दीपका खदान विस्तार के लिए 26 बाहरी लोगों के मलगांव में पक्के मकान बांटे 17 करोड़ रुपये शेयर

दीपका खदान विस्तार के लिए 26 बाहरी लोगों के मलगांव में पक्के मकान बांटे 17 करोड़ रुपये शेयर

जांच के दौरान पता चला कि जिस जमीन पर मकान नहीं था, उसे भी राइस पत्रक में पक्के छत के मकान के साथ सेमी टाइल्स लगाते हुए देखा गया। तुलना नहीं होने वाली बाबा में कुआं व बड़े इमरती पेड़ लगे का भी बैलेट राशि पत्र तैयार हो गया। इन पत्रों में केवल राजस्व विभाग के अधिकारियों का ही दस्तखत है।

द्वारा (*17*)प्रदीप बरमैया

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:43:30 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 11:43:30 अपराह्न (IST)

पर प्रकाश डाला गया

  1. एससीओसीएल के दीपका ज्वालामुखी विस्तार का मामला (*26*)
  2. जमीन अधिग्रहण की तैयारी के लिए फर्जी भू-विन्यास तय किया गया है(*26*)
  3. विजिलेंस ने सोमनाथ मामले की प्रारंभिक जांच की (*26*)

समूह गुप्ता नईदुनिया, कोरबा: साउथ ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड (एससीसीएल) के कोयला खदानों के लिए अधिगृहीत भूमि के स्टॉक वितरण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। मलगांव की जमीन के शेयर बाजार में करीब 17 करोड़ रुपये की गड़बड़ी हुई है। राज्य शासन से राजस्व विभाग एवं एससीएल के अधिकारियों की भूमिका जारी। इस मामले की जांच सेंट्रल साइंटिफिक ब्यूरो (CBI) ने शुरू कर दी है।

कोल, मॅकॅल एफ व पीएससी के घोटाले के बाद अब भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच में सामान की इंट्री हो गई है। करीब 20 साल पहले साल 2004 में मलगांव के 400 ओकलैंड ग्राउंड के लिए दीपका विस्तार परियोजना का अधिग्रहण किया गया था। 235 वास्तविक प्रभावित हैं। इनमें से 136 अब तक प्रभावित हुए हैं। जबकि कुल 110 करोड़ कम्युनिस्टों का वितरण जारी है। वर्ष 2022 में सोवियत वितरण प्रशासन के माध्यम से किया गया। इस बीच मालगांव के रिज़ल्ट ने एससीसीएल के डिविजनल विजिलेंस को मुआवजा वितरण की याचिका दायर की है। इसकी जांच के दौरान पता चला कि सोवियत की सूची में 26 ऐसे लोगों के नाम शामिल हैं, जो न तो मलगांव में रहते थे और न ही उनका नाम जमीन पर था। राजस्व अमले के दौरान बनाए गए दस्तावेज़ों के दस्तावेज़ तैयार करने के लिए दस्तावेज़ तैयार किए गए और दस्तावेज़ भी प्राप्त किए गए। इस पूरे घोटाले में एक ही परिवार के दो हितग्राही श्याम मॅम और राजेश मॅक ने खुद से भी अधिक विस्फोटक राशि प्राप्त की और फर्जीवाड़े में भी बिचौलिए की भूमिका निभाई। इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि 17 करोड़ से ज्यादा का घोटाला हुआ है। 20 लाख से अधिक की गड़बड़ी की जांच का अधिकार विजिलेंस पर नहीं है, जिसने इस मामले में धोखाधड़ी की है।

बिचौली के यहाँ पहली वस्तु, दस्तावेज़ ज़ब्तरी

ओपरामार एक्शन की पहली टीम ने हार्डीमार्केट स्थित श्यामू और उनके भतीजा राजेश के घर पर एक साथ काम किया। सर्चवारंट के आधार पर घर की खोज ली गई। इस दौरान कुछ दस्तावेज भी हाथ की लंबाई की जानकारी सामने आई है। श्यामू वर्तमान में श्रमिक संगठन इंक का अनुयायी है। सीओसीसीएल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए काफी दिनों तक श्यामू के क्षेत्र में आंदोलन भी किया गया था। इस पूरे सुपरहीरो में हीरोइन की भूमिका बेकार जा रही है।