Damoh News : दमोह में सड़क पर बैठा दिखा छह फीट लंबा मगरमच्छ, रेस्क्यू कर तालाब में छोड़ा

Damoh Information : दमोह में सड़क पर बैठा दिखा छह फीट लंबा मगरमच्छ, रेस्क्यू कर तालाब में छोड़ा

मध्‍य प्रदेश के दमोह में इमलिया चौकी अंतर्गत ग्राम खजुरिया में उस समय हड़कंप मच गया जब छह फीट लंबा मगरमच्छ दिखा। इमलिया चौकी प्रभारी और ग्रामीणों ने मिलकर आसपास घेरा बंदी कर वन विभाग को सूचित किया गया। रेस्क्यू आपरेशन कर उसे सुरक्षित सिंगोरगढ़ के तालाब में छोड़ा गया। तालाब में छोड़ने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

By Sunil Gautam

Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 12:58:40 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 01:13:27 PM (IST)

वाहन किनारे इस तरह बैठा रहा मगरमच्छ।

HighLights

  1. सतधरू डैम से निकलकर ग्रामीण इलाके में आ गया था।
  2. रिहाइशी इलाके में मगरमच्छ के आने से ग्रामीण भयभीत थे।
  3. चारों ओर लकड़ी गाड़ कर वन विभाग को सूचित किया।

नईदुनिया न्यूज, तेंदूखेड़ा दमोह। बाइक के पास छह फीट लंबा मगरमच्छ दिखने के बाद लोगों ने इमलिया चौकी प्रभारी केा सूचना दी। मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर आसपास घेरा बंदी कर वन विभाग को सूचित किया गया। जिसके बाद रेस्क्यू आपरेशन कर उसे सुरक्षित तालाब में छोड़ा, जिसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

सतधरू डैम से निकलकर ग्रामीण इलाके में आ गया था

इमलिया चौकी के राजा पटना गांव के नजदीक खजुरिया गांव में सुबह यह मगरमच्छ दिखाई दिया जो समीप ही सतधरू डैम से निकलकर ग्रामीण इलाके में आ गया था। इमलिया चौकी प्रभारी राकेश पाठक ने बताया की वह अनुविभाग की गश्त पर थे और तारादेही से लौट रहे थे।

चारों ओर लकड़ी गाड़ दी और वन विभाग को सूचित किया

राजा पटना गांव के समीप पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें बताया की सतधरू डैम से छह फीट लंबा मगरमच्छ गांव में बनी खखरी के समीप बैठा है। वह तत्काल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की सहायता से चारों ओर लकड़ी गाड़ दी और वन विभाग को सूचित किया।

रेस्‍क्यू आपरेशन कर उसे पिंजरे में बंद किया

कुछ देर बाद वन अमला पिंजरा लेकर मौके पर पहुंचा और रेस्‍क्यू आपरेशन कर उसे पिंजरे में बंद कर सिंगोरगढ़ के तालाब में सुरक्षित छोड़ा गया। बता दें रिहाइशी इलाके में मगरमच्छ के आने से ग्रामीण भयभीत थे और यदि तत्काल चौकी प्रभारी पाठक मौके पर नहीं पहुंचते तो मगर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता था। जब उसे पिंजरे में कैद कर सुरक्षित इलाके में छोड़ दिया गया तब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।