शहर के फालका बाजार क्षेत्र में इन दिनों भैरेंट केसरिया दूध की दुकान पर गरमागरम दूध के दीवानों भीड़ लगती है। शहर भर से यहां मेवा से भरे गरमागरम केसरिया दूध का जायका चखने आते हैं। यहां पर 70 किलो की कढाई में दूध गरम होता है।
By Vikram Singh Tomar
Publish Date: Sat, 23 Nov 2024 12:55:19 PM (IST)
Up to date Date: Sat, 23 Nov 2024 12:55:19 PM (IST)
HighLights
- फालका बाजार में मिलता है ये स्पेशल दूध
- शहर भर के लोग आते हैं केशरिया दूध पीने
- कुल्हड़ में दिया जाता है केशरिया दूध
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दोनों हाथों में जग और चार फीट ऊंची गरमागरम दूध की फेंट, उस पर भी अगर केसर की खुशबू आ जाए तो समझ लीजिए आप भी शहर के उस हिस्से में है जो केसरिया दूध के लिए जाना जाता है। खासतौर पर इस मौसम में, जहां एक ओर सर्द हवाएं शरीर को छूकर गुजर रही हों और दूसरी ओर गरम दूध का कुल्हड हाथ में हो तो मन आनंदित हो ही जाएगा।
शहर के फालका बाजार क्षेत्र में इन दिनों भैरेंट केसरिया दूध की दुकान पर गरमागरम दूध के दीवानों भीड़ नजर आती है। लोग शहर भर से यहां मेवा से भरे गरमागरम केसरिया दूध का जायका चखने आते हैं। पसंद का आलम यह है कि शाम छह बजे से शुरू होकर रात 11 बजे तक लगभग 60 लीटर केसरिया दूध खप जाता है। कढ़ाई भी छोटी मोटी नहीं 70 किलो की होती है।

उबला हुआ गाढ़ा दूध और उसके ऊपर से मलाई शहर वासियों का पेट भले ही भर दें पर मन नहीं भर पाता है। उस पर भी दुकान के मालिक मनीष जैन का दूध फेंटने का अंदाज बेहद ही खास है। जो लोग यहां दूध का स्वाद चखने आते हैं वो पहले उसे तैयार करने की प्रक्रिया का आनंद लेते हैं फिर इसका स्वाद जुबान से नीचे उतारते हैं। यही कारण है कि मनीष जैन का नाम गिनीज बुक आफ वल्ड रिकार्ड में भी दर्ज हो चुका है।
पिता का सपना था, हर बच्चे को मिले स्वास्थ्यवर्धक दूध
- भैरेंट केसरिया दूध कर दुकान के संचालक मनीष जैन का कहना है कि उनके पिता स्व.भागचंद जैन नेताजी ने इस दुकान को लगभग 40 वर्ष पहले सिर्फ यही सोचकर शुरू किया था जैसे वह जड़ी बूटियों से बना पौष्टिक दूध अपने बच्चों को पिलाते हैं वैसे ही शहर के हर एक बच्चे को पीने के लिए मिल सके । जिससे वह स्वस्थ और तंदुरुस्त हो सकें।
- दुकान की यादों के बारे में मनीष बताते हैं कि शुरुआती दौर में वह जब दुकान पर बैठा करते थे तो कारीगर को दूध फेंटते हुए देखते थे। एक दिन उन्होंने भी देखा देखी में उसी की तरह दूध फेंटने का प्रयास किया। तभी से उन्होंने इतना ऊपर दूध फेंटना शुरू कर दिया। इस के साथ ही चार फीट ऊपर दूध फेंटने का गिनीज बुक में रिकार्ड भी दर्ज कराया।



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