बड़वानी में युवक ने पत्नी और बच्चों पर किया हमला, दोनों बेटों की मौत

बड़वानी में एक युवक ने पत्नी और बच्चों पर चाकू से हमला कर दिया। पत्नी बनी थी, जिसके बाद मुस्लिम जाने को लेकर पति से झगड़ा हुआ और इस बात पर पति ने हमला कर दिया। ऐसे बच्चों की मौत हो गई जबकी पति-पत्नी अस्पताल में भर्ती हैं।

द्वारा नीरज पांडे

प्रकाशित तिथि: शनिवार, 23 नवंबर 2024 04:31:17 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शनिवार, 23 नवंबर 2024 04:31:17 अपराह्न (IST)

बड़वानी में युवक ने पत्नी और बच्चों पर किया हमला, दोनों बेटों की मौत
हमले के बाद युवक ने खुद को घायल कर लिया।

पर प्रकाश डाला गया

  1. पति से उद्योगपति के बाद चली गई पत्नी
  2. पत्नी के मुस्लिम जाने से मना करने पर विवाद
  3. युवक ने पत्नी और बच्चों पर किया हमला

नईदुनिया प्रतिनिधि, बड़वानी : जिले के वरला थाना क्षेत्र में एक सनकी युवक ने पारिवारिक विवाद में अपनी पत्नी और दोनों बच्चों पर डकैती से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से दोनों बच्चों की मौत हो गई, वहीं पत्नी घायल हो गई। उसे घायल राज्य में महाराष्ट्र के कूड़ेदान जिले के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपराधियों ने खुद को भी डरांती से घायल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

निर्मित हुई थी महिला

सेंधवा स्कूलपी कमल सिंह चौहान एवं वरला थाने के प्रभारी सौरभ बाथम के अनुसार ग्राम पंचायत देवली के वन ग्राम चिचामली में घटना हुई। पारिवारिक विवाद की महिला, दोनों बच्चों को लेकर मस्जिद आ गई थी। भूरीपड़ावा महाराष्ट्र के रहने वाले अपराधी संजय अपनी पत्नी भारती को ले जाने के लिए यहां मुस्लिम में आए थे।

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रिज़ल्ट को लेकर विवाद

यहां से मुस्लिम जाने की बात पर पारिवारिक विवाद हुआ और टूटे हुए रिश्ते में संजय ने अपनी पत्नी भारती और बच्चों पर डकैती से हमला कर दिया। फ़ोर्स के हमलों से पांच साल की उम्र में डेविड और तीन साल की उम्र में डिंपल की मौत हो गई। भारती को गंभीर अवस्था में प्राथमिक उपचार के बाद कूड़ेदान का निवारण किया जाता है।

खुद को भी किया घायल

अपराधी ने खुद को भी डरांती मार ली, जिससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। महाराष्ट्र के अस्पतालों में पुलिस व्हीजनों द्वारा वंचित मतदाताओं के इलाज के लिए ले जाया गया। घटना के बाद गांव में शोक व्याप्त हो गया। बच्चों के सामान को वर्ला में खरीदने के लिए डाउनलोड करें। वहीं गांव में एफएसएल की टीम ने जांच पड़ताल कर वैज्ञानिक परीक्षण किया।

कोदो की रोटी खाने से 13 लोग बीमार, इसकी फसल खाने से हुई थी 10 हाथियों की मौत

मध्‍य प्रदेश में कोदो जमकर कहर बरपा रहा है। उमरिया में हाथियों की मौत हो या कटनी के रीठी में एक साथ कई लोगों का बीमार पड़ना। एक-एक करके बड़े से बच्चे तक 13 लोग बीमार हो गए।

By Dheeraj kumar Bajpai

Publish Date: Sat, 23 Nov 2024 02:55:09 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Nov 2024 03:38:00 PM (IST)

जिला अस्‍प्‍ताल में भर्ती बीमार लोग: नईदुनिया।

(*13*)

HighLights

  1. घर में कोदो की बनाई रोटी का सेवन किया था।
  2. परिवार के सिर्फ दो लोगों ने रोटी नहीं खाई थी।
  3. कुछ ही देर बाद पेट दर्द,उल्टी दस्त शुरू हुआ।

नईदुनिया, कटनी (Katni Information)। उमरिया में कोदो की फसल खाने से 10 हाथियों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि कटनी के रीठीके पांडी गांव में कोदो की रोटी खाने से एक ही परिवार के 13 लोग बीमार हो गए हैं।। रीठी थाना क्षेत्र के पोंडी गांव की घटना। आनन फानन में पड़ोसियों ने बीमार लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्‍सक ने बताया कि उपचार किया जा रहा है।

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पीड़ितों को जिला अस्पताल में कराया भर्ती

कोदो की रोटी खाने से रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत पौड़ी गांव में चौधरी परिवार के 13 लोग बीमार हो गए। जिनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पीड़ितों में तीन की हालत गंभीर है। जिनका आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।

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घर में कोदो की बनाई रोटी का सेवन किया था

पौड़ी गांव निवासी चौधरी परिवार के लोगों ने सुबह 10 बजे के लगभग घर में कोदो की बनाई रोटी का सेवन किया था जिसमें घर के बुजुर्ग, युवा और महिला एवं बच्चे शामिल थे। परिवार के सिर्फ दो लोगों ने रोटी नहीं खाई।

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कुछ ही देर बाद पेट में दर्द और उल्टी दस्त

  • खाना खाने के कुछ ही देर बाद लोगों के पेट में दर्द और उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी।
  • आसपास रहने वालों की मदद से स्‍वजन ने परिवार के लोगों ने एंबुलेंस 108 को सूचना दी।
  • एक-एक कर लोगों के बीमार होने से पीड़ितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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6 बच्चे और 7 परिवार के बड़े शामिल

बीमार लोगों में 6 बच्चे और 7 परिवार के बड़े शामिल है। बच्चों में सत्यम चौधरी, मीनाक्षी चौधरी, विमलेश, संध्या, खुशी, काव्या चौधरी हैं, जबकि बड़ों में राजकुमारी चौधरी, मिथला बाई,आरती चौधरी, अभिलाषा, विनोद, प्रमोद, ललित चौधरी शामिल हैं। ललित, राजकुमारी व एक अन्य की हालत खराब है।

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खबर अपडेट हो रही है…

4 कारण…टीम इंडिया ने 1 दिन में कैसे पलट दिया पर्थ टेस्ट का पासा, ऑस्ट्रेलिया पर कसा शिकंजा

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट मैच में महज एक दिन के भीतर मामला पलट दिया है. खेल के पहले दिन जो टीम 150 रन पर ऑलआउट होने के बाद बैकफुट पर नजर आ रही थी उसने 200 रन के करीब बढ़त बनाकर मैच पर किसंजा कस लिया. टीम इंडिया ने एक दिन में आखिर कैसे पर्थ टेस्ट मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. 24 घंट में मैच का पासा पलटने के पीछे 3 अहम कारण नजर आते हैं.

गेंदबाजों का पलटवार
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम की शुरुआत जैसी हुई उससे हर तरफ आलोचना करने वाले खड़े हो गए लेकिन महज 24 घंटे के भीतर ही टीम इंडिया ने सबका मुंह बंद कर दिया. पर्थ टेस्ट के पहले दिन कप्तान जसप्रीत बुमराह ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. बल्लेबाजों ने धोखा दिया और पहली पारी 150 रन पर सिमट गई. यहां से बुमराह ने कमान अपने हाथ में ली और ऑस्ट्रेलिया के टॉप आर्डर पर वार कर उसे पवेलियन भेजा. नतीजा दूसरे दिन के पहले सेशन में कंगारू टीम 104 रन पर ऑलआउट हुई और भारत को 46 रन की बढ़त मिली. जसप्रीत बुमराह ने 5 विकेट झटके जबकि हर्षित राणा ने 3 बल्लेबाजों को आउट किया. दो विकेट मोहम्मद सिराज ने अपने नाम किए.

गलतियों में सुधार
पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में जब भारतीय टीम के ओपनर बल्लेबाजी करने उतरे तो दोनों ने वो गलती नहीं दोहराई जिसकी वजह से पहली पारी में आउट हुए थे. खास करके यशस्वी जायसवाल जिसकी तारीफ कमेंट्री कर रहे सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री समेत तमाम भारतीय दिग्गजों ने की. सब ने एक ही बात बताई की इस युवा ने महज एक दिन में कैसे अपने खेल में सुधार कर लिया. जिस शॉट को खेलते हुए पहली पारी में आउट हुए उसको बिल्कुल भी नहीं खेला. शॉट ना खेलने का सोचना और मन पर काबू करना इस उम्र में बहुत बड़ी बात है.

जम गई ओपनिंग जोड़ी
भारतीय टीम ने पर्थ टेस्ट को अपनी तरफ मोड़ा जिसकी सबसे बड़ी वजह दूसरी पारी में ओपनिंग जोड़ी का साझेदारी है. ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 104 रन पर ढेर करने के बाद अगर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल की ओपनिंग जोड़ी नहीं जमती तो ऑस्ट्रेलिया मैच में पकड़ बना लेता. दोनों ओपनर ने बिना कोई विकेट गंवाए जिस दिलेरी से मेजबान टीम के गेंदबाजों का सामना किया उसी वजह से टीम इंडिया ने मैच पर शिकंजा कसा.

पिच में दूसरे दिन आया बदलाव
पहले दिन के खेल में जब भारतीय टीम बल्लेबाज करने उतरी तो पिच पूरी तरह से नया था. मैच शुरू होने से पहले उसे कवर करके रखा गया था जिसकी वजह से काफी नमी थी. तेज गेंदबाजों को सुबह नमी के साथ मौसम का फायदा मिला और धड़ाधड़ विकेट चटकाया. दूसरे दिन भारतीय टीम दूसरे सेशन में बल्लेबाजी करने उतरी जब धूप पिच पर लग चुकी थी. सुबह ऑस्ट्रेलिया ने हेवी रोलर लिया था जिसकी वजह से भी पिच की नमी पूरी तरह से खत्म हो गई.

Tags: (*1*)Border Gavaskar Trophy, India vs Australia, (*4*)KL Rahul, Yashasvi Jaiswal

महतारी वंदन की राशि से दानसरा की महिलाओं का भव्य श्रीराम मंदिर, आस्था का अलख 20 लाख रुपए मंदिर निर्माण में आएगा खर्च

समिति से जुड़ी महिलाओं ने बताया कि जुलाई माह में जिस मंदिर की स्थापना की गई थी, वर्तमान में डोर लेंटर तक का काम पूरा हो चुका है। मंदिर निर्माण में होने वाले खर्च वाली राशि के लिए आसपास की महिलाओं के साथ गांव-गांव में घर-घर के लोगों से संपर्क किया जाता है। लोग उधार लेकर धन व वस्तु दान कर रहे हैं।

द्वारा मनोज कुमार तिवारी

प्रकाशित तिथि: शनिवार, 23 नवंबर 2024 11:13:04 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शनिवार, 23 नवंबर 2024 11:13:04 पूर्वाह्न (IST)

महतारी वंदन की राशि से दानसरा की महिलाओं का भव्य श्रीराम मंदिर, आस्था का अलख 20 लाख रुपए मंदिर निर्माण में आएगा खर्च
महतारी वंदन योजना

पर प्रकाश डाला गया

  1. गांव के आसपास की 70 महिलाओं को दान के लिए प्रेरित किया गया।
  2. महिलाओं ने राम नवमीं तक मंदिर निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
  3. भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का बीड़ा चित्र बनी समिति का गठन।

नईदुनिया प्रतिनिधि रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला मुख्यालय से चार किमी दूर स्थित ग्राम दानसरा की 70 से अधिक महिलाओं ने गांव में श्रीराम मंदिर के निर्माण का बीड़ा उठाया है। इसके लिए वे छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग कर रहे हैं।

20 लाख रुपये का खर्च

मंदिर निर्माण व प्राण प्रतिष्ठा में 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। निर्माण कार्य में ओडिशा के कलात्मक कारखाने बने हुए हैं। वर्तमान में डोर लेंटर तक का कार्य पूरा हो चुका है। महिलाओं ने राम नवमी तक मंदिर निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा है

आस्था का संचार

भगवान की पूजा के बाद अयोध्या में भव्य मंदिर में भगवान श्रीरामला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इससे लोग उत्सुक हैं। हिंदू धर्मावलंबिया में आस्था का संचार हुआ है। ऐसे में ग्राम दानसरा की महिलाओं ने भी यहां भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण का बीड़ा नाम से समिति का गठन किया है।

मतांतरण के विरोध में आवाज उठाई

ग्रुप की महिलाएं सनातन धर्म का प्रचार कर हिंदू धर्म के प्रति लोगों में जागृति लाने का काम कर रही हैं। सनातन धर्म के खिलाफ महिलाएं दुष्प्रचार करने वालों और मतांतरण करने वालों के खिलाफ भी आवाज उठा रही हैं। उनका कहना है कि लोग आकर्षण और भ्रम के कारण मतांतरित हो रहे हैं।

राजस्थान के संगमरमर से बनी भगवान की मूर्ति

महिलाओं ने बताया कि राजस्थान के मार्बल से श्रीराम के आदर्श बनवाई जा रही है। साज-सजावट के लिए भी राजस्थान के कलाकारों से कलाकृतियां बनाई जा रही हैं। सभी लोग अयोध्या पर्यटक प्रभु श्रीराम के दर्शन नहीं कर सकते। ऐसे में हमने सोचा है कि अपने गांव में ही श्रीराम मंदिर का निर्माण कराएं। इसके लिए महतारी वंदन की राशि एक साथ कर रहे हैं।

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महतारी वंदन मोबाइल एप लोनचर्च

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना (महतारी वंदन योजना) का लाभ ले रही महिलाओं के लिए काम की खबर है। प्रदेश की विष्णुदेव सरकार अब योजना के मंत्रियों को और बेहतर बनाने के लिए महतारी वंदन मोबाइल एप लॉन्च करने जा रही है।

इस ऐप की सहायता से हितग्राही योजना में महिलाओं को हर महीने भुगतान की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा योजना की हर जानकारी सहज उपलब्ध होगी। संभावित मिल फ़ाईं। इस ऐप के और भी कई फायदे हैं

नर्मदा परिक्रमा शुरू… नए रास्तों, पड़ाव और अन्नक्षेत्रों की जानकारी के साथ नक्शा देंगे समाजसेवी

हर साल की तरह ही इस साल भी प्रदेश की जीवनदायिनी पुण्य सलिला मां नर्मदा की परिक्रमा का कार्यक्रम शुरू हो चुका है। परिक्रमावासी मालवा-निमाड़ के चार जिलों से होकर मां नर्मदा की परिक्रमा करेंगे। हालांकि, पुराने मार्गों, पड़ावों के बैकवाटर में जलमग्न होने की वजह से कुछ समस्या है। मगर, समाजसेवी मिलकर पड़ावों और अन्नक्षेत्रों की जानकारी वाले पोस्टर रास्तों पर लगा रहे हैं।

By Shashank Shekhar Bajpai

Edited By: Shashank Shekhar Bajpai

Publish Date: Sat, 23 Nov 2024 11:12:42 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Nov 2024 11:12:42 AM (IST)

HighLights

  1. MP की नर्मदा परिक्रमा के यूनेस्को में भी शामिल होने की तैयारी जारी।
  2. हर साल हजारों श्रद्धालु जीवनदायिनी मां नर्मदा की करते हैं परिक्रमा।
  3. पहल: बैकवाटर में डूबे पुराने रास्ते, 4 जिलों के 178 गांव डूब की जद में।

युवराज गुप्ता, बड़वानी। कार्तिक माह की पूर्णिमा के साथ ही ऐतिहासिक पौराणिक नर्मदा परिक्रमा भी शुरू हो चुकी है। प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु प्रदेश की जीवनदायिनी पुण्य सलिला मां नर्मदा की परिक्रमा करते हैं। परिक्रमावासियों का गुजरना मालवा-निमाड़ के चार जिलों से शुरू हो चुका है।

इनकी सेवा-सत्कार के लिए लोगों ने अपने घर-द्वार खोल दिए हैं, लेकिन परिक्रमा मार्ग पर समस्या बरकरार है। यह समस्या पुराने मार्गों, पड़ावों के बैकवाटर में जलमग्न होने की है। हालांकि, कुछ नए मार्ग और पड़ाव निर्धारित हो गए हैं।

परिक्रमावासियों की सुविधा के लिए बड़वानी जिले के कुछ समाजसेवी मिलकर नवाचार कर रहे हैं। इसके तहत डूब क्षेत्र के गांवों के तटीय इलाकों से लेकर विविध पड़ावों और अन्नक्षेत्रों की जानकारी संकलित कर विशेष पोस्टर और पर्चा बनाया जा रहा है।

डूब क्षेत्र की जानकारी दे रहे समाजसेवी

इसके एक ओर मप्र के ओंकारेश्वर से गुजरात तक नदी के दोनों ओर के पड़ावों व अन्नक्षेत्रों की जानकारी रहेगी। पिछले हिस्से में नक्शा भी रहेगा। बैकवाटर के तटीय क्षेत्र के नए स्थलों की जानकारी रहेगी। बता दें, गुजरात के सरदार सरोवर बांध के बैकवाटर में चार जिलों खरगोन, बड़वानी, धार, आलीराजपुर के करीब 178 गांव डूब की जद में आए हैं।

ऐसे में डूब क्षेत्र के गांवों से गुजरने के दौरान नर्मदा परिक्रमावासियों को आने वाली परेशानी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, नर्मदा परिक्रमा के यूनेस्को में भी शामिल होने की तैयारी जारी है। मालूम हो कि अमरकंटक और ओंकारेश्वर से नर्मदा परिक्रमा की शुरुआत की जाती है।

डूब क्षेत्र से प्रभावित गांव

65 गांव बड़वानी जिले में हैं।

77 गांव धार जिले में आते हैं।

10 गांव खरगोन जिले में हैं।

26 गांव आलीराजपुर जिले में।

138 मीटर है नर्मदा नदी के बैकवाटर की डूब का अंतिम पैमाना।

(स्रोत : एनवीडीए)

एक सप्ताह में परिक्रमावासियों को देंगे जानकारी

नर्मदा सेवा ट्रस्ट राजघाट के संजय पुरोहित, अनिल जोशी एवं पं. सचिन शुक्ला ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा विशेष पोस्टर-पर्चा छपवाया जाएगा। पर्चा छापने के लिए जानकारी एकत्र कर रहे हैं। इसके एक ओर प्रमुख मार्ग पर आने वाले प्रमुख अन्नक्षेत्रों व पड़ावों के नाम रहेंगे, वहीं दूसरी ओर परिक्रमा पथ का पूरा नक्शा रहेगा।

ओंकारेश्वर से लेकर समुद्र तक और समुद्र से लेकर महेश्वर-मंडलेश्वर तक के रूट की पूरी जानकारी जुटाकर पर्चे के माध्यम से देंगे। परिक्रमा मार्ग के पड़ावों में आने वाले अन्न क्षेत्रों में भोजन और आवास की निशुल्क व्यवस्था क्षेत्र के नर्मदा भक्तों के माध्यम से की जाती है। ट्रस्ट द्वारा उक्त पोस्टर को इंटरनेट मीडिया पर नर्मदाजी के विविध ग्रुपों में प्रसारित किया जाएगा। इसके माध्यम से भी जानकारी साझा की जाएगी।

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बड़वानी से महाराष्ट्र सीमा तक ये हैं पड़ाव व अन्नक्षेत्र

नर्मदा के डूब गांव में ठीकरी से लेकर महाराष्ट्र सीमा तक विविध पड़ाव हैं, जहां अन्नक्षेत्र संचालित होता है। इसमें ठीकरी से आगे बढ़ते हैं तो ग्राम लखनगांव फाटे पर, तलवाड़ाडेब, लोहारा, मंडवाड़ा, अंजड़ में भावसार धर्मशाला, बोरलाय में हनुमान मंदिर में, आरटीओ कार्यालय के समीप संतश्री का अन्नक्षेत्र, सेगांव हनुमान मंदिर में, सिद्धेश्वर मंदिर बड़वानी में अन्नक्षेत्र हैं।

यहां से आगे बढ़ते हैं तो गायत्री मंदिर पिछौड़ी, भवती में, बोरखेड़ी, घोंघसा, खैरवानी में महाराष्ट्र वाले अन्नक्षेत्र चलाते हैं। सेमलेट में उमराव सरपंच अन्नक्षेत्र चलाते हैं। भादल मध्यप्रदेश का अंतिम पड़ाव है। इसके बाद झरकल नदी को पार कर महाराष्ट्र का भादल गांव आता है। वहां से आगे बढ़कर खपरमाल आता है। यहां पर उत्तम स्वामीजी का आश्रम और अन्नक्षेत्र है।

सैल्यूट है तुम दोनों को… जायसवाल-राहुल ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के खोल दिए धागे, विराट कोहली ने किया सलाम

नई दिल्ली. युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के धागे खोल दिए. दोनों ने सीरीज के पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन रिकॉर्डतोड़ साझेदारी की. जायसवाल और राहुल की बेजोड़ साझेदारी को विराट कोहली ने भी सैल्यूट किया. विराट ने ड्रेसिंगरूम से बाहर निकलकर अपने बल्ले को थपथपाते हुए राहुल और जायसवाल को सलामी दी. दोनों ने पर्थ टेस्ट के दूसरे दिन 172 रन की साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. टीम इंडिया की कुल बढ़त 218 रन की हो गई है. यशस्वी और राहुल ने दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी की और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसा दिया. भारतीय ओपनर्स के सामने मेजबान टीम के गेंदबाजा पानी मांगते नजर आए. पहली पारी में 46 रन की लीड भारत को मिली.

दूसरे दिन का खेल जब खत्म हुआ तब यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल को ग्राउंड से बाहर निकलते समय विराट कोहली ने बाउंड्री पर खड़े होकर उन्हें सैल्यूट किया और उनकी पारी की सराहना की. विराट पैड बांधे और बल्ला हाथ में लिए ड्रेसिंगरूम से निकलकर आए और इन दोनों खिलाड़ियों की हौसलाअफजाई की. इसके बाद विराट कोहली तीसरे दिन के खेल की तैयारी करने लगे. वह पैड बांधे बैटिंग की प्रैक्टिस करने लगे. विराट पहली पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना सके. दूसरी पारी में वह बड़ी पारी खेलने की फिराक में होंगे.

ओपनिंग करोगे-हां, छठे नंबर पर जाओगे-हां, कीपिंग करोगे-हां… खिलाड़ी एक और काम अनेक

केएल राहुल को यशस्वी जायसवाल का जोड़ीदार मत बनाओ, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले दिग्गज की सलाह

ओंकारेश्वर मंदिर में आज से फिर सजने सजीव चौसर और झूला, 15 दिन बाद लौटेंगे भोलेनाथ

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से करीब 80 किमी दूर स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार को शिवभक्तों का तांता लगा रहा। सुबह ब्रह्म महोत्‍सव में भगवान की शाइनी ढोल-नगाड़े के साथ की गई। वास्तव में, यह प्रमाणित है कि गोपाष्टमी से लेकर 15 दिनों तक भैरव जयंती तक भगवान मालवा क्षेत्र में अपने अनुयायियों से मिलते हैं।

द्वारा शशांक शेखर बाजपेयी

द्वारा संपादित: शशांक शेखर बाजपेयी

प्रकाशित तिथि: शनिवार, 23 नवंबर 2024 10:41:43 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: शनिवार, 23 नवंबर 2024 10:41:43 पूर्वाह्न (IST)

ओंकारेश्वर मंदिर में आज से फिर सजने सजीव चौसर और झूला, 15 दिन बाद लौटेंगे भोलेनाथ
15 दिन तक मंदिर में रात के समय गर्भगृह में चौपड़-पास और झुंझलाहट नहीं होती।

पर प्रकाश डाला गया

  1. भैरव अष्टमी को मालवा-निमाड़ की 15 दिवसीय यात्रा से लौटेंगे भगवान ओंकारेश्वर।
  2. मंदिर में ब्रह्मा महोत्स्व में भगवान की शोभा, ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ की गई।
  3. कार्तिक शुक्ल गोपाष्टमी से भैरव जयंती तक मालवा में भक्त भगवान से मिल रहे हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। एक पखवाड़े तक मालवा यात्रा के बाद भगवान ओंकारेश्वर महादेव भैरव अष्टमी पर शनिवार को तीर्थनगरी लौटेंगे। मान्यता है कि भोलेनाथ यहां माता पार्वती के साथ चौसर लगाते हैं। यहां रात में चौसर अन्वेषक मंदिर को बंद कर दिया जाता है।

अगली सुबह जब मंदिर के पट खुलते हैं, तो चौसर और पासे मिलते हैं। सांकेतिक रूप से 15 दिन की यात्रा पर भगवान के जाने की परंपरा के दौरान इस मंदिर में रात के समय गर्भगृह में चौपड़-पासे और झूला नहीं चलता है।

शनिवार को भगवान के आभूषण ही अब ये सब पूर्ववत होने वाले हैं। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार को ब्रह्मा जी की परंपरा के अनुसार भगवान के दर्शन ढोल-नगाड़े और शंखनाद के साथ हुए। मंगला आरती के समय भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के मूल स्वरूप, मां पार्वती और पंचमुखी गणेश का शृंगार व पूजन किया जाएगा।

वहीं, त्रिकाल भोग के अलावा रात में गर्भगृह में शयन आरती के बाद चौपड़ और झूला सजना शुरू हो जाएगा। भगवान के दर्शन पर मंदिर विश्वास के पं. राजराजेश्वर आचार्य केत्व में कोटितीर्थ घाट पर मां नर्मदा का पूजन एवं आरती होगी।

प्राचीन काल से चल रही है परंपरा

विश्वास के पं. आशीष दीक्षित ने बताया कि कार्तिक शुक्ल की गोपाष्टमी से लेकर भगवान तक 15 दिनों तक भगवान के लिए मालवा क्षेत्र में अपने भक्तों से मिलने की परंपरा रखी जाती है। प्राचीन समय से प्रमाणित है कि भगवान ओंकारेश्वर के भक्त हालचाल के लिए मालवा जाते हैं।

पूर्व में भगवान ओंकारेश्वर पालकी में सवार होकर ओंकारेश्वर से मालवा यात्रा में लाव-लश्कर के साथ यात्रा होती थी। साथ में पुजारी, सेवक, नगाड़े, ढोल-नगाड़े और रसोइया भी मिलते थे। अब यह सब सांकेतिक रह गया है। समय के परिवर्तन के साथ अब पालकी के बजाय सूक्ष्म रूप से भगवान को मालवा के लिए कार्तिक शुक्ल गोपाष्टमी का अभिषेक किया जाता है।

इंदौर से करीब 80 किमी की दूरी है

भगवान की अनुपस्थिति में मंदिर में सामान्य धार्मिक आयोजन ही होते हैं। 12 ज्योतिर्लिंगों में से ओंकारेश्वर को खास माना जाता है। कहते हैं कि त्रिलोक का भ्रमण करके महादेव प्रतिदिन इसी मंदिर में रात को सोने के लिए आते हैं।

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से ओंकारेश्वर की दूरी करीब 80 किमी है। यहां पहुंचने के लिए सबसे भव्य हवाई अड्डा, इंदौर की देवी अहिल्या बाई होल्कर एयरपोर्ट है। इसके अलावा ट्रेन से यहां पहुंचने के लिए ओंकारेश्वर रोड रेलवे स्टेशन पर उतरा जा सकता है, जो कि इंदौर और खंडवा जैसे बड़े रेलवे स्टेशन से जुड़ा है।

जायसवाल बने नए सिक्सर किंग… बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, दिखाई दादागिरी

यशस्वी जायसवाल ने वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया है. एक कैलेंडर ईयर में टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड अब जायसवाल के नाम हो गया है. उन्होंने 10 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा. जायसवाल ने इस साल खेले 12 टेस्ट मैचों में 34 चौके लगाए हैं जो विश्व कीर्तिमान है. जायसवाल ने यह कीर्तिमान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया.

भारतीय गेंदबाज ने फेंकी बाउंसर, तो ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने दी धमकी, कहा- तुमसे ज्यादा तेज फेंकता हूं…

नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया (India vs Australia) के बीच खेला जा रहा पहला टेस्ट मैच मजेदार चल रहा है. भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं. दूसरे दिन के खेल में ऑस्ट्रेलिया की टीम 67 रन से बल्लेबाजी करने के लिए उतरी. जब मिचेल स्टार्क स्ट्राइक पर थे तो भारतीय गेंदबाज हर्षित राणा ने एक तीखी बाउंसर डाली. इस बाउंसर का जवाब देते हुए मिचेल ने भारतीय गेंदबाज को धमकी दी.

जब हर्षित राणा ने बाउंसर डाली तो मिचेल स्टार्क ने इसका जवाब देते हुए कहा, ” मैं तुमसे ज्यादा तेज फेंकता हूं हर्षित.. मेरे पास लंबी यादें हैं.” इतना कहकर दोनों ही खिलाड़ी हंसने लगे. मिचेल स्टार्क का जवाब सुनकर ऐसा लग रहा है कि वह हर्षित को कह रहे हैं कि अगर मैं तुम्हें गेंद करने आया तो इससे ज्यादा तेज फेंकूगा. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर एवेलेबल है.

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IND vs AUS 2nd Day: जायसवाल ने 90, केएल राहुल ने भी जड़ी फिफ्टी, कैसा रहा दूसरे दिन का खेल

नई दिल्ली. यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल की शानदार पारियों और पहले विकेट के लिये 172 रन की अटूट साझेदारी के दम पर भारत ने पहले टेस्ट के दूसरे दिन शनिवार को दूसरी पारी में बेहतरीन शुरूआत करते हुए कुल 218 रन की बढत बना ली. इससे पहले कप्तान जसप्रीत बुमराह ने 11वीं बार पारी में पांच विकेट लेने का कमाल करके आस्ट्रेलिया को 104 रन पर समेट दिया. पहली पारी में 150 रन बनाने वाली भारतीय टीम को 46 रन की बढत मिली थी.

जायसवाल ने पहली पारी की गलती से सबक लेते हुए आराम से खेला तो राहुल ने अपने तकनीक का फिर प्रदर्शन किया. दोनों ने अच्छी बल्लेबाजी करते हुए अच्छी गेंदों का सम्मान किया तो ढीली गेंदों को नसीहत दी. दूसरे दिन का खेल समाप्त होने पर जायसवाल 193 गेंद में सात चौकों और दो छक्कों की मदद से 90 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि पहली पारी में तीसरे अंपायर के विवादास्पद फैसले का शिकार हुए राहुल ने 153 गेंद में 62 रन बना लिये हैं जिसमें चार चौके शामिल हैं.

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दूसरी पारी में पिच पर जमी घास सूख गई थी और दरारें भी दिखने लगी जिससे गेंदबाजों को उतनी मदद नहीं मिल रही और बल्लेबाजों के लिये स्ट्रोक्स खेलना आसान हो गया है . आस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने सात गेंदबाजों को आजमाया लेकिन राहुल और जायसवाल की एकाग्रता नहीं तोड़ सके. जायसवाल ने चाय के बाद अपना अर्धशतक 123 गेंदों में पूरा किया जो 15 टेस्ट में उनका सबसे धीमा अर्धशतक है. यह बताता है कि बतौर बल्लेबाज वह बेखौफ ही नहीं बल्कि हालात के अनुरूप भी खेलने में माहिर हैं.

आस्ट्रेलिया के लिये आखिरी जोड़ी मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड ने भारत को आखिरी विकेट के लिये काफी इंतजार कराया. आस्ट्रेलिया के नौ विकेट 79 रन पर गिर गए थे जिसके बाद स्टार्क ( 113 गेंद में 26 रन ) और हेजलवुड (31 गेंद में नाबाद सात रन ) ने 18 ओवर तक चली 25 रन की साझेदारी की. इसकी वजह से भारतीय टीम 46 रन की ही बढ़त ले सकी.

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