सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट वार्ड में मंगलवार-बुधवार की रात आग लग गई। 55 साल पुराने साझीदार अहिरवार ने कंबल ओडकर बीडिओज़ाइन समय आग लगने से झुलस गया। बीएमसी कर्मचारियों ने आग पर फिजियोथेरेपी और मरीज का इलाज जारी किया है। जांच चल रही है।
द्वारा नीरज पांडे
प्रकाशित तिथि: बुध, 20 नवंबर 2024 10:03:40 अपराह्न (IST)
अद्यतन दिनांक: बुध, 20 नवंबर 2024 10:03:40 अपराह्न (IST)
पर प्रकाश डाला गया
- मेडिकल कॉलेज के छात्र में आग लगने का रिश्ता
- छिपकर बीड़ी बिताने के समय मरीज के कपड़ों में आग लग गई
- सुरक्षा गार्ड, फायर कमिश्नर ने आग बबूलई, मरीज़ झुलसा
नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर: गोपालगंज थाना क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज में मंगलवार-बुधवार की मध्य रात्रि को अचानक आग लग गई। सूचना के बाद बीएमसी के कर्मचारियों ने मस्जिद पर पहुंच कर आग पर भौतिकवादी पाया। इस दुर्घटना में वार्ड में भर्ती एक मरीज को बर्खास्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि यह पेशेंट कोलम्बिया ओडकर बीड़ी पी रहा था, तभी बीडी की आग फैल गई।
आधी रात के स्टूडियो वार्ड में लगी आग
जानकारी के अनुसार मंगलवार-बुधवार की रात करीब 12 बजे बीएमसी में मेडिसिन के 15 नंबर एसोसिएशन की बीमारी से पीड़ित देवरी निवासी 55 वर्षीय किशोर अहिरवार नाम का एक मरीज भर्ती था। रात में पत्नी से बीड़ी पीने की जिद की जिसके बाद पत्नी ने उसे चुपके से वार्ड में ही बीड़ी जलाने दे दी, जहां वह आराम से ओड़कर पीने लगी।
भूमध्यसागरीय द्वीप समूह पी रहा था बी.डी
बताया जा रहा है कि स्टूडेंट में भर्ती मरीज के मुंह में ऑक्सीजन लगा था, जिस पार्ट्नल में वह कोलम ओडकर बीड़ी पी रहा था, तभी बीडी की आग उसके कपड़े और वेल में आ गई। इसके बाद उसे कोलम्बिया में छोड़ दिया गया। आग से वह बुरी तरह झुलस गया। आग लगने के कारण वार्ड में रॉबर्ट-गायक मच गया।
आग पर पाया मैकेनिक
वार्ड के बाहर मौजूद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सुरक्षा गार्ड और फायर ऑर्डर को बुलाया। इसके बाद आग को बुझाया गया। आग से कलाकार छोटू अहिरवार का छोटा सा चेहरा और गर्दन का हिसा झुलस गया। मरीज को वार्ड के ही दूसरे बिस्तर पर भर्ती कर उसका इलाज किया जा रहा है।
हाल ही में आश्रम के मेडिकल कॉलेज के बच्चों वाले स्टूडियो वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई और कई बच्चे बुरी तरह झुलस गए। इस पूरे मामले के बाद साख में सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाया गया है। वहीं इस मामले में पूरे मेडिकल कॉलेज प्रबंधन भी आयु की जांच करवा रहा है। इस मामले में पूरे बीएमसी प्रबंधन में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।



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