बैठे सारे काम के लालच में घर के लोग लुट रहे हैं, कोई का मतलबमर केयर तो किसी की मदद के नाम पर। ऐसा ही कुछ सनातन प्रदेश के जबलपुर में भी हुआ। गौरी घाट, गोपालगंज में हुआ। बॅालिस्टों ने मदद के लिए छूट देकर पुलिस से शिकायत की।
द्वारा दीपांकर रॉय(*30*)
प्रकाशित तिथि: (*30*)शनिवार, 23 नवंबर 2024 09:35:49 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: (*30*)शनिवार, 23 नवंबर 2024 09:35:49 पूर्वाह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- आदर्श छापर निवासी महिला के साथ हुई धोखाधड़ी, गोरखपुर पुलिस कर रही है जांच।
- महिलाओं को बताया जाता है कि अधिकारियों से अच्छी पहचान, नौकरी की बात पर गोलमोल उत्तर देता है।
- कोलकाता के 19. 44 लाख के पंजीकृत व्यवसायियों को स्थानांतरित किया गया, लेकिन मशीनें अभी तक नहीं निकलीं।
नईदुनिया, जबलपुर (Jabalpur cyber Crime)। जबलपुर में महिला शौक़ीन को चार लाख रुपये, सुपरमार्केट में नौकरी का शौक़ को साढ़े छह लाख रुपये, कोलकाता के व्यापारियों ने 19 लाख रुपये के मकान के लिए मशीन का अनुबंध कर मकान बनाया। एनी डेस्क एप से सहायता सुविधा के लिए प्लॉट फोन काल में उलचकर धोखाधड़ी का शिकार हो गया।
साइबर ठग ने महिला शैतान को करीब साढ़े चार लाख रुपए का चूना लगा दिया
महिला रैकेट को पंजीकृत ई-कामर्स कंपनी का कस्टमर केयर नंबर ढूंढकर, उस पर फोन करके महंगा ऑफर दिया गया। सहायता के लिए सहायता के लिए प्लॉट फोन काल में उलचकर वह धोखाधड़ी का शिकार हो गया। साइबर ठग ने महिला शैतान को करीब साढ़े चार लाख रुपये का चूना लगा दिया।
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गूगल की सहायता से ई-कॉमर्स कंपनी का कस्टमर केयर फोन नंबर खोजा
छापर के सांई विहार कलि में रहने वाली गरिमा चौधरी हैं। उन्होंने एक ई-कॉमर्स कंपनी से दो उत्पाद बेचे, जिसमें एक उत्पाद घर तक नहीं पहुंचा। इस पर उन्होंने गूगल की सहायता से ई-कॉमर्स कंपनी का कस्टमर केयर फोन नंबर खोजा।
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कोड का एनी डेस्ट ऐप में ही कुछ समय के लिए फोन करना हैक हो गया
- कस्टमर केयर अधिकारी राहुल से संपर्क करने की बात कहकर फोन रख दिया।
- कुछ देर बाद नामित के पास एक फ़ोन आया। आपकी बात करने वाले ने खुद को ई-कॉमर्स कंपनी के अधिकारी राहुल से कहा।
- अधिकारी राहुल ने प्लेस्टोर से एनी डेस्क एप डाउनलोड करने के लिए कहा, फिर एक कोड बताया। आगे का वैज्ञानिकीकरण को कहा।
- संबंधित कोड का एनी डेस्ट ऐप में उपयोग करने में कुछ समय लग गया। इसी दौरान दूसरे नंबर से फोन किया गया।
- राक्षस को उत्पाद दिलावर नहीं होने से राशि की बात कही। इसके लिए शौक़ीन व्यक्ति को अपना बैंक खाता देखना बोला।
मोबाइल फ़ोन पर अपना बैंक खाता जैसे ही जांच करें, उसी दौरान कोचिंग धोखाधड़ी
बदमाश ने मोबाइल फोन पर अपने बैंक खाते की जांच की, उसी दौरान धोखाधड़ी की गई। ईसा मसीह के बैंक खाते से कुछ ही समय के भीतर नौ लेन-देन किए गए। यह लेन-डेन रिल साइंसेज स्ट्रेंथ, फैक्ट्री सहित कुछ अन्य औषधि भंडार में शामिल है।
बॅक ने बैंक दस्तावेजों की जांच की तो रुपये कम मिले
स्टेट बैंक के एक खाते में भी कई हजार रुपये रखे गए हैं। कुछ देर बाद जब डेक्किट ने लॉटरी निकाली तो रुपये कम मिले। टैब उनमें विश्वास होने की आपदा हुई। मामले में पुलिस में शिकायत की।
सुपरमार्केट में नौकरी का सुपरमार्केट साढ़े छह लाख रु
वहीं गौरीघाट थाने में महिला के बेटों की नौकरी का धंधा करने वाले एक युवक ने उन्हें साढ़े छह लाख रुपये का झटका दिया। थाना के पास रहने वाली मोना बर्मन की वर्ष 2022 में सोहापुर निवासी अंकित रजक से मुलाकात हुई।
महिलाओं को बताया गया कि उनके अधिकारी अच्छी पहचान रखते हैं
अंकित ने महिलाओं को बताया कि उनके अधिकारी अच्छी तरह से पहचानते हैं। वह अपने बेटे की नौकरी में नौकरी दिला सकते हैं। क्रिमिनल रिकॉर्ड्स ने अपनी झांसे में लेकर महिला से अलग-अलग किस्त में कुल साढ़े छह लाख रुपये लिए। उसके बाद नौकरी की बात गोलमोल पर उत्तर दी गई।
नौकरी नहीं ली पर महिला ने बेइज्जती से निकाले पैसे
बेटी की नौकरी नहीं लगी पर महिला ने निकाले करोड़ों रुपए। इस पर इत्मीनान से फोन बंद कर दिया गया। पुलिस ने अंकित के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अपराधी की आपराधिक कोशिश की जा रही है।
कोलकाता के व्यापारियों ने 19 लाख रुपये में मशीनरी का ठेका लिया
जलबपुर के ही गाेरखपुर थाना क्षेत्र में कोलकाता के एक कथित व्यापारी ने नगर के व्यापारियों के साथ मशीन बिक्री का अनुबंध कर 19 लाख रुपए का मकान खरीदा। शुक्रवार को गोरखपुर थाने में अमानत के खिलाफ आरोपियों की हत्या कर दी गई। आदर्श नगर निवासी आदित्य अग्रवाल कांचा (ग्लास) कंपनी के मालिक हैं।
व्यापार को लेकर आदित्य और गौतम के बीच लगातार बातें होती रहीं
कंपनी में मैनेजर की सलाह के लिए उन्होंने विज्ञापन दिया था, जिसे देखकर एक व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर बातचीत की। स्वयं का नाम गौतम डे और कोलकाता के व्यापारियों के बारे में बताया गया। कुछ समय के अंतराल में ग्लास ट्रेड को लेकर आदित्य और गौतम के बीच लगातार बात होती रही।
ग्रिम राज़ीज़ उद्यम के बाद भी कोलकाता से मशीन नहीं आई
आदित्य ने गौतम से एक ग्लास मशीन विक्रीड करने का अनुबंध किया। मशीन की कीमत 30 लाख 97 हजार 500 रुपये है। मशीन विक्रीड करने के लिए आदित्य ने कोलकाता के कथित व्यापारियों के लिए एप्रिस राइस को 19 लाख 44 हजार रुपये में बेच दिया। पूर्व राशी डिस्पले के बाद भी कोलकाता से मशीन नहीं आई।
राशि वापसी का फोन पर कॉल काल रिसिव करना बंद कर दिया गया
कथित तौर पर व्यवसायियों से संपर्क करने पर उसने पहले तो बातें बनाईं। मशीन न देने पर पूर्व राशि वापसी का भाषण पर फोन काल रिसिव करना बंद कर दिया गया। मामले में विश्वास का खतरा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।


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