मप्र में अब सलाखों के पीछे भी बनेंगे ‘नशा मुक्ति केंद्र’, ताकि नशे की गिरफ्त से मुक्त हों बंदी

केंद्र सरकार की पहल पर यह कवायद की जा रही है। इन नशा मुक्ति केंद्रों में मुख्य रूप से काउंसलिंग के माध्यम से बंदियों को समझाकर नशे से छुटकारा दिलाया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग जेलों में यह केंद्र बनाएगा।

By shashikant Tiwari

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 10:08:49 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 10:08:49 AM (IST)

नशे की गिरफ्त से छुटकारा दिलाने में मदद करेंगे केंद्र। (प्रतीकात्मक चित्र)

HighLights

  1. प्रदेश में केंद्रीय जेलों से होगी अभियान की शुरुआत।
  2. प्रत्येक केंद्र के लिए भारत सरकार से मिले 20 लाख रु।
  3. मप्र में फिलहाल 11 जिलों में स्थित हैं केंद्रीय कारागार।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। बंदियों को नशे की कैद से छुटकारा दिलाने के लिए प्रदेश की जेलों में नशा मुक्ति केंद्र बनाए जाएंगे। इस सिलसिले में भारत सरकार ने प्रत्येक केंद्र के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। जेल मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पहले केंद्रीय जेलों में यह व्यवस्था प्रारंभ की जाएगी। बाद में जिला जेलों में भी नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने के प्रयास किए जाएंगे।

जेल अधिकारियों के मुताबिक अपराधों की बड़ी वजह नशा होता है, इसलिए कैदियों को नशे से दूर करने की कोशिश की जा रही है, जिससे वह जेल से बाहर आने पर फिर नशे की गिरफ्त में न आने पाएं। इन नशा मुक्ति केंद्रों में मुख्य रूप से काउंसलिंग के माध्यम से बंदियों को समझाकर नशे से छुटकारा दिलाया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग जेलों में यह केंद्र बनाएगा।

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मनोचिकित्सक रहेंगे तैनात

  • इन केंद्रों में सबसे मुख्य मनोचिकित्सकों की उपस्थित रहेगी।
  • दरअसल, नशे की लत वाले बंदियों को जेल आने के बाद नशे की चीजें नहीं मिलतीं।
  • नशा छूटने की वजह से उन्हें कई मनोवैज्ञानिक समस्याएं होने लगती हैं।
  • इन्हें ‘विड्राल सिम्पटम्स’ कहा जाता है। इसमें अनिद्रा, चिंता, भूख नहीं लगना और सिरदर्द जैसी समस्याएं होती हैं।
  • मनोचिकित्सक ऐसे बंदियों को उपचार देंगे।

इतना होगा स्टाफ

हर एक केंद्र में एक परियोजना समन्वयक, एक मनोचिकित्सक या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर और अकाउंटेंट के पद होंगे। इसका प्रस्ताव लगभग एक वर्ष से शासन के पास लंबित था, पर एक जनवरी 2025 से सुधारात्मक सेवाएं एवं बंदीगृह अधिनियम लागू होने के बाद यह केंद्र भी जल्दी प्रारंभ करने की तैयारी है। केंद्र के लिए मानव संसाधन की भर्ती सामाजिक न्याय विभाग कर रहा है।

प्रदेश में कहां-कहां केंद्रीय जेल

मप्र में फिलहाल 11 केंद्रीय कारागार हैं। ये कारागार भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, नरसिंहपुर, बड़वानी और नर्मदापुरम जिलों में स्थित हैं।

सर्जरी के बाद के घावों का संक्रमण रोकने में प्रभावी हैं आयुर्वेदिक दवाएं, भोपाल के कॉलेज में हुआ शोध

भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज में 10 महिलाओं पर शोध किया गया। सामान्य प्रसव के बाद सर्जिकल चीरे का घाव भरने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का उपयोग किया गया। इसमें यह सामने आया है कि दवाओं ने घाव को भरने के साथ संक्रमण को भी रोका।

By Prashant Pandey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 09:59:40 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 10:08:59 AM (IST)

सर्जरी के बाद के घावों का संक्रमण रोकने में प्रभावी हैं आयुर्वेदिक दवाएं, भोपाल के कॉलेज में हुआ शोध

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्राय: छोटी सी सर्जरी के बाद भी एलोपैथी डॉक्टर कम से कम एक सप्ताह के लिए हाई एंटीबायोटिक्स देते हैं, जिससे घावों में संक्रमण का खतरा नहीं रहे। इसके विपरीत भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज में हुए एक शोध ने प्रमाणित कर दिया है कि कुछ आयुर्वेदिक दवाओं को यदि निर्धारित मात्रा और दिन तक दिया जाए तो संक्रमण का खतरा नहीं रहता।

कॉलेज के गायनी विभाग ने एपिसियोटामी (सामान्य प्रसव के दौरान सर्जिकल चीरा) के घावों के उपचार के लिए आयुर्वेदिक दवाओं का सफल परीक्षण किया है। शोध में निंबादी वटी और शतधौत घृत के साथ-साथ नीम क्वाथ (नीम का काढ़ा) का भी उपयोग किया गया।

महिलाओं को सात दिन तक दी गईं दवाएं

ये दवाएं सात दिन तक दी गईं। यहां की स्त्री रोग और प्रसूति तंत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. बासंती गुरु के मार्गदर्शन में एमडी की छात्रा डॉ. सोनल रामटेके ने यह शोध किया है। शीघ्र ही यह शोध किसी प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित होने की संभावना है।

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अध्ययन में 10 प्रसूताओं पर मात्र आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग किया गया, जिनमें संक्रमण और अन्य जटिलताओं का कोई लक्षण नहीं दिखा। निंबादी वटी में मुख्य रूप से नीम, आंवला और हल्दी जैसी औषधियों का उपयोग किया गया है। नीम अपने एंटीबैक्टीरियल गुणों के लिए जाना जाता है।

घाव को धोने के लिए नीम क्वाथ का भी इस्तेमाल किया गया, जिससे संक्रमण का खतरा कम हो गया। डॉ. बासंती ने बताया कि एपिसियोटामी में तीन लेयर काटनी पड़ती हैं। प्रसूताओं की प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है, ऐसे में कहा जा सकता है कि संक्रमण रोकने ये दवाएं बहुत प्रभावी हैं।

आयुर्वेदिक दवाओं का दुष्प्रभाव नहीं

डॉ. बासंती गुरु ने बताया कि अभी एपिसियोटामी घाव के उपचार में आधुनिक चिकित्सा पद्धति में एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक और पाविडिन आयोडीन क्रीम का उपयोग किया जाता है। इन दवाओं के साथ अक्सर गैस्ट्रिक समस्या, एसिडिटी, कब्ज, मतली, और कुछ मामलों में एलर्जी जैसे दुष्प्रभाव देखने को मिलते हैं।

इसके विपरीत, इस शोध में पाया गया कि आयुर्वेदिक विधि, जिसमें निंबादी वटी, शतधौत घृत, और नीम क्वाथ का प्रयोग किया गया, से कोई दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिला।

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शतधौत घृत है विशेष प्रकार का मरहम

शुद्ध घी को औषधीय तरीकों से 100 बार धोकर शतधौत घृत तैयार किया जाता है। यह एक विशेष प्रकार का मरहम है, जो त्वचा को गहराई से पोषण देता है और उसे ठंडक पहुंचाता है। इसने घाव को तेजी से ठीक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस पायलट शोध की सफलता को देखते हुए इसे अधिक महिलाओं पर करने की योजना बनाई गई है, जिससे बड़े स्तर पर इन दवाओं का उपयोग किया जा सके।

भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम को पाकिस्तान जाने की इजाजत, खेल मंत्रालय ने दी हरी झंडी

नई दिल्ली/कराची. खेल मंत्रालय ने भारतीय क्रिकेट टीम को ब्लाइंड टी20 वर्ल्ड कप में भाग लेने के लिए पाकिस्तान का दौरा करने की मंजूरी दे दी है. मंत्रालय ने मंगलवार को यह मंजूरी दी. हालांकि, 17 सदस्यीय क्रिकेट टीम के पाकिस्तान दौरे को अभी गृह और विदेश मंत्रालय से हरी झंडी मिलनी बाकी है.

ब्लाइंड क्रिकेट टीम को ऐसे समय में पाकिस्तान का दौरा करने की मंजूरी मिली है जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने साफ किया है कि उनकी टीम अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं कर सकती. बीसीसीआई के इनकार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अंतरराष्ट्रीय अदालत जाने की बात कर रहा है. उधर, आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) ने पाकिस्तान से हाइब्रिड मॉडल की मेजबानी पर जवाब मांगा है.

चौथा ब्लाइंड वर्ल्ड कप 22 नवंबर से तीन दिसंबर तक लाहौर और मुल्तान में खेला जाएगा. भारत इस टूर्नामेंट का मौजूदा चैंपियन है. संबंधित मंत्रालयों से मंजूरी मिलने के बाद भारतीय टीम 21 नवंबर को वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान जाएगी. इस बीच भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट संघ के महासचिव शैलेंद्र यादव ने कहा, ‘हमारी टीम गुरुग्राम में अभ्यास कर रही है. खिलाड़ी अब विदेश मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार कर रहे हैं और उन्हें सकारात्मक फैसले की उम्मीद है.’

भारत और पाकिस्तान के अलावा ब्लाइंड विश्व कप में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल और श्रीलंका की टीम भाग लेंगी. भारत इस टूर्नामेंट में पिछले तीन बार का चैंपियन है. उसने फाइनल में पाकिस्तान को दो बार जबकि बांग्लादेश को एक बार हराया.

इस बीच पाकिस्तान ब्लाइंड क्रिकेट काउंसिल ने कहा कि भारतीय टीम हिस्सा ले या नहीं, टूर्नामेंट पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा. परिषद के अध्यक्ष सैयद सुल्तान शाह ने कहा, ‘पाकिस्तान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार टूर्नामेंट का आयोजन करेगा. भारतीय टीम भाग ले या नहीं इससे आयोजन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. टूर्नामेंट में भाग लेने वाले अन्य टीमों ने पुष्टि कर दी है कि उन्हें पाकिस्तान में खेलने में कोई दिक्कत नहीं है.’

भारतीय ब्लाइंड क्रिकेट टीम: अजय कुमार रेड्डी, देबराज बेहरा, नरेशभाई तुमदा, नीलेश यादव, संजय कुमार शाह, प्रवीण कुमार शर्मा, वेंकटेश्वर राव, पंकज भुए, लोकेश, रामबीर सिंह, इरफान दीवान, दुर्गा राव टोमपाकी, सुनील रमेश, सुखराम माझी, रवि अमिति, दिनेशभाई राठवा, धींगर गोपू.

Tags: Cricket information, Indian cricket, Pakistan cricket

Gwalior Water provide : कहीं पहुंचा पानी, कई इलाकों में आया ही नहीं

नगरनिगम ने शहर में एक दिन छोडकर पानी की आपूर्ति करना शुरू किया है। खासबात यह है कि यह प्रबंधन नगरनिगम गर्मी को देखकर कर रहा है। जबकि इस बार तिघरा में बारिश के दौरान पर्याप्‍त पानी आया था। लोगों का कहना है कि कुप्रबंधन की वजह से जलापूर्ति की व्‍यवस्‍था लड्खडाई है।

By Priyank Sharma

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 09:58:09 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 09:58:09 AM (IST)

तिघरा डेम जहां से होती है शहर में जलापूर्ति

HighLights

  1. निगम ने शहर में पानी की सप्लाई एक दिन छोड़कर शुरू की
  2. वाटर सप्लाई के नए शेड्यूल से शहर के लोगों हुए परेशान
  3. वाटर सप्लाई के कुप्रबंधन पर उठ रहे सवाल

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। गर्मी के मौसम में प्रतिदिन लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने शनिवार से एक दिन छोड़कर शहर में सप्लाई की शुरूआत की। पहले दिन सप्लाई की व्यवस्थाएं चरमराई हुई रहीं। कुछ इलाकों में आधा से एक घंटे तक पानी की आपूर्ति हुई, तो अधिकतर इलाकों में पानी पहुंचा ही नहीं। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

निगम ने शनिवार को ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में रक्कास टैंक, सागरताल से डायरेक्ट सप्लाई के साथ ही 39 टंकियों से पानी की सप्लाई शुरू कराई थी, लेकिन कई जगहों पर कम दबाव से पानी प्राप्त हुआ। नया बाजार, लोहिया बाजार, रामदास घाटी, दीनदयाल नगर, शताब्दीपुरम, लक्ष्मण तलैया, थाटीपुर बजरिया, गुप्तेश्वर पहाड़ी आदि इलाकों में कम समय ही सप्लाई हो सकी।

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वहीं कई सेवा नगर, जागृति नगर, लक्ष्मीबाई कालोनी सहित कई इलाकों में गंदे पानी की शिकायत भी मिली। पीएचइ के अधिकारियों के अनुसार पहला दिन होने के कारण कहीं-कहीं समस्या आई है, लेकिन अगले रोटेशन तक इसे ठीक कर लिया जाएगा।

आज इन इलाकों में होगी आपूर्ति

रविवार को ट्रांसपोर्ट नगर, हीरा भूमिया 1 और 2, सत्यनारायण की टेकरी, ट्रांसपोर्ट नगर, लक्ष्मीपुरम, इस्लामपुरा, विनय नगर के सेक्टर तीन और चार, 12 बीघा और 24 बीघा, आनंद नंबर ए व बी ब्लाक, जगनापुरा, पीएचइ कालोनी, झलकारी बाई सहित ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र की 28 टंकी, पूर्व की 18 और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की 10 टंकियों से पानी की आपूर्ति की जाएगी।

दावा गर्मियों का प्रबंधन, लेकिन पर कुप्रबंधन पर उठ रहे सवाल

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  • नगर निगम का दावा है कि अगले साल गर्मियों में पानी की कमी न पड़ जाए, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। नगर निगम ने 96 टंकियों के आधार पर एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई का प्लान तैयार किया है। तिघरा बांध का वर्तमान जलस्तर 737.9 फीट है। गत वर्ष हुई अल्पवर्षा के परिणामस्वरूप तिघरा बांध खाली होने के कगार पर पहुंच गया था, जिसके फलस्वरूप गत फरवरी माह से शहर में एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति शुरू की गई थी।
  • जून माह आते-आते बांध का जल स्तर 721 फीट हो गया था। अब नगर निगम के कुप्रबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि बीते वर्ष जब समस्या आई थी, तब बांध के गहरीकरण और इसकी क्षमता बढ़ाने के प्रयास होने चाहिए थे, लेकिन अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि जलसंसाधन विभाग ने अपर ककैटो, ककैटो और पेहसारी बांध के डेड स्टोरेज में मौजूद 2300 एमसीएफटी पानी को 18 करोड़ रुपये की लागत से लिफ्ट कर तिघरा में लाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया था।
  • इसका टेंडर भी जारी कर दिया गया था, लेकिन जुलाई माह में मानसून के मेहरबान होने के कारण अप स्ट्रीम में मौजूद बांधों के साथ ही तिघरा के कैचमेंट एरिया में भी वर्षा शुरू हो गई और बांध का जलस्तर बढ़ने लगा। इसके बाद शहर में सितंबर माह में अतिवर्षा की स्थिति बनने के कारण तिघरा बांध लबालब हो गया और गेट खोलकर पानी बहाया गया। अगर बांध की क्षमता बढ़ाई होती, तो वो पानी स्टोरेज होता। 12 सितंबर से शहर में नियमित पानी की आपूर्ति की जा रही थी।
Surya Rashi Parivartan: सूर्य देव ने अपने मित्र मंगल की वृश्चिक राशि में किया प्रवेश… अगले 30 दिन होगा इतना शुभ, खुद नहीं कर पाएंगे भरोसा

सूर्य के राशि परिवर्तन से तुला राशि वालों को राजनीतिक करियर में सफलता मिलेगी। वृश्चिक राशि वालों की पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। वहीं, धनु राशि वालों की सूर्य के गोचर के दौरान आध्यात्मिक क्षेत्र में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में लाभ होगा। नए निवेश लाभदायक रहेंगे।

By Arvind Dubey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 09:45:11 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 09:45:11 AM (IST)

Surya Rashi Parivartan: सूर्य देव ने अपने मित्र मंगल की वृश्चिक राशि में किया प्रवेश… अगले 30 दिन होगा इतना शुभ, खुद नहीं कर पाएंगे भरोसा
सूर्य के राशि परिवर्तन का विभिन्न राशियों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

HighLights

  1. मेष राशि वाले अगले 30 दिनों तक खुद को जवान अनुभव करेंगे
  2. मिथुन राशि वालों को कार्य में सफलता मिलेगी, संबंध मजबूत रहेंगे
  3. सिंह राशि वाले सकारात्मक रहेंगे, तनाव कम होगा, धन लाभ होगा

धर्म डेस्क, इंदौर (Surya Rashi Parivartan)। ग्रहों के राजा भगवान सूर्यदेव ने 16 नवंबर, शनिवार को तुला राशि को छोड़कर अपने मित्र मंगल की वृश्चिक राशि में प्रवेश कर लिया। साथ ही बुध के साथ मिलकर बुधादित्य राजयोग का निर्माण भी किया। इस गोचर के दौरान सूर्य व बृहस्पति के बीच समसप्तक योग बना। साथ ही वेशी योग का प्रभाव में भी रहा।

सूर्य के इस राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों पर शुभ और अशुभ असर होगा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर के ज्योतिषाचार्य पंडित रवि शर्मा ने बताया कि वर्ष के अंत में सूर्य का गोचर कई राशियों के लिए सौभाग्य लेकर आएगा।

सूर्य के गोचर का विभिन्न राशियों पर असर

  • मेष राशि: इस राशि के जातक अगले 30 दिनों तक अधिक आत्मविश्वास और जवान अनुभव करेंगे। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी, व्यापार वृद्धि का योग है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, स्वास्थ्य उत्तम रहेगा व धन लाभ होगा।
  • वृष राशि: सूर्य गोचर के प्रभाव से वृष राशि के जातकों के लिए नौकरी व्यवसाय में स्थिति अनुकूल रहने की संभावना है। सरकारी नौकरी पाने के प्रयास सफल रहेंगे। आर्थिक दृष्टि लाभकारी, विपरीत लिंग के मित्रों और रिश्तेदारों से लाभ होगा।
  • मिथुन राशि: आपकी कुंडली के तीसरे भाव के स्वामी सूर्य छठे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। जिससे आपके रोग व शत्रुओं का उचित न्याय संगत समाधान होगा। कार्य क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जीवन साथी के साथ संबंध मजबूत रहेंगे व सेहत अच्छी रहेगी।

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  • कर्क राशि: सूर्य का गोचर आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। सफलता मिलेगी, उधार दिया हुआ पैसा वापस आएगा जिससे, आर्थिक रूप से लाभकारी रहेगी।
  • सिंह राशि: आपकी मानसिक स्थिति पर बहुत अनुकूल प्रभाव पड़ेगा। सकारात्मक रहेंगे, तनाव कम होगा, आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, धन लाभ होगा, परिवार का सहयोग रहेगा व जीवन में खुशियां बढ़ेंगीं।
  • तुला राशि: धन भाव स्थान पर गोचर से लाभ होगा। राजनीतिक करियर में सफलता मिलेगी। सरकारी नौकरी में लाभ व अटके हुए कार्य पूर्ण होंगे।
  • वृश्चिक राशि: सूर्य इसी राशि में गोचर कर रहे हैं, इस कारण आपको अपने काम में सफलता मिलेगी। पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। सरकारी कामकाज के लिए उपयुक्त है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी उत्पन्न होने की संभावना है।

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  • धनु राशि: सूर्य के गोचर के दौरान आध्यात्मिक क्षेत्र में रुचि बढ़ेगी। व्यापार में लाभ होगा। नए निवेश लाभदायक रहेंगे। निजी जीवन व प्रोफेशनल लाइफ में बैलेंस बनाए रखेंगे। आर्थिक उन्नति होगी।
  • मकर राशि: सूर्य के गोचर के प्रभाव से आप अपने कार्यों में सफल होंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा। दोस्तों के सहयोग से सभी जरूरी कार्य पूर्ण हो सकते हैं।
  • कुंभ राशि: व्यापार में लाभ होगा। यदि नई कार, फ्लैट या अपार्टमेंट खरीदना चाहते हैं तो सफलता मिलने की पूर्ण संभावना है। पिता तथा गुरुजनों का सहयोग मिलेगा। इस दौरान आपकी रुचि अध्यात्म में बढ़ेगी।
  • कन्या राशि: आपकी राशि से तृतीय पराक्रम भाव में सूर्य का गोचर होगा, जो आपमें नई ऊर्जा का संचार करेगा। साहसिक कार्यों में हिस्सा लेंगे। आर्थिक मामलों में लाभ होगा व सामाजिक उन्नति बढ़ सकती है।
  • मीन राशि: इस राशि के जातक इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बाहर निकलेंगे। आर्थिक उन्नति की संभावना है। कुछ नवीन कार्यों के बनने से मन प्रसन्न रहेगा। जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा।

Ind vs Aus: ऑस्ट्रेलिया में कितने बजे से खेले जाएंगे टेस्ट मैच, अलग- अलग है टाइमिंग, नींद से करना होगा समझौता

नई दिल्ली. बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए भारतीय टीम कमर कस चुकी है. टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया पहुंचकर अभ्यास शुरू कर दिया है. क्रिकेट फैंस जिस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब वो आने वाला है. भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में आमने सामने होंगी. सीरीज का पहला टेस्ट मैच 22 नवंबर से पर्थ क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. टीम इंडिया बिना कोई प्रैक्टिस मैच खेले सीधे टेस्ट में उतरने वाली है. इन टेस्ट मैचों की टाइमिंग अलग अलग है. भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज का लुत्फ उठाने के लिए फैंस को नींद खराब करनी होगी. कोई टेस्ट अल सुबह शुरू हो जाएगा तो कोई सूरज निकलने के बाद शुरू होगा.

भारत और ऑस्ट्रेलिया (IND vs AUS) की टीमें बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) में 1996 से 16 बाद टकरा चुकी हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 10 बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है जबकि 5 बार ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारी है. एक बार सीरीज ड्रॉ रही. पिछली 5 सीरीज में भारत ने 4 बार ट्रॉफी को अपने नाम किया. 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई सीरीज के बाद भारत का इस ट्रॉफी पर कब्जा रहा है. इस दौरान भारत ने 2 बार अपने घर में जबकि दो बार ऑस्ट्रेलिया में जाकर टेस्ट सीरीज जीती.

इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2025 का भारतीय समयानुसार शेड्यूल:

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा?

    भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पहला टेस्ट मैच 22 नवंबर से पर्थ क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय समयानुसार सुबह 7:50 बजे से खेला जाएगा.

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरा टेस्ट मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा?

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया दूसरा टेस्ट मैच 6 दिसंबर से एडिलेड ओवल में भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे से खेला जाएगा.

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा?

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट मैच 14 दिसंबर से ब्रिस्बेन के गाबा स्टेडियम में भारतीय समयानुसार सुबह 5:50 बजे से खेला जाएगा.

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा?

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट मैच 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय समयानुसार सुबह 5:00 बजे से खेला जाएगा.

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पांचवां टेस्ट मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा?

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पांचवां टेस्ट मैच 3 जनवरी 2025 से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर भारतीय समयानुसार सुबह 5:00 बजे से खेला जाएगा.

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के मैचों का लाइव टेलीकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग कहां होगी?

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के मैचों का लाइव टेलीकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर होगी.

    FIRST PUBLISHED : November 12, 2024, 19:48 IST

    Courtroom Information: मुन्नालाल की खात्मा रिपोर्ट की विरोध याचिका पर जवाब पेश करने शासन को समय दिया

    पूर्व विधायक मुन्‍नालाल अग्रवाल के खिलाफ न्‍यायालय में केस चल रहा हे। उन पर कोरोना के दौरान प्रतिबंध के दौरान भीड एकत्रित करने व लोगाें की जान संकट में डालने का आरोप था। उनके खिलाफ दो थानों में प्रकरण दर्ज हुआ था। इसके साथ ही विधानसभा अध्‍यक्ष नरेंद्र सिंह ताेमर के मामले में भी खात्‍मा रिपोर्ट खारिज कर दी गई है।

    Gwalior Information: बड़ागांव पुल पर प्रोपर्टी कारोबारी को गोली मारी, पेट को चीरकर आरपार

    बडागांव के पास पुल से जा रहे प्रापर्टी कारोबारी पर तीन लोगों ने उस पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में गोली उसके पेट में लगी और आरपार बाहर निकल गई। प्रापर्टी कारोबारी को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया हैा अभी तक गोली मारने की वजह सामने नहीं आई है लेकिन इससे जुडी कई चर्चाएं जरूर सामने आई हैं।

    By amit mishra

    Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 08:51:12 AM (IST)

    Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 08:51:12 AM (IST)

    Gwalior News: बड़ागांव पुल पर प्रोपर्टी कारोबारी को गोली मारी, पेट को चीरकर आरपार
    अस्‍पताल में भर्ती गोली लगने से घायल प्रापर्टी कारोबारी।

    HighLights

    1. तीन गुंडाें ने घेरकर मारी गोली
    2. घायल निजी अस्पताल में भर्ती
    3. गोली मारने को लेकर कई चर्चा में

    नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में लगातार गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं। अब मुरार के बड़ागांव पुल पर गोलीकांड हो गया। प्रोपर्टी कारोबारी को तीन गुंडों ने घेरकर गोली मारी। गोली कमर के पास से घुसी और पेट को चीरकर निकल गई। घायल को पड़ाव स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। खबर लिखे जाने तक पुलिस पड़ताल में जुटी थी।

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    बिजोली स्थित रतवाई गांव के रहने वाले रवींद्र राणा पेशे से प्रोपर्टी कारोबारी हैं। वह शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे बड़ागांव पुल से गुजर रहे थे। तभी बाइक पर सवार होकर अजीत जाट अपने दो साथियों के साथ आया। उसने पीछे से रवींद्र का नाम लेकर आवाज दी। जैसे ही रवींद्र ने पीछे मुड़कर देखा तो उसने साथी से कहा-गोली मार। पीछे से गोली चली जो कमर से घुसी और पेट को चीरकर निकल गई।

    अजीत और उसके साथी भाग निकले। रवींद्र लहूलुहान हो गया। राहगीरों से मदद ली। फिर अस्पताल पहुंचा। निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बड़ागांव चौकी प्रभारी दिनेश सिंह काफी देर तक फोर्स के साथ बड़ागांव क्षेत्र में ही घायल को ढूंढते रहे। फिर पुलिस को पता लगा कि घायल अस्पताल में है। यहां टीम पहुंची। गोली क्यों मारी गई? इसे लेकर कई तरह की कहानियां चर्चा में है। पुलिस तस्दीक कर रही है।

    हजीरा गोलीकांड में दो और आरोपित पकड़े

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    हजीरा क्षेत्र में कपड़े की दुकान चलाने वाले राधे भदोरिया और उसके दोस्त मानस कुशवाह को गोली मारने वाले रिशु भदोरिया के साथी भानु व नाबालिग गुंडे को पकड़ा गया है।

    नशे के सौदागरों पर सख्ती, पुलिस ने 24 घंटे में 11 पर कार्रवाई

    • नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती शुरू की है। अब नशे का सामान बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई के लिए अभियान चलाया है। 24 घंटे में शहर के अलग-अलग इलाकों से 11 लोग गांजा बेचते और गांजे का नशा करते हुए पकड़े गए। इन पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय द्वारा नशे के खिलाफ सभी जिलों की पुलिस को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
    • इसी के चलते एसपी धर्मवीर सिंह ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और सभी सीएसपी व थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। शुक्रवार रात से अभियान शुरू हुआ। शनिवार रात तक अलग-अलग इलाकों में 11 लोगों को नशे के सामान के साथ पकड़ लिया। चीनोर में डेढ़ किलो गांजा, माधोगंज में साढ़े पांच सौ ग्राम गांजा और हजीरा में दो लोगों से करीब चार किलो गांजा पकड़ा है।
    • एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बाहर के सप्लायरों की चेन तोड़ने के लिए भी कार्रवाई की जाएगी।
    CHAMPIONS TROPHY EXCLUSIVE: पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली की अनोखी मांग,विराट-रोहित-बुमराह कैसे पूरा करेंगें उनकी डिमांड

    नई दिल्ली. चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत की ना के बाद लेकर पाकिस्तान में भूचाल आया हुआ है, कोई नरम तरीके से तो  कई गरम तरीके से अपनी बात रख रहा है. इन सबके बीच में पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने जिस तरह से अपनी बात रखी वो हर किसी को हैरान कर गया. न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में बसित अली ने कहा कि  पूरे पाकिस्तान की आवाम रोहित शर्मा, विराट कोहली की बल्लेबाजी जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी देखना चाहता है इसलिए कुछ ऐसा रास्ता निकलना चाहिए जिससे बात बन जाए.

    न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में बसित अली ने कहा ये भी कहा कि वो आईसीसी के किसी भी हाईब्रिड मॉडल को मानने के पक्ष में नहीं है और वो पाकिस्तान बोर्ड कहेंगें कि चैंपियंस ट्रॉफी पाकिस्तान से छीनी जाती है तो टूर्नामेंट का बहिषकार करना चाहिए.

    पाकिस्तान की सिरदर्दी नहीं आईसीससी समझे

    न्यूज 18 से एक्सक्लूसिव बातचीत में बसित अली ने कहा ये भी कहा कि भारत पाकिस्तान नहीं आता तो ये आईसीसी का परेशानी है .बासित ने कहा कि टूर्नामेंट आईसीसी का है पाकिस्तान का नहीं. आईसीसी के साथ सभी बोर्ड सहमति के लिए बॉंड पर साइन करते है और भारतीय बोर्ड को लगता था कि सरकार नहीं जाने देगी तो उनको साइन नहीं करना चाहिए. बासित ने आगे कहा कि पाकिस्तान की अवाम रोहित शर्मा, विराट कोहली की बल्लेबाजी जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी देखना चाहता है और भारत नहीं आता तो तमाम फैंस के साथ बड़ी नाइंसाफी होगी. बासित का मानना है कि पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी मिली है और यहीं होना चाहिए बाकी आईसीसी इसे बाहर ले जाता है तो टूर्नामेंट का बॉयकाट करना चाहिए. बासित ने कहा कि बाकी खेल की टीमें भी तो पाकिस्तान आती है न्यूजीलैंड, इग्लैंड , ऑस्ट्रेलिया सभी पाकिस्तान का दौरा कर चुकी है.

    विराट के कोच की चैंपियंस ट्रॉफी पर सोच 

    विराट के कोच राजकुमार शर्मा जी ने बासित अली को जवाब देते हुए कहा कि वो पूरी तरह से सरकार के फैसले के  साथ है और सरकार को लगता है कि खिलाड़ी पाकिस्तान में सुरक्षित नहीं तो फिर भारतीय टीम वहां जाकर टूर्नामेंट कैसे खेल सकती है. राजकुमार जी ने आगे कहा कि ये मामला बहुत सवेंदनशील है और जो सरकार का दिशा निर्देश होगा बोर्ड भी उसी राह पर चलेगा. कुल मिलाकर एक बात तो साफ है कि गेंद अब आईसीसी के पाले में है और उनका अगला कदम क्या होगा इसका सबको इंतजार है.

    Tags: BCCI Cricket, Champions Trophy, ICC Cricket Information, Pakistan Cricket Board

    Bollywood Film do Patti Assertion Hoodas Controversy, Hooda Khap grievance in opposition to movie producers, director and actor Replace | काजोल-कृति की फिल्म का विवाद पहुंचा थाने: हुड्‌डा खाप ने फिल्म 2 पत्ती को लेकर की मानहानि की शिकायत, 10 नवंबर को हुई थी पंचायत – Rohtak Information

    फिल्म दो पत्ती पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करने पहुंचा सर्व हुड्डा का प्रतिनिधिमंडल।

    बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल और कृति सेनन की 25 अक्टूबर को रिलीज हुई फिल्म दो पत्ती का विवाद अब थाने पहुंच गया है। सर्व हुड्‌डा खाप की तरफ से गुरुग्राम के राजेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दी गई है। जिसमें दो पत्ती फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, अभिने

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    खाप का कहना है कि 25 अक्टूबर को रिलीज हुई फिल्म दो पत्ती में हुड्डा गोत्र पर टिप्पणी की गई है। इस टिप्पणी को फिल्म से हटवाया जाए और फिल्म निर्माता, निदेशक, अभिनेता और प्रसारित करने वाले OTT प्लेटफॉर्म के कर्ताधर्ता सार्वजनिक माफी मांगें। हुड्‌डा खाप का कहना है कि ‘दो पत्ती’ फिल्म में एक सीन है, जिसमें एक कलाकार कोर्ट में आरोपी बना है, जो कह रहा है, ‘हत्या यह नहीं होती। हत्या तो वह थी जो हमारे पड़ोस में हुड्‌डाज रहते हैं, जिन्होंने सरेआम अपनी बहू को जिंदा जला दिया था।’ खाप को इसी टिप्पणी पर आपत्ति है।

    फिल्म पर आपत्ति को लेकर रोहतक में पंचायत करते विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि।

    फिल्म पर आपत्ति को लेकर रोहतक में पंचायत करते विभिन्न गांवों के प्रतिनिधि।

    10 नवंबर को हुई थी पंचायत

    25 अक्टूबर को फिल्म दो पत्ती के OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने के बाद रोहतक के गांव बसंतपुर स्थित सर्व हुड्डा खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर 10 नवंबर को पंचायत हुई। इसमें खाप के 45 गांव के प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति का गठन किया गया। सुरेंद्र हुड्डा की अगुआई में समिति सदस्यों ने CM सैनी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने बताया कि फिल्म दो पत्ती के एक संवाद से जाट समाज के हुड्डा गोत्र को बदनाम किया जा रहा है। इस विवादित मामले को लेकर मुख्यमंत्री नायब सैनी से मुलाकात की गई है। फिल्म में जिस प्रकार से हुड्डा गोत्र को बदनाम करने का षड्यंत्र हुआ है, यह एक आपराधिक मामला है।

    खाप ने भेजा नोटिस, मेकर्स जवाब दे चुके

    सुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि फिल्म रिलीज होने के अगले ही दिन इसके निर्माता, निदेशक, अभिनेता और नेटफ्लिक्स को नोटिस जारी कर दिया था। इसके जवाब में नेटफ्लिक्स और फिल्म निर्माताओं ने कहा है कि जो आरोप नोटिस में लगाए गए हैं, वह घटना फिल्म में हुई है। लेकिन, यह फिल्म निर्माता और अभिनेता की बोलने की आजादी के तहत है, और हुड्डा शब्द का प्रयोग केवल एक संयोग है। सुरेंद्र ने कहा कि देश का कानून किसी की सामाजिक प्रतिष्ठा खराब करने और मान-सम्मान की हानि करने का अधिकार नहीं देता है। फिल्म में प्रसारित विवादास्पद संवाद से समस्त हुड्डा खाप की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। एक षड्यंत्र के तहत ही जाट समाज के हुड्डा गोत्र की मानहानि हुई है।