दोनों प्लांट में अतिरिक्त मुख्य संयंत्रों का प्रावधान किया गया है, दोनों पर प्रभारी (अतिरिक्त मुख्य संयंत्र) कनिष्ठ अधिकारी हैं। बिजनेस कंसल से दो अतिरिक्त मुख्य उत्पाद खरीदे जा रहे हैं। इसी तरह एचटीपीपी में पीके स्वेन कनिष्ठ हैं। मज़हबी का कहना है कि अंतिम कनिष्ठ अधिकारियों को पद देना का उद्देश्य क्या है।
द्वारा देवेन्द्र गुप्ता
प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 12:16:08 पूर्वाह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 12:16:08 पूर्वाह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- यूनिवर्सल के निदेशक पद पर संजीव कंसल ने हस्ताक्षर किए हैं
- तीन महीने से ठीक-ठाक चल रहा था,
- कॉन्स्टैंट के नाम से हस्ताक्षर किए जा रहे हैं।
नईदुनिया प्रतिनिधि, कोरबा : विद्युत उत्पादन कंपनी के प्लांट में प्रभारी अधिकारी का काम चल रहा है। महत्वपूर्ण प्लांट के बाद भी पिछले तीन महीने से फ्लॉप मुख्य प्लांटर्स या डायरेक्ट्रेटर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। वास्तुशिल्प वास्तुशिल्प का निदेशक नियुक्त किया गया है और निदेशक द्वारा पुन:: अतिरिक्त मुख्य वास्तुशिल्प को वास्तुशिल्प का प्रभारी बनाया गया है। स्थिति यह है कि नियुक्त किए गए निदेशक के स्थान पर अतिरिक्त मुख्य स्टॉक के बाद हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। इस प्लांट में डॉक्युमेंटल के मध्य संशय की स्थिति बन गई है कि अंतिम रूप से नामांकित निदेशक कौन है।
विद्युत उत्पादक कंपनी के दा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (डीएस पीएम) एवं हसदेव ताप विद्युत संयंत्र कोरबा वेस्ट (एचटीपीपी) प्लांट में मोल्डो इलेक्ट्रानिक निदेशक (ईडी) सुधीर: इलेक्ट्रानिक सचदेवा एवं संजय शर्मा जुलाई माह में सेवानिवृत्त हो गए। इसकी विद्युतीकृत कंपनी के मानव संसाधन विभाग द्वारा आठ अगस्त को ऑर्डर जारी कर प्राथमिकता दी गई है। वहीं एचटीपीपी के एचडी के सहायक निदेशक एसएंडपी सीएल नेताओं को बनाया गया। खास बात यह है कि दोनों अधिकारी पद पर नियुक्त होने के बाद पुन: अतिरिक्त मुख्य पद के अधिकारी को पद प्रदान करते हैं। इस तरह के कोटाएम में अतिरिक्त मुख्य सामान संजीव कंसल और एचटीपीपी में अतिरिक्त मुख्य सामान पीके स्वेन प्रभारी के रूप में काम कर रहे हैं।
पिछले तीन महीने से ठीक-ठाक चल रहा था, हाल ही में वोडाफोनएम प्लांट में जारी एक ऑर्डर के बाद कर्मचारियों में संशय की स्थिति बन गई है। छह-सात विभाग के सहायक रहे एक अधिकारी की पहली पहल पर कुछ मस्जिद का आदेश जारी किया गया, इसमें आदेश में नामांकित निदेशक पद पर संजीव कंसल ने हस्ताक्षर किए हैं, उन्होंने (फार) लिखा भी नहीं है। धर्मशास्त्र का कहना है कि कांसल जब राधा नहीं हैं, तो पदनाम से कैसे हस्ताक्षर कर रहे हैं। सिर्फ इसी ऑर्डर में नहीं बल्कि कई डिविजन ऑर्डर में भी कंसल किया गया है, जिसमें आपको लगातार पीएचडी के नाम पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नियम: यह गलत है, कुछ अधिकारी आदेश की बात कह रहे हैं कि उन सिद्धांतों को अपनाया जा रहा है। मेडिसिन का कहना है कि प्लांट के पीएचडी कंसल या संजीव कंसल हैं, यह बात समझ में आ गई है। प्लांट के कर्मियो में क्रॉचथ ऑर्डर के बाद फ़्लोरिडा वैलिडिटी हो गई और कंपनी के रेस्टॉरेंट से इसकी शिकायत की गई। साथ ही सभी को कीटनाशकों का उपयोग करने की सलाह दी जाती है।



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