Bhopal Information: बिना सहमति बैंक ने की एफडीआर, ग्राहक के खाते से काट लिए पैसे, अब देना होगा हर्जाना
एचडीएफसी बैंक के एक ग्राहक ने जिला उपभोक्ता आयोग में तीन साल पहले याचिका दायर की थी। उनका बैंक में 10 साल से खाता था। बैंक ने उनके खाते से चार-पांच किश्तों में लगभग साढ़े तीन हजार रुपये काट लिए और एफडीआर खोल दी। जिला उपभोक्ता आयोग ने इस मामले में बैंक को सेवा में कमी का दोषी बताया और हर्जाना देने का आदेश दिया।
By Anjali rai
Publish Date: Wed, 03 Jul 2024 09:28:59 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 03 Jul 2024 09:28:59 AM (IST)
HighLights
- ग्राहक के मुताबिक बैंक ने उन्हें विशिष्ट उपभोक्ता की श्रेणी में रखा था।
- इसके बावजूद उनके खाते से बगैर उन्हें सूचना दिए काट लिए गए पैसे।
- उपभोक्ता आयोग ने काटी गई रकम के अलावा क्षतिपूर्ति देने को कहा।
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कई बार उपभोक्ता के खाते से बैंक वाले किसी ना किसी बहाने से पैसे काट लेते हैं। उपभोक्ता को इसकी जानकारी के लिए बैंक का चक्कर लगने पड़ते हैं, लेकिन बैंक अपनी गलती नहीं मानता और न ही रुपये वापस नहीं करता है।
ऐसा ही एक मामला जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा। जिसमें उपभोक्ता के खाते से साढ़े तीन हजार रुपये काट लिए गए और बिना पूछे एफडीआर भी कर दी। जब उपभोक्ता इस बारे में जानकारी लेने पहुंचा तो उसे कोई जानकारी नहीं मिली। आयोग के अध्यक्ष योगश दत्त शुक्ल व सदस्य प्रतिभा पांडेय की बेंच ने तीन साल बाद मामले में निर्णय सुनाया। बैंक पर करीब 12 हजार रुपये का हर्जाना लगाया।
यह है मामला
दरअसल जिला उपभोक्ता आयोग में कोलार निवासी नागेंद्र सिंह परिहार ने एचडीएफसी बैंक के मुख्य प्रबंधक के खिलाफ याचिका 2021 में लगाई थी। इसमें उपभोक्ता ने शिकायत की थी कि उनका खाता इस बैंक में 10 वर्षों से है। बैंक ने बिना उपभोक्ता की सहमति के एफडीआर खोल दिया। इसके अलावा तीन से चार बार में उनके खाते से डिपाजिट चार्जेस के रूप में 3504 रुपये काट लिए गए।
आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए दो माह के अंदर नौ प्रतिशत ब्याज के साथ बैंक द्वारा ग्राहक के खाते से काटी गई राशि साढ़े तीन हजार रुपये के अलावा आठ हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति राशि देने का आदेश दिया।
बैंक का तर्क, नियमों के तहत काटी राशि
उपभोक्ता नागेंद्र ने शिकायत की थी कि बैंक ने उन्हें विशिष्ट उपभोक्ता की श्रेणी में रखा था। इसमें वे कितनी भी नकद राशि जमा करना सकते हैं, जिस पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। अभी तक कोई भी राशि नहीं काटी गई, लेकिन 2021 में 1770 रुपये, 590 रुपये, 885 रुपये, 259 रुपये सहित कुल 3504 रुपये उनके खाते से काट लिए गए और एफडीआर भी खोल दी। उपभोक्ता द्वारा पूछने पर बैंक का कहना था कि आटोमेटिक एफडीआर बन जाती है। साथ ही नियमों के तहत खाते से राशि काटी गई है। आयोग ने बैंक के इस तर्क को खारिज कर दिया और हर्जाना लगाया।

