Vikrant Massey Interview; The Sabarmati Report | Demise Threats | एक्टर विक्रांत मैसी बोले- मुझे धमकियां मिल रहीं: फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ करने पर पत्नी ने कहा था तुम पागल हो, परिवार-दोस्त बोले गालियां पड़ेंगी – Jaipur Information

एक्टर विक्रांत मैसी अपनी फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ के प्रमोशन के लिए जयपुर आए। इस दौरान उन्होंने फिल्म से जुड़े अनुभवों से लेकर अपने फिल्मी करियर पर बात की। उन्होंने कहा- जब यह फिल्म उन्हें ऑफर हुई थी, घरवालों और दोस्तों ने इसे करने से मना कर दिया था।

.

जब रिसर्च किया तो लगा कि करना चाहिए। फिल्म बनकर तैयार हो गई। अब खूब धमकियां मिल रही हैं। इसको लेकर मैंने पुलिस में रिपोर्ट भी करवाई है। साबरमती अग्निकांड को लेकर जो थ्योरी उस समय फैलाई गई। वह आज भी जिंदा है। उन थ्योरी को लोगों से दूर करने के लिए हम फिल्म बना रहे हैं। अपनी आइडियोलॉजी के बदलाव पर उन्होंने कहा- समय के साथ चीजें बदलती रहती हैं। मैं भी इवॉल्व हुआ हूं। इस फिल्म की वजह से मेरी आइडियोलॉजी में बदलाव नहीं आया है। आगे पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

विक्रांत मैसी ने जयपुर में दाल-बाटी का स्वाद लिया।

विक्रांत मैसी ने जयपुर में दाल-बाटी का स्वाद लिया।

भास्कर: ट्रेलर में एक डायलॉग है कि केंद्र की ट्रेन यूपी की जगह गुजरात होते हुए जानी चाहिए। इसमें साफ तौर पर पॉलिटिकल सिनेरियो को समझाया गया है, इस पर आपका क्या कहना है?

विक्रांत मैसी: इसमें हमने ऐसी कोई चीज नहीं कही है, जो आपको पता नहीं है। हम 2002 की घटना का जिक्र कर रहे हैं। हमारी फिल्म 2002 से 2010 तक की जर्नी को बयां करती है। हमारा मानना है कि उन करीब 10 साल में बहुत सारे मेजर चेंज आए। पॉलिटिक्स के नजरिए से, पब्लिक परसेप्शन के नजरिए से, खास तौर पर साबरमती अग्निकांड के मामले पर। फिल्म का डायलॉग कहीं न कहीं सच्चाई है। आप भी शायद मानते होंगे। अब दिक्कत यह है कि बिना कहे वह नाम भी आपके सामने आ गए।

आजकल फिल्म इंडस्ट्री में लेखक से ज्यादा वकील घूमते हैं। हम पर हर दूसरे दिन नोटिस आता है। अभी मैंने एक फिल्म सेक्टर 36 की है, जो थोड़े दिन पहले ही आई है। इसको लेकर 50 केस हम पर आ चुके हैं। मुझ पर ही नहीं, पूरी टीम पर अलग-अलग केस आए हैं। दिल्ली या नोएडा के जो सेक्टर 36 हैं। उन्होंने हम पर केस ठोक दिया है कि आप हमारे सेक्टर का नाम खराब कर रहे हैं। ऐसी चीजों से हमें भी जूझना पड़ता है। नाम बदलने पड़ते हैं। बहुत सारी ऐसी चीज करनी पड़ती है, जो नहीं करनी होती है। इसलिए हम प्रयास कर रहे हैं कि एक महत्वपूर्ण कहानी आप तक लेकर आएं।

भास्कर: इस कहानी को सामने लाने में 22 साल कैसे लग गए?

विक्रांत मैसी: यह एक ऐसी घटना थी, जिससे हमारा सोशल पॉलिटिकल फैब्रिक, कल्चरल फैब्रिक रातों-रात बादल गया। यह हमारा 9/11 वाली घटना के बराबर है। मेरे दोस्त जो इस समय मीडिया में हैं, उनका भी यही मानना है। इस घटना को 22 साल हो गए हैं। आज भी उन 59 लोगों को एक आंकड़े के तौर पर देखा जाता है। आधे लोग तो उस पर बात भी नहीं करते। मैं आश्वासन के साथ यह कह सकता हूं कि यह फिल्म देखेंगे तो आपको एक अलग नजरिया मिलेगा।

फिल्म प्रमोशन के तहत विक्रांत मैसी शहर के एक मॉल में मीडया से रूबरू हुए।

फिल्म प्रमोशन के तहत विक्रांत मैसी शहर के एक मॉल में मीडया से रूबरू हुए।

मैं एक अलग चीज आपको बताना चाहता हूं कि दूसरे विश्व युद्ध में क्या हुआ। जर्मनी, रूस, अमेरिका में क्या हुआ। उसके आंकड़े हमारे पास मौजूद हैं। कौन सी तारीख को क्या हुआ। वह सब हमें हमारी किताबों में पढ़ाया गया। उस पर फिल्में भी बनी है। बहुत फिल्में बनी हैं, जिन्हें ऑस्कर भी मिला है। हमारे देश में इतनी बड़ी दुर्घटना घटी। उसके बारे में हमें पता नहीं चला। दुख की बात यह है कि आज भी उस समय की थ्योरी जिंदा है, जो उस समय ग्राउंड पर बनाई गई थी। इसका अफसोस होता है। अब इस कहानी को सामने लाने में 22 साल क्यों लगे, इसका तो मैं कुछ कह नहीं सकता। मेरा उद्देश्य इस कहानी को सामने लाना था।

भास्कर: फिल्म की कहानी आने से पहले आपको इस घटना की कितनी जानकारी थी। इस फिल्म को करने के बाद खुद की आइडियोलॉजी में किसी प्रकार का बदलाव आया?

विक्रांत मैसी: जब यह घटना घटी, तब मैं 15-16 साल का था। आप लोग सभी समझ सकते हैं। बचपन में आपके मां-बाप आपको प्रोटेक्ट करना चाहते हैं। जब उस घटना की न्यूज हमारे घर पर चलती थी। चैनल बदल दिया जाता था। उस समय न्यूज में दंगों की बात होती थी। हिंसा की बात होती थी। साबरमती अग्निकांड के बारे में बहुत सालों तक आपको न्यूज में सही तरीके से जानकारी तक नहीं दी गई थी। न्यूज में सिर्फ दंगों के बारे में था। अंतरराष्ट्रीय प्रेस ने भी यही छापा। दूर-दूर से लोग आए। बताया दंगे हुए हैं।

QuoteImage

मैं यहां पर डिस्क्लेमर दे रहा हूं कि कई बार कई बातों का गलत मतलब निकाला जाता है। उस दूसरे पहलू पर इतनी बातें हुईं कि पहले पहलू को हम भूल गए। मुझे भी जो जानकारी बाहर थी, यानी आग लगा दी गई या खाना बना रहे थे, कोई सिगरेट पी रहा था या कोई शॉर्ट सर्किट हुआ, इस तरह की थ्योरी हम तक पहुंची। जब यह कहानी मेरे पास आई, उस वक्त हमें बहुत सारा रिसर्च मटेरियल भी प्रोवाइड कराया गया।

QuoteImage

सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला है हमने उसी के आधार पर कहानी तैयार की। सुप्रीम कोर्ट ने जो कहा है वही हमने कहानी के रूप में दिखाया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद भी आज भी पुरानी थ्योरी बनी हुई है। हम कहते हैं लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, लेकिन हम भी कहीं न कहीं कलेक्टिविज्म का शिकार हैं। जो हम विश्वास करना चाहते हैं, हम उसी का विश्वास करते हैं। चाहे कितने भी तथ्य या सत्य हमारे सामने ला दिए जाएं।

विक्रांत की फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को जयपुर के धीरज सरना ने डायरेक्ट किया है।

विक्रांत की फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को जयपुर के धीरज सरना ने डायरेक्ट किया है।

इस फिल्म की वजह से मेरी आइडियोलॉजी नहीं बदली है। इंसान समय के साथ बदलता है। आप भी 10 साल पहले जो होंगे, वह आज नहीं होंगे। बदलाव आया होगा। एक इंग्लिश की कहावत है कि द चेंज इस द ओनली काॅन्स्टेंट। मैं देश-दुनिया घूमता हूं। चीजें अपनी आंखों से देखी है। अच्छी या गलत और मुझे पता है।

इस सवाल का बैकग्राउंड क्या है, मैं जानता हूं। मैं अपना जवाब दे चुका हूं। मैं नहीं चाहता कि इस फिल्म के साथ भी ऐसा हो कि हमारी बातचीत कहीं पॉलिटिकल विषय में न घुस जाए। इतना जरूर कहूंगा कि मैं भी इवॉल्व हुआ हूं। वहीं स्थिर पानी की तरह मैं रहता तो पता नहीं क्या होता। मुझ पर कीड़े-मकोड़े जम जाते। मैं बहता हुआ पानी हूं। बदलाव आता रहना चाहिए। मुझे विश्वास है कि आज मैं जो हूं, 10 साल बाद नहीं रहूंगा। बदलते रहना चाहिए।

भास्कर: आप सच्चाई से जुड़ी कहानियों पर ज्यादा काम करते हैं, इसका क्या कारण है?

विक्रांत मैसी: आज भी मुझे विश्वास है कि कहानियों और फिल्मों में पूरा पोटेंशियल है। यह चीज लोगों को इंस्पायर करती है। एंटरटेनमेंट तो करती ही है। क्योंकि परिवार से लोग सिनेमाघर में हंस-खेल कर जाना चाहते हैं। हम भी चाहते हैं। कई बार क्या होता है कि वह कहानी को कहना बहुत जरूरी हो जाता है। इसे लोगों तक पहुंचना जरूरी होता है। आज मेरा यह प्रिविलेज है, मैं आज यहां पर सिनेमा हॉल में खड़ा हूं। यह मेरा सपना हुआ करता था। यह मेरी हकीकत है। मेरा यह जरूरी कदम है कि मैं अपने समाज, आप सभी लोगों को कुछ दूं, क्योंकि मैं आप लोगों की वजह से ही हूं। इसलिए मैं ऐसी कहानी लाता हूं, जो आपकी कहानी है।​

भास्कर: ​​​​​​क्या इस फिल्म के बाद आपके परिवार को धमकियां मिल रही हैं? इस फिल्म को करने से पहले आपने उनसे राय ली थी?

विक्रांत मैसी: परिवार वालों को धमकी मिलने को लेकर मिस कम्युनिकेशन हुआ है। मुंबई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुझे सवाल पूछा गया था, जिसका जवाब मैंने दिया था। जो सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया गया। मेरे घरवालों को धमकियां नहीं मिल रही हैं। मुझे धमकियां मिल रही हैं। यह एक तरीके से चाइनीज गेम की तरह है। मुझे टारगेट किया जा रहा है। मुझे बहुत कुछ कहा जा रहा है, लेकिन मैंने कुछ फैसले लिए हैं। अब डर नहीं लग रहा है। कहीं न कहीं एक हल्कापन लग रहा है। डर पहले था, जब कहानी कर रहे थे। जब 27 फरवरी को रीक्रिएट किया गया। शूटिंग करने में भी काफी दिक्कतें आईं। हम बहुत आसानी से पढ़ लेते हैं, लेकिन जब उसे करने जाते हैं। बड़ी समस्या सामने आती है। मेरी सुरक्षा करने के लिए जो जरूरी कदम हैं, परिवार की सुरक्षा करने के लिए जो कदम उठा रहे हैं, वह उठा रहा हूं। हम सब यह मिलकर कर रहे हैं।

प्रोड्यूसर एकता कपूर के साथ मेरा गहरा रिश्ता है। वह एक निर्माता नहीं हैं। मेरी मेंटर भी हैं। साइबर पुलिस में हमने कंप्लेंट भी की है। सच कहूं तो अब डर कम होता जा रहा है। बहुत हिम्मत लगी थी, जब यह कहानी बोलने की कोशिश की थी। अब जब यह फाइनल कहानी आ रही है। अब तो बन गई है। सब कुछ हो गया है। अब कोई दिक्कत नहीं है। हमारी पहले दिन से ही यह सोच थी कि उन 59 लोगों को याद किया जाए, उनको सच्ची श्रद्धांजलि दी जाए। मीडिया का जो रोल था, वह लोगों के सामने लाया जाए।

QuoteImage

मैं हर चीज अपने परिवार से पूछता हूं। हालांकि डिसीजन मेरा ही होता है। मेरे माता-पिता बिल्कुल साधारण से लोग हैं। उनको इस तरह की कोई जानकारी नहीं होती है। उनका ऐसे सब्जेक्ट पर लेना-देना तो बहुत दूर की बात है। उनको यह भी जानकारी नहीं है फिल्म क्या होती है। स्क्रिप्ट क्या होती है। इसकी मेकिंग कैसे होती है। मार्केटिंग क्या होती है। उनको कुछ नहीं पता, हर मां-बाप की तरह उनको सिर्फ अपने बेटे पर गर्व है।

QuoteImage

मेरी पत्नी शीतल से बात करता हूं। जब घर पर चर्चा हुई थी तो आमतौर पर मैं ब्रीफ में बात करता हूं। जब उनको बताया कि इस सब्जेक्ट पर फिल्म बना रहे हैं। मैं सच कहूं पत्नी ने कहा था कि तुम पागल हो। तुम ऐसा क्यों कर रहे हो। मेरे कुछ दोस्त हैं, जो इसी इंडस्ट्री से हैं। उनसे पूछा तो वह कहते थे कि भाई क्यों पंगे ले रहा है। जब बाद में मुझे रिसर्च मटेरियल मिला। कहानी सुनी तो लगा कि यह कहानी कहनी चाहिए। जो एकता कपूर कहना चाहती है, उसे कहना चाहिए।

जब इस फिल्म की स्क्रिप्ट मेरे पास आई थी, उस समय मैंने फिल्म के लिए मना नहीं किया था, लेकिन परिवार से और दोस्तों से इस बारे में डिस्कस किया। उन्होंने कहा- आप पहले ही सोशल मीडिया पर इतनी गालियां खाते हो। इसके करने के बाद गालियां और बढ़ जाएंगी। मिस अंडरस्टैंड करेंगे। क्योंकि इस सब्जेक्ट को बहुत ज्यादा मिस अंडरस्टैंड किया गया है। लोग कहेंगे कि यह किसी एक का पक्ष ले रहा है। फिर यह एक कम्युनिटी के विरुद्ध बोल रहा है। जैसे मैंने पहले कहा कि मेरा विश्वास आज भी यह है कि इतनी भी बुरी दुनिया नहीं है। आज भी कहीं न कहीं इंसानियत हमारे भीतर है। आखिर में यही कहूंगा कि उस ढाई साल के बच्चे को किसी पॉलिटिकल या रिलीजियस आंखों से नहीं देख सकता, जिसे जिंदा जला दिया गया था।

Gold and Silver Price: सोना-चांदी की चमक अभी बाकी, 90 हजार के स्तर पर निगाहें

सोने के दामों के लिए सराफा बाजारों में अगला स्तर 90 हजार रुपये माना जा रहा है। सोना अभी 80,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर है। इस साल सोने और चांदी दोनों ने 30 और इससे ऊपर का रिटर्न दिया है। दीपावली के बाद सोने के रेट घटे हैं, लेकिन एक बार फिर से इसके बढ़ने के आसार हैं।

By Prashant Pandey

Publish Date: Solar, 03 Nov 2024 08:17:26 AM (IST)

Up to date Date: Solar, 03 Nov 2024 08:30:53 AM (IST)

इंदौर सराफा बाजार में 24 कैरेट सोना 80600 रुपये और जेवराती सोना 73600 रुपये बिका। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. नए कारोबारी संवत की शुरुआत में घटे दाम निवेशकों के लिए बना मौका।
  2. 12 नवंबर से वैवाहिक मुहूर्त, त्योहारी सीजन में भी है हुई भरपूर बिक्री।
  3. फिर से दामों में जब तेजी का दौर आएगा तो अच्छा रिटर्न होगा हासिल।

लोकेश सोलंकी, नईदुनिया इंदौर(Gold and Silver Price)। दीपावली-धनतेरस की खरीदी बीत चुकी है। नए कारोबारी संवत 2081 की शुरुआत सराफा बाजार में शनिवार को मुहूर्त के साथ हो गई। इस पूरे साल सोने और चांदी ने चौंकाने वाली तेजी और हैरान करने वाले रिटर्न से लोगों को आकर्षित किया। इसका नतीजा रहा कि त्योहारी सीजन में महंगा होते हुए भी सोने-चांदी में भरपूर बिक्री देखी गई।

शनिवार को बाजार फिर शुरू हुए तो जेवराती सोना करीब एक हजार रुपये सस्ता बिका। चांदी के भाव में तो दो हजार रुपये से ज्यादा की नरमी आई। सराफा बाजार के जानकार और कारोबारी अब कह रहे हैं कि नरमी असल में खरीद का मौका और अगली तेजी की तैयारी है। सोना अभी और चमकेगा और दामों की ऊंचाई आगे भी हैरान करेगी।

सोने ने 30 प्रतिशत और चांदी ने 36 प्रतिशत का दिया रिटर्न

naidunia_image

सोने ने इस साल 30 प्रतिशत रिटर्न दिया है जबकि चांदी 36 प्रतिशत रिटर्न दीपावली पूर्व दे चुकी है। दीपावली के पहले इंदौर में सोना (24 कैरेट) के भाव 81500 रुपये प्रति दस ग्राम थे। जेवराती यानी 22 कैरेट सोना 74400 रुपये के दाम पर बिका था। शनिवार को इंदौर में 24 कैरेट सोना 80600 रुपये और जेवराती सोना 73600 रुपये बिका।

घटने के बाद दामों में फिर आएगा उछाल

इंदौर सोना-चांदी जवाहरात व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल रांका के अनुसार दीपावली पूर्व ही माना जा रहा था कि दोनों कीमती धातुओं में एक-दो प्रतिशत का करेक्शन आएगा। यानी थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद थी। भारतीय बाजार सपोर्ट कर रहे थे इसलिए गिरावट दीपावली पूर्व नहीं आ सकी। विशेषज्ञों ने कहा था कि गिरावट के बाद फिर अगली तेजी की तैयारी होगी।

यानी घटने के बाद दामों में फिर से उछाल देखा जाएगा। जो लोग कह रहे हैं कि सोने ने साल के सबसे ऊंचे दाम देख लिए हैं उन्हें रुकना चाहिए। करीब दो महीने साल बीतने में बाकी है। सोने के दाम नई ऊंचाई पर साल खत्म होते-होते पहुंचेंगे।

naidunia_image

90 हजार अगला स्तर

सराफा व्यापारी एसोसिएशन के मंत्री अविनाश शास्त्री के अनुसार सोने के दामों के लिए बाजार में अगला स्तर 90 हजार रुपये प्रति दस ग्राम का माना जा रहा है। हैरानी नहीं होगी कि इसी साल सोना यह स्तर छू ले। दरअसल, 12 नवंबर से भारत में वैवाहिक मुहूर्त शुरू हो रहे हैं। ऐसे में सोने-चांदी की मांग देखी जाएगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्थितियां भी भाव बढ़ाने में मदद कर रही हैं।

ब्रिक्स देशों ने नई मुद्रा लाने का ऐलान किया है। यह अमेरिका डालर से मुकाबले के लिए हैं। रूस चांदी की खरीदी शुरू कर रहा है। चीन में तेजी से सोने की खरीदी हो रही है, साथ में अलग-अलग देशों में युद्ध की परिस्थितियां और अमेरिका के चुनाव। ये सभी फैक्टर मिलकर सोने के दामों को बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।

सोना-चांदी के कारोबारी बसंत सोनी कहते हैं अभी दामों में जो करेक्शन यानी गिरावट देखी गई है वो निवेशकों के लिए मौका है कि वे सोना-चांदी खरीद लें। दामों में जब फिर तेजी का दौर आएगा तो उन्हें अच्छा रिटर्न हासिल होगा।

Margashirsha Amavasya 2024: राशि के अनुसार करें इन चीजों का करें दान, नोटों से भर जाएगी तिजोरी

मार्गशीर्ष अमावस्या धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तिथि है। इस दिन गंगा स्नान, पितरों का तर्पण और पूजा-अनुष्ठान से जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इसके साथ ही विभिन्न राशियों के लिए विशेष दान जैसे ऊनी वस्त्र, सफेद वस्तुएं, चीनी, चावल आदि का दान करना शुभ माना जाता है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 15 Nov 2024 05:43:59 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 15 Nov 2024 05:43:59 PM (IST)

मार्गशीर्ष अमावस्या पर इन चीजों का दान करें।

धर्म डेस्क, इंदौर। मार्गशीर्ष अमावस्या हिंदू कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण दिन है, जो विशेष रूप से दान-पुण्य और श्रद्धा का प्रतीक है। इस साल मार्गशीर्ष अमावस्या 1 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन को विशेष रूप से तर्पण, श्राद्ध और पवित्र कार्यों के लिए माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान कर पूजा-पाठ करना चाहिए। इस दिन दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मार्गशीर्ष अमावस्या पर जरूरतमंदों को दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि मार्गशीर्ष अमावस्या पर राशि के अनुसार क्या दान करें, जिससे आपको ज्यादा लाभ मिल सके…

मेष राशि: मेष राशि के जातकों को ऊनी वस्त्रों का दान करना चाहिए, जिससे शारीरिक और मानसिक ऊर्जा में वृद्धि होती है।

वृषभ राशि: वृषभ राशि वालों को सफेद रंग की वस्तुएं जैसे दूध, चावल या कपड़े दान करने से सौभाग्य और समृद्धि मिलती है।

मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों को हरे रंग के वस्त्र का दान करना चाहिए, जो जीवन में शांति और संतुलन लाता है।

कर्क राशि: कर्क राशि वालों को चीनी का दान करना चाहिए, जिससे जीवन में सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को लाल रंग के वस्त्रों का दान करना चाहिए, जो सफलता और बल में वृद्धि करता है।

कन्या राशि: कन्या राशि वालों को साबुत उड़द का दान करना चाहिए, जिससे ग्रह दोष दूर होते हैं।

तुला राशि: तुला राशि के जातकों को चावल का दान करना चाहिए, जो जीवन में सुख और वैभव लाता है।

वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों को गुड़ का दान करना चाहिए, जिससे स्वास्थ्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।

धनु राशि: धनु राशि के जातकों को शहद का दान करना चाहिए, जो जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली लाता है।

मकर राशि: मकर राशि वालों को तिल का दान करना चाहिए, जिससे हर प्रकार के विघ्न दूर होते हैं।

कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों को काली उड़द का दान करना चाहिए, जिससे शांति और मानसिक स्थिरता मिलती है।

मीन राशि: मीन राशि के जातकों को केला का दान करना चाहिए, जो विशेष रूप से ऐश्वर्य और संपत्ति के योग बनाता है।

डिसक्लेमर: ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

हरदा में जमीन विवाद से परेशान किसान ने खाया जहर, परिजन ने कलेक्टर बंगले के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में टिमरनी थाना क्षेत्र के डगावानीमा गांव में एक दुखद घटना घटी। 74 वर्षीय बाबूलाल जाट ने रास्ते के विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। परिजन ने कलेक्टर बंगले के सामने शव रखकर प्रदर्शन किया।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 15 Nov 2024 05:58:02 PM (IST)

Up to date Date: Fri, 15 Nov 2024 05:58:02 PM (IST)

हरदा में जमीन विवाद से परेशान किसान ने खाया जहर, परिजन ने कलेक्टर बंगले के सामने शव रखकर किया प्रदर्शन
कलेक्टर बंगले के सामने बुजुर्ग किसान का शव रखकर प्रदर्शन करते परिजन।

HighLights

  1. रास्ते के विवाद से परेशान था बुजुर्ग किसान
  2. परिजनों का तहसीलदार पर भेदभाव का आरोप
  3. लिखित आश्वासन के बाद किया अंतिम संस्कार

नईदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र के डगावानीमा गांव में रास्ते के विवाद के बाद बुजुर्ग किसान ने आत्महत्या कर ली। गुस्साए परिजन ने शुक्रवार को कलेक्टर बंगले के सामने बुजुर्ग का शव रखकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया।

डगावानीमा निवासी 74 वर्षीय बाबूलाल जाट ने एक दिन पहले गुरुवार को विवाद के बाद जहर खा लिया। परिजन शाम को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। सुबह करीब 11 बजे परिजन बुजुर्ग का शव लेकर हरदा पहुंचे। उसके बाद विरोध प्रदर्शन कर शव को कलेक्टर आदित्य सिंह के बंगले के सामने रखकर इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे प्रदर्शन करने लगे।

थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह मर्सकोले सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने परिजन को समझाइश देने पहुंचे, लेकिन वह नहीं माने। मौके पर संयुक्त कलेक्टर रजनी वर्मा, एएसपी आरडी प्रजापति ने परिजन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। शव को कलेक्टर निवास के सामने से हटाने के लिए कहा, जिस पर परिजन और अधिकारियों के बीच बहस भी हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त कलेक्टर वर्मा ने परिजन को लिखित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह शव लेकर हंडिया पहुंचे, जहां नर्मदा किनारे दाेपहर में अंतिम संस्कार किया।

ये है मामला

परिजन का आरोप है कि रास्ते को लेकर गांव के ही एक किसान से विवाद हुआ था, जिसके बाद बुजुर्ग को धमकियां मिल रही थी। इसी से परेशान होकर किसान ने आत्महत्या कर ली। मृतक के पुत्र सुनील जाट ने कहा कि उनके पिता का गांव के ही रामेश्वर जाट के साथ रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। प्रकरण तहसीलदार न्यायालय में भी चल रहा था। जमीन पर दोनों किसान अपना-अपना दावा जता रहे थे। सुनील ने तहसीलदार पर भी आरोप लगाए। तहसीलदार ने गलत आदेश दिया, जिससे पिता परेशान रहते थे।

IND Vs NZ Check Pitch Report: बल्लेबाजों या गेंदबाजों किसको मिलेगी मदद? पढ़ें मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच 1 नवंबर को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। वानखेड़े की लाल मिट्टी की पिच शुरुआत में बल्लेबाजों को मदद करती है, लेकिन बाद में स्पिनर्स को फायदेमंद होती है। दोनों टीमें टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना चाहेंगी। 2021 में दोनों टीमों का पिछला मुकाबला भारत ने जीता था।

By Anurag Mishra

Publish Date: Tue, 29 Oct 2024 01:33:17 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 29 Oct 2024 01:33:17 PM (IST)

IND Vs NZ Test Pitch Report: बल्लेबाजों या गेंदबाजों किसको मिलेगी मदद? पढ़ें मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट
वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट।

HighLights

  1. अंतिम टेस्ट मैच 1 नवंबर को वानखेड़े स्टेडियम में होगा।
  2. भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन दौरे में निराशाजनक रहा।
  3. टॉस जीतकर बल्लेबाजी करना दोनों टीमों का लक्ष्य होगा।

स्पोर्ट्स डेस्क, इंदौर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही टेस्ट सीरीज अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। इस सीरीज का आखिरी टेस्ट मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में 1 नवंबर को खेला जाएगा। मुंबई की पिच किस को बल्लेबाजों या गेंदबाजों को मदद करेगी? यह एक बड़ा सवाल है।

भारतीय टीम की इस दौरे में बल्लेबाजी बहुत ही निराशाजनक रही है। बेंगलुरु और पुणे में टीम के स्टार बल्लेबाज कुछ खास नहीं दिखा पाए। ऐसे में 12 साल बाद टीम को अपने ही घर पर टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी। चलिए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि वानखेड़े स्टेडियम की पिच किसको मदद करने वाली है।

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच रिपोर्ट

वानखेड़े स्टेडियम की पिच लाल मिट्टी की बनी हुई है। ऐसे में यह बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों को ही फायदा पहुंचाती है। टेस्ट मैच के दौरान बल्लेबाजों के लिए दो दिन पिच शानदार रहती है, लेकिन फिर उसके बाद यह पिच स्पिनर्स को मदद करती है। उसका कारण है कि बल्लेबाजी के दौरान पिच का खराब होना शुरू हो जाता है।

अब ऐसे में न्यूजीलैंड और भारतीय टीम की कोशिश यही होगी कि टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी जाए। खेल के आगे बढ़ने के बाद यह पिच खराब होती जाएगी, जिससे गेंदबाजों को फायदा पहुंचेगा।

2021 में मुंबई में आखिरी बार भिड़ी थीं दोनों टीमें

2021 में भारत और न्यूजीलैंड आखिरी बार मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भिड़े थे। इस टेस्ट मैच को भारत ने 372 रनों से जीत लिया था। न्यूजीलैंड की तरफ एजाज पटेल ने शानदार गेंदबाजी की थी। उन्होंने 10 विकेट लेकर सबको चौंका दिया था।

1 मैच में जड़े 2 तिहरे शतक… 606 रन की साझेदारी, 551 रन से मिली जीत, फिर भी नहीं टूटा महारिकॉर्ड

नई दिल्ली. बल्लेबाज स्नेहल कौथांकर और कश्यप बाकले ने रणजी ट्रॉफी मैच में एक साथ तिहरा शतक जड़ने का रिकॉर्ड बनाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए नाबाद 606 रन की साझेदारी की. बावजूद इसके दोनों फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी के महारिकॉर्ड को तोड़ने से चूक गए. कौथांकर और कश्यप की बेहतरीन पारी के दम पर गोवा ने प्लेट ग्रुप मैच में अरुणाचल प्रदेश को पारी और 551 रन से शिकस्त दी. कौथांकर ने 215 गेंद में 314 रन जबकि बाकले ने 269 गेंद में 300 रन बना. जिससे गोवा ने सिर्फ 92 ओवर में 2 विकेट पर 727 रन पर पारी घोषित कर पहली पारी के आधार पर 643 रन की बढ़त हासिल की.

गोवा ने फिर अरुणाचल प्रदेश को 22.3 ओवर में 92 रन पर समेटकर बड़ी जीत दर्ज की. मेहमान टीम पहली पारी में 84 रन पर सिमट गई थी. स्नेहल कौथांकर (Snehal Kauthankar) और कश्यप बाकले (Kashyap Bakle) ने अपनी सनसनीखेज साझेदारी के दौरान कई रिकॉर्ड तोड़ दिए. उनकी नाबाद साझेदारी ने 2016 में वानखेड़े स्टेडियम में महाराष्ट्र की जोड़ी एसएम गुगाले और एआर बावने के बीच तीसरे विकेट के लिए 594 रन की साझेदारी को पीछे छोड़ दिया जो दिल्ली के खिलाफ बनी थी. रणजी ट्रॉफी मैच में एक ही पारी में दो बल्लेबाजों द्वारा तिहरा शतक जड़ने का यह दूसरा ही मामला है. तमिलनाडु के डब्ल्यूवी रमन और अर्जुन कृपाल सिंह ने 1989 में गोवा के खिलाफ क्रमशः 313 और 302 रन बनाए थे.

IND vs SA T20: 6 गेंद पर चाहिए थे 25 रन…गेंदबाज ने अकेले पलट दी बाजी, विपक्षी टीम के जबड़े से छीन ली जीत

मैंने वो बनने की कोशिश की जो मैं नहीं था… ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी

संगकारा-जयवर्धन के नाम 624 रन की साझेदारी का महारिकॉर्ड
यह 606 रन की साझेदारी श्रीलंका के कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने के बीच 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में बनाई गई 624 रन की साझेदारी से थोड़ी ही पीछे रही. जयर्धने और संगकारा के नाम फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड है. गोवा का पहली पारी का 727 रन का स्कोर प्लेट डिवीजन में दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले 2018 में मेघालय ने सिक्किम के खिलाफ सात विकेट पर 826 रन बनाए थे. रणजी ट्रॉफी में यह नौवां सबसे बड़ा स्कोर है.

कौथांकर ने 43 चौके और 4 छक्के जड़े
कौथांकर ने अपनी पारी के दौरान 43 चौके और चार छक्के लगाए और इस उपलब्धि तक पहुंचने के लिए उन्होंने सिर्फ 205 गेंदें खेलीं. कौथांकर अपनी तूफानी पारी की बदौलत अब हैदराबाद के तन्मय अग्रवाल और दक्षिण अफ्रीका के मार्को मराइस के बाद प्रथम श्रेणी में सबसे तेज तिहरा शतक जड़ने वाले खिलाड़ियों की सर्वकालिक सूची में तीसरे स्थान पर हैं. अपनी पारी के दौरान इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में चौथा सबसे तेज दोहरा शतक भी दर्ज किया जो उन्होंने सिर्फ 146 गेंद में 200 रन बनाकर हासिल किया. बाकले की पारी में 39 चौके और दो छक्के जड़े थे.

Tags: Arunachal pradesh, Goa, Ranji Trophy

इस बार मिला धरती से 260 मील ऊपर दीवाली मनाने का मौका, सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से दी शुभकामनाएं

भारत में 31 अक्टूबर को दीवाली मनाई जाने वाली है। मगर, इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने व्हाइट हाउस में सोमवार को दीवाली समारोह का आयोजन किया। इस दौरान बाइडन ने अमेरिका के विकास में भारतीय समुदाय के महत्व की सराहना की। अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स ने इस दौरान स्पेस से अपना संदेश दिया।

By Shashank Shekhar Bajpai

Edited By: Shashank Shekhar Bajpai

Publish Date: Wed, 30 Oct 2024 09:00:00 AM (IST)

Up to date Date: Wed, 30 Oct 2024 09:00:00 AM (IST)

इस बार मिला धरती से 260 मील ऊपर दीवाली मनाने का मौका, सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से दी शुभकामनाएं
व्हाइट हाउस में हुए दीवाली कार्यक्रम के दौरान सुनीता विलियम्स ने कही ये बातें।

HighLights

  1. अंतरिक्षयान में खराबी की वजह से जून से आईएसएस में फंसी हैं सुनीता।
  2. व्हाइट हाउस में दीवाली समारोह के आयोजन में सुनीता ने दिया संदेश।
  3. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने जमकर की भारतीय समुदाय की तारीफ।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष से दीवाली की शुभकामनाएं भेजी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार धरती से 260 मील ऊपर दीवाली मनाने का मौका मिला है। वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में हैं और काफी लंबे समय से अंतरिक्ष में फंसी हैं।

दरअसल, अमेरिका के व्हाइट हाउस में दीवाली का कार्यक्रम किया गया। इसी दौरान सुनीता विलियम्स ने एक वीडियो संदेश के जरिये अमेरिका और दुनिया भर में मौजूद भारतीय मूल के लोगों को दीपावली की बधाई थी।

संदेश में सुनीता ने कही ये बात…

अपने संदेश में सुनीता विलियम्स ने कहा, “आईएसएस से शुभकामनाएं। मैं व्हाइट हाउस और दुनियाभर में आज दीवाली मना रहे सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहती हूं। इस साल मुझे आईएसएस पर पृथ्वी से 260 मील ऊपर दीवाली मनाने का अनूठा अवसर मिला है।”

उन्होंने आगे कहा “मेरे पिता ने हमें दीवाली और अन्य भारतीय त्योहारों के बारे में हमेशा सिखाया और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखा। हमारे समुदाय के साथ दीवाली मनाने के लिए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को धन्यवाद।”

naidunia_image

फरवरी में सुनीता की वापसी की उम्मीद

बता दें कि अंतरिक्ष यात्री बुच विलमोर के साथ सुनीता विलियम्स ने पांच जून को बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी थी। इसके अगले दिन यानी छह जून को दोनों अंतरिक्ष यात्री आईएसएस पहुंचे थे। उन्हें वहां सिर्फ एक हफ्ते तक ही रुकना था।

हालांकि, स्टारलाइनर में तकनीकी खराबी की बात सामने आई। इसके बाद फैसला किया गया कि अंतरिक्ष यान को बिना चालक दल के पृथ्वी पर वापस लाया जाएगा। बोइंग का यह अंतरिक्ष यान छह सितंबर को सफलतापूर्वक वापस लौट आया था।

इसके बाद अगस्त में नासा की ओर से बताया गया था कि विल्मोर और सुनीता को धरती पर वापस लाना बहुत जोखिम भरा है। हालांकि, उनकी वापसी की कोशिश की जा रही है। मगर, बताया जा रहा है कि दोनों की धरती पर वापसी अगले साल फरवरी में हो सकती है।

व्हाइट हाउस में हुआ सेलिब्रेशन

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने सोमवार को व्हाइट हाउस में दीवाली समारोह की मेजबानी की। इसमें भारतीय मूल के 600 से अधिक प्रतिष्ठित अमेरिकियों सहित देश के कांग्रेसियों, अधिकारियों और कॉर्पोरेट अधिकारियों ने शिरकत की।

इस दौरान जो बाइडन ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में मुझे व्हाइट हाउस में अब तक के सबसे बड़े दीवाली रिसेप्शन की मेजबानी करने का सम्मान मिला है। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है।

Toll Plaza Free in UP: महाकुंभ में जाएंगे, तो प्रयागराज में एंट्री पर नहीं लगेगा कोई टैक्स, 7 टोल प्लाजा होंगे फ्री

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रयागराज महाकुंभ 13 जनवरी 2025, सोमवार से शुरू होकर 26 फरवरी 2025, शुक्रवार तक चलेगा। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए भी हर संभव कदम उठाया जा रहा है।

By Arvind Dubey

Publish Date: Tue, 12 Nov 2024 06:00:00 AM (IST)

Up to date Date: Tue, 12 Nov 2024 06:00:00 AM (IST)

Toll Plaza Free in UP: महाकुंभ में जाएंगे, तो प्रयागराज में एंट्री पर नहीं लगेगा कोई टैक्स, 7 टोल प्लाजा होंगे फ्री
महाकुंभ के दौरान पांच राजसी स्नन होंगे।

HighLights

  1. 13 जनवरी से 26 फरवरी तक रहेगी सुविधा
  2. किसी भी यात्री वाहन से नहीं वसूलेंगे टैक्स
  3. कमर्शियल वाहनों का टोल टैक्स जारी रहेगा

एजेंसी, प्रयागराज (Toll Tax in UP)। अगले साल जनवरी में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन होना है। एक अनुमान के मुताबिक, देश-दुनिया से 40 करोड़ से अधिक लोग इस दौरान प्रयागराज पहुंचेंगे।

अच्छी खबर यह है कि प्रयागराज में प्रवेश करते समय किसी यात्री को टोल नहीं देना होगा। सरकार ने प्रयागराज की सीमा में प्रवेश करते समय आने वाले सभी 7 टोल को महाकुंभ के दौरान फ्री करने का फैसला किया है।

45 दिनों तक ये 7 टोल रहेंगे फ्री

  1. चित्रकूट मार्ग पर उमापुर टोल प्लाजा
  2. रीवा राजमार्ग पर गन्ने टोल प्लाजा
  3. मिर्जापुर मार्ग पर मुंगारी टोल प्लाजा
  4. वाराणसी मार्ग पर हंडिया टोल प्लाजा
  5. लखनऊ राजमार्ग पर अंधियारी टोल प्लाजा
  6. अयोध्या राजमार्ग पर मऊ टोल प्लाजा
  7. आइमा टोल प्लाजा

क्या रहेगी व्यवस्था

किसी भी यात्री वाहन से टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। हालांकि कमर्शियल वाहनों से टोल वसूला जाएगा, जिन पर माल लदा होगा। जैसे सरिया, सीमेंट, बालू और इलेक्ट्रॉनिक सामान लदे वाहनों से टोल टैक्स की वसूली जारी रहेगी। यदि किसी जीप, कार का कमर्शियल उपयोग हो रहा है, तो भी टोल वसूला जाएगा।

कुंभ की तैयारी और विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करने के लिए प्रयागराज आए एनएचएआई के चेयरमैन संतोष यादव से बीते दिनों मेला प्रशासन और जिला प्रशासन ने मुलाकात की थी। इसी दौरान यात्रियों के लिए टोल फ्री करने की मांग भी उठी थी।

naidunia_image

रेलवे चलाएगा 1200 ट्रेनें, सड़कों पर दौड़ेंगी 7000 बसें

महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक यात्रियों के आने का अनुमान लगाया गया है। इसी हिसाब से तैयारियों को भी अंजाम दिया जा रहा है। सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। जहां जरूरी है, वहां ट्रेनों के नए ठहराव स्थल बनाए जा रहे हैं।

महाकुंभ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 1200 अतिरिक्त गाड़ियां चलाने का फैसला किया है। सड़क मार्ग पर यात्रियों का आवागमन सुलभ करने के लिए 7000 बसों को उतारा जा रहा है।

naidunia_image

कुंभ पर्व 2025 राजसी स्नान तिथियां (Kumbh 2025 Snan Dates)

  • 14 जनवरी 2025 – मकर संक्रांति
  • 29 जनवरी 2025 – मौनी अमावस्या
  • 3 फरवरी 2025 – बसंत पंचमी
  • 12 फरवरी 2025 – माघी पूर्णिमा
  • 26 फरवरी 2025 – महाशिवरात्रि

12 साल में ही क्यों होता है महाकुंभ का आयोजन

सनातन धर्म में महाकुंभ का विशेष महत्व है। इसकी कहानी समुद्र मंथन से जुड़ी है। अमृत कलश के लिए देवताओं और राक्षसों के बीच छीना-झपटी हुई थी और अमृत की कुछ बूंदें धरती की चार जगहों पर गिरी थी। ये स्थान थे- प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरी। इन्हीं स्थानों पर महाकुंभ का आयोजन होता है।

राक्षसों और देवताओं के बीच समुद्र मंथन 12 साल तक चला था। यही कारण है कि हर 12 साल में कुंभ का आयोजन होता है।

shweta tiwari daughter palak tiwari reacted on her relationship with ibrahim ali | इब्राहिम अली से रिलेशनशिप पर दिया पलक तिवारी ने रिएक्शन: कहा उनके साथ समय बिताना पसंद है; डेटिंग की खबरों को नकारा

22 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी की बेटी पलक तिवारी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर काफी चर्चाओं में रहती हैं। अक्सर पलक तिवारी का नाम सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम के साथ जोड़ा जाता है। दोनों को साथ में कई बार स्पॉट भी किया गया है। पलक ने एक शो में इब्राहिम अली खान के साथ अपने रिलेशन को लेकर बातचीत की है।

इब्राहिम के साथ टाइम स्पेंड करना पसंद – पलक पलक ने सिद्धार्थ कनन के शो में बताया कि वो और इब्राहिम सिर्फ पब्लिक और सोशल गैदरिंग्स में ही मिलते हैं। दोनों टच में नहीं रहते, उन्होंने कहा हमारी कभी मैसेज पर भी बात नहीं होती। पलक ने कहा इब्राहिम अली खान उनके सिर्फ दोस्त हैं, और उन्हें इब्राहिम के साथ टाइम स्पेंड करना पसंद है। उन्होंने कहा कि मेरी लाइफ काफी बोरिंग है, सोशल मीडिया पर मेरा नाम सात लड़को के साथ जोड़ा गया था। लेकिन ऐसा कुछ नहीं था।

इब्राहिम अली खान के साथ पलक तिवारी

इब्राहिम अली खान के साथ पलक तिवारी

इब्राहिम के डेब्यू पर बोलीं पलक बातचीत के दौरान पलक ने इब्राहिम अली खान के डेब्यू को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा ‘इब्राहिम अपने काम में काफी अच्छे हैं। वो कुछ समय में डेब्यू भी करने वाले हैं।’ बता दें, पलक का ये इंटरव्यू काफी पुराना है, इसके बाद भी दोनों को कई बार साथ में देखा गया है। कुछ दिन पहले ही अबू जानी और संदीप खोसला की दिवाली पार्टी में इब्राहिम और पलक को साथ देखा गया था। इस दौरान इब्राहिम ने पलक को तमन्ना भाटिया और विजय वर्मा से भी मिलवाया था।

इब्राहिम फिल्म सरजमीन से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगे

इब्राहिम फिल्म सरजमीन से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगे

फिल्म सरजमीन से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगे इब्राहिम वहीं, पलक के वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने कई म्यूजिक वीडियोज की हैं। इसके अलावा पलक, सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में भी नजर आईं थी। वहीं, इब्राहिम की बात करें तो वो थ्रिलर फिल्म ‘सरजमीन’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले हैं।

……………………………………………….

इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए-

इब्राहिम अली खान ने लगाया रूमर्ड गर्लफ्रेंड पलक को गले:तमन्ना-विजय से करवाया इंट्रोड्यूस, अबू जानी संदीप खोसला की दिवाली पार्टी से वीडियो सामने आया

दिवाली से ठीक पहले फिल्म इंडस्ट्री की प्री-दिवाली पार्टियों की शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में डिजाइनर अबू जानी और संदीप खोसला ने दिवाली पार्टी होस्ट की थी, जहां इंडस्ट्री से जुड़ी कई हस्तियां शामिल हुई हैं। पूरी खबर पढ़े….

खबरें और भी हैं…
Gold Silver Price: सोना 80 पार, चांदी शतक लगाने को बेकरार… देवउठनी ग्यारस से शुरू होगा शादियों का सीजन

देवउठनी एकादशी से शादियों का सीजन शुरू होने जा रहा है। इससे पहले सोना और चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जो लोग अब आभूषण बनवा रहे हैं, उन्हें ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। वहीं, जिन लोगों ने पहले बुकिंग कर दी थी, वो फायदे में हैं।

By Arvind Dubey

Publish Date: Mon, 04 Nov 2024 07:44:54 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 04 Nov 2024 01:01:24 PM (IST)

Gold Silver Price: एक नवंबर को चांदी का दाम 98 हजार रुपये किलो पहुंच गया।

HighLights

  1. दो महीने से लगातार बढ़ रहे चांदी के दाम
  2. शादी के सीजन में 15% बढ़ेगा कारोबार
  3. जानकार बोले- अभी राहत की उम्मीद नहीं

नई दुनिया, भोपाल। सोने व चांदी के दाम बीते दो महीने से तेजी से बढ़ रहे हैं। दो सितंबर को 24 कैरेट सोने के दाम प्रति 10 ग्राम 73 हजार 95 रुपये थे, जो एक नवंबर को आठ हजार रुपये से अधिक बढ़कर 81 हजार रुपये हो गए। वहीं 85 हजार 500 रुपये प्रति किलो बिकने वाली चांदी 11 हजार रुपये बढ़कर एक नवंबर को 98 हजार रुपये पहुंच गई है।

सोने-चांदी के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। सोने-चांदी के ऊंचे भाव पर वायदा बाजार मुनाफा वसूली के चलते सोने-चांदी के दाम बढ़ रहे रहे। वायदा बाजार में अक्टूबर माह सौदों के निपटारे की वजह से नवंबर में मामूली कमी भी देखने को मिल रही है।

भोपाल सराफा एसोसिएशन के महामंत्री नवनीत कुमार अग्रवाल ने बताया कि सोने-चांदी के दाम बढ़ने से 12 नवंबर देवउठनी ग्यारस से शुरू होने वाले विवाह के मुहूर्त में सराफा का कारोबार 15 प्रतिशत तक प्रभावित रहेगा।

दीपावली के बाद अब विवाह के मुहूर्तों की तैयारी

धनतेरस व दीपावली पर शहर के चौक, न्यू मार्केट, संत हिरदाराम नगर सहित सभी छोटे-बड़े सराफा बाजारों में धन की वर्षा हुई। अब व्यवसायियों ने 12 नवंबर देव उठनी ग्यारस से शुरू हो रहे विवाह के मुहूर्तों की तैयारी शुरू कर दी है। सोने-चांदी के दाम अधिक होने से सराफा कारोबारी दुल्हन के लिए हल्के आभूषण बनवाने के लिए कारीगरों को ऑर्डर दे रहे हैं।

naidunia_image

भाईदूज के साथ हुआ दीपावली पर्व का समापन

इस बीच, रविवार को देशभर में भाई दूज मनाई गई और इसके साथ ही पांच दिनी दीपोत्सव का समापन हो गया। भाई दूज का त्योहार परंपरा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बहिनों ने भाईयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी आरती उतारी। भाईयों ने भी बहिनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार भेंट किए।

उल्लेखनीय है कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को भाईदूज का त्योहार मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं, क्योंकि इसी दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुंचे थे। बहिनों को इस त्योहार का विशेष रूप से इंतजार रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन बहनें अपने भाईयों की लंबी उम्र, खुशी और कल्याण के लिए भगवान से प्रार्थना करती हैं और उनका तिलक करती हैं।

अब 13 नवंबर को देवउठनी एकादशी मनाई जाएगी। इसके साथ ही कार्तिक मास का समापन हो जाएगा।