एसीबी के डीएसपी अजितेश सिंह की अगुवाई में बुधवार को पावडर लगा आठ हजार रुपये दिवाकर को देकर पुन: आरआइ व पटवारी के पास भेजा। जैसे ही नोट को पटवारी ने हाथ में लिया। आसपास सिविल ड्रेस में छिपे एसीबी के अधिकारी व कर्मचारियों धड़धड़ाते कार्यालय में घुसे और दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिए।
By Pradeep Barmaiya
Publish Date: Wed, 20 Nov 2024 11:36:53 PM (IST)
Up to date Date: Wed, 20 Nov 2024 11:36:53 PM (IST)
HighLights
- कोरबा के दर्री तहसील कार्यालय में एसीबी की दबिश
- 13 हजार में हुआ था सौदा, पांच हजार ले चुके थे एडवांस
- पकड़े गए आरोपितों के घरों की तलाशी ली गई।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने भूमि सीमांकन के लिए रिश्वत मांगने वाले दर्री तहसील कार्यालय क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक (आरआइ) व पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही। साथ ही पकड़े गए आरोपितों के घरों की तलाशी ली गई।
बांकीमोंगरा में रहने वाले संजय दिवाकर ने ग्राम जमनीपाली में भूमि खरीदने के लिए भू-स्वामी शत्रुधन राव से सौदा किया था। इसकी रजिस्ट्री पूर्व सीमांकन के लिए उसने दर्री तहसील कार्यालय में आवेदन किया। समय पर सीमांकन कार्य नहीं होने पर दिवाकर आरआइ अश्वनी राठौर से मुलाकात किया, पर उसने इसके लिए 15 हजार रुपये रिश्वत मांगा। इसकी शिकायत उसने बिलासपुर स्थित एसीबी के कार्यालय में की। इसके बाद टीम ने रिश्वतखोरी के इस मामले की पुष्टि करने के लिए जमनीपाली के पटवारी धीरेंद्र लाटा के पास भेजा। यहां दिवाकर ने पटवारी धीरेंद्र से मोलभाव किया और अंतत: उसे 13 हजार रुपये में मना लिया।साथ ही उसने पांच हजार रुपये बतौर एडवांस दे दिया। शेष राशि का इंतजाम जल्द देने का वायदा कर वापस लौट आया।
कार्रवाई के बाद जमनीपाली में स्थित धीरेंद्र के घर व आरआइ के घर दबिश देकर तलाशी ली गई। पकड़े गए आरोपितों की संपत्ति की भी जांच की जाएगी। यहां बताना होगा कि पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव सौम्या चौरसिया के एक रिश्तेदार को पर्यटन स्थल सतरेंगा में भूमि दिलाने आरआइ राठौर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।



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