23 नवंबर की शाम बिलासपुर और अरपा के तट पर खास नजारा देखने को मिलेगा। शहर में पहली बार लेजर शो देखने को मिलेगा और 10 हजार दीयों से अरपा को जगमग किया जाएगा। इस दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रामसेतु मार्ग, मिनी स्टेडियम, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स समेत 143 करोड़ 68 लाख के विकास कार्यों की सौगात शहर को देने जा रहे हैं।
By Atul Vasing
Publish Date: Fri, 22 Nov 2024 09:37:09 AM (IST)
Up to date Date: Fri, 22 Nov 2024 09:37:09 AM (IST)
HighLights
(*10*)
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। स्मार्ट सिटी की टीम और जिला प्रशासन इसकी तैयारी में जुटी है। इस अवसर पर अरपा के दोनों पुल को आकर्षक लाइट से सजाया गया है। बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा तैयार किए गए विकास के विभिन्न प्रोजेक्ट का लोकार्पण करने सीएम विष्णुदेव साय शहर पहुंच रहे हैं।

हालांकि अभी मिनट टू मिनट कार्यक्रम सीएम हाउस से जारी नहीं हुआ है पर संभावित लोकार्पण कार्यक्रम दोपहर साढ़े तीन बजे से शुरू होगा। इसमें सबसे पहले सकरी उसलापुर उन्नयन कार्य का लोकार्पण करने के बाद मिनोचा कालोनी सड़क, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, सिटी कोतवाली मल्टीलेवल पार्किंग, मिनी स्टेडियम और अंत में शाम सात बजे नए रिवर व्यू श्री रामसेतु मार्ग का लोकार्पण किया जाएगा।
यहां 10 हजार दीये अरपा नदी में प्रवाहित किए जाएंगे। वहीं लेजर शो और आतिशबाजी से बिलासपुर विकास दीप महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर शाम 6 बजे से सुप्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गायक अनुराग शर्मा द्वारा म्यूजिकल नाइट का भी आयोजन किया जाएगा।
बिलासपुर कलेक्टर ने सुनी मप्र के श्रमिक परिवार की व्यथा, कराया मुक्त
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के गुन्नौर निवासी श्रमिक परिवार को उनके घोड़े समेत बिलासपुर के बिल्हा ब्लाक के मंगला पासीद स्थित ईंट भट्ठे में ठेकेदार संतोष बंसल ने बंधक बना लिया था। परिवार ने कलेक्टर के जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर अवनीश शरण को व्यथा सुनाई।
गुन्नौर पन्ना निवासी मुबारक खां का परिवार बंधक से मुक्त होने के बाद

वहीं कलेक्टर की पहल पर श्रमिक परिवार को मुक्त कराया गया है। साथ ही उनके एक दर्जन घोड़े समेत उनके घर रवाना किया गया है। बीते सोमवार 18 नवंबर को कलेक्टर अवनीश शरण को जनदर्शन के माध्यम से पन्ना जिले के तहसील मुख्यालय गुन्नौर निवासी मुबारक खां पिता मौज खां ने बताया कि वह और उसका परिवार ठेकेदार संतोष बंसल के चंगुल में फंसा हुआ है।
न तो मजदूरी दी जा रही है और न ही घर लौटने दिया जा रहा है। वह अपने परिवार के साथ खाने-पीने के बिना बेहद कठिन हालात में रह रहे हैं। एक महीने से जारी इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की कहानी सुन कलेक्टर ने तुरंत एसडीएम बिल्हा बजरंग वर्मा को मामले की जांच और समाधान के निर्देश दिए।
एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार और पीड़ित को समन किया। जांच में शिकायत सही पाई गई। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए मुबारक खां और उसके परिवार को तुरंत उनके गृह नगर गुन्नौर भेजने की व्यवस्था की।
उनके साथ वाहन में एक दर्जन घोड़े भी सुरक्षित भेजे गए। कलेक्टर की त्वरित कार्रवाई से बंधक बने मुबारक खां व उनके परिवार को 24 घंटे के भीतर ही न्याय मिला।



.jpg)

