गुरु पुष्य नक्षत्र: साल 2024 का अंतिम गुरु पुष्य योग आज… हर चीज अक्षय होगी, शुरू हुआ कार्य में सफलता

गुरु पुष्य नक्षत्र: साल 2024 का अंतिम गुरु पुष्य योग आज… हर चीज अक्षय होगी, शुरू हुआ कार्य में सफलता

यह संपूर्ण काली गुरु पुष्य योग (गुरु पुष्य नक्षत्र) है, जिसे अत्यधिक फलदायक माना जाता है। इस योग में रवि योग और अमृत सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है, जो इसे और भी उत्तम फलकारी बना सकते हैं। यह विवाह और मांगलिक कार्य के लिए उपयुक्त है।

द्वारा अरविन्द दुबे

प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 11:12:05 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 03:14:22 अपराह्न (IST)

पर प्रकाश डाला गया

  1. सूर्योदय से सूर्य तक है गुरु पुष्य योग
  2. आज सोने से मजबूत होगा गुरु
  3. मांगलिक कार्य करने के लिए उत्तम दिन

धर्म डेस्क, देवस्थान (गुरु पुष्य योग)। इस वर्ष का अंतिम गुरु पुष्य नक्षत्र 21 नवंबर, गुरुवार को है। मध्य प्रदेश में ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति में समय-समय पर कोई बदलाव नहीं होता है। ऐसे में शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता है।

ऐसा ही एक शुभ योग है, जिसे पुष्य नक्षत्र कहते हैं। गुरु पुष्य नक्षत्रों को नक्षत्रों का राजा कहा गया है। इस पर शनि, बृहस्पति ग्रह और मां लक्ष्मी का शुभ प्रभाव रहता है। यही कारण है कि खरीदारी, मांगलिक कार्य करने के लिए पुष्य नक्षत्र का अत्यंत शुभ फल होता है।

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आज सोना, गुरु मजबूत होगा

  • गुरु पुष्य नक्षत्र इसमें कहा गया है कि इस दिन की सबसे बड़ी सामग्री अक्षय है। अक्षय का अर्थ होता है, जिसका कभी क्षय ना हो। नए कार्य की शुरुआत करने से लेकर सफलता तक का आनंद लें।
  • 21 नवंबर को सूर्योदय से लेकर सूर्य तक गुरु पुष्य योग का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। क्योंकि सोने का संबंध गुरु ग्रह से होता है।
  • इस दिन सोना खरीदकर बेचने से कुंडली में आपका गुरु मजबूत होता है। साल का आखिरी गुरु पुष्य योग कमाई के मामले में भी बहुत खास माना जा रहा है। जो बिजनेस शुरू करेगा, वह प्रोफिट करेगा।

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गुरु पुष्य पर शुभ मुहूर्त

गुरु पुष्य नक्षत्र 21 नवंबर को प्रातः 6 बजे से 49 मिनट तक, दोपहर 3 बजे तक, 35 मिनट तक शुभ नक्षत्र रहेंगे। इस दौरान मांगलिक कार्य और खरीदारी कर सकते हैं। गुरुवार के दिन होने के कारण इसे गुरु पुष्य योग कहा जाएगा।

इसके अलावा इस दिन रवि योग दोपहर 3:35 से 22 नवंबर को सुबह 6:50 तक रहेगा। इसके अलावा अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो सुबह 6:49 से दोपहर 3:35 तक रहेगा।

क्या-क्या खरीद सकते हैं

सोना, मटर के दाने, पीले वस्त्र, मांगलिक कार्य के सामान, धार्मिक सामग्री, किताबें, साहित्य जैसे व्यापक धातु।

बने चार शुभ योग

  1. गुरु पुष्य योग
  2. रवियोग
  3. अमृत ​​सिद्धि योग
  4. शुभ योग

स्थापना स्थापित करने वाला योग

यह विशेष योग स्थिरीकरण प्रदान करने वाला है। यह दिन भूमि, भवन, सोना, पीतल की मूर्तियां, मंदिर, पूजा की सामग्री, और गृह प्रवेश और मांगलिक कार्य सामग्री की खरीदारी के लिए अत्यधिक रहेगा। – पंडित गौतम विनोद, भोपाल