Border Gavaskar Trophy: ना कप्तान रोहित शर्मा….ना ही कोच गौतम गंभीर, सबसे पहले पर्थ पहुंचा ये स्टार बल्लेबाज

नई दिल्ली. भारतीय टीम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रवाना हो चुकी है. दौरे पर जाने से पहले टीम के कोच गौतम गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मीडिया के सवालों के जवाब दिए. स्टार भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के लिए पर्थ पहुंच गए हैं. 22 नवंबर से भारत को पहला टेस्ट मैच पर्थ में खेलना है. 5 मैचों की टेस्ट सीरीज को दोनों टीम के लिए अहम माना जा रहा है.

36 साल के कोहली भारतीय टीम के पहले खिलाड़ी हैं जो ऑस्ट्रेलिया पहुंचे हैं. पर्थ एयरपोर्ट पर उतरते ही वे जल्दी से निकल गए और जल्द ही इस महत्वपूर्ण सीरीज के लिए प्रैक्टिस में जुट जाएंगे. भारतीय टीम दो बैचों में बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए रवाना हुई है. भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को रविवार रात मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर देखा गया. कोहली अपनी पत्नी बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और उनके बच्चे वामिका और अकााय कोहली भी थे.

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय टीम पर्थ टेस्ट से पहले मंगलवार से WACA ग्राउंड में अपना प्रशिक्षण शुरू करेगी. हालांकि, भारतीय कैंप को पूरी तरह से बंद रखने के लिए इस स्थान को लॉकडाउन में रखा गया है. भारतीय टीम दो बैचों में बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए रवाना हुई है. पहले बैच में शुभमन गिल, आकाशदीप, वाशिंगटन सुंदर, यशस्वी जायसवाल और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी शामिल हैं, जो कोचिंग स्टाफ के साथ ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो चुके हैं. टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने 11 नवंबर को मुंबई में रवाना होने से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और मीडिया के सवालों के जवाब दिए.

इंडिया टुडे के मुताबिक भारतीय कप्तान रोहित शर्मा टीम के साथ यात्रा नहीं कर रहे हैं. अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण वो भारत में ही रह सकते हैं. पहले टेस्ट में रोहित के खेलने को लेकर अब तक अनिश्चितता बनी हुई है. गंभीर ने बताया कि उनकी अनुपस्थिति में जसप्रीत बुमराह टीम की कप्तानी करेंगे.

Tags: Border Gavaskar Trophy, Virat Kohli

MP Information: भाजपा के पिट्ठू की तरह न करें काम… जीतू पटवारी की चुनाव आयोग से अपील, सीएम मोहन यादव पर भी कसा तंज

जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि यह उपचुनाव कांग्रेस ने बहुत अच्छे से लड़ा है। हम 100 प्रतिशत जीतेंगे। हालांकि कई तरीके से संविधान को ताक पर रखकर व्यवस्था और प्रशासन ने चुनाव में अपनी भूमिका निभाई और भाजपा के पक्ष में काम किया है। इसकी हमने समय-समय पर शिकायत की, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसे संज्ञान में नहीं लिया।

By Ravindra Soni

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 03:23:33 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 03:23:33 PM (IST)

मीडिया से चर्चा करते कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी।

HighLights

  1. जीतू बोले, विजयपुर में भाजपा प्रत्याशी के 40 रिश्तेदार चुनाव ड्यूटी में शामिल।
  2. इस मुद्दे पर अब केंद्रीय निर्वाचन आयोग का भी दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस।
  3. जीतू ने निर्वाचन आयोग की शैली पर सवाल उठाया। बोले- लोकतंत्र की रक्षा करें।

भोपाल। प्रदेश में विजयपुर और बुधनी विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान के बाद अब 20 नवंबर को मतगणना होने वाली है। इससे पूर्व रविवार को कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उपचुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से लोकतंत्र की रक्षा करने की अपील की है।

रावत के रिश्तेदारों को चुनाव ड्यूटी से हटाएं

जीतू ने रविवार सुबह मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान कहा कि विजयपुर को लेकर चुनाव के पहले जिस तरह की शिकायत से की गई थी. उसी तरह की परिस्थितियों चुनाव के दौरान देखने को मिली। चुनाव के दौरान भी हिंसा हुई और चुनाव के बाद भी हिंसा जारी है। अब मतगणना के लिए भी वनमंत्री व भाजपा प्रत्याशी रामनिवास रावत ने अपने 40 से अधिक रिश्तेदार अधिकारियों को प्रक्रिया में शामिल कराया है। यह नियम विरुद्ध है।

हमने प्रदेश के निर्वाचन आयोग को शिकायत की है और कल केंद्रीय चुनाव आयोग को भी शिकायत करेंगे। हमारा निर्वाचन आयोग से आग्रह है कि वह भाजपा के तोता या पिट्ठू की तरह काम ना करें। जिन रिश्तेदारों को ड्यूटी में लगाया है उन्हें हटाए।

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निर्वाचन आयोग की शैली पर सवाल

पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि यह उपचुनाव कांग्रेस ने बहुत अच्छे से लड़ा है। हम 100 प्रतिशत जीतेंगे। हालांकि कई तरीके से संविधान को ताक पर रखकर व्यवस्था और प्रशासन ने चुनाव में अपनी भूमिका निभाई और भाजपा के पक्ष में काम किया है। इसकी हमने समय-समय पर शिकायत की, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इसे संज्ञान में नहीं लिया। हमने पुनर्मतदान की मांग की थी। जिस पर निर्वाचन आयोग ने गलत तथ्यों को रखा, जिसकी भी हम निंदा करते हैं। निर्वाचन आयोग से मेरा आग्रह है लोकतंत्र के नाश में सहयोगी न बने, लोकतंत्र की रक्षा करें।

तबादलों का अड्डा बना प्रदेश

कांग्रेस प्रदेशाध्क्ष पटवारी ने इस दौरान मोहन सरकार पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, ‘ आज वल्लभ भवन (सचिवालय) दलालों का अड्डा बन गया है। मध्य प्रदेश में हर तीसरे दिन अधिकारियों के तबादले हो रहे हैं। प्रदेश में मुख्यमंत्री बदलने के बाद 68 बार अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। इतने बड़े स्तर पर तबादले होना यह बताता है कि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग की फैक्ट्री चल रही है।

दिन में तबादले पोस्टिंग के रेट तय होते हैं और देर रात इसकी सूची जारी होती है। पिछले महीने के दौरान जितने भी आईएएस-आईपीएस की तबादला सूची जारी हुई, वह सभी देर रात ही हुई थी। लगातार अधिकारियों के तबादले होना यह भी बताता है कि मुख्यमंत्री की प्रशासनिक क्षमता कमजोर है। तबादलों का ये धंधा दिल्ली के हस्तक्षेप से चल रहा है।’

इन्वेस्टर समिट पर भी सवाल

जीतू पटवारी सीएम मोहन यादव द्वारा की जा रहीं इन्वेस्टर्स समिट को लेकर भी तंज कसा और बोले कि इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों रुपए बहाने मुख्यमंत्री अब विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। लंदन में जाकर वह उद्योगपतियों को धार्मिक भाषण ही देंगे। वहां भी उज्जैन के प्राचीन काल, राम और लक्ष्मण की बात करेंगे। इन्वेस्टर समिट के नाम पर मध्य प्रदेश में कितना निवेश हुआ, कितने उद्योग स्थापित हुए और कितने लोगों को रोजगार मिला, इसकी जानकारी सरकार को जनता के सामने रखनी चाहिए।

घुसपैठियों की बात पर मोदी-शाह को घेरा

जीतू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि सीमा से घुसपैठिए आ गए हैं। अगर ऐसा है, तो यह उनके गृह मंत्री अमित शाह की विफलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दस साल से उनका गृह मंत्री है। शाह खुद गृह मंत्री हैं। सेना सीमा पर है, सीआरपीएफ सीमा पर है। इनका कमांड उनके पास है। इसके बावजूद यदि घुसपैठिये हैं, तो इसके लिए दोषी मोदी और शाह हैं।

Surekha Sikri: 1977 में पहली फिल्म, लेकिन शोहरत मिली 2008 में दादी-सा के रोल से… मिलिए नसीरुद्दीन शाह की साली सुरेखा सीकरी से

सुरेखा सीकरी ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में 10 से ज्यादा साल तक कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उन्हें तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका अभिनय किस दर्जे का था। 2008 में बालिका वधु की दादी-सा के रूप में उन्हें घर-घर में पहचान मिली।

By Arvind Dubey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 03:12:57 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 03:19:08 PM (IST)

Surekha Sikri: 1977 में पहली फिल्म, लेकिन शोहरत मिली 2008 में दादी-सा के रोल से… मिलिए नसीरुद्दीन शाह की साली सुरेखा सीकरी से
‘बधाई हो’ के लिए सुरेखा सीकरी को नेशनल अवॉर्ड मिला था। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. 19 अप्रैल 1945 को दिल्ली में हुआ था जन्म
  2. 2008 में रिलीज हुई थी आखिरी फिल्म ‘बधाई हो’
  3. 16 जुलाई 2021 में हार्ट अटैक से हुआ था निधन

एंटरटेनमेंट डेस्क, इंदौर (Surekha Sikri)। हर किसी की किस्मत एक समान नहीं होती है। किसी को बचपन में ही दौलत और शोहरत मिल जाती है, तो किसी को जवानी में इसके लिए मेहनत करना होती है।

यहां हम बॉलीवुड की ऐसी एक्ट्रेस के बारे में बताएंगे, जिन्हें जवानी बीत जाने के बाद दादी मां का रोल में शोहरत मिली। ये हैं सुरेखा सीकरी। बहुत कम लोगों को पता है कि सुरेखा, नसीरुद्दीन शाह की साली भी थीं।

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Who was Surekha Sikri: All you have to know

तबस्सुम टॉकीज यूट्यूब चैनल के अनुसार, सुरेखा सीकरी का जन्म 19 अप्रैल 1945 को दिल्ली में हुआ था। उनके पिता वायु सेना में थे और माता एक टीचर थीं। उनकी एक बहन भी थीं, जिनका नाम था मनारा।

नसीरुद्दीन शाह की पहली शादी मनारा से हुई थी। इस तरह सुरेखा, नसीरुद्दीन शाह की साली थीं। सुरेखा ने शुरुआती पढ़ाई नैनीताल में हुई। फिर उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया।

सुरेखा को बचपन से एक्टिंग का शौक था। कॉलेज पूरा करने के बाद 1968 में वे दिल्ली आ गईं और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में एडमिशन ले लिया। यहां कई ड्रामा किए।

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1997 में मिली पहली फिल्म, जो हुई देश में बैन

1997 में सुरेखा सीकरी को पहली फिल्म मिली जो एक बोल्ड पॉलिटिकल फिल्म थी। नाम था – ‘किस्सा कुर्सी का’। राजनीति पर आधारित होने के कारण फिल्म को भारत में बैन भी कर दिया गया।

फिल्म पर बैन लगने के बाद सुरेखा ने NSD में ड्रामा जारी रखा। 1988 में यहां उन पर फिल्म डायरेक्टर गोविंद निहलानी की नजर पड़ी। सुरेखा के अभिनय से प्रभावित होकर निहालनी ने उन्हें टेली फिल्म ‘तमस’ ऑफर की। यह फिल्म 1988 में ही रिलीज हुई और जिसके लिए सुरेखा को नेशनल अवॉर्ड मिला।

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अलग-अलग तरह की फिल्में, अलग-अलग तरह के रोल

इसके बाद आने वाले सालों में सुरेखा ने अलग-अलग तरह की फिल्मों में अलग-अलहग तरह के रोल किए। 1994 में ‘मम्मो’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीता। ‘सरदारी बेगम’, ‘नसीम’, ‘सरफरोश’ ‘दिल्लगी’ ‘जुबैदा’ और 2018 में रिलीज हुई ‘बधाई हो’ में काम किया।

सुरेखा को सही मायनों में 2008 में पहचान मिली, जब उन्होंने टीवी सीरियल ‘बालिका वधु’ में दादी सा का रोल किया।

3 बार नेशनल अवॉर्ड

  1. 1988 में ‘तमस’ के लिए
  2. 1994 में ‘मम्मो’ के लिए
  3. 2018 में ‘बधाई हो’ के लिए

सुरेखा सीकरी की निजी जिंदगी और दुनिया से अलविदा

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सुरेखा सीकरी ने 1994 में हेमंत रिगे से शादी की थी, लेकिन 20 अक्टूबर 2009 को पति का निधन हो गया था। उनका एक बेटा राहुल है जो आर्टिस्ट है।

2018 में सुरेखा जब महाबलेश्वर में शूटिंग कर रही थीं, तब बाथरूम में फिसलने से ब्रेन स्ट्रोक आ गया। 2020 में दूसरी बार ब्रेन स्ट्रोक आया और आखिरी में 16 जुलाई 2021 में हार्ट अटैक आने के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

क्लार्क ने किस बैटर को बताया खतरनाक, कहा- भारत को वही दिला सकता है सीरीज में जीत

नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के शुरू होने का इंतजार हर एक क्रिकेट फैन को है. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 22 नवंबर को पर्थ में शुरू होगा. मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज को 3-2 से जीतेगा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर भारतीय टीम को यह सीरीज जीतना है तो विराट कोहली को चलना जरूरी है.

ऑस्ट्रेलिया के पू्र्व कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा कि भारत की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सफलता विराट कोहली पर निर्भर करती है. अगर भारत को लगातार तीसरी बार टेस्ट सीरीज जीतनी है तो उनको सबसे ज्यादा रन बनाने होंगे. क्लार्क ने ऋषभ पंत को भारत के लिए और स्टीव स्मिथ को ऑस्ट्रेलिया के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी बताया.

Gwalior BJP Information: ग्वालियर में जातीय समीकरण तय करेंगे कौन होगा भाजपा का जिलाध्यक्ष

भाजपा में संगठनात्‍मक चुनाव की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। 20 नवंबर तक बूथ कमेटियों का गठन और मंडल अध्‍यक्ष का चुनाव होगा। दिसंबर माह में जिलाध्‍यक्ष को चुना जाएगा। लेकिन ब्‍लाक से लेकर जिलाध्‍यक्ष तक का चुनाव जातीय समीकरण तय करेंगे।

By Jogendra Sen

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 01:50:30 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 01:50:30 PM (IST)

HighLights

  1. भाजपा में संगठनात्मक चुनाव की गतिविधियों ने पकड़ी गति
  2. दिसंबर के अंत तक होंगे भारतीय जनता पार्टी के संठनात्मक चुनाव
  3. जिलाध्यक्ष पद के लिए अंचल के सभी जिलों में जोर अजमाइश शुरु हो गई है

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। भाजपा में संगठनात्मक चुनाव की गतिविधियों ने गति पकड़ ली है। पहले चरण में 20 नवंबर तक बूथ कमेटियों का गठन और उसके बाद मंडल अध्यक्ष का चुनाव होगा। दिसंबर माह के अंत में जिलाध्यक्ष का चुनाव होना है। जिलाध्यक्ष पद के लिए अंचल के सभी जिलों में जोर अजमाइश शुरु हो गई है।

जिलास्तर पर बूथ और मंडल के चुनाव होने के बाद प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व जिलाध्यक्षों के नाम पर विचार करेगा। यह तय माना जा रहा है कि भाजपा अंचल में जिलाध्यक्ष की नियुक्तियों में जातीय समीकरणों को साधने का प्रयास करेगी। वहीं जिलों में अपना वर्चस्व कायम रखने के लिए अंचल के बड़े नेताओं ने अपने खेमों से नाम छांटना शुरु कर दिए हैं। जिले में इस बार अध्यक्ष पद के लिए क्षत्रिय व वैश्य समाज के भाजपा नेताओं की प्रबल दावेदारी मानी जा रही है।

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विधानसभाध्यक्ष व पूर्व सांसद में बन सकती है सहमति

  • जिलाध्यक्ष पद के लिए विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह व पूर्व सांसद विवेक नारायण शेजवलकर के बीच जिलाध्यक्ष पद को लेकर सहमति बनने के संकेत मिल रहे हैं। अगर सहमति बनती है तो इस गठजोड़ का एक नाम सामने आ सकता है। हालांकि विधानसभाध्यक्ष के खेमे ने पूर्व जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी का खुलकर विरोध किया था। माखीजानी पूर्व सांसद से जुड़े हैं।
  • इसके साथ ही महानगर के जिलाध्यक्ष पद के लिए प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन मंत्री भी अपना नाम आगे बढ़ा सकते हैं। बड़े नेताओं के बीच शुरु हुई खींचतान के बीच जिलाध्यक्ष पद के दावेदार भी सक्रिय हो गए हैं। यह दावेदार कोशिश कर रहे हैं कि इनके नाम मंडल से आगे आएं। इसलिए अध्यक्ष के दावेदार मंडल अध्यक्ष के चुनाव में रुचि दिखा रहे हैं

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जिलाध्यक्ष की कुर्सी को लेकर अंचल के बड़े नेताओं में घमासान

  • अंचल में अपना प्रभुत्व कायम रखने के लिए बड़े नेता अपने खेमे के नामों पर मंथन कर रहे हैं। अध्यक्ष के लिए किसका नाम बढ़ाया जाए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाले गुना-शिवपुरी व अशोक नगर, विधानसभाध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर व पूर्व ग्रहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की रुचि दतिया व ग्वालियर ग्रामीण में रहेगी। इ
  • सके अलावा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा भी अपने संसदीय क्षेत्र के अलावा मुरैना व ग्वालियर में जिलाध्यक्ष के लिए अपने नाम आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। जबकि प्रदेश नेतृत्व जातीय समीकरणों के आधार पर जिलाध्यक्ष के नामों विचार करेगा। अगर मुरैना और भिंड से पिछड़ा वर्ग व अनुसूचित जाति के नाम सामने आते हैं तो ग्वालियर से क्षत्रिय व वैश्य समाज के नाम पर विचार किया जाएगा।
Mahakal Mandir Ujjain: उज्जैन में बाबा महाकाल को भक्त ने चढ़ाई अमेरिकन डॉलर की माला

उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में एक भक्त ने भस्मारती में भगवान को अमेरिकन डॉलर की माला चढ़ाई। जानकारी के मुताबिक भक्त ने गुप्त दान दिया है। पुजारियों ने महाकाल को माला चढ़ाने के बाद नोटों को दान पेटी में डाल दिए।

By Prashant Pandey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 01:45:10 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 01:55:02 PM (IST)

Mahakal Mandir Ujjain: उज्जैन में बाबा महाकाल को भक्त ने चढ़ाई अमेरिकन डॉलर की माला
महाकाल को चढ़ाई गई अमेरिकन डॉलर की माला।

HighLights

  1. महाकाल मंदिर में श्रद्धालु दिल खोलकर कर रहे हैं दान।
  2. भक्त द्वारा चढ़ाई गई माला में 200 से ज्यादा डॉलर थे।
  3. भक्त महाकाल को चांदी के मुकुट भी अर्पित कर चुके हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन(Mahakal Mandir Ujjain)। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शनिवार को एक भक्त ने भगवान महाकाल को अमेरिकन डॉलर की माला पहनाई। दानदाता द्वारा गुप्त दान के रूप में माला अर्पण की गई है। भगवान को पहनाने के बाद कर्मचारियों ने माला में लगे डॉलर भेंट पेटी में डाल दिए। माला में दो सौ से अधिक डॉलर थे।

महाकाल मंदिर में भक्तों द्वारा दान का सिलसिला जारी है। मंदिर के अधिकारी, कर्मचारी, पुजारी, पुरोहित तथा फोटोग्राफर तक देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में दान देने हेतु प्रेरित करने के लिए घूमते रहते हैं। इसका परिणाम है, कि भक्त मंदिर में दिल खोलकर दान दे रहे हैं। शनिवार को एक भक्त ने गुप्त दान के रूप में भगवान को डॉलर की माला भेंट की।

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उज्जैन के महाकाल मंदिर में भीड़ प्रबंधन का प्लान बनाएगा आईआईएम इंदौर

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) इंदौर की टीम महाकाल मंदिर में भीड़ प्रबंधन का प्लान बनाएगी। इसी सिलसिले में शुक्रवार को आईआईएम के डायरेक्टर हिमांशु राय ने टीम के साथ महाकाल मंदिर का भ्रमण किया और प्रवेश, निर्गम द्वार सहित श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध सभी व्यवस्थाओं जैसे पानी, जूते-चप्पल स्टैंड, श्रद्धालुओं की कतार, बैठने के स्थान आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।

दर्शन के लिए लगने वाले समय की जानकारी ली

प्रत्येक दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को लगने वाले समय की भी जानकारी ली। ऐसे स्थान भी देखे, जहां श्रद्धालुओं के आने और जाने का मार्ग एक ही है। टीम में हिमांशु राय के साथ प्रो. हंस मिश्रा, प्रो. सौरभचंद्र, प्रो. अमित वत्स भी मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर में कलेक्टर नीरज सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ सहित विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक ली।

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यूएमटीसी से 8500 करोड़ रुपये का प्लान बनवाया था

पिछले वर्ष उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय से जुड़ी अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी लिमिटेड (यूएमटीसी) से उज्जैन की सड़कों को अगले 20 वर्षों तक ट्रैफिक जाम से मुक्त रखने के लिए 8500 करोड़ रुपये का ग्रीन ट्रैफिक काम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान बनवाया था, जो अब तक अमल में नहीं आ सका है।

सेंचुरियन पूछेगा सुर्यकुमार यादव से सात सवाल, क्यों मचा है 3 टी 20 से पहले बवाल ? – News18 हिंदी
  • November 12, 2024, 12:26 IST
  • cricket NEWS18HINDI

नई दिल्ली. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सिरीज का तीसरा मुकाबला सेंचुरियन में खेला जाएगा. टॉप आर्डर चला नहीं, बैटिंग ऑर्डर का तय ना होना और तेज गेंदबाजों की फॉर्म ये कुछ ऐसी परेशानी है जिससे निपटने का काम कप्तान और टीम मैनेजमेंट को करना है . सूर्य से सेंचुरियन का मैदान पूछेगा सात सवाल, जवाब मिला तो सीरीज में बढ़त भी मिल जाएगी.

Gwalior Climate forecast: दिन में भी होगी ठंड की शुरूआत, रात में गोता लगाएगा पारा

ग्‍वालियर में दिन और रात का तापमान स्थिर बना हुआ है। कश्‍मीर से आने वाली हवाओं की आवक थमी है। इससे रात का तापमान कम नहीं हो रहा है। आगले 48 घंटे में वेस्‍टर्न डिस्‍टर्ब का प्रभाव कम हो जाएगाा इसके बाद ठंडक बढ् जाएगी।

By Priyank Sharma

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 02:35:34 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 02:35:34 PM (IST)

दोपहर में तेज धूप से बचने के लिए सडक किनारे छाता लगाकर खडे युवा।

HighLights

  1. उत्तरभारत से आने वाली हवाओं की आवक थमी
  2. अंचल में रात का तापमान है स्थिर, नहीं बढ रही ठंड
  3. 20 के बाद होगी रात के तापमान में गिरावट

ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। पहाड़ी इलाकों में पिछले दिनों हुई बर्फबारी के बाद जम्मू-कश्मीर में आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिलहाल उत्तरी हवाओं की आवक थमी हुई है। इसके कारण दिन और रात का तापमान स्थिर बना हुआ है। अगले 48 घंटों में इस पश्चिमी विक्षोभ का असर समाप्त होने के बाद अब ठंडक की शुरूआत होगी।

अभी तक रात के तापमान में गिरावट हो रही थी, लेकिन अब दिन का पारा भी गिरना शुरू होगा। ये उत्तरी हवाओं के कारण होगा, जो पहाड़ी इलाकों से बर्फबारी के बाद ठंडक लेकर अंचल में आएंगी। ऐसे में अब शहर में ठंडक बढ़नी शुरू होगी।

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नवंबर माह की शुरूआत से ही मौसम विभाग का पूर्वानुमान था कि 20 नवंबर के बाद ही दिन और रात के तापमान में गिरावट शुरू होगी और कड़ाके की ठंडक का अहसास होगा। अब आगामी 20 नवंबर के बाद दिन का तापमान भी 30 डिग्री सेल्सियस से कम पर आ जाएगा।

सात दिन के मौसम का पूर्वानुमान

  • 17 नवंबर-जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान स्थिर बना रहेगा।
  • 18 नवंबर-दिन का पारा 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। रात का पारा भी स्थिर रहेगा।
  • 19 नवंबर-हवाओं का रुख बदलने के कारण रात के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस का उछाल आएगा।
  • 20 नवंबर-हवाओं का रुख उत्तरी होने के कारण फिर से रात का पारा गिरना शुरू होगा।
  • 21 नवंबर-दिन का पारा 30 डिग्री से नीचे आएगा। रात का पारा 13 डिसे रहने की संभावना है।
  • 22 नवंबर-दिन और रात के तापमान में गिरावट होगी। न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस आने की संभावना है।
  • 23 नवंबर-दिन और रात का तापमान स्थिर रहेगा। दिनभर ठंडक का अहसास होगा।

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इस सप्ताह का अनुमानित पारा

दिनांक अधिकतम न्यूनतम

17 नवंबर 31 14

18 नवंबर 31 14

19 नवंबर 31 16

20 नवंबर 30 14

21 नवंबर 29 13

22 नवंबर 29 12

23 नवंबर 29 12

Bhairav Ashtami 2024: भैरव अष्टमी 22 नवंबर को, व्रत करने से सभी कार्य होंगे सिद्ध

मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान काल भैरव का जन्म हुआ था। यह दिन काल भैरव अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल अष्टमी तिथि 22 नवंबर को शाम 6.07 से शुरू होकर अगले दिन 23 नवंबर की शाम 7.56 मिनट तक रहेगी।

By Prashant Pandey

Publish Date: Solar, 17 Nov 2024 02:21:34 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 17 Nov 2024 02:36:40 PM (IST)

Bhairav Ashtami 2024: भैरव अष्टमी 22 नवंबर को, व्रत करने से सभी कार्य होंगे सिद्ध
भैरव अष्टमी को लेकर मंदिरों में शुरू हुई तैयारियां। फाइल फोटो

HighLights

  1. तंत्र विद्या सीखने वाले साधक कालाष्टमी पर कठिन उपासना करते हैं।
  2. इस दिन मंदिरों में भैरवजी को सिंदुर का चोला अर्पित किया जाता है।
  3. भगवान शिव के रौद्र रूप का पूजन करने से परेशानियां दूर होती हैं।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर(Bhairav Ashtami 2024)। रवि योग और इंद्र योग में 22 नवंबर को भैरव अष्टमी मनाई जाएगी।भैरव अष्टमी को देवाधिदेव महादेव के रूद्र रूप काल भैरव की पूजा की जाती है। भैरव अष्टमी का व्रत करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर काल भैरव देव की पूजा की जाती है। भैरव अष्टमी का व्रत को करने से साधक को विशेष कार्य में सफलता और सिद्धि मिलती है। तंत्र विद्या सीखने वाले साधक कालाष्टमी पर काल भैरव देव की कठिन उपासना करते हैं।

धार्मिक कथाओं के अनुसार इस दिन भगवान काल भैरव का जन्म हुआ था। इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान काल भैरव पूजा-पाठ, दान करने से प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी देते हैं।

कालाष्टमी भैरव अष्टमी शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 नवंबर को शाम छह बजकर सात मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 23 नवंबर को शाम सात बजकर 56 मिनट पर होगा। काल भैरव देव की पूजा निशा काल में होती है। इसलिए 22 नवंबर को कालाष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन मासिक कृष्ण जन्माष्टमी भी मनाई जाएगी।

कालाष्टमी पर शुभ योग

इस दिन ब्रह्म योग के साथ ही इंद्र योग का निर्माण होगा। इसके अलावा, रवि योग भी बनेगा। इन योग में भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव देव की पूजा करने से साधक को सभी प्रकार के शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलेगी।

काल भैरव मंदिरों में तैयारियां शुरू

भैरव अष्टमी में सप्ताहभर शेष है। ग्वालियर के प्रमुख भैरव मंदिर नया बाजार चौराहा, सराफा बाजार, माधवगंज, स्टेशन पुल के नीचे मंशापूर्ण हनुमान मंदिर व सिटी सेंटर स्थित महाबली हनुमान मंदिर विराजित भैरव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में तैयारियां शुरू हो गईं हैं।

मंदिरों की साफ-सफाई की जा रही है। हनुमान जी की तरह भैरवजी की प्रतिमा सिंदुर का चोला अर्पित किया जाता है। मूंग व उड़द की दाल के मंगौड़े, ईमरती, कचौड़ी का भोग विशेष अर्पित होता है। भैरव अष्टमी के साथ 56 भोग व भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा।

Massive Information: मोहम्मद शमी को मिली टीम में जगह, लगभग 1 साल बाद खेलने उतरेंगे मैच, रणजी ट्रॉफी में दिखाएंगे दम

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चोट से उबरकर मैदान पर वापसी करने के लिए तैयार हैं. साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से टीम से बाहर चल रहे धुरंधर की वापसी होने जा रही है. रणजी ट्रॉफी में वो बंगाल की तरफ से मध्य प्रदेश के खिलाफ खेलने उतरेंगे. अपनी फिटनेस के साबित कर मोहम्मद शमी का इरादा टीम इंडिया में वापसी करने का है.

भारत के स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी वापसी के लिए पूरी तरह तैयार हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के लगभग एक साल बाद वह रणजी ट्रॉफी के मुकाबले में बंगाल की ओर से मध्य प्रदेश के खिलाफ खेलेंगे. शमी को इंदौर के होलकर क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले से पहले टीम में शामिल किया गया है.

शमी इस साल की शुरुआत में टखने की सर्जरी के कारण प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर थे. क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) ने कहा, “शमी का टीम में शामिल होना न केवल एक बड़ा प्रोत्साहन होगा, बल्कि पूरी टीम का मनोबल भी बढ़ाएगा, जो रणजी ट्रॉफी के अगले दौर में पहुंचने का लक्ष्य रखती है.”

पिछले महीने शमी को भारत और न्यूजीलैंड की सीरीज के दौरान नेट्स में गेंदबाज़ी करते हुए देखा गया था. उन्होंने शुभमन गिल और सहायक कोच अभिषेक नायर को नेट्स में गेंदबाजी की. उन्होंने घुटने पर भारी पट्टी बंधी हुई थी और गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल उन पर नजर बनाए हुए थे. उन्हें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के लिए भारत की 18 सदस्यीय टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया था.

FIRST PUBLISHED : November 12, 2024, 13:02 IST