कान में ईयर फोन लगाकर रेलवे लाइन क्रॉस कर रही थी महिला, ट्रेन की चपेट में आकर मौत

मॉर्निंग वाक पर निकली महिला कानों में ईयर फोन लगाए टहलते हुए जा रही थी। तभी बैरागढकलां रेलवे फाटक क्रॉस करते समय वह हादसे का शिकार हो गई।

By Anand dubey

Publish Date: Sat, 23 Nov 2024 08:53:14 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 23 Nov 2024 08:53:14 AM (IST)

ट्रेन की चपेट में आकर मौत। (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. बैरागढ़कलां रेलवे फाटक पर हादसा।
  2. आदर्श नगर की रहने वाली थी महिला।
  3. महिला के पति सेना से सेवानिवृत्त हैं।

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) इलाके में सुबह की सैर पर निकली महिला की ट्रेन से टकराने के कारण मौत हो गई। घटना के समय महिला के कान में ईयर फोन लगे हुए थे। संभवत: वह ईयर फोन पर गाने सुनते हुए अपनी ही धुन में चली जा रही थी। इस वजह से उसे ट्रेन के नजदीक आने की भी भनक नहीं लग सकी और वह उसकी चपेट में आ गई। पुलिस ने मर्ग कायम करने के बाद मामले को जांच में ले लिया है।

मॉर्निंग वाक के दौरान हादसा

बैरागढ़ थाना पुलिस के मुताबिक आदर्श नगर निवासी 52 वर्षीय सुशीला पटेल गृहणी थी। उसके पति पीतांबर पटेल सेना से सेवानिवृत्त हैं। सुशीला रोजाना सुबह घर से पैदल टहलने के लिए निकलती थीं। शुक्रवार सुबह वह बैरागढ़कलां स्थित रेलवे फाटक पार कर रही थीं, तभी धड़धड़ाती हुई एक ट्रेन वहां से गुजरी, जिसकी टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को लहूलुहान अवस्था में उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

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वहां चेक करने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुशीला पटेल के कान में ईंयर फोन लगे हुए थे। संभवत: इस वजह से उस ट्रेन की आवाज सुनाई नहीं दी और वह हादसे का शिकार बन गई।

शराब दुकान के बाथरूम में कर्मचारी ने फांसी लगाई

उधर, गौतम नगर थाना इलाके में शराब दुकान में बने बाथरूम में कंपनी के कर्मचारी ने फांसी लगा ली। तलाशी में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इस वजह से खुदकुशी की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गौतम नगर थाना पुलिस के मुताबिक लांबाखेड़ा निवासी 40 वर्षीय अनिल पुत्र प्यारेलाल अहिरवार डीआईजी बंगला के पास स्थित शराब की दुकान में काम करता था। रोजाना की तरफ वह गुरुवार सुबह भी दुकान पर पहुंचा था। सुबह लगभग 11 बजे दुकान के मैनेजर लक्ष्मी प्रसाद यादव को अनिल को साथ लेकर कहीं जाना था। उसने आसपास देखा पर अनिल कहीं नहीं दिखा।

लक्ष्मी प्रसाद ने अनिल को फोन लगाया, तो दुकान में बने बाथरूम से मोबाइल की घंटी सुनाई दी। काफी आवाज देने पर भी अनिल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नही मिलने पर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर अनिल फांसी पर लटका हुआ था। शोकाकुल रहने के कारण अभी इस मामले में अनिल के स्वजन के भी बयान दर्ज नहीं किए जा सके हैं।