Bhopal News: साइबर ठगों को सिम उपलब्ध करवाने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

Bhopal Information: साइबर ठगों को सिम उपलब्ध करवाने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त 10 मोबाइल फोन, 68 सिम कार्ड, दो बैंक पासबुक, पांच चेक बुक, तीन मोबाइल बिल बुक एवं 10 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड जप्त किये गये है एवं अन्य फरार आरोपित की तलाश की जा रही है। पुल‍िस को उम्‍मीद है क‍ि और भी महत्‍पूर्ण जानकारी म‍िलेगी।

By Brijendra Rishishwar

Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 08:22:27 PM (IST)

Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 08:22:27 PM (IST)

HighLights

  1. आइफाेन को सस्ते में बेचने का देते थे झांसा
  2. -68 सिम कार्ड बरामद क‍िए गए है
  3. इंटरनेट मीडिया के माध्यमों का उपयोग क‍िया

नवदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। साइबर क्राइम ब्रांच ने फर्जी सिम बेचने व गिरोह के सरगना को उपलब्ध कराने वाले दो बदमाशों को टीकमगढ़ से गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य इंटरनेट मीडिया के माध्यम इंस्टाग्राम पर विज्ञापन के माध्यम से आई-फोन को सस्ते दामों पर बेचने के नाम पर संगठित गिरोह के सरगना को फर्जी सिमकार्ड उपलब्ध कराते थे।

आरोपित द्वारा फर्जी सिम कार्ड तैयार करने के लिये डी-केवायसी का इस्तेमाल किया जा रहा था। वह सड़कों पर छतरी लगाकर सिम बेचने के नाम पर भोले भाले लोगों को शिकार बनाते थे। वह फर्जी सिम कार्डों को महंगे दामों में गिरोह के सरगना को मुहैया करा रहे थे।

साइबर क्राइम ब्रांच के मुताबिक 13 मई को फरियादिया हिना खान (परिवर्तित नाम) निवासी भोपाल ने साइबर क्राइम भोपाल में लिखित शिकायत की थी। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया के माध्यम इंस्टाग्राम पर आइफोन बेचने का विज्ञापन देखा जिसे बुक करने के बाद युवती को मोबाईल बुकिंग के पैसे ट्रांसफर करवाने के लिए बोला गया। बाद में आवेदिका के साथ वाट्सएप काल कर कस्टम-पे, रिफण्ड के नाम पर अलग-अलग माध्यम से कुल 188999 रूपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस द्वारा शिकायत जांच शुरू कर दी गई।

10 मोबाइल, 68 सिम कार्ड बरामद

साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकि साक्ष्यों के आधार पर जालसाजी करने वालों की पहचान की गई। मोबाइल उपयोगकर्ता की लोकेशन को ट्रेस करते हुए पुलिस टीकमगढ़ तक पहुंच गई तथा वहां से पीओएस एजेंट मोहम्मद शाहरुख व पीओएस एजेंट नीलेश यादव नाम के आरोपितों को दबोच लिया।

केवायसी अपडेट कर बेचते थे सिम

दोनों आरोपित हाट बाजार एंव भीड़भाड़ वाले स्थानों पर छतरी लगाकर सिम बेचने का काम करते हैं। वह सिम खरीदने वाले ग्राहकों को एक सिम केवायसी के माध्यम से एक्टिव कर देते थे। इसके तुरन्त बाद आरोपित उसी ग्राहक के नाम पर दोबार से डी-केवायसी के माध्यम से एक अतिरिक्त सिम एक्टिव कर अपने पास रख ली जाती है और उस सिम को साइबर अपराधियो को महंगे दामों पर बेच दिया जाता है। जिसके माध्यम से साइबर ठगी की जाती है। साइबर क्राइम पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है। इसके गिरोह पांच सदस्यों को साइबर क्राइम जून में गिरफ्तार कर चुकी है। अभी इसमें और लोगों की गिरफ्तारी होना बाकी है।