बलरामपुर के दहेजवार में मां, बेटी और बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मोख्तार अंसारी व उसके भाई आरिफ अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के निर्देश पर जेल दाखिल करा दिया। पुलिस की जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया कि दोनों भाइयों ने सुनियोजित तरीके से घटना कारित की थी। मोख्तार ने टांगी से तो उसके भाई आरिफ ने चाकू से वार किया था। हत्या के
By Yogeshwar Sharma
Publish Date: Fri, 22 Nov 2024 09:51:12 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 22 Nov 2024 09:51:12 PM (IST)
नईदुनिया न्यूज, अंबिकापुर : बलरामपुर के दहेजवार में मां, बेटी और बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपित मोख्तार अंसारी व उसके भाई आरिफ अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के निर्देश पर जेल दाखिल करा दिया। पुलिस की जांच में यह तथ्य निकलकर सामने आया कि दोनों भाइयों ने सुनियोजित तरीके से घटना कारित की थी। मोख्तार ने टांगी से तो उसके भाई आरिफ ने चाकू से वार किया था। हत्या के बाद दोनों भाई मोटरसाइकिल से ही घटनास्थल से भागे थे। बाद में दोनों अलग- अलग हो गए थे।
कुसमी से लापता कौशल्या ठाकुर, उसकी बेटी मुस्कान और बेटे मिंटू का कंकाल बलरामपुर के दहेजवार में धान के खेत में मिला था। इनकी पहचान प्रमाणित होने के बाद पुलिस ने झारखंड के परसवार भंडरिया निवासी मोख्तार अंसारी को गिरफ्तार किया था। उसने दावा किया था कि उसके छोटे भाई आरिफ का मृत किशोरी से प्रेम संबन्ध था। उसका भाई घरवालों को आर्थिक मदद नहीं करता था इस कारण उसने प्रेमिका व उसकी मां तथा बेटे की हत्या कर दी थी। पुलिस ने मोख्तार को रिमांड पर लिया था।
जब उसके छोटे भाई आरिफ को हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू हुई तो पता चला कि हत्याकांड में उसकी भी भूमिका है। दोनों भाइयों ने सुनियोजित साजिश के तहत तीनों की हत्या की थी। सारी जरूरतें पूरी करने के बाद भी मृतका मां – बेटी उनकी उम्मीदों के अनुरूप व्यवहार नहीं करते थे। दोनों ने पहले बेटी और मां का कत्ल किया था लेकिन अबोध बालक के जग जाने पर उन्होंने उसकी भी हत्या कर दी थी। शव को खेत में फेंक कर घटनास्थल की साफ -सफाई कर दोनों भाई एक ही मोटरसाइकिल से भागे थे। पुलिस ने आरोपित मोख्तार और उसके भाई आरिफ को शुक्रवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है।
सुनियोजित तरीके से वारदात को दिया अंजाम
आरोपित मोख्तार घटना दिवस को कुसमी पहुंचा एवं उसने तीनों को घूमने जाने के लिए कहा था। उन्हें बाइक में बैठाकर वह चांदो के रास्ते बलरामपुर पहुंचा। चांदों में इनकी मुलाकात आरिफ से भी हुई थी। आरिफ को इसलिए रोक दिया गया था कि लोगों को संदेह हो जाएगा।आरिफ रात को लिफ्ट लेकर मोख्तार के दहेजवार स्थित घर पहुंचा था। रात को तीनों की टांगी और चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। मोख्तार और आरिफ ने तीनों के शव को एक-एक कर धान के खेत में नाले के पास फेंक दिया था। शवों को फेंकने के बाद घर में फैले खून को साफ किया था।



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