दो साल का समय बहुत ज्यादा है, दक्षिण कोरिया से उपकरण कब तक के ये सपने: मुख्य न्यायाधीश

दो साल का समय बहुत ज्यादा है, दक्षिण कोरिया से उपकरण कब तक के ये सपने: मुख्य न्यायाधीश

बिलासपुर एयरपोर्ट में हवाई सुविधा के विस्तार को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो प्रवेश पत्रों पर एक साथ सुनवाई चल रही है। रविवार को चीफ जस्टिस राकेश सिन्हा व जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बताया गया कि, नाइट लैंडिंग की सुविधा अभी दो साल तक की समय सीमा में शुरू होगी।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 12:42:31 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:01:30 पूर्वाह्न (IST)

हाई कोर्ट ने हवाईअड्डा सुविधाओं में देरी को लेकर AAAI से सीखी जानकारी पेश करने के निर्देश दिए

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। बिलासपुर एयरपोर्ट में सुविधाओं को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो शिलालेखों पर सुनवाई चल रही है। रविवार को मुख्य न्यायाधीश राकेश सिन्हा और जस्टिस एके प्रसाद की बेंच में सुनवाई हुई। भारत की ओर से एयरपोर्ट अथारिटी को बताया गया कि, नाइट लैंडिंग की सुविधा के लिए अभी दो साल का समय लगेगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि ये बहुत ज्यादा है. डिवीजन बेंच ने मार्शल से यह भी पूछा है कि दक्षिण कोरिया से डेव कब तक पहुंच रहा है। मुख्य न्यायाधीश ने एएएआई (एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया) के संबंधित अधिकारी के शपथ पत्र के साथ जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है। इसके लिए डिवीजन बेंच ने एक हफ्ते की मोहलत दी है।

बिलासपुर एयरपोर्ट में हवाई सुविधा के विस्तार को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में दो प्रवेश पत्रों पर एक साथ सुनवाई चल रही है। रविवार को चीफ जस्टिस राकेश सिन्हा व जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच में सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से बताया गया कि, नाइट लैंडिंग की सुविधा अभी दो साल तक की समय सीमा में शुरू होगी। राज्य शासन ने यह भी बताया कि, देवता भी मांगा जा रहा है। इस जवाब में कोर्ट ने एएएआई को निर्देश दिया कि विभाग के किसी भी सक्षम अधिकारी का हलफनामा के साथ पूरी जानकारी के साथ डिवीजन बेंच के साथ काम करें। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि शपथ पत्र में इस बात की जानकारी विशेष रूप से दी जाए कि दक्षिण कोरिया से डेविओर सहित अन्य उपकरणों की आपूर्ति कब तक की जा रही है और कब तक बिलासपुर एयरपोर्ट को यह उपकरण मिल जाएंगे। मुख्य न्यायाधीश ने महत्वपूर्ण जानकारी पेश करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।

दीवाना सुदीप ने कोर्ट से कही ये बात

यूट्यूब की ओर से पैरवी करते हुए डीएवीओआर ने डिवीजन बेंच को बताया कि पिछले आदेश में कोर्ट ने नाइट लैंडिंग के लिए एग्रीमेंट मशीन डेवियोआर कब तक दी थी, इस संबंध में जानकारी की छूट थी। एएएआई ने अब तक जानकारी नहीं दी है।

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नदी संरक्षण: उच्च न्यायालय ने नगर निगम का शपथ पत्र खारिज कर दिया, नई नदी संरक्षण के निर्देश दिए

अरपा के उद्गम स्थल के संरक्षण को लेकर नगर निगम ने सर्वेक्षण के दौरान अरपा नदी में पेशी करने से पहले 100 प्रतिशत पानी को मापने का निर्देश दिया है। बिलासपुर नगर निगम में शपथ पत्र पेश कर बताया गया कि वह केवल 60 प्रतिशत पानी को साफ करने में सक्षम है। बाकी 40 प्रतिशत पानी को बिना साफ किये ही नदी में छोड़ दिया गया। इसका कोई उपाय भी नहीं है. केस की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को जारी की गई है।

अफ़रदा नदी के उद ktun स krir सं rur सं rur को rur को को rasaurcurth में में जनहित जनहित जनहित जनहित जनहित जनहित जनहित मंगलवार को जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिसकृष्ण राधा अग्रवाल की बेंच में समीक्षा हुई। बिलासपुर नगर निगम ने शपथ पत्र पेश कर बताया कि उनके पास अभी जो पूरा सिस्टम मौजूद है उसमें सिर्फ 60 प्रतिशत पानी को ही स्वच्छ बनाने की क्षमता है। बाकी 40 प्रतिशत पानी बिना सफाई और सफाई के अरपा को नदी में छोड़ दिया जाएगा। निगम के अधिकारियों की ओर से बाकी पानी के अंतिम मिनट के सवाल का कोई जवाब नहीं मिला। जिसके तहत यूनिट डिवीजन बेंच ने निगम के द्वारा पेश शपथ पत्र को नामंजूर कर दिया। डिवीजन बेंच ने बिलासपुर नगर निगम को नए शपथ पत्र के लिए एक नया शपथ पत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। नवीनतम में यह भी कहा गया है कि, नए शपथ पत्र में विस्तृत कार्य योजना की जानकारी कोर्ट को दी जाए। इसके साथ ही डिवीजन बेंच ने पेंड्रा में अरपा नदी के उद्गम स्थल को संवारने के लिए चल रहे कार्य को लेकर जी पी एम डॉक्टर को निर्देश दिया कि समृद्ध स्थल पर कार्य की प्रगति से लेकर न्यायालय तक निरंतर रूप से चिंतित रहें। केस की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को जारी की गई है।