याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में चिराग पासवान की सांसदी के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें आरोप लगाया कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते समय आपराधिक पृष्ठभूमि का खुलासा नहीं किया। दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले को पटना हाईकोर्ट में ले जाना चाहिए।
By Anurag Mishra
Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 07:09:12 PM (IST)
Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 07:09:12 PM (IST)
एजेंसी, नई दिल्ली। बिहार के हाजीपुर लोकसभा सीट से सांसद व लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की सांसदी के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका कर्ता को फटकारते हुए कहा कि यह याचिका यहां क्यों दायर की। इसको पटना हाईकोर्ट में दायर करना चाहिए। इस मामले 28 अगस्त को सुनवाई की जाएगी।
न्यायमूर्ति विकास महाजन ने वकील से कहा कि इस हाईकोर्ट में यह मामला कैसे चल सकता है? चिराग पासवान का संसदीय क्षेत्र बिहार में है। आपको इस याचिका को पटना हाईकोर्ट में दाखिल करना चाहिए।
यौन उत्पीड़न का है मामला
याचिकाकर्ता ने कहा कि चुनाव के समय चिराग पासवान ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन उसमें उन्होंने अपने अपराध के बारे में जानकारी नहीं दी थी। याचिका ने कहा कि प्रिंस राज (चिराग पासवान के चचेरे भाई) ने अपने साथियों के साथ मिलकर मेरा दुष्कर्म किया था। इस मामले में चिराग पासवान भी शामिल थे।
2021 में दर्ज कराई था एफआईआर
याचिका कर्ता ने कहा कि 2021 में दिल्ली में ही इस मामले में पीड़िता ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें चिराग पासवान का भी नाम था। आपराधिक मामलों को हलफनामे में छिपाना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 ए का उल्लंघन है।
क्षेत्र का मतदाता या उम्मीदवार ही दे सकता है चुनौती
इस मामले में केंद्र के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने जवाब दिया कि कानून यह कहता है कि निर्वाचन क्षेत्र का वोटर या उम्मीदवार ही चुने हुए सांसद की चुनौती के खिलाफ याचिका दायर कर सकता है।



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