गज़ब! 73 वर्ष की आयु में बुजुर्ग ने इलेक्ट्रॉनिक चलित उपकरण बनाए, जिसकी कीमत तीन सौ किलोमीटर वजन तक बताई गई

गज़ब! 73 वर्ष की आयु में बुजुर्ग ने इलेक्ट्रॉनिक चलित उपकरण बनाए, जिसकी कीमत तीन सौ किलोमीटर वजन तक बताई गई

73 साल वी. विश्वनाथन अचारी ने एक चलित टॉवल मशीन विकसित की है, जो 100 से 300 किलो वजन तक के तौलिये को कहीं भी आसानी से ले जा सकती है। यह बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीन तीन पहिए और चार पहिए वाले टेलोन में फिट की जा सकती है और इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इस मशीन से ग्रामीण इलाकों के युवाओं को रोजगार मिलेगा।

द्वारा आशीष कुमार गुप्ता

प्रकाशित तिथि: मंगल, 19 नवंबर 2024 09:31:00 अपराह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: मंगल, 19 नवंबर 2024 09:31:00 अपराह्न (IST)

वी. विश्वनाथन आचारी ने निर्मित चलित तौलिया मशीन

टी. सूर्यराव/नईदुनिया, भिलाई। बीएस पास चारोदा रेजिडेंट 73 साल वी.विश्वनाथन अचारी ने एक ऐसी ही कपड़े की मशीन बनाई है। जिसमें सौ किलो से लेकर तीन सौ किलो तक का तौलिया आसानी से लिया जा सकता है, जहां भी ले जाया जा सकता है। माप तौल एवं कीमत में हेराफेरी का संकट भी नहीं रहेगा। मेसर्स साउथर्न वेइंग आर्टिस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड भिलाई द्वारा 40 साल में पहली बार एक आधुनिक चलित टॉयल गाड़ी का निर्माण किया गया।

बैटरी से चलने वाली यह इलेक्ट्रॉनिक टूल्स मशीन थ्री व्हील व फोर व्हील ठेला गाड़ी में बनाई जाती है। जब भी दांतों की जांच के लिए नैप टूल्स विभाग द्वारा प्रमाणित किया जाए तो इस गाड़ी में ही उपलब्ध रहेगा। इस एक मशीन को बनाने में एक लाख रुपये का खर्च आएगा।

इससे ग्रामीण क्षेत्र के कम पढ़े लिखे युवा छात्रों को रोजगार मिल मिल सके। इसके साथ इस मशीन को किसी भी बैटरी वाली गाड़ी पर कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसके लिए वास्तुशिल्प वास्तुकला योजना के तहत पूर्ण सहायता भी की जाएगी।

गांव में किसानों द्वारा उपराज्यपाल को सोसायटी में ले जाने के दौरान पहले से उन्हें तौलकर वजन जान मोटा बताया गया, गांव में इस तरह की विद्युत प्रवाहित करने वाली इलेक्ट्रॉनिक मशीन वर्तमान में नहीं है। इस टूल मशीन वाले वाहनों को रोड के एवं किनारे खुले बाजार में भी रखना महंगा है।

ऐसे कर सकते हैं ऑपरेशन

इस चलित इलेक्ट्रॉनिक कांटा में तौल सामग्री को बनाए रखने के लिए शून्य बटन के बाद पूरी सामग्री का वजन शून्य हो जाता है और थेले के प्रत्येक खंड से उपभेक के माध्यम से सामग्री का प्रति किला रेटिंग में अंकित खंड से निकला हुआ सामग्री का वजन और कीमत टूल मशीन के इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले में नजर आना।

इस तरह की नैप टॉवल मशीन कहीं पर भी नहीं है। हमने बनाया है। इसके नमूने हम इसलिए नहीं करा रहे हैं ताकि इस तरह की मशीन को अन्य लोग भी शामिल कर सकें। मशीन का लाभ हर एक उस किसान को मिलेगा जो अपने खेतों से एक-एक दाना उगता है। वी. विश्वनाथन आचार्य, मठवासी योजना प्रभारी छत्तीसगढ़

चलित वाहन में यह सुविधा

-अलग-अलग वजन क्षमता के अनुसार अलग-अलग इलाकों में उपयोग किया जा सकता है। गाड़ी होने के कारण एक जगह से दूसरी जगह आसानी से ले जाया जा सकता है। नप की मंजूरी व प्रमाणिकता होगी। टूल मशीन भी बैटरी से बेकार। खास बात यह है कि सोलर पैनल पर भी बैटरी चार्ज करने वाली गाड़ियों की सुविधा मिलेगी।

-वाहन में शासन के माप एवं शौचालय विभाग द्वारा समर्थित शेयर हमेशा उपलब्ध रहते हैं। उपभोक्ता एवं अधिकारियों द्वारा कभी भी जांच की जा सकती है। वजन के लिए गाड़ी में ही डिजिटल सिस्टम लगाया गया है और प्रत्येक वस्तु की रेटिंग के अनुसार वजन के हिसाब से वजन के हिसाब से इलेक्ट्रॉनिक टेक्नोलॉजी से ऑटोमैटिक टेक्नोलॉजी से गाड़ी में ही दिखाया जाएगा। ट्रॉली गाड़ी में अलग-अलग सामान का वजन अलग-अलग और एक के साथ भी अलग किया जा सकता है।

इन रूपरेखा में उपयोगी

स्टील ट्रेडर्स, इंडिविजुअल स्टोर्स, स्टोइक्स स्टॉकिंग्स, स्टोकरीज स्टेशन, धान एवं कृषि उत्पाद व बिक्री केंद्र में उपयोगी हो सकते हैं। इसके अलावा गांव, कृषि फार्म, लकड़ी टाल आदि के अंतर्गत सार्वजनिक वजन प्रणाली भी उपयोगी हो सकती है।