Mithun was not blissful due to his seems to be and complexion | लुक्स और रंग की वजह से खुश नहीं थे मिथुन: शबाना आजमी बोलीं- ‘गोरे न होने की वजह से परेशान रहते थे, मेरी मां ने उन्हें समझाया तो माने’

2 घंटे पहले

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80 के दशक के टॉप स्टार्स में से एक मिथुन चक्रवर्ती कभी अपने लुक्स और रंग की वजह से खुश नहीं थे। ये बात एक्ट्रेस शबाना आजमी ने एक इंटरव्यू में बताई है। दरअसल मिथुन FTII में शबाना के जूनियर थे। जब मिथुन ने अपनी इनसिक्योरिटीज के बारे में शबाना की मां से जिक्र किया था तो उन्होंने एक बहुत अच्छी सलाह दी थी जिससे एक्टर का हौसला काफी बढ़ गया था।

रंग गोरा न होने की वजह से परेशान रहते थे

अरबाज खान के चैट शो ‘द इन्विंसिबल सीरीज’ में पहुंचीं शबाना ने कहा, ‘मिथुन चक्रवर्ती फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में मेरे जूनियर थे। मुझे याद है कि वो हमारे घर आया करते थे। वो इस बात से बेहद परेशान रहते थे कि वह गोरे नहीं हैं और उनके दांत टेढ़े-मेढ़े थे। एक दिन जब वो घर आए आर उन्होंने ये बात कही तो मेरी मां (शौकत कैफी) ने उन्हें गले लगा लिया और कहा, ये सब बातें सोचकर परेशान मत हो, तुम बहुत अच्छा डांस करते हो।’

मिथुन ने खूबियों पर काम किया और बन गई बात

मिथुन ने भी एक पुराने इंटरव्यू में अपनी इनसिक्योरिटीज के बारे में बात की थी और कहा था, ‘मुझे अपने कॉम्प्लेक्शन (रंग) को लेकर कॉम्प्लेक्स था। मैं सोचता था कि अपनी स्किन टोन तो नहीं बदल सकता लेकिन फिल्मों में विलेन तो बन सकता हूं। मैं फिल्म इंस्टिट्यूट गया और ट्रेनिंग लेकर वापस आया। मैं अच्छा डांस करता था, अच्छे फाइट सीक्वेंस भी करता था। मैं चाहता था कि कुछ ऐसा करूं जिससे लोगों का ध्यान मेरे रंग पर न जाए। मैंने वही किया और फिर मैंने अपनी डांसिंग स्टाइल क्रिएट की।’

350 से ज्यादा फिल्में कर चुके हैं मिथुन

16 जून, 1950 को कोलकाता में जन्मे मिथुन का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से एक्टिंग कोर्स किया था। 350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके मिथुन को पहली ही फिल्म ‘मृगया’ (1976) के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा गया था।

वर्कफ्रंट पर मिथुन आखिरी बार बंगाली फिल्म ‘काबुलीवाला’ में दिखाई दिए थे। यह दिसंबर 2023 में थिएटर्स में रिलीज हुई थी और यह 50 दिन से ज्यादा वक्त तक थिएटर्स में लगी रही। वहीं मिथुन की आखिरी हिंदी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ थी।

Throat Tumor : जबलपुर मेडिकल कालेज में पेट दर्द की शिकायत लेकर आए, परीक्षण में निकला ट्यूमर

गले का ट्यूमर हड्डियों का कैल्शियम चूस रहा। हड्डियां कमजोर होकर टूट रही हैं। पेट संबंधी विकार से पीड़ित हैं। ऐसे कुछ मामले एमपी के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज जबलपुर में जांच के दौरान मिले हैं। यह मरीज लंबे समय से अस्थि एवं जठरांत्र चिकित्सक से परामर्श ले रहे थे। कई महीने तक दवा खाने के बाद भी पीड़ा से राहत नहीं मिल रही थी।

By Deepankar Roy

Publish Date: Thu, 04 Jul 2024 07:19:47 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 04 Jul 2024 07:19:47 AM (IST)

Throat Tumor : जबलपुर मेडिकल कालेज में पेट दर्द की शिकायत लेकर आए, परीक्षण में निकला ट्यूमर
पीड़ितों को आवश्यकता होने पर चिकित्सक से परामर्श कर पैराथायराइड ग्रंथी की जांच करानी चाहिए।

HighLights

  1. कैल्शियम की असंतुलित मात्रा से स्वास्थ्य संबंधी विकार हो रहे थे।
  2. पैराथायराइड संबंधी विकारों को लेकर अभी जागरूकता की कमी है।
  3. जुलाई को पैराथायराइड जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज में जांच के दौरान ऐसे रोगी मिले जो लंबे समय से दवा खाने के बाद भी राहत नहीं मिल रही थी। इनकी जांच की गई तो वह पैराथायराइड ग्रंथी के ट्यूमर से पीड़ित मिले, जिसके कारण कैल्शियम की असंतुलित मात्रा से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी विकार हो रहे थे। चिकित्सकों के अनुसार मानव में पैराथायराइड संबंधी विकारों को लेकर अभी जागरूकता की कमी है।

चिकित्सक से परामर्श कर पैराथायराइड ग्रंथी की जांच कराएं

पीड़ित लंबे समय तक परेशान होते रहते है। यदि मांसपेशियों में दर्द, गुर्दे की पथरी, हड्डी कमजोर होने या उसमें दर्द जैसी समस्या है तो पीड़ितों को आवश्यकता होने पर चिकित्सक से परामर्श कर पैराथायराइड ग्रंथी की जांच करानी चाहिए।

पांच वर्ष से पेट दर्द से पीड़ित

50 वर्षीय एक महिला पांच वर्ष से पेट की पीड़ा से पीड़ित थी। वह निरंतर चिकित्सकों के संपर्क में थी। कई स्थान पर उपचार कराया, लेकिन उसे लाभ प्राप्त नहीं हो रहा था। कई वर्ष तक भटकने के बाद महिला मेडिकल कालेज में जांच कराने के लिए पहुंची। जहां, रक्त का परीक्षण में महिला के शरीर में कैल्शियम की मात्रा अधिक मिली, जिसके कारण पीड़िता के पैनक्रियाइज में में सूजन बनी हुई थी। साथ ही उसकी हड्डी कमजोर हो रही थी। इसका कारण महिला के गले में एक छोटा पैराथायराइड ट्यूमर होना पाया गया।

चलते-चलते टूट गई हड्डी

चलते-चलते एक 70 वर्षीय महिला के पैर की हड्डी अचानक टूट गई। चिकित्सकों ने जांच के बाद प्लास्टर किया, लेकिन हड्डी नहीं जुड़ी। तीन महीने तक उपचार जारी रहा। पैर के जिस जगह पर हड्डी टूटी थी, वहां उसे कभी कोई चोट भी नहीं लगी थी। लेकिन समस्त उपचार और सावधानी के बाद भी हड्डी जुड़ नहीं रही थी। आशंका होने पर अन्य आवश्यक परीक्षण कराए गए। तब महिला के पैराथयराइड से पीड़ित होने का पता चला। गले की ग्रंथि में ट्यूमर के हड्डियों का कैल्शियम चूस लेने से महिला को समस्या थी।

सर्जरी के बाद स्वास्थ्य पीड़ित

जांच में पैराथायराइड ग्रंथि में ट्यूमर का पता चलने पर पीड़ितों की मेडिकल कालेज में सर्जरी की गई। थायराइड एवं एंडोक्राइन केंद्र के विशेषज्ञ चिकित्सक ने आपरेशन करके ग्रंथि के ट्यूमर को निकाल दिया। सर्जरी के बाद दोनों मरीज स्वस्थ्य है।

मेडिकल कालेज मध्य भारत का अग्रणी स्तन, थायराइड एवं एडोक्राइन केंद्र

उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज में मध्य भारत का अग्रणी स्तन, थायराइड एवं एडोक्राइन केंद्र है। जहां, पीड़ितों का नि:शुल्क उपचार होता है। चिकित्सकों के अनुसार यदि आरंभ में ही विशेषज्ञ चिकित्सक से पीड़ित को परामर्श प्राप्त हो जाता है तो शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की संभावना रहती है। विलंब होने पर शरीर के अन्य अंगों को क्षति पहुंचने की आशंका रहती है।

ट्यूमर पनपने पर लगभग समस्त अंगों को प्रभावित करता है

मानव के गले में चावल के दाने के बराबर चार ग्रंथियां होती है। यह शरीर में कैल्शियम की मात्रा को नियंत्रित करती है। इस ग्रंथि में ट्यूमर पनपने पर वह शरीर के लगभग समस्त अंगों को प्रभावित करता है। ट्यूमर हड्डी के कैल्शियम को चूसता और उसे रक्त में प्रवाहित कर देता है।

रक्त में कैल्शियम की अतिरिक्त मात्रा धीरे-धीरे विभिन्न अंगों में एकत्रित होने लगती है और शरीर में समस्या उत्पन्न करती है। किसी भी ट्यूमर के मामले में वह नींबू के आकार तक का होता सकता है। इतने छोटे आकार के बावजूद वह शरीर को गंभीर क्षति पहुंचाता है। इस स्थिति में पीड़ित को हृदय, मस्तिष्क, अग्न्याश्य संबंधी समस्या परेशान कर सकती है।

– डा. संजय यादव, थायराइड एवं एंडोक्राइन विशेषज्ञ, नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कालेज

Man Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम से विधायक रहे नदारद, भाजपा संगठन नाराज

भोपाल में मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के आवास पर आयोजित की गई भाजपा विधायक दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में भाजपा विधायकों के शाम‍िल नहीं होने का मुद्दा उठा। बैठक में मुख्‍यमंत्री के साथ वरिष्‍ठ नेताओं ने विधायकों को अनेक मुद्दों पर समझाइश दी।

By Hemant Kumar Upadhyay

Publish Date: Thu, 04 Jul 2024 07:13:09 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 04 Jul 2024 07:13:09 AM (IST)

मप्र के सीएम डॉ मोहन यादव ने भाजपा विधायकों से कहा कि मन की बात कार्यक्रम का आयोजन ऐसे बूथों पर करें, जहां अधिक संख्या में आमजन एकत्र होते हों।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई बैठक में कहा गया- विधायक भाजपा के प्रत्येक कार्य में लें रुचि।
  2. बैठक में कहा गया- जनप्रतिनिधियों के ऐसे कृत्य से पार्टी कार्यकर्ता और आमजन में गलत संदेश।
  3. बैठक को मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, शिवप्रकाश एवं संगठन महामंत्री हितानंद ने संबोधित किया।

राज्य ब्यूरो, भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम में स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता और नेता तो उपस्थिति दर्ज कराते हैं, लेकिन विधायक मन की बात कार्यक्रम से नदारद रहते हैं।

इस पर भाजपा संगठन ने नाराजगी जताई है और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भाजपा के प्रत्येक काम को गंभीरता से लें और प्रत्येक आयोजन व कार्यक्रम में रुचि दिखाएं। जनप्रतिनिधियों के ऐसे कृत्य से पार्टी कार्यकर्ता और आमजन में गलत संदेश जाता है।

बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। बैठक को मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव, पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद ने संबोधित किया।

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शिवप्रकाश ने इस कृत्य के लिए विधायकों को फटकार लगाई गई तो वहीं मुख्यमंत्री ने विधायकों पर अगले पांच साल का रोडमैप बनाने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी विधानसभा को आदर्श विधानसभा बनाने के लिए पूरे प्रयास करें। जीते हुए बूथों को आगे भी कैसे जीते इस पर ध्यान दें। पार्टी के स्थानीय नेताओं से संवाद करें और बूथवार जीत की कार्ययोजना बनाकर काम करें। मन की बात कार्यक्रम का आयोजन ऐसे बूथों पर करें, जहां अधिक संख्या में आमजन एकत्र होते हों।

बजट सत्र में एकजुटता दिखाएं विधायक

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। विधायक सदन में एकजुटता दिखाएं। सदन में विपक्ष के आरोपों का पूरी ताकत जवाब दें।

उन्‍होंने कहा कि सत्ता में भाजपा सरकार है ऐसे में पार्टी के विधायक यह भी ध्यान रखे कि ऐसा कोई सवाल न किया जाए जो सरकार के विरुद्ध हो।

सीएम ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया कि विधायक अपनी ही सरकार के विरुद्ध प्रश्न करते हैं, इस प्रवृति को बदलें। अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में स्मार्ट कार्यालय संचालित करें। कार्यालय में जनता के लिए हर समय दो व्यक्ति उपस्थित रहें।

आदिवासी विधायकों को अमरवाड़ा विधानसभा की कमान

भाजपा ने आदिवासी विधायक और मंत्रियों को छिंदवाड़ा जिले की अमरवाड़ा विधानसभा सीट के उपचुनाव की कमान सौंपी है। अधिकांश आदिवासी नेताओं को अमरवाड़ा रवाना किया गया है। वे बैठक से सीधे अमरवाड़ा के लिए रवाना हो गए और यहां भाजपा प्रत्याशी कमलेश शाह के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे।

IND vs ZIM: भारतीय टीम हरारे पहुंची, पर कुछ साथी बाद में पहुंचेंगे, जानें कब है पहला मैच

नई दिल्ली. रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम बारबाडोस में फंसी हुई है. दूसरी ओर शुभमन गिल की अगुवाई में एक अन्य भारतीय टीम जिम्बाब्वे पहुंच गई है. शुभमन गिल की कप्तानी में युवा भारतीय क्रिकेट टीम 6 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलेगी. एक वीडियो में टीम को अपने सामान के साथ एयरपोर्ट से बाहर निकलते देखा गया. टीम मंगलवार को मुंबई से रवाना हुई थी. टी20 विश्व कप टीम के साथ रिजर्व खिलाड़ी के रूप में जुड़े हुए शुभगन गिल ब्रेक के बाद अमेरिका से यहां पहुंचे.

जिम्बाब्वे क्रिकेट ने मंगलवार रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘हम टी20 विश्व कप चैंपियन भारत का स्वागत करते हैं.’ सीरीज दौरान भारत के लिए डेब्यू करने वाले रियान पराग ने बीसीसीआई द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि उनका बचपन से ही इस टीम के साथ यात्रा करने का सपना था.

रियान पराग ने कहा, ‘भारत की जर्सी पहनने और टीम के साथ यात्रा करने का अनुभव अलग होता है. असम से आने के कारण मेरा सपना भारत के लिए खेलना था. मैं वाकई बहुत खुश हूं. जब मैं अपना पहला मैच खेलूंगा तो जिम्बाब्वे के साथ मेरा एक खास रिश्ता होगा.’ उन्होंने कहा, ‘यह उस मैदान और मेरे लिए एक खास पल होगा, जो बहुत पवित्र होगा.’ रियान पराग ने कहा, ‘मेरा पासपोर्ट खोने के बाद हम आखिरकार 20 घंटे की यात्रा के बाद यहां पहुंचे हैं. अब मैं इस दौरे का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं.’

एक और नए खिलाड़ी मध्यम गति के गेंदबाज तुषार देशपांडे ने कहा कि राष्ट्रीय टीम का हिस्सा होना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है और देश के लिए खेलना बहुत खास बात है. देशपांडे ने कहा, ‘टीम के साथ यात्रा करना सबसे महत्वपूर्ण है और उन्हें जानना, टीम के माहौल को जानना और मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान होने वाली मौज-मस्ती है.’

बाएं हाथ के बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने कहा कि जिस दिन से उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया उनका सपना देश के लिए खेलने का था. अभिषेक ने कहा, ‘मुझे पता था कि अगर मैं कड़ी मेहनत करता रहा तो मुझे मौका मिलेगा लेकिन मुझे नहीं पता था कि मुझे भारत के बाहर जिम्बाब्वे में मौका मिलेगा.’ उन्होंने कहा, ‘टीम में मेरा नाम घोषित होने के बाद मुझे (कप्तान) शुभमन का फोन आया. सभी ने मुझे बहुत प्यार दिया. मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी.’

अभिषेक ने कहा, ‘जब मेरा नाम घोषित होने के बाद मैं घर पहुंचा तो मैंने अपने परिवार के सदस्यों को साक्षात्कार देते देखा. इसलिए मुझे लगता है वह एक ऐसा पल था जिसे मैं हमेशा याद रखूंगा.’ भारत हरारे क्रिकेट ग्राउंड पर सिकंदर रजा की कप्तानी वाले जिम्बाब्वे के खिलाफ पहला मैच छह जुलाई को खेलेगा. बाकी चार मैच भी इसी मैदान पर खेले जाएंगे.

साई सुदर्शन, जितेश शर्मा और हर्षित राणा को मंगलवार को सीरीज के पहले दो मैचों के लिए भारतीय टीम में शामिल तीनों खिलाड़ियों की जगह टीम में शामिल किया गया. संजू सैमसन, यशस्वी जायसवाल और शिवम दुबे अन्य सीनियर खिलाड़ियों के साथ गुरुवार सुबह चार्टर विमान से भारत पहुंचेंगे.  खिलाड़ियों को बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सम्मानित किया जाएगा. टी20 विश्व कप टीम के साथ रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर जुड़े तेज गेंदबाज खलील अहमद और बल्लेबाज रिंकू सिंह भी इस समय बारबडोस में हैं.  बीसीसीआई ने इन दोनों के विकल्प की घोषणा नहीं की है. हालांकि वे भारत जिम्बाब्वे सीरीज के लिए टीम में हैं.

Tags: India vs Zimbabwe, Crew india

Ranveer Singh starrer Aparichit’s Hindi remake shelved | रणवीर सिंह स्टारर अपरिचित की हिंदी रीमेक बंद पड़ी: डायरेक्टर एस.शंकर बोले- प्रोड्यूसर चाहते हैं मैं अपरिचित से बड़ी फिल्म बनाऊं

14 मिनट पहले

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आखिरी बार रॉकी और रानी की प्रेम कहानी में नजर आए एक्टर रणवीर सिंह के पास इन दिनों कई बड़ी फिल्में हैं। इसी बीच अब खबर है कि रणवीर सिंह के साथ बन रही अपरिचित की हिंदी रीमेक फिल्म अब बंद पड़ चुकी है। कुछ समय पहले ही फिल्म की अनाउंसमेंट की गई थी। इस फिल्म को साउथ के पॉपुलर डायरेक्टर एस. शंकर डायरेक्ट करने वाले थे, जो आई, रोबोट, इंडियन, नायक और 2.0 जैसी सुपरहिट फिल्में बना चुके हैं।

हाल ही में डायरेक्टर एस.शंकर ने अपिरिचित की हिंदी रीमेक फिल्म के टलने पर कन्फर्मेशन दी है। उन्होंने पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में कहा है, दरअसल हम फिल्म अपिरिचित की हिंदी रीमेक प्लान कर रहे थे। हालांकि अनाउंसमेंट के बाद मेरे पास कई फिल्में आ गई हैं, जिनमें कई बड़ी फिल्में भी हैं। हमारे प्रोड्यूसर चाहते हैं कि हम अपरिचित से कुछ बड़ा करें। तो फिलहाल उस फिल्म को रोक दिया गया है। मेरी मौजूदा 2 फिल्मों की रिलीज के बाद हम देखेंगे कि इसे आगे कैसे बढ़ा सकते हैं।

रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर फिल्म की अनाउंसमेंट की थी।

रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर फिल्म की अनाउंसमेंट की थी।

वहीं प्रोडक्शन से जुड़े एक करीबी सूत्र के अनुसार, प्रोड्यूसर फिलहाल अपनी मौजूदा फिल्म पर फोकस करना चाहते हैं। डायरेक्टर एस.शंकर ने फिल्म की फाइनल स्क्रिप्ट की तैयारी शुरू कर दी है, जबकि रणवीर भी डेट्स मिलने के बाद इस फिल्म की तैयारी शुरू कर सकते हैं। इस फिल्म की शूटिंग अगले साल से शुरू हो सकती है, जिसे बड़े स्केल पर रियल लाइफ लोकेशन्स में शूट किया जाएगा।

डायरेक्टर एस.शंकर के साथ रणवीर सिंह।

डायरेक्टर एस.शंकर के साथ रणवीर सिंह।

रणवीर सिंह के पास कई बड़ी फिल्में

रणवीर सिंह जल्द ही रोहित शेट्टी के कॉप यूनिवर्स की फिल्म सिंघम अगेन में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म में उनके साथ अजय देवगन, अक्षय कुमार, अर्जुन कपूर, करीना कपूर जैसे कलाकार होंगे। इसके बाद रणवीर सिंह फरहान अख्तर की फिल्म डॉन 3 की शूटिंग शुरू करेंगे। उन्होंने डॉन सीरीज से शाहरुख को रिप्लेस किया है। इसके अलावा उनके पास सुपरहीरो फिल्म शक्तिमान भी है।

एस. शंकर की बात करें तो उन्होंने आई, 2.0, अन्नियन (अपिरिचत), शिवाजी द बॉस, जींस, इंडियन, रोबोट, आई जैसी बेहतरीन फिल्में डायरेक्ट की हैं। साउथ सिनेमा में पहचान बनाने के बाद उन्होंने 2001 की फिल्म नायक से हिंदी सिनेमा में बतौर डायरेक्टर कदम रखा था। फिल्म में अनिर कपूर, रानी मुखर्जी, अमरीश पुरी अहम किरदारों में थे।

जल्द ही उनकी 3 बड़ी फिल्में रिलीज होने वाली हैं, जिनमें इंडियन 2, इंडियन 3 और गेम चेंजर शामिल हैं। कमल हासन स्टारर फिल्म इंडियन 2 साल 1999 की फिल्म इंडियन की सीक्वल फिल्म है, जिसे 12 जुलाई को रिलीज किया जाएगा। साल 2025 में इसकी तीसरी फिल्म इंडियन 3 रिलीज होगी। इसके अलावा उनकी फिल्म गेम चैंजर में रामचरण लीड रोल निभाने वाले हैं। फिल्म की शूटिंग जारी है।

Umaria Information: बारिश में बाघों को खतरा, सुरक्षा के लिए तैनात होंगे 4000 सुरक्षा श्रमिक

मध्यप्रदेश में कुल बाघों की संख्या 785 हो गई है। टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या का आंकड़ा भी लगातार बदल रहा है। बारिश के दौरान सुरक्षा श्रमिक लाठी और टॉर्च के सहारे जंगल की सुरक्षा करेंगे और शिकारियों पर निगाह रखेंगे। वन्य क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Thu, 04 Jul 2024 07:00:00 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 04 Jul 2024 07:00:00 AM (IST)

HighLights

  1. मप्र के सभी 7 टाइगर रिजर्व में बढ़ेगी सुरक्षा
  2. बारिश में शिकारियों से बाघों की सुरक्षा जरूरी
  3. बारिश में टाइगर रिजर्व में बंद हो जाता है पर्यटन

संजय कुमार शर्मा, उमरिया। मध्य प्रदेश के सभी 7 टाइगर रिजर्व में वर्षा काल के दौरान शिकारियों से वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए 4000 से ज्यादा सुरक्षा श्रमिकों की सहायता ली जाएगी। यह सुरक्षा श्रमिक जंगल की पैदल गश्त, पेट्रोलिंग कैंप, वॉच टावर, बेस वायरलेस स्टेशन सहित अलग-अलग स्थानों पर मुस्तैद रहकर बाघों की सुरक्षा करेंगे। खास बात यह सुरक्षा श्रमिक दिन में सिर्फ लाठी और रात में लाठी और टॉर्च की मदद से अपनी इस बड़ी जिम्मेदारी को पूरा करेंगे।

इसलिए जरूरी गश्त

वर्षा काल के दौरान जब टाइगर रिजर्व में पर्यटन बंद कर दिया जाता है, तब सुरक्षा की ज्यादा आवश्यकता महसूस होती है। खास तौर से वर्षा काल में शिकारियों के जंगल में घुसने की ज्यादा आशंका रहती है। यही कारण है कि प्रदेश के जंगल में मानसून अलर्ट घोषित किया जाता है।

टाइगर रिजर्व का इतना है क्षेत्रफल

  • बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 1536.938 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 716.903 वर्ग किलोमीटर और बफर 820.035 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।
  • कान्हा टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 2051.748 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 917.430 वर्ग किलोमीटर और बफर 1134.319 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।
  • सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 2133.307 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 1339.264 वर्ग किलोमीटर और बफर 794.043 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।
  • पेंच टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 1179.632 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 411.330 वर्ग किलोमीटर और बफर 1179.632 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।
  • पन्ना टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 1598.102 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 576.130 वर्ग किलोमीटर और बफर 1021.972 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।
  • संजय टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 1674.512 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 812.581 वर्ग किलोमीटर और बफर 861.931 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।
  • वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्र 2339.12 वर्ग किलोमीटर है। इसमें कोर 1414 वर्ग किलोमीटर और बफर 925.12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र शामिल है।

कहां कितने सुरक्षा श्रमिक

  • बांधवगढ़ में 700 से ज्यादा सुरक्षा श्रमिकों को जंगल की सुरक्षा पर लगाया जाता है।
  • कान्हा में यह संख्या 1000 के आसपास है।
  • पेंच में 600, सतपुड़ा और पन्ना में 500-500 के आसपास सुरक्षा श्रमिक तैनात किए जाते हैं।
  • संजय धुबरी और वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व नौरादेही में यह संख्या 400-400 के आसपास है।

टाइगर रिजर्व में बाघ

पिछली गणना में मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या 785 हो गई है और टाइगर रिजर्व के बाघों की संख्या का आंकड़ा भी इसके साथ बदल गया है। बांधवगढ़ में 165, कान्हा टाइगर रिजर्व में 129, पन्ना टाइगर रिजर्व में 64, पेंच टाइगर रिजर्व में 123, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 62 और संजय धुबरी टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 20 हो गई है।

यहां खास बात यह है कि स्टीमेशन के दौरान दस प्रतिशत का मार्जिन भी रखा जाता है। यानी यह संख्या दस प्रतिशत कम और ज्यादा भी हो सकती है। सामान्य वन मंडल में बाघों की संख्या भी अलग है।

ऐसे रखेंगे नजर

यह सुरक्षा श्रमिक लाठी और टॉर्च के सहारे जंगल की सुरक्षा करेंगे और शिकारियों पर नजर रखेंगे। खासतौर से जंगल से लगे हुए ग्रामीण हिस्सों पर नजर रखी जाएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में डेरा जमा कर रहने वालों से पूछताछ की जाएगी। इस काम में सुरक्षा श्रमिकों के अलावा वन विभाग का अमला भी अहम भूमिका निभाएगा।

Shahdol Information: अब रोपाई नहीं… बुआई से किसान लेंगे धान की फसल, पहली बार हो रहा नई तकनीक का इस्तेमाल

अब नई तकनीक के तहत मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल मशीन की मदद से बिना पौध के ही सीधे धान की खेती संभव होगी। इस तकनीक से पानी की बचत होगी और लागत में भी काफी ज्यादा कमी आएगी। किसानों को परेशान भी नहीं होना पड़ेगा।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Thu, 04 Jul 2024 07:00:00 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 04 Jul 2024 07:00:00 AM (IST)

Shahdol News: अब रोपाई नहीं… बुआई से किसान लेंगे धान की फसल, पहली बार हो रहा नई तकनीक का इस्तेमाल

HighLights

  1. बिना पौध के धान की फसल लेंगे किसान
  2. 10000 हेक्टेयर में धान की खेती का प्रयोग
  3. मल्टीक्रॉप सीडड्रिल मशीन की मदद से खेती

विनोद कुमार शुक्ला, शहडोल। जिले में इस बार धान की खेती में नई तकनीक का प्रयोग हो रहा है। पंजाब की तर्ज पर मल्टीक्राप सीड्रिल मशीन की मदद से बिना पौध के ही किसान सीधे धान की फसल लेंगे। यानी अब धान की नर्सरी तैयार नहीं करेंगे।

शुरू हो गई है बोवनी

पहली बार बतौर प्रयोग दस हजार हेक्टेयर में खेती कराने का लक्ष्य कृषि विभाग ने तय किया है और बोवनी भी शुरू हो गई है। इसी तरह सोयाबीन, उड़द, मूंग की खेती में नवाचार के तौर पर मशीन का प्रयोग हो रहा है। जिले में इस बार दो लाख छह हजार हेक्टेयर बोवनी का लक्ष्य तय किया गया है।

बीते साल की अपेक्षा 3000 हेक्टेयर खेती का रकबा बढ़ाया गया है, जिसमें अरहर की खेती का रकबा बढ़ाया गया है। एक लाख 45 हजार हेक्टेयर में सर्वाधिक धान की खेती की होगी। कम लागत में धान का उत्पादन अधिक हो इसके लिए इस नई तकनीक का प्रयोग नवाचार के रूप में हो रहा है। प्रयोग यदि सफल रहा और किसानों को रास आया तो अगले साल से खेती का रकबा बढ़ेगा।

पानी व लागत की बचत

मल्टी क्रॉप सीड ड्रिल मशीन की मदद से बिना पौध के ही सीधे धान की खेती से पानी की बचत होगी और लागत में कमी आएगी। वहीं मजदूरों के लिए किसानों को परेशान भी नहीं होना पड़ेगा। कृषि विज्ञान केंद्र फसलों के परंपरागत तरीके को बदलना लाने के उद्देश्य इस साल नई तकनीक से खेती पर दिया है। कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को सीधे धान की खेती के लिए प्रेरित किया गया और तकनीकी ज्ञान कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानी दे रहे है। इस नई तकनीक से जिले के हर ब्लाक में धान की खेती कराई जा रही है।

कम जुताई पर ही हो रही बुवाई

धान की खेती के लिए सामान्यता पौध को तैयार करना पड़ता है। जब पौध 22 दिन की हो जाती है तो उसे उखाड़कर रोपाई की जाती है। रोपाई के लिए खेत को अच्छी तरह तैयार करना होता है, लेकिन सीधी बुवाई में ऐसा नहीं है।इसके लिए खेत को ज्यादा जोतने की जरूरत भी नहीं है।

कम जुताई पर ही बुवाई की जा रही है।बोवनी के लिए मल्टी क्राप सीड्रिल मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा है।इसमें धान को डाल दिया जाता है। जिस तरह गेहूं की बोवनी की जाती है,उसी तरह अब धान की बोवनी हो रही है,लेकिन इसमें दाने हिसाब से जमीन में गिरेंगे।

मशीन से निश्चित दूरी पर निश्चित दाने ही गिरेंगे। दाने से दाने की दूरी और लाइन से लाइन की दूरी भी बराबर रहेगी।यह मशीन कई फसलों की बुवाई के काम आती है,लेकिन धान के लिए इसमें स्पेशल अटैचमेंट किया गया है। किसानों में कृषि विभाग के माध्यम से किराए पर मशीन दिलाई जा रही है और जो किसान खरीदना चाहेंगे उन्हें छूट मशीन दिलाई जाएगी।

जिले में नई तकनीक का प्रयोग करते हुए पहली बार दस हजार हेक्टेयर में बिना पौध के धान की खेती कराई जा रही है।इससे किसानों को खेती में लागत कम होगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। धान के साथ उड़द मूंग और सोयाबीन की खेती में मशीन की तकनीक का प्रयोग करा रहे हैं। किसानों को तैयार किया है, यदि इस बार सफल हुआ तो अगली बार – से इस तकनीक को अधिक अपनाने पर जोर देंगे। – आर पी झारिया, उपसंचालक, कृषि विभाग

जिले में इस बार मल्टीक्रॉप सीड ड्रिल मशीन से धान की खेती कराई जा रही है।इस विधि को पंजाब में पहले से अपनाया जा रहा है। पहली बार शहडोल में कृषि विभाग के माध्यम से इस विधि से फसल तैयार कराई जाएगी। इसके लिए किसानों का चयन कर तकनीक जानकारी दी गई है। इसमें लागत कम आती है और बीज भी कम लगता है।साथ ही मजदूरों की समस्या से किसानों को राहत मिलेगी। – डॉ. बृजकिशोर प्रजापति, विज्ञानी कृषि विज्ञान केंद्र

Video: राहुल द्रविड़ का टीम के साथ करार खत्म, जिम्बाब्वे दौरे पर कौन बना मुख्य कोच, निभाएगा बड़ी जिम्मदेरी

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम आईसीसी टी20 विश्व कप जीतने के बाद अपने नए मिशन के लिए तैयार है. इसी फॉर्मेट में टीम इंडिया सीरीज खेलने जिम्बाब्वे दौरे पर पहुंच चुकी है. बीसीसीआई ने शुभमन गिल को 5 मैचों की सीरीज के लिए कप्तान बनाया है. टी20 विश्व कप के बाद मुख्य कोच राहुल द्रविड़ का करार खत्म हो गया और अब वो टीम के साथ नहीं होंगे. नए कोच की घोषणा अब तक नहीं हुई है लिहाजा नेशनल क्रिकेट अकादमी के हेड वीवीएस लक्ष्मण को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया है. 6 जूलाई को भारतीय टीम इस दौरे पर पहला मैच खेलेगी.

चयनकर्ताओं ने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए युवाओं को मौका दिया है. शुभमन गिल की कप्तानी में रियान पराग, अभिषेक शर्मा और हर्षित राणा जैसे इंडियन प्रीमियर लीग के स्टार को डेब्यू का मौका मिल सकता है. टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा रहे यशस्वी जायसवाल, शिवम दुबे और संजू सैमसन को इस सीरीज के लिए टीम में जगह दी गई है लेकिन भारत लौटने के बाद जिम्बाब्वे दौरे के लिए रवाना होंगे.

20% taking pictures of ‘Salaar 2’ accomplished | 10 अगस्त से प्रभास करेंगे ‘सालार 2’ की शूटिंग: बारिश की वजह से हुई देरी, 2025 के अंत तक रिलीज होगी फिल्म

1 घंटे पहले

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प्रभास इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ की सक्सेस को एंजॉय कर रहे हैं। इससे पहले प्रभास ने होम्बले फिल्म्स प्रोडक्शन की फिल्म सालार में पहली बार प्रशांत नील के साथ मिलकर काम किया था। फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार कमाई की थी।

पिंकविला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सालार 2 की शूटिंग 10 अगस्त से शुरू होगी और इसका 15 दिन का शेड्यूल रामोजी फिल्म सिटी में होगा। शूटिंग 8 महीने में खत्म की जाएगी, क्योंकि होम्बले का इरादा 2025 के आखिर तक सालार सीक्वल को रिलीज करने का है। खबर है कि फिल्म के निर्देशक प्रशांत नील ने प्रभास और पृथ्वीराज सुकुमारन के साथ सीक्वल के 20% हिस्से की शूटिंग पहले ही कर ली है।

प्रभास, पृथ्वीराज और होम्बले सालार 2 को लेकर काफी कॉन्फीडेंट हैं उन्हें सीक्वल पर पूरा भरोसा है। सीक्वल का पूरा प्लॉट महामारी के दौरान ही लिख दिया गया था, जिसमें असली ड्रामा और राजनीति देखने को मिलेगी।

बता दें कि ‘सालार’ में प्रभास के अलावा पृथ्वीराज सुकुमारन, बॉबी सिम्हा, श्रुति हासन, जगपति बाबू, श्रीया रेड्डी जैसे एक्टर्स लीड रोल में नजर आए थे। सालार 2 के अलावा प्रभास संदीप रेड्डी वांगा द्वारा निर्देशित स्पिरिट में भी नजर आएंगे।

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फल फूल रहा अवैध ईंटों का कारोबार, नहीं हो रही कार्रवाई

ईंट भट्टा संचालकों द्वारा नदी किनारे ईट भट्टों का संचालन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत सिंघनसरा, मोंहदी, डिक्सी में बोराई नदी के किनारे अवैध रूप से ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं। ग्राम पंचायत पोरथा, डोडक़ी, नवापारा, रगजा, मसनिया, देवरमाल, असौंदा, बरपाली में अवैध ईंट भट्टों का संचालन हो रहा है। ऐसा नहीं हैं कि इसकी जानकारी खनिज विभाग एवं राजस्व विभाग को नहीं है।

By komal Shukla

Publish Date: Thu, 04 Jul 2024 12:14:43 AM (IST)

Up to date Date: Thu, 04 Jul 2024 12:14:43 AM (IST)

नईदुनिया न्यूज, सक्ती: सक्ती जिला मुख्यालय सहित नगर के चारों ओर अवैध ईंट भट्टों का कारोबार जोरों पर है। ईंट भट्ठा संचालक शासन के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। बिना लाइसेंस के कई ईंट भट्टे संचालित हो रहे हैं। ईंट भट्ठों के संचालक मोटी रकम कमाई कर रहे हैं। इससे शासन प्रशासन को लाखों रुपये की राजस्व क्षति हो रही है। जिले में ईट भट्टे के कारोबार करने की होड़ मची हुई है।

जबकि शासन के निर्देशानुसार ईंट भट्टे लगाने के लिए बाकायदा शासन से अनुमति की आवश्यकता है मगर अनुमति नहीं ली जाती । ईट भट्टों में लकड़ी और कंडे का उपयोग न कर चिमनी और कोयले से इन्हें पकाया जाता है। दर्जनों ईट भट्टे नियम विरूद्ध संचालित हो रहे हैं।

सक्ती जिला मुख्यालय अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी हरेठी में प्रशासन की नाक के नीचे अवैध ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है और राजस्व और खनिज विभाग के अधिकारी मूक दर्शक बने बैठे हैं। यहां के लोगों का कहना है कि उनकी मिली भगत से अवैध ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने इन पर कार्रवाई की मांग की है।

आज तक नहीं हुई ठोस पहल

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आज तक इन अवैध कारोबारियों के विरूद्ध बड़ी कार्रवाई नहीं हुई। इससे अवैध ईंट बनाने वालों के हौसले बुलंद हैं। कभी कभार छोटी मोटी कार्रवाई होती है मगर बड़े पैमाने पर ईंटों का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने से प्रतिवर्ष ईंट भट्टा संचालकों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई ठेकेदारों द्वारा एक जगह की अनुमति लेने के बाद कई जगहों पर ईंट भट्ठा संचालित किया जाता है। ऐसे ईंट भट्ठों को बंद कराने में खनिज व राजस्व विभाग के अधिकारी अक्षम साबित हो रहेहैं।

इन अवैध ईटों को पकाने के लिए अधिकांश जगहों पर अवैध कोयला खरीदी कर इसका उपयोग ईट भट्टा संचालकों द्वारा किया जाता है। साथ ही कई जगहों पर बड़े-बड़े वृक्षों की भी बलि चढ़ा दी जाती है। नदी किनारे मिट्टी को काटकर नदी को क्षति पहुंचाई जा रही है।