इंदौर-मनमाड नई रेल लाइन के लिए 77 की जमीन का अधिग्रहण होगा

इंदौर-मनमाड नई रेल लाइन के लिए 77 की जमीन का अधिग्रहण होगा

इंदौर मनमाड नई रेल लाइन परियोजना (इंदौर मनमाड रेल लाइन) के लिए रेल मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है। यह धार, खरगोन और बड़वानी जिलों के आदिवासी आदिवासियों से गुजराती। इस रेल लाइन से क्षेत्र के करीब 1 हजार गांव की आबादी 30 लाख आबादी रेल सेवाएं जुड़ेगी। इससे इंदौर और मुंबई की दूरी 568 किमी रहेगी।

द्वारा प्रशांत पांडे

प्रकाशित तिथि: गुरु, 21 नवंबर 2024 11:32:10 पूर्वाह्न (IST)

अद्यतन दिनांक: गुरु, 21 नवंबर 2024 11:44:17 पूर्वाह्न (IST)

इंदौर-मनामाड़ रेल लाइन से इंदौर और मुंबई के बीच की दूरी घटेगी। फ़ाइल फ़ोटो

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर(इंदौर मनमाड रेल परियोजना)। बहुप्रतीक्षित इंदौर-मनमाड नई रेल लाइन परियोजना में अब ग्राउंड लेवल पर काम शुरू हो गया है। इस परियोजना में मप्र के तीन शोरूम 77 राजस्थान से बस्तर रेल लाइन गुजरात।

हाल ही में रेल मंत्रालय ने इन राजस्थान की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए जीजेट नोटिफ़िकेशन भी कर दिया है। अब जिले के राजस्व स्टेशनों का रिकार्ड खाली कर दिया गया है ताकि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो और रेल लाइन आउटलेट का काम शुरू हो सके।

बता दें कि यह नई रेल लाइन धार, खरगौन और बड़वानी जिलों के आदिवासी इलाकों से पहली बार गुजरात से शुरू होगी। परियोजना से लगभग एक हजार गांव और 30 लाख की आबादी वाली रेल सेवाओं से सीधे संपर्क जुड़ेगा।

16 यात्री ट्रेन चलेंगी

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परियोजना पूरी होने पर 16 जोड़ी यात्री ट्रेनों का परिचालन होगा, जिसमें शुरुआती वर्षों में 50 लाख यात्री यात्रा करेंगे। हर साल इस प्रोजेक्ट से रेलवे को 900 करोड़ से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होगा। इंदौर से मुंबई की दूरी भी 830 किमी से यात्रा 568 किमी रहेगी।

नई रेल लाइन खरगौन, धार और बड़वानी जिलों से गुजराती। बड़वानी जिले के 39, धार जिले के 28 और खरगोन जिले के 10 जिले में रेल लाइन बिछाई जाएगी। अब जिला स्तर पर राजस्व विभाग इन गांव की जमीन का अवलोकन करेगा।

इसके बाद वेस्ट रेलवे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई। इंदौर-मनमाड रेल लाइन संघर्ष समिति के मनोज मराठे ने बताया कि इस परियोजना पर पिछले कई वर्षों से संघर्ष चल रहा है। आगामी पांच साल में यह प्रोजेक्ट तैयार होने का लक्ष्य रखा गया है।

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इन की जमीनों का होगा उपयोग

  • धार जिला : राती तलाई, सेवरी माल, सचिवालय तालाब, आँवलिया, चुंडीपुरा बीके, बियाघाटी, आँवलीपुरा, जामदा, धर्मशालाबड़ोदा, जलवाय, नागाझिरी, लुन्हेराखुर्द, सुन्द्रेल, पटलावद, भिखरोन, पंधानिया, ग्यासपुर खेड़ी, सिंगलारा बगीचा, सिंगलारा, दूधी, भोंदल, चिकटयावद, सिरसोदिया, डुंगी, कोठिडा, स्टेशन, भारूदपुरा बीके और भारूदपुरा।
  • बड़वानी जिला : सोलवन, मालवान, मालवन बीके, भामन्या, बावदड़, अजनगांव, अजनगांव बीके, नवलपुरा, बनिहार, गोई, कलालदा, जामली, सालीकलां, नांदेड़, मातमुर, बालसमुद, ओजर, सांगवी नीमा, देवला, जुलवानिया रोड, निहाली, छोटी खरगोन, वासवी , कुसमारी, मुंडला, रेलवा बुजुर्ग, बंजारी, खजूरी, बाघड़ी, घाटी, अजंदी, हसनखेड़ी, अलेक्जेंडर खेड़ी, सेगवाल, उमरदा, शेरपुरा, जरवाह और जरवाह बीके।
  • खरगोन जिला: जारोली, औरंगपुरा, नागंवा, कोठड़ा, ज्ञानपुरा, मोहिदा, मक्सी, भेडल्याबाड़ा, नीमगढ़ और कुसुंभ्या।

यहां से गुजरेगी रेल लाइन

नई रेल लाइन महू से धार होते हुए धरमपुरी, उकरी, राजपुर, सेंधवा, सिरपुर, शिखंडी, धुले, मालेगांव मार्ग मनमाड जंक्शन। पूरी परियोजना में 30 नये रेलवे स्टेशन भी बनाये जायेंगे।

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इंदौर-मनामाड़ रेल लाइन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • 309 किमी लंबी लाइन बिछेगी।
  • 16 हजार 320 करोड़ रुपए कीमत।
  • 2028-29 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट।
  • मप्र के चार प्रोटोटाइप से बजरी ग़ुर्जगी रेल लाइन।
  • 30 लाख की आबादी वाली रेल सेवा से जुड़ेगा सीधे संपर्क
  • 16 यात्री यात्री ट्रेन का संचालन होगा
  • इंदौर-मुंबई के बीच सबसे छोटा रेल मार्ग बनेगा।