मां के साथ दो बच्चों की चिताएं देख कर बरसी सबकी आंखे

बलरामपुर जिले मिले नरकंकाल के तीनों मृतकों का शनिवार को जशपुर जिले के बंदरचुवां में अंतिम संस्कार किया गया। बंदरचुवां मृतिका कौशल्या ठाकुर का मायका है। यहां उनके पति सूरजदेव ठाकुर ने पत्नी और दोनों बच्चों को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में समाज के साथ आसपास के गांव से शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए थे।

By Yogeshwar Sharma

Publish Date: Sat, 16 Nov 2024 09:34:40 PM (IST)

Up to date Date: Sat, 16 Nov 2024 09:34:40 PM (IST)

नईदुनिया प्रतिनिधि,जशपरनगर: बलरामपुर जिले मिले नरकंकाल के तीनों मृतकों का शनिवार को जशपुर जिले के बंदरचुवां में अंतिम संस्कार किया गया। बंदरचुवां मृतिका कौशल्या ठाकुर का मायका है। यहां उनके पति सूरजदेव ठाकुर ने पत्नी और दोनों बच्चों को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में समाज के साथ आसपास के गांव से शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए थे।

नाई समाज के जिलाध्यक्ष उमाशंकर श्रीवास्तव ने बताया कि मृतिका कौशल्या ठाकुर का विवाह 18 साल पहले सूरजदेव ठाकुर से हुआ था। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था। दंपत्ति को तीन संताने हुई थी। बीते दिनों हुई सामूहिक हत्याकांड से सबकों हिला कर रख दिया है। उन्होनें बताया कि मृतिकों में कौशल्या ठाकुर के साथ उनकी बेटी मुस्कान ठाकुर और मिंटू ठाकुर शामिल है।

मृतिका की एक 14 साल की बेटी है। प्रदेश सरकार को उसके भविष्य की चिंता करनी चाहिए। हत्या के इस मामले में मृतिका के स्वजनों ने पुलिस प्रशासन से दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। मृतिका कौशल्या ठाकुर के पिता महेश श्रीवास वकील थे। उनकी बहन रिंकीं श्रीवास भी वर्तमान में स्थानीय न्यायालय में वकालत कर रहीं हैं। मृतिका कौशल्या के स्वजनों ने दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।

मां और दो बच्चों की एक साथ हुई अंतिम बिदाई

बंदरचुवां में ईब नदी के तट पर अंतिम संस्कार के लिए लिए सजी तीन चिता पर जैसे ही सूरजदेव ठाकुर ने मुखाग्नि दी,मुक्तिधाम में मौजूद लोगों की आंखे बरस पड़ी। दो मासूम बच्चों के साथ उनकी मां की एक साथ चिता जलने से स्वजनों के साथ सारे लोगों की आंखे बरस रही थी।

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