घटना के वक्त डॉक्टर नशे की हालत में था। उसने परदा का पाइप ड्राइवर के सिर पर दे मारा। इससे ड्राइवर के सिर में चोट आई। इसके बाद ड्राइवर ने डॉक्टर के खिलाफ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करा दी।
द्वारा आनंद दुबे
प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 12:45:27 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 12:45:27 अपराह्न (IST)
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- बैरागढ़ सिविल अस्पताल परिसर में रहते हैं डॉक्टर।
- ड्राइवर की शिकायत पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया।
- अस्पताल में सरकारी कर्मचारियों के बाद सस्पेंड चल रहे डॉक्टर।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) के चिकित्सक, ठाकुरों के दर्शन पर शराब नहीं लाना, उनके वाहन चालकों के लिए महंगा साबित हुआ। डॉक्टर ने परदा के पाइप से ड्राइवर का सिर फोड़ दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में असंज्ञेय अपराध माना है कि इस मामले में सहयोगियों ने अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है।
डॉक्टर का वाहन चालक है
बैरागढ़ थाना पुलिस के अनुसार सिग्नेचर सिटी कटारा हिल्स निवासी 25 वर्षीय रंजीत पुत्र विजय बटालियन ने शिकायत दर्ज कराई है। इसमें बताया गया कि वह बैरागढ़ सिविल अस्पताल में डॉ. रहने वाले थे। ठाकुरजी का वाहन लहराता है। रविवार शाम साढ़े छह बजे वह डॉ. ठाकुर और उनकी पत्नी साकेत नगर से लेकर बैरागढ़ स्थित अपने घर पहुंचे। उस समय डॉ. ठाकुर नशे की हालत में थे। गाड़ी से उतरने के बाद डॉ. ठाकुर ने अपनी दुकान से शराब लेकर आने को बोला, तो उसने मना कर दिया।
सिर पर मारा पाइप
शिकायती ड्राइवर का आरोप है कि आपा ने डॉक्टर से बात की और उसने उसके साथ बातचीत करना शुरू कर दिया। इसी बीच डॉक्टर ने परदा टांगने के लोहे के पाइप से उसके सिर पर प्रहार कर दिया। इससे उसके सिर से ख़ून की कमाई लगी। ड्राइवर रंजीत की शिकायत पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
उपहार पर भी किया गया था मौसम
बता दें कि बेरोजगार डॉक्टरों द्वारा शेयरों पर प्रतिबंध लगाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वह बैरागढ़ सिविल अस्पताल में ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में तूफान कर चुके हैं। पिछले मई में डॉ. ठाकुर ने सिविल अस्पताल में एक बंदी का मेडिकल स्टूडियो के साथ बदसालूकी की थी।
जब इसकी याचिका अस्पताल प्रबंधन से डॉ. के पास गई। ठाकुर ने नशे की हालत में उनके साथ भी की बहस की। उस घटना का वीडियो टर्नेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ था। इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। अभी डॉक्टर का निलंबन ख़त्म नहीं हुआ है। अल्ट्रासाउंड डॉक्टर के डिविजन के खिलाफ जांच चल रही है।



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