सिटी सेंटर और महाराज पैलेस पर 2.5 का लेवल 100 से अधिक है। केट-10 भी 200 से ज्यादा है। उदाहरण में यह स्थिति करीब 25 दिन से है और शहरवासी खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
द्वारा विकाश पांडे
प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:54:18 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 01:54:18 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- पेजे और सिटी सेंटर में हालात खराब
- 2.5 का स्तर 100 से अधिक
- जागरूकता से अधिक फोकस सिद्धांत पर
नईदुनिया प्रतिनिधि, स्थान। शहर में प्रदूषण अब भी खतरनाक स्थिति में है। केंद्र सरकार का पैसा खर्चा तो बहुत हुआ, लेकिन कहीं असर नहीं दिख रहा। जिन बाजारों को डस्ट फ्री बनाया गया, वहां अब भी कूड़ा-कचरा उड़ रहा है, पेवर्स भी संस्थापक हैं। सी इंडिया वेस्ट प्लांट में भी कोई खास काम नहीं आया। संभावना ये है कि सिटी सेंटर और महाराज पैलेस 2.5 का लेवल 100 से ज्यादा है। केट-10 भी 200 से ज्यादा है। उदाहरण में यह स्थिति करीब 25 दिन से है और शहरवासी खराब हवा में सांस लेने को मजबूर हैं।
स्थिति जानें
- डॉक्टर मुक्त क्षेत्र:- बाल भवन मार्ग और सचिन तेंदुलकर मार्ग के साथ ही कुछ अन्य छोटे सॉसेज पर पेवर्स पर प्रतिबंध डस्ट फ्री का दावा किया गया था। सच तो यह है कि रेसकोर्स रोड पर पेवर्स जगह-जगह टूटे हुए हैं। साथ ही पुराना रेलवे फ़्लोरिडा पुरा मार्ग रॉ पेड है, जो दिन भर धूल उड़ाती रहती है। सचिन असैनिट मार्ग के आसपास भी कच्चे मार्ग से गंदे कूड़े से लोगों की परेशानी बनी हुई है।
- उत्तर:-सरकार से मिले पैसे का बड़ा हिस्सा डेस्टिनेशन मशीन और फागर मशीन पर खर्च हुआ। कुछ दिनों के लिए अपशिष्ट उपयोग प्रदूषण कम करने के लिए हुआ, बाद में केवल डुबकी लगाने की मशीन ही सप्ताहांत की सफाई कर देती है। जबकि फागर मशीन का प्रयोग पानी देने में किया गया।
- सी.एन.डी. वेस्ट प्लांट:– निर्माण कार्य के दौरान आख़री वाले को सीएंड वेस्ट कहा जाता है। इस प्लांट का उद्देश्य था कि लोगों को मलबा क्रिएटिविटी की जगह प्लांट पर पहुंचाया जाए। क्योंकि इस मलबे के कारण आसपास काफी कूड़ा-कचरा उड़ता रहता है। लेकिन लोग मलबा स्ट्रीट पर ही फंस रहे हैं, इसलिए इसका भी पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।
- कचरा पार्क:- बारा में कूड़ा पार्क बनकर तैयार हो गया है। पहले चरण का काम हो चुका है, दूसरे चरण का काम अभी बाकी है।
शहर में प्रदूषण कम नहीं हुआ
बाकी के डीडी नगर में अपार्टमेंट-10 का लेवल 260.87, सिटी सेंटर पर 244.20 और महाराज गार्डन पर 315.38 है। जबकि 2.5 का लेवल डीडी नगर में 96.97, सिटी सेंटर में 166.30 और महाराज मैदान में 132.25 है। बताएं कि 2.5 का 60 से अधिक बार नुकसान होता है।
एनकेपी के तहत जो काम शामिल हैं, उस पर कितना पैसा खर्च किया गया है। जो जांच पड़ताल करती है, उसकी वर्जिनिटी की सफाई जारी है। सी. इंडियन वेस्ट स्ट्रीट पर सप्ताहांत पर ग्राहकों से बकाया वसूला जा रहा है।
पवन शर्मा, जनसंपर्क नगर निगम



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