MP में अपमानजनक तरीके से हटाई पूर्व मंत्री माधवराव सिंधिया की प्रतिमा, दो इंजीनियर सस्‍पेंड

वीडियो वायरल होने के बाद युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंशू मिश्रा ने इसे पूर्व मंत्री का अपमान बनाते हुए ट्वीट भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस सम्मान के साथ कांग्रेस के पूर्व मंत्री की प्रतिमा स्थापित कराई गई थी, उसे अपमानित करते हुए हटाया गया। उनकी प्रतिमा का सम्मानजनक तरीके से दूसरे स्थान पर स्थापित कराया जाना था।

By Navodit Saktawat

Publish Date: Sat, 16 Nov 2024 08:43:31 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 16 Nov 2024 08:48:54 PM (IST)

MP में अपमानजनक तरीके से हटाई पूर्व मंत्री माधवराव सिंधिया की प्रतिमा, दो इंजीनियर सस्‍पेंड
जेसीबी से अभद्रतापूर्ण तरीके से सिंधिया जी की प्रतिमा को ऐसे हटाया गया। फोटो -सोशल मीडिया।

HighLights

  1. शहडोल बायपास चौराहे पर लगी प्रतिमा से अभद्रता
  2. एनएचएआई ने दो इंजीनियरों को किया निलंबित
  3. निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों पर भी की कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, कटनी। नगर के शहडोल बाइपास चौराहे में लगी पूर्व मंत्री स्वर्गीय माधवराव सिंधिया की प्रतिमा को निर्माण के चलते चाैराहे से अलग करने गले में रस्सी बांधकर उसे लटकाते हुए हटाया गया। मामले का वीडियो इंटरनेट में प्रसारित हुआ तो वहीं कांग्रेस ने इसे पूर्व मंत्री का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लिया।

उनके निर्देश पर एनएचआई ने अपने इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की है तो निर्माण एजेंसी के भी दो इंजीनियरों पर कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। नगर के चाका के पास शहडोल बाइपास व मैहर मार्ग पर चौराहे में पूर्व मंत्री सिंधिया की प्रतिमा नगर निगम ने कई साल पहले स्थापित कराई थी।

जबलपुर बायपास से लेकर चाका तक फोर लाइन मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें चौराहे पर ही ब्रिज का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करा रही है। इसमें सड़क चौड़ीकरण के साथ जगह-जगह ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इस कार्य को श्रीजी कंपनी करा रही है।

चाका बाइपास चौराहे में लगी प्रतिमा के चारों ओर खुदाई करते हुए ब्रिज का काम कराया जा रहा है, जिसमें प्रतिमा सिर्फ एक मिट्टी के ढेर पर खड़ी थी। उसे उठाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराने का कार्य कराया जाना था।

जिसमें प्रोटोकाल का पालन न करते हुए अपमानजनक तरीके से प्रतिमा के गले में रस्सी बांधी गई और उसे जेसीबी की मदद से लटकाते हुए अलग कराया गया। अपमानजनक तरीके से प्रतिमा को हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसके बाद

एनएचएआई ने दो को किया निलंबित

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उसको संज्ञान में लिया है। साथ ही एनएचएआई के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने प्राधिकरण अभियंता राजेश नेमा, सहायक ब्रिज इंजीनियर दीपक सोनी निलंबित कर दिया है। वहीं इंजीनियराें को नोटिस दिया है। दूसरी ओर प्रोजेक्ट पर काम कर रही श्रीकंपनी के अधिकारियों ने भी इंजिनियर मनोज वर्मा और आशीष सिंह परिहार के निलंबन की कार्रवाई की है।

वीडियो के माध्यम से मामला संज्ञान में आया था। जिसमें प्रोटोकाल का पालन नहीं करने पर प्राधिकरण अभियंता व सहायक ब्रिज इंजीनियर को निलंबित किया गया है। इसके अलावा अन्य जनों को भी नोटिस जारी किए गए हैं। दूसरी ओर निर्माण एजेंसी ने भी दो इंजिनियरों पर कार्रवाई की है। निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही सम्मानपूर्वक प्रतिमा को चौराहे के पास ही स्थापित कराया जाएगा।

आनंद प्रसाद, प्रोजेक्टर डायरेक्टर, एनएचएआई