मध्य प्रदेश के शहडोल फिर चर्चा में आ गया है, इस बार मामला पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास को कुलपति प्रोफेसर आशीष मिवारी से जुड़ गया है। बेटे की शादी की तैयारियों के बीच उन्हें विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है। पढ़ें क्या पूरा सच।
By Ravindra Vaidya
Publish Date: Thu, 21 Nov 2024 01:02:02 PM (IST)
Up to date Date: Thu, 21 Nov 2024 01:14:22 PM (IST)
HighLights
- कन्या छात्रावास को बनाया मेहमानों को ठहरने का रेस्ट हाउस।
- एनएसयूआइ जिलाध्यक्ष बोले- व्यक्तिगत कार्यक्रम का बनाया अड्डा।
- 6 साल पहले बनकर तैयार छात्रावास छात्रों के लिए नहीं खोला गया।
नईदुनिया शहडोल (Shahdol Information)। पं. शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कन्या छात्रावास को कुलपति के बेटे की शादी के लिए सजधजकर तैयार करा दिया गया है। यूं कहें कि कुलपति के बेटे की शादी के लिए नया नियम बनाकर इस छात्रावास को मेहमानों के लिए वीआईपी आवास में तब्दील कर दिया गया है।
जिला अध्यक्ष सौरभ तिवारी ने विरोध जताया
इस मामले में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विरोध जताया है। जिला अध्यक्ष सौरभ तिवारी का कहना है कि 6 साल पहले छात्रों के लिए बनकर तैयार छात्रावास जो आज तक छात्रों के लिए नहीं खोला गया,उस छात्रावास को विश्वविद्यालय के कुलपति ने अपने पुत्र की शादी में महमानों को रोकने व अन्य सुविधाओं से युक्त कर दिया है।

छात्राएं रह रहीं किराए से छात्रावास खाली
पं.शंभूनाथ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राएं किराए से बाहर रह रही हैं और छात्रावास आज तक खाली पड़ा हुआ है। इसका फायदा कुलपति ने उठाते हुए अपने लिए नए नियम तैयार करा दिए हैं।

डीजे का शोरशराबा करके छात्रों के पढ़ाई के साथ खिलवाड़
- एनएसयूआइ जिला अध्यक्ष बोले- सरकारी संपत्ति का बेटे के शादी के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।
- विश्वविद्यालय कैम्पस में डीजे का शोरशराबा करके छात्रों के पढ़ाई के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
- सौरभ तिवारी का कहना है कि इस विश्वविद्यालय की कई सालों से सफाई तक नहीं कराई गई थी।
- बेटे की शादी के लिए चमकाया, विरोध करते हैं इस तरह से छात्रावास का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

सिविल सर्जन से मांगा गया बजट मामले को लेकर स्पष्टीकरण
वहीं जिला अस्पताल के एसएनसीयू व पीआइसीयू में वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत बजट के विरुद्ध किए गए खर्च की जांच के लिए राज्य स्तरीय जांच समिति गठित की गई थी, जिसकी रिपोर्ट के बाद अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जिला अस्पताल सिविल सर्जन से स्पष्टीकरण मांगा है।

राज्य स्तरीय जांच समिति गठित की गई थी
जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू तथा पीआईसीयू के लिए वित्तीय वर्ष 2023 24 में स्वीकृत बजट के विरुद्ध जो खर्च किए गए थे उसमें अनियमितता के आरोप लगे थे, जिसके लिए राज्य स्तरीय जांच समिति गठित की गई थी।
अभिलेख एवं दस्तावेजों का संधारण नियम अनुसार नहीं
जांच समिति ने अपना पक्ष राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सामने रखा था और बताया था कि एसएनसीयू के लिए स्वीकृत बजट के व्यय संबंधी अभिलेख एवं दस्तावेजों का संधारण नियम अनुसार नहीं किया गया है। इसी को लेकर संचालक वित्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सिविल सर्जन जिला अस्पताल को एक पत्र भेज कर स्पष्टीकरण मांगा है।
कार्य के प्रति उदासीनता और वित्तीय अनियमितता का होना दर्शाता
पत्र में कहा गया है कि प्राप्त बजट के व्यय संबंधी अभिलेख एवं दस्तावेजों का संधारण नियम अनुसार नहीं किया गया है,इससे संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों की कार्य के प्रति उदासीनता और वित्तीय अनियमितता का होना दर्शाता है।



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