Gwalior News: खराब स्ट्रीट लाइटों पर फूटा गुस्सा, स्मार्ट सिटी कार्यालय में भाजपा पार्षद का धरना

Gwalior Information: खराब स्ट्रीट लाइटों पर फूटा गुस्सा, स्मार्ट सिटी कार्यालय में भाजपा पार्षद का धरना

समस्याओं को लेकर सोमवार को वार्ड क्रमांक 58 की पार्षद अपर्णा पाटिल का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के कार्यालय में जमीन पर बैठकर धरना दिया। कई बार शिकायतें करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण मजबूरन धरना देना पड़ रहा है।बाद में स्मार्ट सिटी सीईओ नीतू माथुर ने तीन दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

By Priyank Sharma

Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 01:39:17 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 01:39:17 PM (IST)

HighLights

  1. समस्याओं को लेकर वार्ड क्रमांक 58 की पार्षद अपर्णा पाटिल का गुस्सा फूट पड़ा
  2. पार्षद ने स्मार्ट सिटी कार्यालय में जमीन पर बैठकर धरना दिया
  3. पार्षद के मुताबिक पांच सौ से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब हैं

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में एलइडी लाइटों के खराब होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात के समय मुख्य मार्गों पर अंधेरा पसरा रहता है। वर्षा के मौसम में ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं। ऐसी ही समस्याओं को लेकर सोमवार को वार्ड क्रमांक 58 की पार्षद अपर्णा पाटिल का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन के कार्यालय में जमीन पर बैठकर धरना दिया।

पार्षद का कहना था कि उनके वार्ड में 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। कई बार शिकायतें करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण मजबूरन धरना देना पड़ रहा है। बाद में स्मार्ट सिटी सीईओ नीतू माथुर ने तीन दिन में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद पार्षद ने धरना खत्म कर दिया। सोमवार की दोपहर भाजपा की महिला पार्षद अपर्णा पाटिल स्मार्ट सिटी के दफ्तर में पहुंचीं।

उन्होंने एलईडी लाइटों की व्यवस्था संभालने वाले इंजीनियरों को ढूंढा और जमीन पर ही धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि वार्ड में 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हुई हैं। कई बार स्मार्ट सिटी आफिस में शिकायत कीं, लेकिन लाइटें सही नहीं हुईं। अब बारिश के मौसम में वार्ड में कई दुर्घटनाएं अंधेरे के कारण हो रही हैं। इसके चलते वे स्मार्ट सिटी के आफिस पहुंचकर धरना दे रही हैं।

उनका कहना था कि धरना देने के बावजूद कोई इंजीनियर उनकी बात सुनने के लिए नहीं आया। उलटा कुछ इंजीनियर फोन पर बात करते हुए इधर-उधर निकल गए। पार्षद के धरने की बात सुनकर स्मार्ट सिटी सीईओ ने तीन दिन के अंदर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद पार्षद ने धरना समाप्त कर दिया।