोन ले लिया। टीम पूरे घर की तलाशी लेने के साथ ही विभिन्न दस्तावेजों की जांच पड़ताल की। दिन भर जांच पड़ताल में सीबीआइ को क्या दस्तावेज मिले और खामिया मिली, यह तो स्पष्ट नहीं हो सका, पर बताया जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जब्त किया गया है, ताकि उनका विस्तृत तौर पर जांच पड़ताल की जा सके। टीम ने फिलहाल कुछ भी यहां स्पष्ट रूप से नहीं बताया है। संभावना जताई जा रही है कि टीम अपनी रिपोर्ट मुख्यालय वापस लौट कर वरिष्ठ अधिकारियों को देगी, इसके बाद मामला सामने आएगा कि क्या- क्या गड़बड़ियां मिली।

यहां बताना होगा कि श्यामू जायसवाल जिला इंटक के अध्यक्ष पद का भी दायित्व संभाल रहे हैं। बताया जा रहा है कि साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड(एसईसीएल) के दीपका क्षेत्र में ग्राम मलगांव व सुआभोड़ी की जमीन अधिग्रहित की गई है। जमीन के एवज में बनाई गई मुआवजा राशि में व्यापक पैमाने की गड़बड़ी होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए शिकायत की थी कि उनकी जमीन के बदले कम मुआवजा दिया गया है, जबकि कुछ अपात्र लोगों को निर्धारित राशि से ज्यादा मुआवजा दिया गया।

दीपका खदान का होना है विस्तार

दीपका खदान का विस्तार किया जाना है, इसलिए एसईसीएल प्रबंधन जमीन अधिग्रहण करने लगातार प्रयासरत है। मलगांव की जमीन में मुआवजा वितरण को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगा आंदोलन भी किया। भविष्य में कुछ अन्य लोगों का नाम भी इस मामले में जु़ड़ने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल जमीन अधिग्रहण के लंबित मामले निपटाने के लिए राज्य शासन एवं एसईसीएल के अधिकारी- कर्मचारियों के साथ ही कुछ लोग लगातार सक्रिय रहते हैं और मुआवजा दिलाने में गड़बड़ी करने से पीछे नहीं रहते हैं। इससे प्रभावितों को नुकसान उठाना पड़ता है।