Diamond in Panna: जिस खेत में सब्जी उगाकर परिवार पाल रहा था किसान, उसी में मिला 7.44 कैरेट का हीरा
मध्य प्रदेश के पन्ना के जरूआपुर की जमीन हीरे उगल रही है। यहां फिर एक किसान दिलीप मिस्त्री को 7 कैरेट 44 सेंट का हीरा मिला है। लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने खेत पर पट्टा लेकर हीरे की खदान लगाई थी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई।
By Prashant Pandey
Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 10:38:40 AM (IST)
Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 10:44:15 AM (IST)
HighLights
- हीरे की अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
- 4 दिसंबर को होने वाली नीलामी में रखा जाएगा यह हीरा।
- पहले भी किसान को खेत से 16 कैरेट का हीरा मिला था।
नईदुनिया प्रतिनिधि पन्ना(Diamond in Panna)। पन्ना जिले में एक ऐसा खेत जिसमें लोग अपनी किस्मत अजमाते हैं और अगर किस्मत चमक जाए तो रातों-रात मालामाल बन जाते हैं। जरूआपुर के किसान दिलीप मिस्त्री को उनकी सालों की मेहनत का फल मिला है। उनको अपने ही खेत में 7 कैरेट 44 सेंट का हीरा मिला है। इसकी अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
इस हीरे को पारखी के द्वारा परख कर शासन के खजाने में भेज दिया गया है। अब इसे 4 दिसंबर को होने वाली हीरे की नीलामी में रखा जाएगा। किसान दिलीप मिस्त्री बताते हैं कि वह और उसके साथी पेशे से किसान हैं और लॉकडाउन के समय उन्होंने हीरा कार्यालय से अपने निजी खेत का पट्टा बनवाकर खदान लगाई।
यहां से मिल चुके हैं एक दर्जन हीरे
जब से अभी तक उन्हें अलग-अलग साथियों के नाम से एक दर्जन से अधिक हीरे मिल चुके हैं। वहीं अब उन्हें 7 कैरेट 44 सेंट का हीरा मिला। यह उनका इस साल का दूसरा बड़ा हीरा है। इसके पहले भी उन्हें इसी खेत से 16 कैरेट का हीरा मिला था। जो उन्होंने हीरा कार्यालय में जमा किया था।
उन्होंने बताया कि हीरा मिलने से काफी खुशी है, जो शब्दों में बयान नहीं की जा सकती है। हीरा नीलामी के बाद मिलने वाले पैसों से वह अपने बच्चों की पढ़ाई एवं उनके भविष्य उज्ज्वल करने में खर्च करेंगे।
जरूआपुर की खेती की जमीन उगल रही है हीरे
किसान दिलीप मिस्त्री के द्वारा हीरा कार्यालय में जब इस हीरे को जमा किया गया, तो इस बात की चर्चा होने लगी कि जिस जमीन पर कभी किसान सब्जी उगाकर अपना जीवन यापन करते थे। आज वह जरूआपुर की जमीन हीरे उगल रही है।
हाल ही में जरूआपुर से बड़े और बेशकीमती हीरे पन्ना कार्यालय में जमा हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार जरूआपुर के किसान अब सब्जी उगाने का कार्य छोड हीरे निकालने का काम कर रहे हैं। इसमें उन्हें सफलता भी प्राप्त हो रही है। अब जरूआपुर में किसान हीरे की ‘खेती’ कर रहे हैं।

