Gwalior Information: ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में अलार्म है न आग बुझाने के इंतजाम

कमलाराजा अस्पताल के एसएनसीयू में अग्निकांड से बचने के लिए न तो हाइड्रेंट लाइन मिली और न फायर सेफ्टी एनओसी है। यहां आग से बचाव के प्रबंधन महज दिखावे के रह गए हैं। फायर एनओसी एक्सपायर हुए करीब एक साल से ज्यादा समय हो चुका है।

By Anoop Bhargav

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 12:43:03 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 12:43:03 PM (IST)

कमलाराजा अस्‍पताल का फाइल फोटो।

HighLights

  1. केआरएच के एसएनसीयू में एक साल से फायर एनओसी नहीं
  2. पहले भी हो चुके हैं केआरएच के एसएनसीयू में आगजनी का हादसा
  3. एसएनसीयू में न हाइड्रेंट लाइन व फायर सेफ्टी एनओसी

अनूप भार्गव. नईदुनिया ग्वालियर। झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष में आग लगने से दस नवजातों की मौत होने के बाद शनिवार को नईदुनिया टीम ने कमलाराजा अस्पताल, जिला अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत जानी। कमलाराजा अस्पताल के एसएनसीयू में अग्निकांड से बचने के लिए न तो हाइड्रेंट लाइन मिली और न फायर सेफ्टी एनओसी है।

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आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र जरूर लगा रखे हैं। नवजात बच्चों के लिए बनाए गए एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) में 80 से 90 नवजात भर्ती हैं। यहां आग से बचाव के प्रबंधन महज दिखावे के रह गए हैं। फायर एनओसी एक्सपायर हुए करीब एक साल से ज्यादा समय हो चुका है। इससे अनहोनी की आशंका पर नियंत्रण पाने की व्यवस्था पूरी तरह फेल है। प्रबंधन फायर सेफ्टी को लेकर अनदेखी कर रहा है।

प्रबंधन का दावा है कि आग से बचाव का पूरा सिस्टम अस्पताल में तैयार किया गया है, अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। एनओसी के लिए आवेदन किया गया है। कुछ कमियां बताई गई है उनको पूरा करने के लिए एक प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जा चुका है।

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केआरएच: एसएनसीयू में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी

  • कमलाराजा अस्पताल के एसएनसीयू के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड तैनात था। हर आने जाने वाले से पूछताछ के बाद ही अंदर जाने दे रहा था। अंदर प्रसूता व स्वजन खड़े थे, जो अपने नवजात शिशु को भर्ती करने या फिर भर्ती नवजात का हालचाल पूछ रहे थे। एसएनसीयू के अंदर वार्ड के गेट पर जूनियर महिला डाक्टर पहुंचने वाले नवजात की जांच कर रही थीं।
  • एसएनसीयू में प्रवेश तो नहीं करने दिया, पर अंदर झांककर देखा तो वार्ड में कुछ अग्निशमन यंत्र रखे दिखे। हाइड्रेंट लाइन न अलार्म: केआरएच के एसएनसीयू में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी है। यहां पर हाइड्रेंट लाइन और अलार्म तक की व्यवस्था नहीं है। साथ ही अन्य फायर सेफ्टी मानक के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं है। इसलिए फायर एनओसी के लिए आवेदन करने पर कमियों को दूर करने को कहा गया। हालांकि निकासी के लिए अलग से एक दरवाजा भी है।
  • इतना ही नहीं पीआइसीयू वार्ड में भी फायर सेफ्टी का कोई इंतजाम नहीं हैं, जबकि पीआइसीयू के अंदर एक पलंग पर दो से तीन बच्चे हमेशा भर्ती रहते हैं। वहीं एसएनसीयू में 80 से 90 नवजात भर्ती रहते हैं।

ये हो चुके हैं हादसे

केआरएच के एसएनसीयू में वर्ष 2023 में शार्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसके साथ ही कई बार इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन अब तक पुख्ता इंतजाम नहीं कर सका है। प्रबंधन का कहना है कि शासन को 50 लाख रुपये का प्रस्ताव एसएनसीयू में व्यवस्था को बेहतर करने भेजा गया है।

सीधी बात: सुधीर सक्सैना, अधीक्षक केआरएच

सवाल: एसएनसीयू की फायर सेफ्टी एनओसी लंबे समय से एक्सपायर है, एनओसी मिलने में देरी क्यों?

जवाब: एनओसी के लिए आवेदन किया था, कुछ कमियां बताई गई थी उनको पूरा करने के लिए शासन प्राक्कलन को भेजा गया है, जिसे मंजूरी नहीं मिली है।

सवाल: एसएनसीयू जैसी इकाई में अग्निकांड से बचाने के इंतजामों में देरी क्यों?

जवाब: ऐसा नहीं है, व्यवस्थाएं पूरी है, बस इंतजार शासन को भेजे प्राक्कलन के मंजूरी की है।

सवाल: अगर घटना हुई तो बचाव के क्या इंतजाम हैं।

जवाब: एसएनसीयू में अग्निशमन यंत्र हैं साथ ही आपातकालीन तीन प्रवेश द्वार हैं

सवाल: फायर सेफ्टी के अलावा हाइड्रेंट लाइन की व्यवस्था भी नहीं है।

जवाब: फायर सेफ्टी प्लान तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है।

साइबर ठगों ने कारोबारी को बनाया निशाना, Whatsapp पर फेक डीपी लगाकर ठग लिए पांच लाख रुपये

राजस्थान के एक शातिर गिरोह के पांच सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े, जिन्होंने वाट्सएप पर फर्जी डीपी लगाकर रायपुर और अन्य राज्यों के लोगों से लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों से 20 लाख रुपये और आठ मोबाइल जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों में से दो पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके थे। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्य को राजस्थान से गिरफ्तार किया।

By Satish Pandey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 11:42:06 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 12:43:06 PM (IST)

साइबर ठगों ने कारोबारी को बनाया निशाना, Whatsapp पर फेक डीपी लगाकर ठग लिए पांच लाख रुपये
गिरफ्तार आरोपित दाएं से सुरेश पुरोहित, वैभव जैन, खानू खान, स्वरूप सिंग और हैदर खान

HighLights

  1. ठगों ने रायपुर समेत कई राज्यों से लाखों रुपये की ठगी की।
  2. आरोपियों के पास से 20 लाख और आठ मोबाइल जब्त किए।
  3. आरोपियों में से दो पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजस्थान के एक शातिर गिरोह के पांच सदस्य, जो वाट्सएप पर फर्जी डीपी (Show Image) लगाकर रायपुर और अन्य राज्यों के लोगों से लाखों की ठगी कर रहे थे, अब पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं। आरोपियों के पास से पुलिस ने 20 लाख रुपये और आठ मोबाइल जब्त किए हैं। इस गिरोह के दो सदस्य पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

यह ठगी का मामला 8 नवंबर का है, जब कवितानगर और अवंती विहार के पैनल कारोबारी सन्नी जुमनानी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। सन्नी ने बताया कि उनके छोटे भाई बंटी जुमनानी का मित्र पुनीत पारवानी है। आठ नंवबर को भाई के मोबाइल पर 9727630576 नंबर से वाटसएप काल आया। वाटसएप में पुनीत पारवानी का डीपी लगा हुआ था। कॉल करने वाले ने अपने प्रोफाइल पर पुनीत पारवानी की तस्वीर (डीपी) लगाई थी और खुद को पुनीत बताते हुए कहा कि वह दिल्ली में हैं और एक जरूरी काम के लिए पैसे की जरूरत है।naidunia_image

पुनीत समझकर फ्रॉड को दे‍ दिए पांच लाख

बंटी ने दिल्ली निवासी अपने दोस्त सिकू से संपर्क किया और उसे पुनीत पारवानी समझकर पैसा नगद देने के लिए कहा। सिकू ने कॉल करने वाले के दिए गए नंबर पर बात की और शातिर ठग को दिल्ली के चांदनी चौक में पांच लाख रुपये नगद दे दिए। बाद में बंटी ने जब अपने दोस्त पुनीत पारवानी से संपर्क किया और पैसे वापस मांगे, तो पुनीत ने कहा कि उसने कभी पैसे की मांग नहीं की थी। तब बंटी को समझ में आया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।

इस घटना के बाद सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने जांच किया, और कॉल करने वाले ठग का लोकेशन राजस्थान में ट्रेस किया। इसके बाद पुलिस ने राजस्थान के जालोर जिले में स्थित ओटवाल रोड, सायला के सुरेश पुरोहित (30) और महावीर जी जैन रेस्टोरेंट, जिला करौली (24) के वैभव जैन को गिरफ्तार किया।naidunia_image

राजस्‍थान से साइबर ठग गिरफ्तार

पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और ठगी में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में जानकारी दी। आरोपियों ने बताया कि बाड़मेर जिले के ग्राम रतौव तहसील बयातु थाना गेडा निवासी खानू खान (24), बाड़मेर जिले के खबडाला तहसील गडरा रोड थाना गिराब निवासी स्वरूप सिंग (35) और जैसलमेर जिले के बनदेवा तहसील पोखरण थाना फलसुंड निवासी हैदर खान (28) इस ठगी में शामिल थे।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि स्वरूप सिंग और सुरेश पुरोहित पहले भी धोखाधड़ी के मामलों में दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुके थे और जेल जा चुके थे, जिससे इनकी ठगी की तरकीब और भी सफाई से चल रही थी।

यह गिरोह वाट्सएप पर फर्जी डीपी लगाकर लोगों को विश्वास में लेता था और फिर विभिन्न बहानों से पैसे की मांग करता था। इस तरह के शातिर अपराधी अब पुलिस की पकड़ में आ गए हैं, और पुलिस ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

Border Gavaskar Trophy: ऑस्ट्रेलिया में आते ही युवा ने किया धमाका, ऑस्ट्रेलियाई बोल पड़े- अगर नहीं खेलता तो हैरानी होगी

सिडनी. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज की शुरुआत से पहले ही एक भारतीय खिलाड़ी ने जमकर सुर्खियां बटोरी है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ युवा ध्रुव जुरेल ने अपनी बल्लेबाजी से सबको प्रभावित किया है. अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान भी उनको मौका दिए जाने की बात कर रहे हैं. मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की उछाल भरी पिच पर ध्रुव जुरेल की तकनीक से प्रभावित टिम पेन ने उनको प्लेइंग इलेवन में मौका दिए जाने की बात कही है.

भारत ‘ए’ के खिलाफ हाल में हुई सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ को कोचिंग देने वाले पेन की मौजूदगी में जुरेल ने मेलबर्न में दूसरे ‘अनौपचारिक’ टेस्ट में 80 और 68 रन की पारियां खेली. पेन ने ‘एसईएन टेसी’ पर कहा, ‘‘एक लड़का है जिसने कुछ टेस्ट मैच में भारत के लिए विकेटकीपिंग की है. तीन टेस्ट में उसका औसत 63 का है और उसका नाम ध्रुव जुरेल है.’’

जुरेल ने इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. उन्होंने अब तक तीन टेस्ट में 46, 90, नबाद 39 और 15 रन की पारी खेली हैं और बल्ले से उनका औसत 63 का है. हालांकि टीम इंडिया में ऋषभ पंत की वापसी के बाद से उन्हें कोई मैच खेलने को नहीं मिला है. पेन ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि आपने उसे खेलते हुए देखा है या नहीं. इस दौरे पर उसे बल्लेबाजी करते हुए देखने के बाद और पिछले कुछ महीनों को भारत की बल्लेबाजी जैसी रही है, उसे देखते हुए अगर वह नहीं खेलता तो हैरानी होगी.’’

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पंत के विकेटकीपर की भूमिका निभाने की उम्मीद है. न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम का हिस्सा रहे जुरेल को चार दिवसीय मैच में लगातार दो अर्धशतक जड़कर प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने का दावा मजबूत किया है. पेन ने कहा, ‘‘वह 23 साल का है और उसने तीन टेस्ट मैच खेले हैं. ईमानदारी से कहूं तो वह टीम कपने साथियों से अधिक स्तरीय लगा और उसने गति तथा उछाल का अच्छी तरह सामना किया जो किसी भारतीय खिलाड़ी के लिए असमान्य है.’’

Tags: Border Gavaskar Trophy, India vs Australia, Tim paine

Diljit Dosanjh Hyderabad Live performance ; Takes Dig Telangana Authorities | Songs Concern | दिलजीत दोसांझ का तेलंगाना सरकार पर कटाक्ष: शराब-हिंसा के गानों पर लगा है प्रतिबंध; बोले-विदेशी मनमर्जी करें, अपने कलाकारों पर रोक क्यों – Amritsar Information

हैदराबाद कॉन्सर्ट में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ।

पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने शनिवार को हैदराबाद में आयोजित अपने कॉन्सर्ट के दौरान अपने गानों पर लगे प्रतिबंधों को लेकर तेलंगाना सरकार पर कटाक्ष किया है। उन्होंने मंच से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि भारत के कलाकारों को अपने ही देश में

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दिलजीत दोसांझ ने इस दौरान लोगों को साइबर क्राइम के प्रति भी सजग किया और टिकट स्कैम को लेकर क्लैरिफिकेशन भी दी। दलजीत ने मंच से कहा कि कुछ लोगों को हजम नहीं होता कि उनकी टिकट इतनी जल्दी बिक क्यों जाती हैं। वे कई सालों से काम कर रहे हैं, एक दिन में फेमस नहीं हुए।

तेलंगाना सरकार ने उन्हें कहा कि अगर साइबर क्राइम होता है तो पहला घंटा गोल्डन आवर होता है। तुरंत 1930 पर कॉल करें। कुछ लोग उनकी टिकट पहले खरीद कर बाद में महंगी बेचती हैं। ये मुश्किल विदेशों में भी है। वहां भी इसका हल नहीं निकला। लेकिन इस चीज को भी धीरे-धीरे ठीक कर लिया जाएगा।

हैदराबाद में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ।

हैदराबाद में पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ।

तेलंगाना सरकार ने लगाई है गीतों पर रोक

तेलंगाना सरकार ने हाल ही में दिलजीत दोसांझ के कुछ गानों पर आपत्ति जताई थी। जो शराब और हिंसा जैसे विषयों से जुड़े माने जाते हैं। इन गानों को राज्य के कार्यक्रमों में प्रस्तुत करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। सरकार का मानना था कि ऐसे गाने समाज पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

अपने कॉन्सर्ट के दौरान जवाब देते हुए कहा कि कइयों को टांग अड़ाने की आदत होती है। कोई बात नहीं, मै भी दोसांझा वाला हूं बुग्गे। मैं इतनी जल्दी नहीं छोड़ता।

श्रोताओं ने किया समर्थन

दिलजीत के इस बयान के बाद कॉन्सर्ट में मौजूद दर्शकों ने जोरदार तालियों और उत्साह से उनका समर्थन किया। उनके फैंस ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि देश के कलाकारों को अभिव्यक्ति की आजादी होनी चाहिए।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब दिलजीत दोसांझ या किसी अन्य पंजाबी कलाकार को उनके गानों के विषयों को लेकर विवादों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले भी कई पंजाबी गायक हिंसा, शराब और अन्य विवादित विषयों वाले गानों को लेकर निशाने पर आ चुके हैं।

टिकट विवाद पर ईडी ले चुका एक्शन

पंजाबी पॉप सिंगर दिलजीत दोसांझ और ब्रिटिश रॉक बैंड कोल्डप्ले के अपकमिंग कॉन्सर्ट के टिकट की कालाबाजारी पर एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) ने तकरीबन तीन महीने पहले 5 राज्यों में 13 लोकेशन पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस भी दर्ज किया।

दैनिक भास्कर ने टिकटों की कालाबाजारी करने वालों का स्टिंग ऑपरेशन करके कोल्ड प्ले टिकट स्कैम का खुलासा किया था, जिसके बाद बुक माय शो ने केस की FIR कराई थी।

जयपुर में मैं पंजाब हूं पर दिया था जवाब

जयपुर शो के दौरान दिलजीत मंच पर पहुंचे तो फैंस के हाथों में “मैं हूं पंजाब” के पोस्टर्स थे। जिसे देखकर उन्होंने कहा था- यहां लोग जब कहीं बाहर जाते हैं तो ‘खम्मा घणी’ कहते हैं और गर्व से बोलते हैं कि वे जयपुर से हैं। लेकिन जब मैं ‘मैं हूं पंजाब’ कहता हूं तो कुछ लोगों को दिक्कत होती है।

Digital Arrest: इंजीनियर को छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करने वालों के गांव पहुंची पुलिस, दो संदेही हिरासत में

साइबर क्राइम पुलिस आईपी एड्रेस से ठगों की लोकेशन ट्रेस करते हुए कानपुर देहात में उनके ठिकानों तक पहुंची। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में पुलिस को अहम जानकारी मिली। पुलिस इस मामले में जल्द बड़ा खुलासा कर सकती है।

Greenfield six lane Information: 11 महीनों में 19 बार बढ़ी तारीख, नहीं हो पाया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का टेंडर

ग्‍वालियर से आगरा के बीच बनने वाले 121 किमी लंबे सिक्‍स लेन ग्रीनफील्‍ड एक्‍सप्रेस के निर्माण के लिए 11 महीने में 19 बार तारीख बढ् चुकी है। लेकिन एक्‍सप्रेस वे के टैंडर नहीं हो पाए हैं। इस वजह से एक्‍सप्रेस वे निर्माण में देरी हाे रही है और निर्माण नहीं हो पा रहा है।

By Priyank Sharma

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 11:14:24 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 12:47:05 PM (IST)

Greenfield six lane News: 11 महीनों में 19 बार बढ़ी तारीख, नहीं हो पाया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का टेंडर
ग्रीनफील्‍ड हाइवे का सांकेतिक चित्र।

HighLights

  1. अब बढ़ाकर तीन दिसंबर कर दी टेंडर खोलने की तारीख, मुआवजा राशि का हो रहा है निर्धारण
  2. 11 महीनों में 19 बार टेंडर खोलने की तारीख में संशोधन हो चुके हैं, लेकिन नहीं हो पाए टैंडर
  3. 30 महीनों में कंपनी को वर्तमान हाइवे की मरम्मत के साथ ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण करना होगा

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: ग्वालियर से आगरा तक एक घंटे, दिल्ली तक ढाई घंटे और उत्तराखंड तक साढ़े पांच घंटे में पहुंचाने के लिए प्रस्तावित ग्वालियर-आगरा सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे की टेंडर प्रक्रिया में पूरा साल निकल जाएगा।

नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) ने पांच जनवरी 2024 को 3841 करोड़ रुपये की लागत से 88.400 किमी लंबे सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण और वर्तमान 121 किमी लंबे फोरलेन हाइवे की मरम्मत का टेंडर जारी किया था। पहले तो केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति में टेंडर की तारीख बढ़ाई जाती रही। इसके बाद मामला भू-अर्जन में उलझा हुआ है।

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यही कारण है कि पिछले 11 महीनों में 19 बार टेंडर खोलने की तारीख में संशोधन हो चुके हैं, जबकि तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए 17 संशोधन किए जा चुके हैं। अब एनएचएआइ ने तीन दिसंबर की तारीख टेंडर खोलने के लिए तय की है, लेकिन 90 प्रतिशत भू-अर्जन पूरा होने के बाद ही टेंडर खोला जा सकेगा। ऐसे में अगले साल की दूसरी छमाही में ही मौके पर काम की शुरूआत होने की संभावना है।

काम शुरू होने के बाद 30 महीनों में कंपनी को वर्तमान हाइवे की मरम्मत के साथ ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का निर्माण करना होगा। एनएचएआइ के अधिकारियों के अनुसार भू-अर्जन की प्रक्रिया चल रही है और इसमें मुआवजा निर्धारण किया जा रहा है।

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तीन राज्यों में होना है भूमि अधिग्रहण

  • ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के लिए उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्यप्रदेश के 100 से अधिक गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है। उत्तर प्रदेश के आगरा, राजस्थान के धौलपुर और मध्यप्रदेश के मुरैना व ग्वालियर जिले की सीमा इसमें शामिल हैं। ग्वालियर में सिर्फ सुसेरा गांव में ही भूमि अधिग्रहण होना है।
  • एनएचएआइ ने भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी थी और 90 प्रतिशत भू-अर्जन होने की स्थिति में ही टेंडर खोलने की शर्त रखी गई थी, ताकि कंपनी के अनुबंध कर जल्द काम की शुरूआत हो सके। अब इसमें भी परिवर्तन किया गया है। एक बार मुआवजा राशि का निर्धारण होने के बाद टेंडर खोल दिए जाएंगे।

पहले हमने 90 प्रतिशत भू-अर्जन के बाद ही ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के टेंडर खोलने की प्लानिंग की थी, लेकिन अब इसमें परिवर्तन किया गया है। भू-अर्जन के लिए मुआवजा राशि का निर्धारण होने पर टेंडर खोल दिए जाएंगे। इस प्रक्रिया में भी तेजी लाई जा रही है।

उमाकांत मीणा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआइ

Explainer: क्या है HRT थेरेपी जिससे पूर्व क्रिकेटर संजय बांगड़ के बेटे ने बदलवाया अपना जेंडर?

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच संजय बांगड़ के बेटे आर्यन बांगड़ सुर्खियों में हैं. आर्यन ने लिंग परिवर्तन प्रक्रिया के बाद खुद को एक ट्रांसजेंडर महिला के रूप में पेश किया है, जिसे हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) कहा जाता है. 23 वर्षीय क्रिकेटर अब ‘अन्या बांगड़’ के नाम से जानी जाएंगी. अन्या बांगड़ बाएं हाथ की बल्लेबाज हैं जो इस्लाम जिमखान की तरफ से क्रिकेट खेलती हैं. कभी उनके पिता भी इसी क्लब से खेला करते थे. अन्या ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रांजिशन यात्रा को साझा किया और एक ट्रांसजेंडर एथलीट के रूप में आने वाली बड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की. हालांकि अन्या ने बाद में उस पोस्ट को हटा दिया, जिसमें उन्होंने अपनी 10 महीने की यात्रा का विस्तार से जिक्र किया था. तो क्या है हार्मोनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT), कैसे होती है? समझते हैं इसको..

क्या है हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी?
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) एक चिकित्सा उपचार है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब शरीर पर्याप्त हार्मोन का उत्पादन नहीं कर पाता.इस थेरेपी का उपयोग कई स्थितियों में किया जाता है. जैसे ग्रोथ हार्मोन विकार, थायरॉयड समस्याएं, रजोनिवृत्ति, और लिंग परिवर्तन से संबंधित मुद्दे. किसी शख़्स का जेंडर चेंज करने के लिए जेंडर-अफर्मिंग हार्मोन थेरेपी (जीएएचटी) का सहारा लिया जाता है.

कैसे होती है ये थेरेपी
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) के दो प्रकार होते हैं – स्त्रीलिंग या पुल्लिंग, जो किसी शख़्स के जेंडर को तय करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं. अन्या बांगड़ की बात करें तो उनके केस में स्त्रीलिंग हार्मोन थेरेपी (FHT) का उपयोग किया गया है ताकि मुलायम त्वचा और ब्रेस्ट टीश्यू डेवलप किया जा सके. और मांसपेशियों और चेहरे के बाल का विकास रोका जा सके. थेरेपी में एस्ट्रोजन और एंटीएंड्रोजेन्स का उपयोग किया जाता है, जिसे अकेले या अन्य जेंडर-अफर्मिंग थेरेपी के साथ मिलाकर लिया जा सकता है. जहां एस्ट्रोजन मुलायम त्वचा, हिप्स पर फैट, ब्रेस्ट डेवलपमेंट को बढ़ावा देता है. वहीं एंटीएंड्रोजन थेरेपी टेस्टोस्टेरोन उत्पादन को रोकती है, मांसपेशियों की मात्रा, यौन इच्छा (लिबिडो), स्वतःस्फूर्त इरेक्शन, छोटे अंडकोष और चेहरे और शरीर के बालों की वृद्धि को धीमा करती है.

HRT की उपचार अवधि प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) के प्रभाव कुछ हफ्तों के भीतर नजर आने लगते हैं. हालांकि पूर्ण प्रभाव आने में छह महीने तक का समय लग सकता है. कुछ केसेज में 18 से 24 महीने भी लगते हैं. डॉक्टर्स कहते हैं कि HRT विशेषज्ञ हर शख़्स की जरूरतों और कई दूसरे फैक्टर्स को देखते हुए उसके लिए उपचार की अवधि तय करते हैं.

क्या हैं इस थेरेपी के लाभ और नुकसान
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एक प्रभावी चिकित्सा प्रक्रिया है और दुनियाभर में चर्चित है. शारीरिक और यौन स्वास्थ्य में सुधार लाती है. हालांकि इसमें कई जोखिम भी हैं. इस थेरेपी से वीनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, बांझपन, उच्च पोटैशियम, हाइपरट्राइग्लिसराइडेमिया, वजन बढ़ना, हृदय और मस्तिष्क संबंधी रोग, मेनिन्जियोमा, अत्यधिक पेशाब, डिहाइड्रेशन, पित्ताशय की पथरी, उच्च रक्तचाप, स्तंभन दोष, टाइप 2 मधुमेह, ऑस्टियोपोरोसिस, ऑस्टियोपेनिया, और हाइपरप्रोलैक्टिनेमिया का खतरा बढ़ सकता है. अगर इसके फायदे की बात करें तो एक बार जेंडर तय होने पर शख़्स आत्मविश्वास का अनुभव करता है. उसे आंतरिक शक्ति का एहसास होता है.

अन्या बांगड़ ने क्या अनुभव लिखा
अन्या बांगड़ के मुताबिक हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) के बाद उन्हें कमजोरी महसूस हुई. उन्होंने लिखा, ‘एक ट्रांस महिला के रूप में हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) के बाद मेरे शरीर में भारी बदलाव आया. मेरे मांसपेशियां लगभग खत्म हो गईं. ताकत भी घट गई और कई एथलेटिक क्षमताओं को खो दिया है. जिस खेल से मैंने इतने लंबे समय से प्यार किया, वह मुझसे दूर होता जा रहा है..’ अन्या बांगड़ ने बताया कि क्रिकेट में ट्रांस महिलाओं के लिए कोई उचित नियम नहीं हैं, जिससे उन्हें क्रिकेट छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है क्योंकि सिस्टम उनकी वास्तविकता के साथ तालमेल नहीं बिठा पाया है.

Tags: Indian Cricket Staff, Sanjay bangar, Particular Undertaking

Kanker Naxal Encounter: छत्‍तीसगढ़ में दूसरे दिन भी मुठभेड़ जारी, कांकेर में जवानों ने बड़े कैडर के दो नक्‍सलियों को मार गिराया

कांकेर जिले के पखांजूर इलाके में पुलिस और नक्‍सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें दो बड़े कैडर के नक्‍सली, रंजीत और संतोष, मारे गए। मुठभेड़ मुसफर्सी काकुर गांव के पास हुई, जहां पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नक्‍सलियों को ढेर कर दिया। दोनों मारे गए नक्‍सली डीवीसीएम रैंक के थे और कई संगीन अपराधों में शामिल थे।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 12:20:02 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 12:20:45 PM (IST)

छत्‍तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार दूसरे दिन मुठभेड़। प्रतीकात्‍मक फोटो

कांकेर। छत्‍तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार दूसरे दिन मुठभेड़ हुई है। कांकेर जिले के पखांजूर थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्‍सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो बड़े कैडर के नक्‍सली मारे गए। यह मुठभेड़ जिले के मुसफर्सी काकुर गांव के नजदीक हुई, जहां दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक गोलीबारी चलती रही। मारे गए नक्‍सलियों की पहचान रंजीत और संतोष के रूप में हुई है, जो डीवीसीएम (डिप्‍टी कमांडर) रैंक के थे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं है।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को हुई मुठभेड़ के बाद जवान माड़ इलाके में सर्चिंग कर रहे थे। मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने तत्‍काल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। जानकारी के मुताबिक, नक्‍सलियों का एक बड़ा ग्रुप देर रात मुफरसी के जंगल में छिपा हुआ था। मौका देखते हुए नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया। पुलिस ने पहले से सतर्क रहते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्‍सलियों से मुठभेड़ में जवानों को बड़ी सफलता मिली।

इस मुठभेड़ में रंजीत और संतोष की मौत हो गई, जो लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे और कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल थे। इनके मारे जाने से नक्‍सली संगठन को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्‍सली साहित्य भी बरामद किया है। मारे गए नक्‍सलियों की शिनाख्त के बाद उनके खिलाफ विभिन्न संगीन अपराधों के मामले दर्ज थे।

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हादसा… गुजरात से अयोध्या जा रही ट्रैवलर पलटी, एक महिला की मौत

गुजरात के अंकलेश्वर से 18 लोगों को लेकर अयोध्या जा रहा ट्रैवलर वाहन मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में रविवार सुबह पलट गया। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हुए इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से दो को गंभीर हालत में झालावाड़ रेफर किया है।

By Prashant Pandey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 12:26:50 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 12:31:31 PM (IST)

दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर हादसा… गुजरात से अयोध्या जा रही ट्रैवलर पलटी, एक महिला की मौत
दुर्घटना के बाद घायलों को लेने पहुंची एंबुलेंस।

नईदुनिया प्रतिनिधि, मंदसौर(Accident in Mandsaur)। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर रविवार सुबह सड़क हादसा हो गया। टेम्पो ट्रैवलर के पलटने से अहमदाबाद निवासी एक महिला को मौत हो गई। वहीं चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से दो को झालावाड़ रेफर किया गया है। ट्रैवलर में सवार 18 लोग गुजरात के अंकलेश्वर से अयोध्या जा रहे थे।

गरोठ एसडीओपी राजाराम धाकड़ ने बताया कि गुजरात के अंकलेश्वर से 18 लोग ट्रेवलर (डीडी 01 एस 9976) से उत्तर प्रदेश के अयोध्या धाम जा रहे थे। रविवार सुबह लगभग 7 बजे शामगढ थाना क्षेत्र के नारिया बुजुर्ग के पास मुंबई एक्सप्रेस वे पर वाहन पलट गया।

ड्राइवर को लगी नींद की झपकी

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हादसा वाहन चालक को नींद की झपकी लगने से हुआ। गाड़ी में 18 लोग सवार थे। घटना में अहमदाबाद की रहने वाली 33 वर्षीय रंजना पत्नी रिंकेश सोनी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं चार घायलों में से 43 वर्षीय रश्मि पत्नी श्रवणसिंह की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

गंभीर घायलों को झालावाड़ रेफर किया गया

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घटना की सूचना के बाद गरोठ थाना प्रभारी मनोज महाजन मौके पर पहुंचे। पुलिस के मुताबिक थाना क्षेत्र शामगढ होने से गरोठ में जीरो पर कायमी की गई है। गंभीर घायलों को राजस्थान के झालावाड़ रेफर किया गया है।

ऑस्ट्रेलिया में खुलेआम चीटिंग! खिलाड़ी ही नहीं, अंपायर भी धोखा.. 4 मिनट के VIDEO में देखें ‘बेईमानी’ के 5 सबूत

नई दिल्ली. क्या सैकड़ों कैमरों के बीच भी किसी टीम के साथ बेईमानी हो सकती है. अगर आपके मन में भी ऐसा कोई सवाल है तो आपको भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया सिडनी टेस्ट 2028 के रीप्ले देखना चाहिए. इस एक मैच में जैसे भारत को हराने के लिए ऑस्ट्रेलिया के सारे खिलाड़ी बेईमानी पर उतर आए थे. सिर्फ खिलाड़ी ही क्यों, अंपायर और थर्ड अंपायर ने भी मैच में ऐसे ‘कारनामे’ किए थे, जो खेलभावना को शर्मसार कर रहे थे. इस मैच में एक-दो नहीं पूरे 5 डिसीजन भारत के खिलाफ दिए गए थे. नतीजा जिस मैच को भारत आसानी से जीत सकता था, उसमें उसे हार का सामना करना पड़ा था.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2008 में खेले गए सिडनी टेस्ट को हमेशा विवादों के लिए याद रखा जाएगा. भारत ने इस मैच में एक समय ऑस्ट्रेलिया के 134 रन पर छह विकेट झटक लिए थे. मेजबान टीम पर सस्ते में सिमटने का खतरा था, लेकिन तभी अंपायरों ने ऑस्ट्रेलिया की मदद की. मैदानी अंपायर स्टीव बकनर और थर्ड अंपायर ब्रूक्स ऑक्सनफोर्ड ने एंड्रयू सायमंड्स को तीन बार आउट होने पर भी नाबाद करार दिया. नतीजा जिन सायमंड्स को 30 रन बनाकर पैवेलियन लौटना चाहिए था, उन्होंने 162 रन की नाबाद पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया को 463 रन तक पहुंचा दिया. इतना ही नहीं, इसी मैच में राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली को गलत आउट दिया गया.

1. धोनी ने पकड़ा सायमंड्स का कैच, पर बकनर देखते रहे
इशांत शर्मा की शॉर्टपिच गेंद एंड्रयू सायमंड्स के बल्ले का बाहरी किनारा लेती है. एमएस धोनी इसे आसान कैच पकड़ते हैं. लेकिन अंपायर स्टीव बकनर अपील ठुकरा देते हैं. गेंद और बैट के टकराने की आवाज टीवी के दर्शक भी सुनते हैं और कॉमेंटेटर भी. कॉमेंटेटर हैरान रह जाते हैं. खेल भावना की दुहाई देने वाले सायमंड्स चुपचाप खड़े रहते हैं. बाद में एंड्रयू सायमंड्स शतक लगाते हैं. मैच के बाद सायमंड्स ने माना कि वे 30 के स्कोर पर आउट थे.

2. इस बार तो तीसरे अंपायर ने ही कर दी ‘बेईमानी’
इसी वीडियो में देखा जा सकता है कि एमएस धोनी ने बड़ी चपलता से सायमंड्स को स्टंप कर दिया. एक बार फिर स्टीव बकनर इसे आउट नहीं देते हैं. लेकिन इस बार वे इसे तीसरे अंपायर के लिए रेफर करते हैं. ऑस्ट्रेलिया के तीसरे अंपायर ब्रूक्स ऑक्सनफोर्ड भारत की अपील ठुकरा देते हैं. जबकि टीवी रीप्ले देखकर पता चलता है कि सायमंड्स आउट थे.

3. ‘भोले’ बकनर ने तीसरे अंपायर की मदद तक नहीं ली
एमएस धोनी की चपलता एक बार फिर भारत को कामयाबी के करीब पहुंचाती है. धोनी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की बाहर निकलती गेंद पर सायमंड्स को स्टंप करते हैं. इस बार भी अंपायर स्टीव बकनर होते हैं. बकनर इस बार तीसरे अंपायर तक की मदद नहीं लेते, जबकि टीवी रीप्ले देखकर पता चलता है कि सायमंड्स आउट थे.

4. राहुल द्रविड़ को दिया गया गलत आउट
एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया को सायमंड्स और बकनर की जुगलबंदी का फायदा मिलता है. इस बार सायमंड्स की भूमिका बदली हुई है. सायमंड्स की ऑफ स्पिन गेंद को राहुल द्रविड़ अपना विकेट कवर कर छोड़ देते हैं. इस दौरान गेंद उनके पैड से टकराती है. बैट गेंद से दूर ही रहता है. इसके बावजूद बकनर भारतीय दीवार को कैच आउट करार देते हैं.

5. अंपायर ने ‘पंटर’ पोंटिंग की बात मानी तो भड़के गावस्कर
ब्रेट ली की गेंद को सौरव गांगुली गली एरिया में स्टियर करते हैं. वहां खड़े माइकल क्लार्क गेंद को पकड़ते हैं. इस बार इंग्लैंड के अंपायर मार्क बेंसन ऑस्ट्रेलिया के प्रति अपना प्रेम दिखाते हैं. बेंसन इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं थे कि कैच ठीक से पकड़ा गया है या नहीं. लेकिन अपना संदेह दूर करने के लिए वे साथी अंपायर से नहीं पूछते, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग से ही पूछते हैं कि क्या कैच सफाई से लिया गया है. ‘पंटर’ पोंटिंग भला क्यों सच बताते. उन्होंने कहा कि माइकल क्लार्क ने कैच सफाई से लिया है और इस आधार पर बेंसन ने गांगुली को आउट दे दिया. हालांकि, टीवी रीप्ले में ऐसा बिलकुल नहीं लगा कि कैच सफाई से लिया गया था.