वेस्टर्न बायपास समाचार: भूमि अधिग्रहण में उलचा वेस्टर्न बायपास, टेंडर का समय बढ़ाने की तैयारी

वेस्टर्न बायपास समाचार: भूमि अधिग्रहण में उलचा वेस्टर्न बायपास, टेंडर का समय बढ़ाने की तैयारी

नेशनल वेराइटी अथारिटी ऑफ इंडिया ने डिजिटल वेराइटी बायपास के लिए 646 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। लेकिन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसलिए टेंडर आगे बढ़ने की तैयारी चल रही है। इस गैरकानूनी सरकारी कंपनी के साथ 44 एकाद निजी जमीन भी आ रही है।

द्वारा प्रियांक शर्मा

प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:32:52 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:32:52 अपराह्न (IST)

वे मानक बायपास का सांकेतिक फोटो

पर प्रकाश डाला गया

  1. वेस्टर्न बायपास का थ्री डी नोटिफिकेशन भी जारी नहीं हुआ
  2. कुल 144 हेक्टेयर भूमि स्वामित्व में है, 44 हेक्टेयर भूमि निजी है
  3. शानल ऑटोमोबाइल अथारिटी ऑफ इंडिया ने 646 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था

नईदुनिया प्रतिनिधि, स्थान। शहर के चारों ओर रिंग रोड को पूरा करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित पश्चिमी बाईपास की निविदा प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण के चक्कर में उलझी हुई है। इस बायपास के निर्माण के लिए 144 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। इसमें 44 हेक्टेयर भूमि निजी है, जबकि शेष भूमि राजस्व और वन विभाग की है।

वेस्टर्न बायपास के निर्माण के लिए पिछले 29 अगस्त को नेशनल वाइंस अथारिटी ऑफ इंडिया ने 646 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था, लेकिन अभी तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, क्योंकि टेंडर जारी नहीं किया जाएगा। एनएचएएआई के अधिकारी एक बार फिर से टेंडर की समय सीमा बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इस परियोजना के अंतर्गत कुल 144 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें 44 हेक्टेयर निजी भूमि है, जिसका अधिग्रहण लगभग 70 करोड़ रुपये की राशि से किया जाएगा। शेष भूमि सरकारी राजस्व और वन विभाग की है, जिसका अधिग्रहण कर निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

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ये पश्चिमी बाईपास जिगसौली, कुलैथ, मेहदपुर जैसे क्षेत्र से होते हुए शिवपुरी स्थित गणेश पर स्थित है। वर्तमान में समग्र-आगरा विश्विद्यालय में मुरैना की ओर से प्रवेश करने वाले कलेक्श्न को यदि शिवपुरी की ओर से जाना है, तो उन्हें समग्र बायपास से होते हुए मालवा एस्टीमेट और वहां से पूर्वी बायपास पर ले जाया जाता है। यह दूरी कुल 61 किमी है, लेकिन जब पश्चिमी बायपास का निर्माण होगा, तो निरावली से साडा क्षेत्र, सोनचिरैया अभयारण्‍य होते हुए शिवपुरी ‍अंतराल की दूरी सिर्फ 28.800 किमी होगी।

इस प्रकार 32.200 किमी की दूरी कम होगी। इस प्रोजेक्ट के ट्रेलर से पहले नेशनल वाइटल एक्ट 1956 की धारा 3डी के तहत लैंडलैंड को आकर्षित करने की घोषणा की गई है। यह अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव अभी एनएचएएआई के मुख्यालय भेजा गया है।

दो अरबो, 13 जानवर और 13 जंगली जानवर

इस प्रोजेक्ट के तहत दो रेल ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 13 एनिमल अंडरपास भी तैयार हो जाएंगे, जहां से अनाथ पिशाचों की सलाह हो जाएगी और उन्हें सोसायटी से कोई नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा 13 डेस्टिनेशन पर अंडरपास तैयार हो जाएंगे, जिस पर वाइल्ड लाइफ का प्रवेश वर्जित है। वहीं प्रोजेक्ट में 14 किमी की सर्विस रोड भी तैयार की जाएगी।

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12.55 किमी ग्रीनफील्ड लाइनमेंट

इस पूरे प्रोजेक्ट में 12.55 किमी लंबाई में ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट का ध्यान रखा गया है। परियोजना में 16 किमी लंबाई में अलग-अलग क्षेत्र का हिस्सा होगा, लेकिन अंत में 12 किमी लंबाई में वन विभाग का हिस्सा होगा। ऐसे में दोनों पक्षों में वन्यजीवों और वाहनों को प्राकृतिक और हरियाली का रहस्योद्घाटन किया जाएगा। 16.250 किमी से लेकर 28.800 किमी तक ग्रीनफील्ड के रूप में ही विकसित हुआ।

जल्द ही जारी होगी अधिसूचना

वेस्टर्न बायपास में भूमि अधिग्रहण के लिए 3डी अधिसूचना जारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव मुख्यालय है। जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है। यह है कि टेंडर की तारीख बढ़ा दी जाए।

प्रशांत मीना, प्रबंधक, एनएचएआई