गलत वायरिंग से इमर्शन राड में आया करंट सिटी की जान

गलत वायरिंग से इमर्शन राड में आया करंट सिटी की जान

सरकंडा क्षेत्र के गुलाब नगर में रहने वाली संतोष श्रीवास(23) 18 सितंबर को इमर्शन रोड में पानी गर्म कर रही थी। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए। स्वजन उन्हें गंभीर राज्य में लेकर अपोलो अस्पताल दक्षिण। अस्पताल में डॉक्टरों ने नर्स को मृत घोषित कर पुलिस को सूचना दी।

द्वारा योगेश्वर शर्मा

प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 02:06:25 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 02:06:25 पूर्वाह्न (IST)

इलेक्ट्रीशियन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज

नईदुनिया न्यूज, बिलासपुर। सरकंडा क्षेत्र के गुलाब नगर में रहने वाली बस्ती इमर्शन रोड में करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच के लिए बिजली विभाग से पत्र व्यवहार किया। जांच कर इंजीनियर ने बताया कि इलेक्ट्रिशियन ने इलेक्ट्रिक वायरिंग में गलती की थी। इसके कारण इमर्शन राड में करंट आ गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इलेक्ट्रिशियन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है।

सरकंडा क्षेत्र के गुलाब नगर में रहने वाली संतोष श्रीवास(23) 18 सितंबर को इमर्शन रोड में पानी गर्म कर रही थी। इसी दौरान वे करंट की चपेट में आ गए। स्वजन उन्हें गंभीर राज्य में लेकर अपोलो अस्पताल दक्षिण। अस्पताल में डॉक्टरों ने नर्स को मृत घोषित कर पुलिस को सूचना दी। इस पर पुलिस ने शव व्यवसाय को लेकर फ्लैट्स में रखा। साथ ही मामले की जांच के लिए बिजली विभाग के स्प्रिंग विहार जोन के इंजीनियर को पत्र लिखकर प्रतिवेदन मांगा। इंजीनियर ने मामले की जांच की। इसमें पाया गया कि लड़की के पिता विष्णु प्रसाद श्रीवास ने इलेक्ट्रिशियन धनराज सूर्य को इन्वर्टर की बैटरी के लिए बुलाया था। उसने गलत वायरिंग करते हुए अर्थिंग वायर को फेस पर जोड़ दिया। इसका कारण अर्थ अर्थ लाइन में मुद्रा आ गया है। इधर बिजली का बटन बंद होने के बाद भी इमर्शन होने पर रेड करंट आ रहा था। इसकी जानकारी कंपनी को नहीं थी। इसके कारण उसे करंट लग गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इलेक्ट्रीशियन के खिलाफ जुर्म दर्ज कर मामले की जांच की है।

बिजली विभाग के इंजीनियर ने की जांच

स्वजन ने पूछताछ में बताया कि सूद ने बिजली का स्विच ही नहीं बनाया था। इसके बाद उसे करंट का झटका भी लगा। पुलिस की जांच में जब यह बात सामने आई तो बिजली विभाग के अधिकारियों से बात की गई। इसके बाद बिजली विभाग के इंजीनियर ने मशीनरी की जांच पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि इन्वर्टर की वायरिंग ही गलत है। इसका अर्थ यह है कि तार में धारा प्रवाहित हो रही थी। इंजीनियर की रिपोर्ट के बाद मामला साफ हुआ। इसके बाद पुलिस ने इलेक्ट्रिशियन के खिलाफ मामला दर्ज किया।

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गोदाडीह में ज्वालामुखी भूमि की रजिस्ट्री, सरपंच के परिवार पर आरोप

पचपेड़ी तहसील के पंचायत ग्राम गोदाडीह में ग्राम पंचायत पर कब्जा कर आरोप लगाया गया है कि ग्राम सरपंच और उसकी बस्ती पर कब्जा कर लिया गया है। मिले दस्तावेज के अनुसार सरकारी जमीन को निजी व्यक्तिगत दुर्ग निवासी विनीता ठाकुर को नौ एकादश जमीन बीच दर। सरकारी जमीन बिक की जानकारी पर अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं।

ग्राम पंचायत के रामप्रसाद और लहरनाथ के नाम पर नौ स्मारक भूमि दर्ज की गई। इस भूमि की रजिस्ट्री व नामांतरण के किले में इसे दुर्ग निवासी विनीता ठाकुर को बेच दिया गया था। आरोप है कि इस केस में असली मस्तूरी पुरालेखा पटवारी की किताब से इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। मिले दस्तावेज के आधार पर पहले राम प्रसाद और लहरनाथ के नाम दिखाई दे रही थी और अब वह जमीन पर गोविंदा ठाकुर के नाम पर दिखाई दे रही है। जमीन के खिलाफ हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने में अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच और एफएआईआर दर्ज करने की मांग स्थानीय लोगों ने की है। उनका कहना है कि सामुहिक व्यवस्था और राजस्व विभाग की छुट्टी पर सवाल उठाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है आने वाले दिनों में मामले में कार्रवाई भी की जाएगी।