उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार स्नातक यूजी का चार वर्षीय ऑनर्स पाठ्यक्रम केवल उन्हीं कॉलेजों में आरंभ किया जाएगा, जहां शोध केंद्र हैं। काॅलेजों में शोध केंद्र नहीं होने के कारण इस बार अनेक विषयों में प्रवेश को लेकर समस्या आएगी। बताया गया है कि चौथे वर्ष में केवल उन्हें कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा जहां दो पीएचडी गाइड हैं।
By Hemant Kumar Upadhyay
Publish Date: Tue, 02 Jul 2024 06:59:49 AM (IST)
Up to date Date: Tue, 02 Jul 2024 06:59:49 AM (IST)
HighLights
- राजधानी के 13 में से आठ काॅलेजों में यूजी चतुर्थ वर्ष में ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू होगा।
- अब स्नातक(यूजी) पाठ्यक्रम चौथे वर्ष में ऑनर्स विद रिसर्च और ऑनर्स का प्रविधान।
- चौथे वर्ष में प्रवेश के लिए अब काॅलेजों में शोध सेंटरों को प्राथमिकता दी गई गई है।
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। इस सत्र से प्रदेश में स्नातक (यूजी) का चार वर्ष का ऑनर्स पाठ्यक्रम शुरू हो रहा है। इस पाठ्यक्रम के लिए सोमवार से आनलाइन पंजीयन प्रक्रिया शुरू हुई।
यह पाठ्यक्रम उन्हीं काॅलेजों में शुरू किया जा रहा है जहां शोध केंद्र हैं, इसमें राजधानी के 13 में से आठ काॅलेजों में यूजी आनर्स की पढ़ाई शुरू की जा रही है। अन्य में शोध केंद्र नहीं होने के कारण यह पाठ्यक्रम शुरू नहीं होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने इस सत्र से स्नातक(यूजी) पाठ्यक्रम चौथे वर्ष में ऑनर्स विद रिसर्च और ऑनर्स का प्रविधान किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में चौथे वर्ष में प्रवेश के लिए काॅलेजों में शोध सेंटरों को प्राथमिकता दी गई है, जिसपर बहुत काम नहीं हुआ है।
इसके कारण कई विषयों में ऑनर्स में प्रवेश की समस्या होगी। चौथे वर्ष में केवल उन्हें कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा जहां दो पीएचडी गाइड हैं।
तीसरे वर्ष के विद्यार्थी के पास पिछले साल की तरह दो साल की पीजी का विकल्प भी रहेगा। चतुर्थ वर्ष में प्रवेश लेने के लिए विद्यार्थियों को पीजी काॅलेज का चयन करना होगा।
यूजी कालेज में इस पाठ्यक्रम की सुविधा नहीं होगी। प्रदेश में 89 पीजी काॅलेज हैं। भोपाल में इनकी संख्या आठ है। इन काॅलेजों दो गाइड का होना जरूरी है, तभी यूजी रिसर्च का पाठ्यक्रम शुरू होगा।
एक साल का ब्रिज कोर्स भी जरूरी
यूजी चतुर्थ वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को गैप कवर करने के लिए एक ब्रिज कोर्स भी करना होगा। ये ब्रिज कोर्स संबंधित विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित किया जाएगा।
यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार चार वर्षीय स्नातक डिग्री वाले उम्मीदवार सीधे पीएचडी कर सकते हैं और उन्हें मास्टर डिग्री की आवश्यकता नहीं होगी।
प्राध्यापकों की कमी भी बड़ी समस्या
काॅलेजों में पहले से ही प्राध्यापकों की कमी है। अब यूजी चतुर्थ वर्ष आनर्स व रिसर्च का पाठ्यक्रम शुरू होने से और प्राध्यापकों की आवश्यकता पड़ेगी। प्राध्यापकों की कमी के कारण इस पाठ्यक्रम को पढ़ाने में परेशानी होगी। साथ ही अब तक इसका पाठ्यक्रम भी तैयार नहीं हो पाया है।
इन काॅलेजों में मिलेगा चौथे वर्ष में प्रवेश
- सरोजिनी नायडू कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय।
- एमएलबी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय।
- शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय।
- शासकीय बाबूलाल गौर स्नातकोत्तर महाविद्यालय।
- शासकीय गीतांजलि कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय ।
- श्यामाप्रसाद मुखर्जी साइंस एंड कामर्स कॉलेज।
- मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय।
- उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल।



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