प्रभारी मूर्ति पुष्पराज मिश्रा ने बताया कि 16 नवंबर की रात 2:10 बजे पिता और भाई के साथ स्टेशन से घर लौट रहे थे। डीएलएस एनामा के पास पुलिस ने अपनी बाइक रोकी और ग्लास-स्टार्ट बनाकर उन्हें स्टेशन ले जाया गया। थाने में उनके इंजीनियर भाई पुष्पेंद्र मिश्रा के साथ गैल स्टामिन और अभद्र व्यवहार की घटना हुई।
द्वारा योगेश्वर शर्मा
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 02:13:26 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 02:13:26 पूर्वाह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- प्यारे दोस्त और इंजीनियर भाई ने दोस्त जस्टिस की कैटगरी दी
- युनिवर्सिटी यूनियन ने सहयोगी दल पर कार्रवाई की मांग की
- कार्यालय प्रभारी पर कार्रवाई की मांग
नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। पिता और भाई के साथ 16 मार्च की रात को घर लौटते हुए करपावंडा जिले के जंगल था, जहां के नायक पुष्पराज मिश्रा के साथ डीएलएस नामांकित के पास बदसालूकी हुई। इस घटना के बाद पूरा परिवार ड्रेजर सहमा हुआ है। प्रभारी आरोपित पुष्पराज मिश्रा, उनके इंजीनियर भाई पुष्पेंद्र मिश्रा व पिता का कहना है कि साहब रात में आशियाने से डर लगता है कि कहीं भी पुलिस वाले क्रीअल ग्लास स्टायर व रेस्तरां न करने लगे। रीक्रिएट ने मंगलवार को कनिष्ठ राष्ट्रीय सेवा संघ के साथ मिलकर डेमोक्रेट अवनीश शरण से मुलाकात कर दोषी पुलिस महानिदेशक और मंच प्रभारी की कार्रवाई की मांग की है।
प्रभारी मूर्ति पुष्पराज मिश्रा ने बताया कि 16 नवंबर की रात 2:10 बजे पिता और भाई के साथ स्टेशन से घर लौट रहे थे। डीएलएस एनामा के पास पुलिस ने अपनी बाइक रोकी और ग्लास-स्टार्ट बनाकर उन्हें स्टेशन ले जाया गया। थाने में उनके इंजीनियर भाई पुष्पेंद्र मिश्रा के साथ गैल स्टामिन और अभद्र व्यवहार की घटना हुई। अनमोल पुष्पराज मिश्रा को स्टेशन लेकर गए। इस दौरान थाने में मठाधीश तोपसिंह नवरंग और उनके स्टाप में पुष्पराज मिश्रा के साथ पुष्पेंद्र मिश्रा की घटना को भी अंजाम दिया गया। रिक्रूट का कहना है कि रात में कलेक्टर अवनीश शरण ने भी थाने के प्रभारी से बात की थी लेकिन उन्हें यह कर बात करने के अंदाज में कहा गया है कि मेरे अधिकारी एसपी हैं, मैं केवल उन्हीं को रिपोर्ट करता हूं। इसके बाद एसपी के फोन आने के बाद ही दोनों भाइयों को बर्खास्त कर दिया गया और उसके बाद एफआइआर में एफआइआर दर्ज किया गया। पुष्पराज मिश्रा व पुष्पेंद्र मिश्रा ने कनिष्ठ रेलवे सेवा संघ के साथ मिलकर रजिस्ट्रार अवनीश शरण से मुलाकात कर उनके खिलाफ साक्षत्कार की मांग की है।
एफएआईआर पर पुलिस को धमकाने का आरोप
थाने में दर्ज की गई एफआइआर के अनुसार शहीद भगत और उनके इंजीनियर भाई ने पुलिस को अधिकारी होने का धौंस देते हुए धमाका किया, पुलिस का कहना था कि जिस दौरान यह घटना हुई, दोनों नशे में थे और उन्होंने सहयोगियों के साथ बदसालूकी और मुल्लाजा के दौरान भी मारपीट की। काफ़ी गरमी थी।
फोन पर मंच के प्रभारी व प्रभारी के बीच इस तरह हुई बातचीत
पुष्पराज– हेलो हेलो टीआइए साहब मुझे कैसे कॉल करें यहां पर
थाना प्रभारी– आप कौन
पुष्पराज- मै दासी पुष्पराज मिश्रा
थाना प्रभारी – मैं आपको कैसे कॉल करता हूँ
पुष्पराज – आप के ही ऑर्डर पर ही मुझे लेकर आएं हैं क्या यहां पे
थाना प्रभारी – कहाँ से
पुष्पराज – डीएलएस नामांकन के पास से
थाना प्रभारी – आप क्या हैं
पुष्पराज -दे
थाना प्रभारी- कहाँ से
पुष्पराज – टारपोंड
थाना प्रभारी- टारपोंड
थाना प्रभारी- यहां क्या कर रहे हो
पुष्पराज – घर आया था अपने
थाना प्रभारी- घर आये थे
कार्यालय प्रभारी – मेरे निजीकरण वाले रोके क्या आप को
पुष्पराज – हा रोके थे, तो मैं कुछ दूर आगे रुका था।
कार्यालय प्रभारी – हूँ — तब क्या हो गया
पुष्पराज- कुछ दूर के पर्यटक रुका था तो इधर-उधर इधर-उधर बोला, इधर-उधर आ बे बोला ऐसी बात की थी।
थाना प्रभारी – हां
पुष्पराज – आप यहाँ आओ
थाना प्रभारी- तो इगो हर्ट हो गया
पुष्पराज – हां तो बात तो वही है न
पुष्पराज – जी
थाना प्रभारी – है ना, मंदिर प्रभारी हो ना इसलिए
थाना प्रभारी- है ना, तो इगो हार्ट हो गया होगा।
पुष्पराज- इगो हार्ट वाली इसमें क्या बात है भाई
थाना प्रभारी- आ रहा हूं स्टेशन पर, सब ठीक है।
पुष्पराज – आख़िर ठीक है
कार्यवाही न होने की चेतावनी
कनिष्ठ क्षेत्रीय सेवा संघ का मानना है कि इस प्रकार की घटनाओं से केवल श्रमिक सेवाओं की गरिमा प्रभावित होती है। बल्कि इससे संबंधित अधिकारी अपने स्टाफ में असुरक्षित महसूस करते हैं। इस प्रकरण में एक सप्ताह के भीतर जांच कर कार्रवाई नहीं की जाएगी तो संघ विरोध स्वरूप धरना प्रदर्शन और अन्य आवश्यक कदम उठाएगा।



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