Bharatpur’s Lal Karthik Sharma scored an excellent century in his Ranji Trophy debut match

भरतपुर:- भरतपुर के उभरते क्रिकेटर कार्तिक शर्मा ने रणजी ट्रॉफी में अपने पहले ही मैच में धमाकेदार शतक जड़कर सबको चौंका दिया है. उत्तराखंड के देहरादून में बीसीसीआई द्वारा आयोजित रणजी ट्रॉफी के इस मुकाबले में भरतपुर के इस राइट हैंड ओपनर ने अपने खेल का दमखम दिखाते हुए न सिर्फ शतक लगाया, बल्कि दिन का खेल समाप्त होने तक 113 रन बनाकर नॉट आउट रहे. इस दौरान कार्तिक ने महज 114 गेंदों का सामना करते हुए 11 चौके और 6 गगनचुंबी छक्के जड़े. इस शानदार पारी के साथ ही कार्तिक भरतपुर जिले के इतिहास में रणजी ट्रॉफी के अपने डेब्यू मैच में शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं.

युवा क्रिकेटरों के लिए गर्व
जिला क्रिकेट संघ भरतपुर के सचिव शत्रुघन तिवारी ने इस उपलब्धि को जिले के खेल इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि कार्तिक ने भरतपुर का मान बढ़ाया है. उनके अनुसार कार्तिक की इस सफलता पर पूरे जिले को गर्व है और इससे भरतपुर के युवा क्रिकेटरों के बीच एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है. इस अवसर को खास बनाने के लिए जिला क्रिकेट संघ भरतपुर की ओर से एस.आर. क्रिकेट एकेडमी के मैदान पर विशेष जश्न का आयोजन किया गया. संघ के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों ने कार्तिक की इस उपलब्धि पर मिठाइयां बांटी और जोरदार आतिशबाजी भी की गई.

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खिलाड़ी कार्तिक को मिली शुभकामनाएं
इस जश्न में संघ के अध्यक्ष अरुण सिंह, उपाध्यक्ष विष्णु लोहिया, कोषाध्यक्ष मुनेन्द्र तिवारी के अलावा अजय कुमार शर्मा, नाहर सिंह, वीनू सिंह, अवदेश खटाना, मंगल सिंह, देवेंद्र सिंह, रूपेंद्र मोहन, और वरिष्ठ खेल पत्रकार संजीव चीनिया सहित बड़ी संख्या में साथी खिलाड़ी और खेल प्रेमी शामिल हुए. संघ के पदाधिकारियों ने इस मौके पर कार्तिक को शुभकामनाएं दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. उन्होंने कहा कि कार्तिक की इस पारी से जिले में क्रिकेट का स्तर और ऊंचा होगा और फिर प्रेमियों में उत्साह बढ़ेगा.

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ट्रेनों में स्वदेशी ‘कवच’ तकनीक से हादसों पर लगेगा ब्रेक,614 रूट किलोमीटर लंबी है यह परियोजना

यह परियोजना यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को एक नई ऊंचाई प्रदान करेगी। इस परियोजना में हाई डेंसिटी नेटवर्क के साथ-साथ लो डेंसिटी नेटवर्क के लिए भी कवच तकनीक लागू करने की योजना है। लो डेंसिटी नेटवर्क में 1563 रूट किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। कवच प्रणाली लागू करने हेतु विस्तृत इस्टीमेट को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।

By Manoj Kumar Tiwari

Publish Date: Sat, 16 Nov 2024 08:33:41 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 16 Nov 2024 08:33:41 AM (IST)

रेलवे द्वारा प्राप्त फोटो

HighLights

  1. नागपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड होगा अब हाई-टेक।
  2. परियोजना के लिए 292 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  3. यह पूरी तरह से एक स्वदेशी तकनीक होगी।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर-झारसुगुड़ा रेलखंड पर स्वदेशी कवच सुरक्षा तकनीक लागू करने की तैयारी है। 614 रूट किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए 292 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा को एक नई ऊंचाई मिलेगी। यह पूरी तरह से एक स्वदेशी तकनीक होगी। भारतीय रेलवे संरक्षा और कुशलता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। इसके लिए निविदा आमंत्रित किया गया है, जिसे 25 नवंबर को खोला जाएगा।

क्या है कवच तकनीक

कवच भारतीय रेलवे की स्वदेशी और उन्नत आटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली है। यह तकनीक ट्रेनों के संचालन को हर पल मानिटर करती है और सिग्नल व स्पीड से संबंधित दुर्घटनाओं को रोकने में सक्षम है। इसके जरिए दो ट्रेनों के बीच आमने-सामने की टक्कर को रोका जा सकता है। इस प्रणाली में रेडियो फ्रिक्वेंसी टैग और वायरलेस कम्युनिकेशन का उपयोग कर ट्रेन के इंजन, ट्रैक, सिग्नल और स्टेशन को आपस में इंटरलाक किया जाता है। लोको यूनिट में स्थित डिवाइस ट्रेन को सही गति और सुरक्षित संचालन के निर्देश देती है। इस आटोमैटिक तकनीक के जरिए अब दो ट्रेनों के बीच आमने-सामने की टक्कर से बचाव सुनिश्चित होगी।

सिकंदराबाद में सफल परीक्षण

रेलवे के मुताबिक मार्च 2022 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण मध्य रेलवे के सिकंदराबाद मंडल में कवच तकनीक का सफल परीक्षण किया। इससे यह साबित हुआ कि यह तकनीक संरक्षा को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह सक्षम है। कवच तकनीक का उद्देश्य भारतीय रेलवे को सुरक्षा और दक्षता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। नागपुर-झारसुगुड़ा खंड पर इसका लागू होना न केवल संरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय रेलवे की आधुनिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यह होंगे प्रमुख लाभ

  • ट्रेन संचालन की पूर्ण सुरक्षा।
  • सिग्नल व स्पीड से संबंधित दुर्घटनाओं पर रोक।
  • यात्रियों और कर्मचारियों की संरक्षा में सुधार।
  • स्वदेशी तकनीक के जरिए रेलवे को आत्मनिर्भर बनाना।

रेलवे से जुड़ी अन्य खबरें..

अगले एक पखवाड़े तक रेल का सफर होगा कष्टप्रद,अंबिकापुर जबलपुर, इंदौर बिलासपुर सहित कई ट्रेनों की आवाजाही रहेगी प्रभावित

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दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे अंतर्गत बिलासपुर कटनी रेल खंड में अगले एक पखवाड़े तक कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित रहने से यात्रियों को मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। इस रेल खंड में अधोसंरचना विकास कार्य के चलते अगले एक पखवाड़े तक कई ट्रेनें स्थगित रहेगी। पहले चरण में अनूपपुर कटनी के बीच करकेली स्टेशन में तीसरी लाइन को जोड़ने का कार्य आरंभ होगा। इसके कारण 16 से 20 नवंबर तक अंबिकापुर जबलपुर, जबलपुर-अंबिकापुर सहित चिरमिरी से संचालित होने वाली अधिकांश ट्रेन का संचालन स्थगित रहेगा। जानकारी के अनुसार जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस 16 से 19 नवंबर और अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस 17 से 20 नवंबर तक रद रहेगी।

दो दिन बाद फिर से कई ट्रेन रहेंगी प्रभावित-दूसरे चरण में बिलासपुर कटनी रेल खंड अंतर्गत नौरोजाबाद स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने व यार्ड रिमाडलिंग कार्य के कारण 22 नवंबर से 1 दिसंबर तक कई ट्रेनें स्थगित रहेंगी। इसका प्रभाव अंबिकापुर, चिरमिरी-कटनी लाइन पर भी रहेगा। इस रेल खंड में संचालित ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहेगा।

यात्री सुविधा बढ़ाने हो रहा काम

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार बिलासपुर-कटनी रेल लाइन में परिचालन को और भी सुचारू तथा नई गाडियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइनों का निर्माण कार्य किया जा रहा है ताकि यात्री सुविधाओं में वृद्धि के साथ यात्री ट्रेनों की समय बद्धता में भी वृद्धि हो। इसी कड़ी में बिलासपुर से कटनी के बीच तीसरी लाइन का कार्य किया जा रहा है । इसके अंतर्गत बिलासपुर-कटनी सेक्शन के नौरोजाबाद रेलवे स्टेशन को तीसरी लाइन से जोड़ने के लिए यार्ड रिमाडलिंग का कार्य किया जाएगा । यह कार्य 24 से 30 नवंबर तक किया जाएगा।

प्रभावित होने वाली ट्रेनें

  • 22 से 30 नवंबर तक बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस।
  • 23 नवंबर से एक दिसंबर तक इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस।
  • 23 से 30 नवंबर तक जबलपुर-अम्बिकापुर एक्सप्रेस।
  • 24 नवंबर से एक दिसंबर तक अम्बिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस ।
  • 25, 27 एवं 29 नवंबर रीवा-चिरमिरी पैसेंजर।
  • 26, 28 एवं 30 नवंबर चिरमिरी-रीवा पैसेंजर स्पेशल।
  • 24 से 30 नवंबर तक चिरमिरी-चंदिया रोड पैसेंजर स्पेशल।
  • 24 से 30 नवंबर चंदिया रोड-चिरमिरी- पैसेंजर स्पेशल।
  • 26, 28 एवं 30 नवंबर को चिरमिरी-अनुपपुर पैसेंजर।
  • 26, 28 एवं 30 नवंबर अनुपपुर- चिरमिरी पैसेंजर स्पेशल।
  • 23 से 30 नवंबर तक कटनी-चिरमिरी मेमू स्पेशल।
  • 24 नवंबर से एक दिसंबर तक चिरमिरी-कटनी मेमू स्पेशल।
हवा में घुलती हल्की ठंडक … ठंड में करें यह योगासन, दूर करेगा सर्दी-जुकाम और शरीर की अकड़न

शीतकाल में स्वस्थ्य एवं स्फूर्त रहने के लिए मध्‍य प्रदेश के जबलपुर में योग प्रशिक्षक पंखुड़ी तनेजा ने बताए उपाय। कहा कि हेमंत ऋतु के आनक से मौसम में परिवर्तन होने लगा है। रात में तापमान में गिरावट हो रही है। हवा में घुलती हल्की ठंडक, सर्दी की आहट दे रही है। सामान्य रुप से लोगों को सर्दी-जुकाम की शिकायत होती है। खांसी कई दिनों तक परेशान करती है।

By Deepankar Roy

Publish Date: Sat, 16 Nov 2024 08:36:27 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 16 Nov 2024 08:36:27 AM (IST)

हवा में घुलती हल्की ठंडक ... ठंड में करें यह योगासन, दूर करेगा सर्दी-जुकाम और शरीर की अकड़न
शरीर को सक्रिय एवं गर्म रखकर अकड़न और सर्दी-जुकाम जैसे समस्या से बच सकते हैं: नईुदनिया।

HighLights

  1. सुबह का समय सबसे अच्छा या खाने के तीन घंटे बाद कर सकते योग।
  2. श्वास प्रक्रिया को शुद्ध करके श्वसन तंत्र और हृदय को लाभ पहुंचाता है।
  3. रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्ध करता है, संक्रमण से बचाव में सहायक।

Well being Information। कई लोगों की शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। वायरल इंफेक्शन की संभावना बनती है। यदि योगासन को जीवनचर्या में सम्मिलित कर लिया जाएं तो शरीर को सक्रिय एवं गर्म रखकर अकड़न और सर्दी-जुकाम जैसे समस्या से बच सकते हैं।

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सुबह का समय सबसे अच्छा या खाने के तीन घंटे बाद

सूर्य नमस्कार, सुबह (सूर्योदय) करना चाहिए। सूर्य के प्रकाश से शरीर को विटामिन-डी की पूर्ति होती है। यह भी कई शारीरिक समस्या से सुरक्षा देता है। कोई भी योग एवं आसन की प्रक्रिया के समय खाली पेट होना आवश्यक है।

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श्वास प्रक्रिया को शुद्ध करके श्वसन तंत्र और हृदय को लाभ पहुंचाता है

यदि आप नाश्ता या भोजन के बाद करते है तो कम से कम तीन घंटे का अंतर होना चाहिए। योगासन के समय आरामदायक व सूती के वस्त्र पहनें। प्राणायम में अनुलोम विलोम नाड़ी शोधन क्रिया है। इसे कोई भी कर सकता है। यह श्वास प्रक्रिया को शुद्ध करके श्वसन तंत्र और हृदय को लाभ पहुंचाता है।

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योगासन में क्रिया के लिए समय का महत्व है

  • सर्दी-जुकाम में भस्त्रिका सहायक होता है। कपालभांति भी शुद्धि क्रिया है।
  • प्राणायाम में अनुलोम विलोम, भस्त्रिका और कपालभांति का अभ्यास करें।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्ध करता है। संक्रमण से बचाव में सहायक होता है।
  • योगाभ्यास से मस्तिष्क एवं शरीर को सक्रिय रखने में सहायता मिलती है।
  • हृदय गति-कोर तापमानक को बढ़ाता, जो रक्त वाहिकाओं को फैलाता है।
  • मांसपेशियों में परिसंचरण में सुधार करता, ठंड में मांसपेशियां सख्त होती हैं।
  • योग के माध्यम से यह आपको गर्म और मजबूत रखने में मदद कर सकता है।

अभी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक योगासन क्रिया के तरीके…

सूर्य नमस्कार: सूर्य नमस्कार 12 चरणों में होता है, जो कि मांसपेशियों और जोड़ों को सशक्त व लचीला बनाता है। रक्त संचार बढ़ाता और ऊर्जा प्रदान करता है। इसे करते समय सूर्य की ओर मुख होना चाहिए। यह आसान सुबह होता है। ठंड के समय जब सूर्य किरण गुनगुनी लगे तब करना अच्छा है। उच्च रक्तचाप, कमर व घुटने के दर्द से पीड़ित, इन आसन को योग विशेषज्ञ से परामर्श के बाद ही करें।

अनुलोम-विलोम : सुखासन या ध्यानात्मक आसन की मुद्रा में बैठे। फिर सीधे हाथ से नाक के दाहिने ओर के छिद्र काे अंगूठे से दबाए। नाक के बाये छिद्र से श्वास खींचे। थोड़ी देर तक श्वास को रोके रखें। उसके बाद नाक से दूसरे छिद्र से श्वास को बाहर छोडें। यही प्रक्रिया दूसरी ओर के नाक छिद्र से दोहराए। इस क्रिया का अभ्यास पांच मिनट से लेकर अधिक 10 मिनट तक करना चाहिए।

कलापभाति : सुखासन में बैठकर, दोनों हाथ को ज्ञान मुद्रा में करते हुए श्वास खींचते हुए झटके साथ पेट को अंदर करना है। तुरंत ही श्वास को बाहर छोड़ते हुए झटके से पेट बाहर की ओर जाएगा। इसकी गति प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य क्षमता अनुरुप अलग-अलग होती है। इस क्रिया को अधिकतम पांच मिनट तक ही करें। अधिक समय तक क्रिया के अभ्यास से पेट में दर्द हो सकता है।

भस्त्रिका व जलनेति : श्वास की प्रक्रिया को जल्दी-जल्दी करना ही भस्त्रिका क्रिया है। यह फेफड़ों को मजबूत बनाता है। जिन्हें साइनस या कफ होने के कारण नाक बंद होने की समस्या हो, उनके लिए जलनेति क्रिया लाभदायक है। जलनेति में पानी से नाक की सफाई की जाती है। भस्त्रिका एवं जलनेति, दोनों योग क्रिया को योग प्रशिक्षक से परामर्श कर और निगरानी में करना चाहिए।

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शारीरिक गतिविधि कम होने से होती है परेशानी

सर्द मौसम लोगों की सामान्य दिनचर्या को प्रभावित करता है। बाहर टहलना एवं अन्य शारीरिक गतिविधियां कुछ कम हो जाती है। ठंडी हवा के संपर्क में आकर शरीर में अकड़न महसूस होती है। कई अन्य रोग की आशंका बनती है, जिसमें वायरल संक्रमण से लेकर श्वास एवं हृदय विकार तक सम्मिलित है। इनसे बचाव में योग एवं आसन सहायक होते है।

एक ओवर में 26 रन… हार्दिक ने मैच लुटाने में कसर नहीं छोड़ी थी, पर साथी पेसर ने दक्षिण अफ्रीका से छीन ली जीत

नई दिल्ली. भारत ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 6 विकेट पर 219 रन बनाए. विशाल स्कोर देख फैंस को लगा कि भारत मैच आसानी से जीत लेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अफ्रीकी बैटर्स ने मजबूत जवाब दिया. हार्दिक पंड्या के एक ओवर में उन्होंने 26 रन ठोक दिए. तब लगा कि मैच हाथ से छिटक भी सकता है. लेकिन अर्शदीप सिंह ने आखिरी ओवर में मैच बचा लिया. उन्होंने इस ओवर में रिकॉर्डतोड़ फिफ्टी जड़ने वाले मार्को यानसेन को आउट कर भारत की जीत सुनिश्चित की.

भारत ने 219 का स्कोर बनाने के बाद दक्षिण अफ्रीका के 6 विकेट 167 रन पर झटक लिए थे. दक्षिण अफ्रीका को आखिरी दो ओवर में जीत के लिए 51 रन चाहिए थे. इतिहास में ऐसे कम ही मौके हैं, जब किसी टीम ने दो ओवर में 51 रन बनाकर मैच जीता है. भारतीय फैंस भी जीत मानकर चल रहे थे. लेकिन मार्को यानसेन ने तो कुछ और ही सोच रखा था. उन्होंने 19वां ओवर लेकर आए हार्दिक पंड्या की 6 गेंदों पर 26 रन ठोक दिए.

IND vs SA Turning Level: 10 फीट की ऊंचाई पर अक्षर का कैच, तूफानी क्लासेन या यानसेन के विकेट, भारत ने कैसे पलटी बाजी

मार्को यानसेन ने हार्दिक पंड्या की पहली तीन गेंद पर दो चौके और एक छक्का लगाया. इसके बाद चौथी गेंद पर 2 रन बनाया. इस तरह उन्होंने पहली 4 गेंद में ही 16 रन ठोक दिए. लंबे कद का यह बैटर यहीं नहीं रुका. यानसेन ने अगली दो गेंदों पर भी छक्का और चौका लगाया. इस तरह उन्होंने हार्दिक पंड्या के एक ओवर में ही 26 रन कूट दिए और अपनी टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया.

अफ्रीकी पारी का आखिरी ओवर अर्शदीप सिंह लेकर आए. मेजबान टीम को इस ओवर में जीत के लिए 25 रन बनाने थे. जो टीम 19वें ओवर में 26 रन कूट चुकी थी, उसके लिए 20वें ओवर में 25 रन बनाना असंभव भी नहीं था. यानसेन भी दूसरी ही गेंद पर क्रीज पर आ चुके थे. लेकिन इस बार बॉलर बदल चुका था. अर्शदीप सिंह ने 20वें ओवर की पहली गेंद पर एक रन दिया. ओवर की दूसरी गेंद पर यानसेन ने छक्का लगाया और अफ्रीकी फैंस में जोश भर दिया. लेकिन ओवर की तीसरी ही गेंद पर यह जोश ठंडा पड़ गया. अर्शदीप सिंह ने अपने इस ओवर की तीसरी गेंद पर यानसेन को एलबीडब्ल्यू कर अफ्रीकी अरमानों को ठंडा कर दिया. अर्शदीप सिंह ने अगली 3 गेंदों पर 6 रन दिए. इस तरह उनके इस ओवर में 13 रन बने. अफ्रीकी टीम 20 ओवर के बाद 208 रन पर ठिठक गई और भारत ने मैच अपने नाम कर लिया.

Tags: Arshdeep Singh, Hardik Pandya, India vs South Africa, Group india

Gadar 2 authentic is a success, do not buy tickets in bulk | ‘गदर 2 हिट कराने के लिए हमने टिकट नहीं खरीदे’: डायरेक्टर अनिल शर्मा बोले- गदर-3 जल्द आएगी, अभी टाइम ‘वनवास’ का है – Jaipur Information

गदर-2 फिल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा शुक्रवार को जयपुर में थे। उन्होंने कहा कि गदर-2 एक ऑरिजनल हिट थी। इसे आम दर्शकों ने हिट करवाया था। न ही बल्क में टिकट खरीदे गए और न ही कॉरपोरेट बुकिंग हुई। सनी देओल बहुत कुछ डिजर्व करते हैं। गदर-2 के बाद उन्हें वह

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जयपुर के एयरपोर्ट रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में अनिल शर्मा ने फैंस से भी मुलाकात की।

जयपुर के एयरपोर्ट रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में अनिल शर्मा ने फैंस से भी मुलाकात की।

सवाल: वनवास फिल्म के बारे में बताएं किस तरह की फिल्म है और किस तरह का एक्सपीरियंस देने वाली है?

अनिल शर्मा: वनवास एक पारिवारिक फिल्म है। गदर-2 के बाद मुझे सभी ने कहा कि आपको एक बड़ी एक्शन फिल्म बननी चाहिए, वनवास क्यों बना रहे हैं? यहां तक की नाना पाटेकर साहब ने भी यही कहा था। तब मैंने कहा था कि आज परिवार बहुत न्यूक्लियर हो गए हैं। हर बुजुर्ग व्यक्ति अपने घर में वनवासी है। वह अकेला बैठा रहता है। आप भी घर में जब एंट्री लेते हैं तो बाबूजी से हाल-चाल पूछ कर दो ही मिनट में बाहर चले जाते हैं। इसलिए यह एहसास करना की परिवार हमारी जिंदगी का एक अंग है।

सवाल: रामजी का वनवास तो 14 साल का था, यह वनवास कितने समय का और क्या खास इसमें नजर आएगा?

अनिल शर्मा: देखिए वह त्रेता युग का वनवास था। उसमें पुत्र अपने पिता की वचन के लिए वनवास चला जाता है। आजकल तो पुत्र पिता को वनवास दे रहे हैं। यह कलयुग है, इसमें युगों का फर्क है। परिवार नहीं तो कुछ भी नहीं है। इसलिए मैंने यह पारिवारिक फिल्म बनाई। जब फिल्म खत्म होगी तो आप सीट पर बैठे रह जाएंगे।जब बाहर निकलेंगे तो सबसे पहले अपने पिता को फोन करेंगे।

अनिल शर्मा ने गदर और गदर 2 फिल्म डायरेक्ट की है। उन्होंने देओल फैमिली के साथ कई हिट फिल्में दी हैं।

अनिल शर्मा ने गदर और गदर 2 फिल्म डायरेक्ट की है। उन्होंने देओल फैमिली के साथ कई हिट फिल्में दी हैं।

सवाल: इस फिल्म में लीड आपके बेटे उत्कर्ष शर्मा हैं, एक बाप-बेटे की जोड़ी जो सेट पर आकर एक्टर-डायरेक्टर की जोड़ी में बदल जाती है, उसे कैसे देखते हैं?

अनिल शर्मा: एक्टर के तौर पर उत्कर्ष सामने होता है तो हम बतौर डायरेक्टर काम करते हैं। ऐसे में जो डायरेक्टर एक्टर का रिश्ता होता है। वह बहुत प्रोफेशनल होता है। उत्कर्ष एक प्रोफेशनल एक्टर है। जो अमेरिका से पढ़कर और ट्रेनिंग लेकर आए हैं।

मैं भी एक हाइली प्रोफेशनल डायरेक्टर हूं। घर पर तो जैसे पिता-पुत्र में प्यार का रिश्ता होता है वैसे ही हमारा रिश्ता है। लॉकडाउन उसने मुझे सत्यजित रे का सिनेमा दिखाया। जब मैं करियर के शुरुआती दिन में था, तब मैंने यह सिनेमा देखा था। उस समय बंगाली तो आती नहीं थी। उसने मुझे अब सारा सिनेमा दिखाया।

सवाल: आपने नाना पाटेकर को किस तरह मनाया, वह अब बॉलीवुड से थोड़ी दूर रहते हैं?

अनिल शर्मा: नाना सर थोड़े से वनवासी टाइप व्यक्ति हैं। जब तक उनको स्क्रिप्ट सही नहीं मिलती। वह काम नहीं करते हैं। जब मैं नाना सर के पास यह सब्जेक्ट लेकर गया तो उन्होंने कुछ देर में हां कर दिया था।। उन्होंने बहुत मेहनत की।

नाना सर का इस फिल्म में अपने किरदार को लेकर बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन है। लोगों ने नाना पाटेकर को मीम्स में ज्यादा देखा है। थोड़े बहुत उनके डायलॉग में देखा है। नाना पाटेकर की परफॉर्मेंस का लेवल लोगों ने आज तक देखा नहीं देखा है। आज की ऑडियंस देखेगी कि नाना पाटेकर इतने बड़े एक्टर क्यो है?

सवाल: गदर 2 की रिलीज के बाद कहा जा रहा था कि अनिल शर्मा, सन्नी देओल की आंखों में भी आंसू थे। उसके बारे में आप बताएं ?

अनिल शर्मा: हां यह सही है। जब एग्जाम में ईश्वर आपको टॉप कर देता है तो आपकी आंखों में आंसू आ जाते हैं। वह खुशी के आंसू होते हैं। यह बिल्कुल सही बात है कि रिलीज वाले 11 अगस्त के दिन जब पहली बार सुबह 7:30 वह रिव्यू देख रहे थे तो सनी सर को मैंने कॉल किया। मेरे साथ मेरी वाइफ भी थी। उस कॉल के दौरान हमारे तीनों के आंखों में आंसू थे। सनी सर ने मुझे कहा- यह कमाल हो गया है।

सनी देओल और अनिल शर्मा।

सनी देओल और अनिल शर्मा।

सवाल: आपने गदर की सक्सेस के बाद कहा सन्नी से कहा था- कि आप एक फिल्म के 50 करोड़ रुपए लेने वाले एक्टर हैं, आज वह सिद्ध भी किया है?

अनिल शर्मा: सनी सर बहुत डिजर्व करते हैं। बिजनेस कम्युनिटी है, कुछ स्टूडियो देखते हैं कि आपकी पिछली फिल्मों ने कितना बिजनेस किया। उस हिसाब से आपको पेमेंट मिलता है। स्टूडियो भी अपनी जगह राइट है। अगर आप 2 रुपए ही कमा रहे हैं। आपको उतना ही मिलेगा और आप 100 रुपए कमा रहे हैं तो आपको इतना मिलेगा। यह सही है कि गदर 2 के बाद सनी सर जो डिजर्व करते हैं, वह उनको हासिल हुआ है। मैं उनको लेकर बहुत खुश हूं।

सवाल: गदर और गदर-2 फिल्मों के अनुभव कैसे रहे?

अनिल शर्मा: दोनों फिल्मों का एक जैसा माहौल मैने देखा है। गदर 2 एक ओरिजिनल हिट रही है। इसे हिट करवाने के लिए न ही हमने बल्क में टिकट खरीदी, न कॉर्पोरेट बुकिंग हुई। आम दर्शक फिल्म को देखने पहुंचे थे। हमारी टिकट रेट भी 200 से 250 रुपए रखी गई थी। अगर हमने 500 से 600 रुपए टिकट किया होता। हमारी फिल्म 700 करोड़ नहीं कमाती। हमारी फिल्म हजार करोड़ से ऊपर कमाती।

सवाल: हर कोई अब गदर 3 की बात कर रहा है, तो कहां से शुरुआत होने वाली है और कब यह दर्शकों के बीच आएगी?

अनिल शर्मा: अभी तो हम वनवास फिल्म की बात कर रहे हैं। इसके बाद हम गदर 3 की तैयारी में जुड़ जाएंगे। उसकी कहानी पर काम चल रहा है। तारा और जीते की कहानी को हम आगे जरूर बढ़ाएंगे।

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इंदौर सराफा बाजार: करवा चौथ के पहले सोने में 700 रुपए का उछाल, चांदी भी चमकी

सोने के साथ चांदी में भी तेजी थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को चांदी चौरसा 1200 रुपये उछलकर 93500 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। ज्वेलर्स का मानना है कि दीपावली तक चांदी भी 95000 रुपये प्रति किलो पर पहुंच जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा।

By Lokesh Solanki

Publish Date: Fri, 18 Oct 2024 07:31:48 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 18 Oct 2024 07:37:49 PM (IST)

इंदौर सराफा बाजार में सोने और चांदी के भाव।

HighLights

  1. करवा चौथ के पहले सोना दौड़ा 80 हजार के स्‍तर की ओर।
  2. चांदी में आया 1200 रुपये का उछाल, सोना 700 रुपये बढ़ा।
  3. त्योहारी सीजन में सोने की मांग 15 प्रतिशत बढ़ सकती है।

नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। करवा चौथ से पहले सोने के दामों ने 80 हजार रुपये प्रति दस ग्राम के स्तर की ओर दौड़ लगा दी है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और विश्व स्तर पर ब्याज दरों में कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में सोना और चांदी वायदा में जोरदार उछल देखने को मिल रहा है।

शुक्रवार को कामेक्स पर सोना वायदा 32 डालर बढ़कर 2712 डालर प्रति औंस और चांदी वायदा 32 सेंट उछलकर 32.11 डालर प्रति औंस पर कारोबार करती देखी गई। करवा चौथ के ठीक पहले ही सोना बीते रिकार्ड तोड़ते हुए नई ऊंचाई पर पहुंच गया।

शुक्रवार को इंदौर सराफा में सोना हाजिर 700 रुपये उछलकर 79400 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। चांदी चौरसा भी 1200 रुपये उछलकर 93500 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। भारत में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ, करवा चौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों पर सोने की मांग में वृद्धि की उम्मीद है।

इससे कीमतों में और भी इजाफा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस त्योहारी सीजन में सोने की मांग 10 से 15 प्रतिशत बढ़ सकती है, जिससे कीमतें 80,000 रुपये तक जा सकती हैं। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के फैसले का प्रभाव सोने की कीमतों पर तुरंत दिखाई देता है।

इस बीच, चीन ने परेशान संपत्ति डेवलपर्स की सहायता के लिए विस्तारित ऋण सहायता की घोषणा की, जिसने इसके अचल संपत्ति बाजार में स्थिरीकरण की भावना में योगदान दिया है। सौर पैनल और इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्रों की मजबूत मांग के साथ-साथ सोने की तुलना में बेहतर रिटर्न एसेट के रूप में चांदी में निवेशकों की रुचि के कारण भारत का चांदी का आयात इस साल लगभग दोगुना होने वाला है।

भारत ने 2024 की पहली छमाही में 4,554 टन चांदी का आयात किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 560 टन से काफी अधिक है।कामेक्स पर सोना वायदा 2712 डॉलर तक जाने के बाद 2714 डालर और नीचे में 2690 डालर प्रति औंस और चांदी ऊपर में 32.11 डालर तक जाने के बाद 32.17 डालर और फिर नीचे में 31.65 डालर प्रति औंस पर कारोबार करता देखी गई।

इंदौर के बंद भाव– सोना केडबरी रवा नकद में 79400 सोना (आरटीजीएस) 79400 सोना (91.60 कैरेट) (आरटीजीएस) 72500 रुपये प्रति दस ग्राम बोला गया। गुरुवार को सोना 78700 रुपये पर बंद हुआ था। चांदी चौरसा नकद 93500 चांदी चौरसा (आरटीजीएस) 94000 चांदी टंच 93600 रुपये प्रति किलो और चांदी सिक्का 1080 रुपये प्रति नग बिका। गुरुवार को चांदी चौरसा नकद 92300 रुपये प्रति किलो बिकी थी।

Indore Climate Information: ठंड ने दी इंदौर में दस्तक… उत्तरी हवाओं ने पारा गिराया, 15.6 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान

देरी से ही सही, लेकिन मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में सर्दी ने दस्तक दे दी है। भोपाल और ग्वालियर के साथ ही आर्थिक राजधानी इंदौर में न्यूनतम तापमान तेजी से नीचे आया है। मौसम विभाग के मुताबिक, एक हफ्ते के अंदर सर्दी का असर दिन में भी दिखने लगेगा।

By Arvind Dubey

Publish Date: Sat, 16 Nov 2024 07:54:50 AM (IST)

Up to date Date: Sat, 16 Nov 2024 07:54:50 AM (IST)

Indore Weather News: ठंड ने दी इंदौर में दस्तक… उत्तरी हवाओं ने पारा गिराया, 15.6 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान
आने वाले दिनों में सर्दी का प्रकोप देखने को मिल सकता है। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री पहुंचा
  2. शनि को न्यूनतम तापमान में 1 डिग्री की गिरावट संभव
  3. अगले 203 दिन तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी

नईदुनिया, इंदौर (Indore Climate Information)। उत्तरी हवाओं के असर से इंदौर के तापमान में अब गिरावट देखने को मिल रही है। पिछले एक माह से ज्यादा समय से न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ था। शुक्रवार को इस सीजन में पहली बार शहर का न्यूनतम तापमान 15.6 डिग्री पर पहुंचा।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री दर्ज किया, जो सामान्य था। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, शनिवार को भी न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट हो सकती है। इंदौर में अगले दो से तीन दिन तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और उसके बाद फिर से तापमान सामान्य से अधिक देखने को मिलेंगे।

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इंदौर में क्यों बदल रहा मौसम

  • वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान से भारत की ओर बढ़ रहा है। वहीं जेट स्ट्रीम हवाएं उत्तर भारत की ओर से प्रदेश की तरफ आ रही है। इसके असर से धीरे-धीरे तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है।
  • अभी दिन में जहां हवाओं का रुख उत्तर व उत्तरी पूर्वी बना हुआ है, वहीं कुछ समय हवाएं शांत भी रह रही है। यही वजह है कि अभी हवाओं के असर से दिन व रात के तापमान में कमी दिखाई दे रही है।
  • रात के समय व अल सुबह शहरवासियों को सर्दी का अहसास हो रहा है। वहीं दिन में धूप निकलने के कारण दोपहर में ठंड से राहत है। कभी-कभी तीखी धूप चुभन का अहसास भी करवा रही है।

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महू में भी ठंड का अहसास बढ़ा

इसी तरह महू शहर व आसपास के क्षेत्र में ठंड का असर दिखने लगा है। सुबह 11 बजे तक हल्की धूप के साथ ठंडी हवा महसूस हो रही है। वहीं दिन में धूप तेज होने से अब भी गर्मी का अहसास बना हुआ है।

ठंड के आने से अब शाम को अंधेरा भी जल्दी होने लगा है। साथ ही शाम को ठंडक भी बढ़ गई है। लोग ऊनी कपड़ों में नजर आ रहे हैं। आंकड़ों को देखें तो शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.8 और रात का न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

देवास: रातें ठंडी, दिन में कम हुई धूप की चुभन

इसी तरह देवास शहर सहित अंचलभर में ठंड ने दस्तक दे दी है। धीरे-धीरे रातें ठंडी होने लगी हैं और दिन में धूप की चुभन भी कम हो रही है। रात और दिन के तापमान में भी काफी अंतर आने लगा है। हालांकि दोपहर में अभी भी गर्मी का अहसास हो रहा है, परन्तु हवा ठंडक भरी है।

शुक्रवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा। इसके पूर्व अधिकतम तापमान 30 डिग्री और इससे अधिक रह रहा था। न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की गिरावट पिछले दिनों के मुकाबले हुई है।

अब रात और जल्दी सुबह बाहर निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। आने वाले दिनों में तापमान में ओर अधिक गिरावट की संभावना है। अंचल में गेहूं की बोवनी लगभग हो चुकी है और आने वाले दिनों में सिंचाई होने पर ठंडक अधिक बढ़ेगी। शनिवार को भी अधिकतम और न्यूनतम तापमान में ज्यादा अंतर रहने की संभावना नहीं है। साथ ही बादल छाने की संभावना है।

Ladies T20 World Cup 2024: महिला टी20 विश्व कप में कब होगा भारत-पाकिस्तान मुकाबला, देखें टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल, स्क्वाड और रिकॉर्ड्स यहां

Ladies T20 World Cup 2024: भारतीय महिला टीम टी20 वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत 4 अक्टूबर से करेगी। टूर्नामेंट के पहले मैच में न्यूजीलैंड से सामना होगा। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ट्रॉफी अपने घर लाना चाहेगी।

By Kushagra Valuskar

Publish Date: Wed, 02 Oct 2024 07:00:35 PM (IST)

Up to date Date: Wed, 02 Oct 2024 07:09:10 PM (IST)

Women T20 World Cup 2024: महिला टी20 विश्व कप में कब होगा भारत-पाकिस्तान मुकाबला, देखें टीम इंडिया का पूरा शेड्यूल, स्क्वाड और रिकॉर्ड्स यहां
भारतीय महिला क्रिकेट टीम। फोटो- एक्स।

खेल डेस्क, इंदौर। ICC Ladies T20 World Cup 2024 Schedule: महिला टी20 विश्व कप 2024 का आयोजन यूएई में होगा, जिसमें 10 टीमें भाग लेंगी। ऑस्ट्रेलिया टीम अपना टाइटल बचाने के इरादे से टूर्नामेंट में उतरेगी। वहीं, भारतीय टीम अपना पहला खिताब जीतना चाहेंगी।

ग्रुप स्टेज के लिए टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। हरमनप्रीत कौर की नेतृत्व वाली टीम इंडिया ग्रुप ए में शामिल है, जिसमें पाकिस्तान, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया भी हैं। ग्रुप बी में बांग्लादेश, साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज, स्कॉटलैंड और श्रीलंका हैं।

टूर्नामेंट का पहला मैच 3 अक्टूबर को बांग्लादेश और स्कॉटलैंड के बीच शारजाहा स्टेडियम में खेला जाएगा। आइए आपको बताते हैं कि टी20 विश्व कप 2024 में भारतीय महिला टीम अपना पहला मैच कब खेलेगी और पूरा शेड्यूल क्या है।

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भारत का शेड्यूल

  • 4 अक्टूबर 2024- भारत बनाम न्यूजीलैंड, दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, शाम 7.30 बजे से।
  • 6 अक्टूबर 2024- भारत बनाम पाकिस्तान, दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, दोपहर 3.30 बजे से।
  • 9 अक्टूबर 2024- भारत बनाम श्रीलंका, दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम, शाम 7.30 बजे से।
  • 13 अक्टूबर 2024- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया, शारजाहा क्रिकेट स्टेडियम, शाम 7.30 बजे से।

महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 के लिए भारतीय टीम का स्क्वाड

हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दयालन हेमलता, सजना सजीवन, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, आशा शोभना, पूजा वस्त्रकार, ऋषा घोष (विकेटकीपर), यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, रेणुका ठाकुर सिंह।

ट्रैवलिंग रिजर्व- उमा छेत्री, तनुजा कंवर, साइमा ठाकुर, नॉन ट्रैवलिंग रिजर्व- राघवी बिष्ट, प्रिया मिश्रा।

महिला टी20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी

  • मिताली राज- 726 रन
  • हरमनप्रीत कौर- 576 रन
  • स्मृति मंधाना- 449 रन
  • पूनम राउत- 375 रन
  • जेमिमा रोड्रिग्स- 339 रन

महिला टी20 विश्व कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने वाली बल्लेबाज

  • रुमेली धर- 6 पारियों में 2 बार शून्य पर आउट
  • पूनम राउत- 15 पारियों में 2 बार शून्य पर आउट
  • झूलन गोस्वामी- 16 पारियों में 2 बार शून्य पर आउट
  • हरमनप्रीत कौर- 29 पारियों में 2 बार शून्य पर आउट

महिला टी20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर

  • हरमनप्रीत कौर- 103 रन
  • स्मृति मंधाना- 87 रन
  • सुलक्षणा नाइक- 59 रन

महिला टी20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज

  • पूनम यादव- 28 विकेट
  • राधा यादव- 17 विकेट
  • दीप्ति शर्मा- 15 विकेट
  • प्रियंका राय- 12 विकेट
  • शिखा पांडे- 12 विकेट

महिला टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत

रन के हिसाब भारत की जीत

  • भारत बनाम बांग्लादेश, 2014- 79 रन से जीत
  • भारत बनाम बांग्लादेश, 2016- 72 रन से जीत
  • भारत बनाम श्रीलंका, 2010- 71 रन से जीत

विकेट के हिसाब भारत की जीत

  • भारत बनाम पाकिस्तान, 2010- 9 विकेट
  • भारत बनाम श्रीलंका, 2012- 9 विकेट
  • भारत बनाम वेस्टइंडीज, 2014- 9 विकेट
कौन है भारत का सबसे कामयाब टी20 पेसर, बुमराह-भुवी को एक ही मैच में छोड़ा पीछे, आखिरी ओवर में दिलाई रोमांचक जीत

नई दिल्ली. अर्शदीप सिंह ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में 3 विकेट झटके. उन्होंने रियान रिकल्टन को आउट कर भारत को पहली कामयाबी दिलाई. इसके बाद अफ्रीकी टीम के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बैटर्स मार्को यानसेन और हेनरिक क्लासेन को भी आउट किया. कोई शक नहीं कि जीत की ओर बढ़ रहे दक्षिण अफ्रीका को अर्शदीप सिंह ने ही रोका और भारत को जीत दिलाई. इस जीत के जश्न में अर्शदीप सिंह की एक बड़ी उपलब्धि छिप गई, जिसमें उन्होंने जसप्रीत बुमराह तक को पीछे छोड़ दिया है.

अर्शदीप सिंह ने टी20 इंटरनेशनल मैचों में सबसे अधिक विकेट लेने के मामले में जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर को पीछे छोड़ दिया है. भारत-दक्षिण अफ्रीका तीसरे टी20 मैच के बाद अर्शदीप सिंह के 92 विकेट हो गए हैं. इस मैच से पहले अर्शदीप सिंह 89 विकेट के साथ जसप्रीत बुमराह की बराबरी पर थे. अर्शदीप सिंह ने सबसे ज्यादा विकेट के मामले में भुवनेश्वर कुमार (90) को भी पीछे छोड़ दिया है.

अर्शदीप सिंह अब टी20 इंटरनेशनल मैचों में सबसे अधिक विकेट लेने के मामले में भारतीय गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर हैं. युजवेंद्र चहल एकमात्र भारतीय हैं, जिन्होंने अर्शदीप से ज्यादा विकेट लिए हैं. युजी के नाम 80 मैच में 96 विकेट हैं. अर्शदीप सिंह ने 59 मैचों में ही 92 विकेट झटक लिए हैं. अगर वे दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथे टी20 मैच में 5 विकेट लेते हैं तो युजवेंद्र चहल को भी पीछे छोड़ सकते हैं

FIRST PUBLISHED : November 14, 2024, 09:13 IST

नेतन्याहू बोले- ‘पूरे मिडिल ईस्ट तक हमारी पहुंच’, ईरान में बैठे जासूस ने इजरायल को दी थी नसरुल्ला की लोकेशन

एक दिन पहले इजरायली सेना ने दावा किया था कि हमने आतंकी संगठन हिजबुल्ला के नेता को मार डाला है, वह पूरी दुनिया के लिए खतरा था। इसके कुछ घंटे बाद हिजबुल्ला ने भी मान लिया कि उसका नेता अब इस दुनिया में नहीं है। अब हिजबुल्ला ने नए नेता का एलान कर दिया है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Solar, 29 Sep 2024 10:53:23 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 29 Sep 2024 02:16:27 PM (IST)

नेतन्याहू बोले- ‘पूरे मिडिल ईस्ट तक हमारी पहुंच’, ईरान में बैठे जासूस ने इजरायल को दी थी नसरुल्ला की लोकेशन
हाशेम सफीद्दीन खुलकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ बयानबाजी करता है। साथ ही फिलिस्तीनी का खुला समर्थक है।

HighLights

  1. इजरायल की एयर स्ट्राइक में मारा गया था नसरल्ला
  2. चंद घंटों बाद हिजबुल्ला ने घोषित किया नया प्रमुख
  3. लेबनान पर जारी है इजरायल के लगातार हमले

एजेंसी, बेरूत (Who’s Hashem Safieddine)। अपने सुप्रीम कमांडर सैयद हसन नसरुल्ला की मौत के चंद घंटों बाद ही विश्व के सबसे बड़े गैर सरकारी सशस्त्र संगठन हिजबुल्ला ने नए लीडर के नाम का एलान कर दिया है। हिजबुल्ला ने हाशेम सफीद्दीन को नया नेता चुना है।

हाशेम सफीद्दीन, नसरल्ला का चचेरा भाई है और लंबे समय से हिजबुल्ला में नंबर दो की हैसियत के कामकाज संभाल रहा है। हाशेम सफीद्दीन की शक्ल नसरल्ला से मिलती-जुलती है।

नसरुल्ला की मौत में नया खुलासा

इस बीच, नसरुल्ला की मौत को लेकर नया खुलासा हुआ है। फॉरेन मीडिया ने रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान में मौजूद इजरायल ने ही नसरुल्ला की लोकेशन बताई थी, जिसके बाद हुई एयर स्ट्राइक में वह मारा गया। साथ ही, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान समेत पूरा मिडिल ईस्ट इजरायल की पहुंच में है।

Who’s Hashem Safieddine: जानिए हिज्बुल्ला के नए कमांडर के बारे में

  • हाशेम सफीद्दीन का जन्म 1964 में दक्षिणी लेबनान के दीर कानून अल-नाहर में हुआ था। उसने लंबे समय तक ईरान में रहते हुए पढ़ाई की। 1990 में उसे हिजबुल्ला में भूमिका निभाने के लिए बुलाया गया था।
  • नसरल्ला द्वारा हिजबुल्ला की बागडोर संभालने के ठीक दो साल बाद सफीद्दीन को कार्यकारी परिषद का प्रमुख नियुक्त किया गया था। पिछले 3 दशक से सफीद्दीन संगठन में फाइनेंस का काम संभाल रहा था।
  • 2017 में अमेरिका ने सफीद्दीन को आतंकवादी घोषित किया था। इस पर सफीद्दीन ने कहा था ‘डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में मानसिक रूप से बाधित, पागल अमेरिकी प्रशासन हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा।’
  • 2020 में हाशेम सफीद्दीन के बेटे रिदा ने कासिम सुलेमानी की बेटी जैनब सुलेमानी से शादी की थी। बीते दिनों बगदाद में अमेरिकी हवाई हमले में कासिम सुलेमानी की मौत हो गई।
  • वहीं, 2006 में जब नसरल्ला को इजरायली के डर से छिपना पड़ा, तब सफीदीन ही सार्वजनिक रूप से दिखाई देता था, लेबनान में मारे गए हिजबुल्लाह सेनानियों के अंतिम संस्कार और कार्यक्रमों में भाग लेता था।

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हाशेम सफीद्दीन के लिए खुद को बचाना भी चुनौती

बीते दो महीनों में हिजबुल्ला का नेतृत्व करने वाले सभी प्रमुख लोग मारे गए हैं। अब हाशेम सफीद्दीन को हिजबुल्ला की कमान मिलेगी। ऐसे में संगठन के तेवर बरकरार रखने और इजरायल से टक्कर लेने के साथ ही खुद को बचाने की जिम्मेदारी भी उन्हें संभालनी होगी।

नसरुल्ला की मौत के खिलाफ कश्मीर में प्रदर्शन

इस बीच, नसरुल्ला के मारे जाने की सूचना के बाद कश्मीर के कुछ इलाकों में हलचल शुरू हो गई। आज कुछ इलाकों में बंद का आह्वान भी किया गया है। समर्थकों का कहना है कि इजरायल युद्ध के नाम पर मनमानी कर रहा है और नसरुल्ला की हत्या इसी का परिणाम है।