महाराष्ट्र से आएगी राहत, प्याज गिरेगा का दम

महाराष्ट्र से आएगी राहत, प्याज गिरेगा का दम

प्याज की दुकान से लोग खासे परेशान हैं। मौजूदा समय में बाजार में 70 रुपये प्रतिकिलो की दर से प्याज बिक रहा है। आठ से 10 दिन के अंदर लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। महाराष्ट्र में प्याज की नई फसल आ रही है। सरगुजा के आदिवासियों ने भी बड़े पैमाने पर प्याज मंगाने की तैयारी कर ली है। महाराष्ट्र से यहां प्याज आएंगे ही दाम में गिरावट। थोक

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 10:13:20 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 10:13:20 अपराह्न (IST)

अनंगपाल दीक्षित,नईदुनिया, अंबिकापुर: प्याज की दुकान से लोग खासे परेशान हैं। मौजूदा समय में बाजार में 70 रुपये प्रतिकिलो की दर से प्याज बिक रहा है। आठ से 10 दिन के अंदर लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। महाराष्ट्र में प्याज की नई फसल आ रही है। सरगुजा के आदिवासियों ने भी बड़े पैमाने पर प्याज मंगाने की तैयारी कर ली है। महाराष्ट्र से यहां प्याज आएंगे ही दाम में गिरावट। थोक सब्जियों की खरीदारी तो एक हफ्ते बाद दिखेगा असर।

देश भर में प्याज का सर्वाधिक उत्पादन महाराष्ट्र के नासिक में होता है। देश में प्याज की आपूर्ति नासिक से होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में सर्वाधिक प्याज की आपूर्ति महाराष्ट्र से है। सरगुजा सेक्रेटरी भी इसी तरह से सहमत हैं। इस बार महाराष्ट्र से आवक कम हुई तो बेंगलुरु का यहां पहुंचाएं। सप्लाई कम होने के कारण दाम साल भर में बढ़ता जा रहा है। 40 रुपये से लेकर 80 रुपये किलो तक ब्याज इस साल बिकता रहा। इस साल प्याज ने लोगों को काफी परेशान किया। साल भर में एक बार भी प्याज की कीमत में कमी नहीं आई। इसके पीछे कारण स्थानीय स्तर पर उत्पादन का कम होना और प्याज को बनाए रखना कोल्ड स्टोरेज की कमी प्रमुख समस्या है।

कृषकों के अनुसार इस वर्ष प्याज का महाराष्ट्र के नासिक में अधिक उत्पादन हुआ है। होने की पूरी संभावना है। इसी वजह से यहां भी ऑनलाइन प्याज उपलब्ध होगा। महाराष्ट्र के नासिक में नवंबर के दूसरे पखवाड़े से ही छत्तीसगढ़ में आना शुरू हो गया है।

इसका पहला स्थानीय स्तर के प्याज से ही काम चलाना काफी महंगा होता है। स्थानीय स्तर पर भी प्याज की कमी होने के कारण, तेलंगाना ने प्याज की कीमत से अधिक और आपूर्ति कम होने से, प्याज की कीमत से अधिक और आपूर्ति कम होने की मांग की है। इन दिनों स्काई पर 30 रुपये तक की गिरावट आ सकती है।

सौ टन प्रतिदिन आ रहा है कॉलेज से प्याज

सब्जी के थोक व्यवसाय काशी केसरी व्यापारी अंबिकापुर की सबसे बड़ी मंडी में काफी दिनों से कॉलेज का कारोबार कर रहे हैं। अम्बिकापुर की सब्जी मंडी में प्रतिदिन लगभग 100 प्याज टन आता है। यहां के आदिवासियों ने महाराष्ट्र से संपर्क किया। एक हफ्ते बाद ही यहां पर बेरोजगारी और महाराष्ट्र का प्याज भी शुरू हो गया है, जिससे सस्ता प्याज मिलेगा। प्याज का स्थानीय उत्पादन भी शुरू होगा। उन्होंने बताया कि अब हर रोज प्याज के दाम में कमी आएगी।

यहां पेज एक भी ठंडा भंडारण नहीं रखता

सरगुजा जिले में प्याज का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, लेकिन यहां का एक भी पुराना भंडार नहीं है

इस कारण का ऑर्गेनिक किसान लंबे समय तक नहीं कर पाते हैं। किसान औने-सट्टा बांध प्याज पर की फसल को मजबूर होना पड़ता है। घर में लंबे समय तक इसे खुले में नहीं रखा जा सकता है। जिले में आलू के उत्पादन की भी संभावना होती है, लेकिन आलू की कीमत कुछ दिनों तक स्थिर रहती है। प्याज का ठंडा भंडारण नहीं होने के कारण बड़े पैमाने पर गर्मी होती है। के सीज़न में यहां का प्याज डाला जाता है।