सहायक उपनिरीक्षक अमृतलाल भिलाला उस वक्त करोंद में 80 फीट रोड पर वाहन चेकिंग की ड्यूटी पर तैनात थे। हादसे के वक्त कार में आरोपित के साथ उसके दो दोस्त भी सवार थे, जिन्हें बरी कर दिया गया।
By Ravindra Soni
Publish Date: Tue, 19 Nov 2024 08:19:58 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 19 Nov 2024 08:19:58 AM (IST)
HighLights
- करोंद इलाके में वाहन चैकिंग में तैनात थे एएसआई भिलाला।
- कार रोकने पर आरोपित उन्हें दूर तक घसीटता ले गया था।
- अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी एएसआई की मौत।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। छह वर्ष पहले करोंद मंडी के पास वाहन चैकिंग में तैनात एक पुलिसकर्मी को कार से करीब दो किलोमीटर तक घसीटकर हत्या करने वाले आरोपित को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। राजधानी के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार बरकडे के न्यायालय ने मामले की सुनवाई करते हुए सोमवार को आरोपित मंयक आर्य को आजीवन कारावास एवं सात हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया है। जबकि घटना में आरोपित मयंक के साथ कार में मौजूद उसके दोस्त अभिषेक और मोहित को बरी कर दिया गया है।
यह था घटनाक्रम
निशातपुरा थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक अमृतलाल भिलाला 16 जून 2018 को करोंद स्थित 80 फीट रोड पर वाहन चेकिंग में ड्यूटी पर तैनात थे। शाम करीब 07:30 बजे एक सफेद रंग की कार बेस्ट प्राइज तिराहे के तरफ से 80 फीट रोड तरफ जा रही थी। उस कार में बैठे लोग संदिग्ध हालत मे दिखे तो उपनिरीक्षक द्वारा कार के चालक से कार रोकने का इशारा किया गया। लेकिन चालक ने कार रोकने के बजाय रफ्तार और बढ़ा दी तथा भिलाला को टक्कर मार दी।
कार के नीचे फंस गए थे एएसआई
इस दौरान एएसआई भिलाला कार के नीचे फंस गए और कार चालक मयंक उन्हें दो किमी तक घसीटते हुए ले गया था। एक आरक्षक ने मोटरसाइकिल से कार का पीछा किया। कार चालक ने अपने पीछे पुलिस आते देख गति और भी बढ़ा दी, जिससे उपनिरीक्षक को प्राणघातक चोटें आई थीं। एएसआई को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना में कार चालक मयंक और उसके साथ मौजूद उसके दोस्त अभिषेक और मोहित को भी आरोपित बनाया था।



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