दो दिन पहले ही बांधवगढ़ के आयुर्वेदिक चिकित्सक अतुल गुप्ता को हटा दिया गया था। अब अंबाडे को हटाने की कार्रवाई की गई है। इसी तरह 29 अक्टूबर से लेकर अब तक हैंडियों की मौत के मामले में अब तक चार अधिकारी हटाए जा चुके हैं।
द्वारा नवोदित शक्तावत(*24*)
प्रकाशित तिथि: (*24*)गुरु, 21 नवंबर 2024 09:22:59 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: (*24*)गुरु, 21 नवंबर 2024 09:25:36 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- चीता, बाघ और हाथियों की लाशें उठ रही हैं सवाल
- 17 माह में चार मुख्य वैष्णवप्राणी अभिरक्षक को सरकार ने बदल दिया
- वनअनमोल की अनदेखी को लेकर सीएम मोहन यादव हो गए थे नाराज
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मप्र में 11 हाथियों की मौत के 24 दिन बाद मप्र के मुख्य हथियारप्राणी अभिरक्षक वीएन अंबाडे को अंतत: हटा दिया गया है।
उन्हें पर्यटन प्रबंध निदेशक मप्र राज्य वन विकास निगम भोपाल भेजा गया है। उनके स्थान पर वन मुख्यालय के पीसीसीएफ वित्त बजट सुभार्गन सेन को एक बार फिर से डॉनाप्राणि शाखा की कमान सौंपी गई है।
ऑक्सफोर्ड प्रबंधन में विफलता और डॉक्टरों की मौत से मुख्यमंत्री मोहन यादव अंबाडे से खासे नाराज थे। उन्हें जाने से पहले ही हटा दिया गया था।
अंबाडे मछलियाँ तीन माह ही की हैं। इससे पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र प्रमुख गौरव चौधरी और पाथाथा रेंज के सहायक वन संरक्षक उप वनमंडल अधिकारी श्रीनिवास सिंह निनामा को हटा दिया गया था।

17 माह में चार मुख्य वैष्णवप्राणी अभिरक्षक बदले
- चीते, बाघ और हाथियों की मौत के अवशेष मानचित्र में 17 महीने में चार मुख्य पशुप्राण अभिरक्षक बदले गए।
- चीतों की लगातार हो रही भीड़ 18 जुलाई 2023 को मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद से जसबीर सिंह चौहान को हटा दिया गया था। उनके स्थान पर प्रोटोटाइप को नियुक्त किया गया।
- एक फरवरी 2024 को मुख्य पशुप्राणी अभिरक्षक रहे कोट कुमार श्रीवास्तव को वन बल का प्रमुख बनाया गया था।
- उनके स्थान पर अतुल सचिवालय मुख्य अर्थशास्त्री अभिरक्षक बनाए गए, वे 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए।
- फिर पीसीसीएफ शुभरंग सेन को सौंपा गया था लेकिन 22 अगस्त 2024 को रयान वीएन अंबाडे की कमान तय हो गई थी।
- अब हैंडियों की मौत के मामले में अंबाडे को भी हटा दिया गया है। एक बार फिर सुभारंग सेन ने सरकार पर भरोसा जताया कि उन्हें मुख्य रूप से एक प्रमुख वन्यजीव अभिरक्षक बनाया गया है।



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