जबलपुर से तीन धार्मिक स्पेशल ट्रेनें चलाने एलएचबी कोच ही नहीं, इधर बुकिंग हो गई पूरी

मध्‍य प्रदेश के जबलपुर में धार्मिंक संगठनों ने रेलवे जोन के आपरेटिंग विभाग को ट्रेन के किराए का भुगतान भी कर दिया है, लेकिन अभी तक उन्हें रेलवे की ओर से कोच और ट्रेन संचालन की सहमति नहीं मिली है। इधर पमरे जोन से लगे बिलासपुर, प्रयागराज, नागपुर जोन से एलएचबी के सामान्य कोच मांगे थे, लेकिन इन्होंने भी कोच की कमी बताकर हाथ खड़े कर लिए।

By Atul Shukla

Publish Date: Wed, 20 Nov 2024 08:28:56 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 20 Nov 2024 08:28:56 AM (IST)

तीनों संगठनों ने रेलवे को ट्रेन में जा रहे यात्रियों का किराया भी एडवांस भुगतान कर दिया है : नईदुनिया।

HighLights

  1. दो खाटू श्याम और एक वैष्णवों देवी के लिए चलनी धार्मिक स्पेशल ट्रेनें।
  2. पमरे के आपरेटिंग विभाग ने दूसरे रेल जोन से मांगे कोच थे कोच।
  3. कोच न मिलने पर लिखा पत्र, चार हजार से ज्यादा यात्री सफर करेंगे।

नईदुनिया, जबलपुर (Jabalpur Information)। जबलपुर से तीन धार्मिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिसमें करीब चार हजार से ज्यादा यात्री सफर करेंगे। शहर के तीन धार्मिक संगठनों ने इन ट्रेनों में बुकिंग भी लगभग पूरी कर ली है, लेकिन अब वे परेशान है। इस परेशानी की वजह यह है कि पश्चिम मध्य रेलवे जोन के बाद ट्रेन चलाने के लिए एलएचबी कोच और पेंट्रीकार नहीं हैं।

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रेलवे ने बोर्ड को पत्र लिखकर 16 एलएचबी कोच का रैक मांगा

दरअसल पमरे के पास एलएचबी सामान्य कोच नहीं हैं। जो थे, उनमें से कई चुनाव ड्यूटी पर जाने वाले जवानों के लिए भेज दिए और शेष कोच स्पेशल ट्रेनों में लगाए गए हैं। ऐसे में अब जोन ने रेलवे ने बोर्ड को पत्र लिखकर 16 एलएचबी कोच का रैक मांगा है।

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न ट्रेन की सहमति न ही संचालन का समय-रूट चार्ट दिया गया

जबलपुर से जाने वाली तीन धार्मिक यात्रा के लिए ट्रेनों का संचालन किया जा सकेगा। इधर अभी तक तीनों धार्मिक संगठनों को पमरे जोन की ओर से न तो ट्रेन देने की सहमति मिली है और न ही संचालन का समय-रूट चार्ट दिया गया है, जिससे इन संगठनों की धड़कने तेज हो गई हैं।

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तीन दिन- तीन यात्रा, एक रैक ही पर्याप्त

  • जबलपुर ने तीन धार्मिक स्पेशल निजी ट्रेन (Non secular Particular Prepare)चलाई जा रही हैं।
  • पहली ट्रेन 26 नवंबर को जबलपुर से खाटू श्याम मंदिर रिंगर राजस्थान के लिए रवाना होगी।
  • दूसरी ट्रेन भी जबलपुर से खाटू श्याम मंदिर जाएगी, जो एक दिसंबर को रवाना होगी।
  • तीसरी स्पेशल ट्रेन 10 दिसंबर को जबलपुर से कटरा वैष्णों देवी के लिए रवाना होगी।
  • तीनों ट्रेनें शहर के तीन धार्मिक संगठन ले जा रहे हैं, तीनों ने सामान्य एलएचबी कोच मांगे हैं

हजारों यात्रियों को ले जाया जा सकेगा

अब दिक्कत यह है कि तीनों ने सामान्य एलएचबी श्रेणी के कोच मांगे हैं, जो पमरे के आपरेटिंग विभाग के पास नहीं है। जबकि तीनों संगठनों ने रेलवे को ट्रेन में जा रहे यात्रियों का किराया भी एडवांस भुगतान कर दिया है। तीनों ट्रेनों को ले जाने के लिए एक एलएचबी कोच की ट्रेन ही पर्याप्त है, जो अभी तक नहीं मिली है।

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पेंट्रीकार न होने से आ रही परेशानी

एक स्पेशल ट्रेन में करीब 1300 यात्री सफर करेंगे, जिनको खाना देने के लिए पेंट्रीकार कोच होना जरूरी है, ताकि खाने को गर्म किया जा सके। अब दिक्कत यह है कि रेलवे ने सामान्य श्रेणी के कोचों में से पेंट्रीकार कोच को हमेशा के लिए हटा दिया है।

एसी कोच का किराया सामान्य श्रेणी के कोचों से तीन गुना है

  • करीब एक रैक में 16 एलएचबी कोच और एक पेंट्रीकार कोच चाहिए, पर बमुश्कित से चार से पांच को ही पमरे के पास है
  • पमरे के पास सामान्य श्रेणी के कोच पर्याप्त हैं, लेकिन पेंट्रीकार नहीं है, ऐसे में यात्रियों को दोनों समय भोजन कराना मुश्किल है।
  • धार्मिक संगठन, इन दिनों रेलवे से लेकर रेल अधिकारी और नेताओं के चक्कर काट रहे हैं, ताकि रेलवे किसी तरह उन्हें कोच दे दें।
  • पमरे ने तय समय से संगठनों से यात्री किराया एडवांस ले लिया है। एक संगठन ने करीब आठ से 10 लाख रुपये लिए गए हैं।

रेलवे बोर्ड ही विभाग और धार्मिंक संगठनों की मदद कर सकता

एलएचबी कोच के साथ पेंट्रीकार दिया जाता है, लेकिन न तो एलएचबी कोच हैं और न ही पेंट्रीकार कोच है। ऐसे में अब रेलवे बोर्ड ही विभाग और धार्मिंक संगठनों की मदद कर सकता है।

सफर का दिन और समय भी नहीं बदला जा सकता

ट्रेनों में लगभग चार हजार से ज्यादा यात्री, सफर करेंगे, जिनकी बुकिंग भी हो चुकी है। सफर का दिन और समय भी नहीं बदला जा सकता। सूत्रों की माने तो पमरे ने संगठनों को एसी कोच ले जाने का सुझाव दिया है।