किताबों से हटेगा बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र, NCERT प्रमुख बोले- इनको पढ़कर बच्चे हो सकते हैं हिंसक

NCERT की किताबों से अब गुजरात दंगो और बाबरी मस्जिद का जिक्र हटा दिया जाएगा। इस बारे में परिषद के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने जानकारी दी है। किताबों में किए गए संशोधन पर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि स्कूलों में दंगों और तोड़फोड़ के बारे में पढ़ाना जरूरी नहीं है। यह उनको हिंसात्मक बना सकता है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 08:13:41 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 08:13:41 PM (IST)

किताबों से हटेगा बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र, NCERT प्रमुख बोले- इनको पढ़कर बच्चे हो सकते हैं हिंसक
एनसीआरटी की किताबों में होगा बदलाव।

HighLights

  1. एनसीईआरटी की किताब से बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र हटेगा।
  2. बाबरी मस्जिद व गुजरात दंगों को पढ़कर बच्चों के मन पर पड़ता है बुरा असर।
  3. पाठ्यपुस्तकों में बदलाव प्रक्रिया का हिस्सा- एनसीईआरटी के प्रमुख

एजेंसी, नई दिल्ली। एनसीईआरटी की किताब से अब बाबरी मस्जिद और गुजरात दंगों का जिक्र हटा दिया जाएगा। इस बारे में एनसीआरटी के प्रमुख दिनेश प्रसाद सकलानी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि दंगों के बारे में पढ़कर बच्चों के मन पर बुरा असर पड़ता है। वह हिंसक भी हो सकते हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि हर साल पाठ्यपुस्तकों में बदलाव होता है। यह प्रक्रिया एक हिस्सा है। इस पर नकारात्मक माहौल नहीं बनाना चाहिए। गुजरात दंगों या बाबरी मस्जिद विध्वंस को किताबों से हटाने पर उन्होंने कहा कि यह हमारी पाठ्यपुस्तकों का हिस्सा नहीं होने चाहिए। हम चाहते हैं कि छात्र बड़े होकर एक सकारात्मक नागरिक बनें, जिनका देश के विकास में योगदान हो। वह इनको पढ़कर हिंसक और अवसादग्रस्त व्यक्ति बन जाएंगे।

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर, बाबरी मस्जिद या राम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला दिया है, तो क्या इसे हमारी पाठ्यपुस्तकों में शामिल नहीं किया जाना चाहिए, इसमें क्या समस्या है? हमने नए अपडेट में इसको शामिल किया है। हमने नई संसद का निर्माण किया है, तो क्या हमारे छात्रों को इसके बारे में नहीं पता होना चाहिए। दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा कि प्राचीन विकास और हाल के विकास को शामिल करना हमारा कर्तव्य है।

कोई भी काम में नहीं देता है धकल

उन्होंने कहा कि इसका निर्णय विशेषज्ञों के जरिए लिया जा रहा है। यह प्रक्रिया जारी है। एनसीईआरटी का निदेशक होने के नाते मैं निर्देश नहीं दे सकता, इसलिए हम सैकड़ों लोगों के साथ काम कर रहे हैं। वे काम करने के लिए स्वतंत्र हैं। मैं इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करता हूं और ना ही ऊपर से कोई प्रक्रिया में धकल देता है। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बारे में जानकारी है। वे जानते हैं कि किताबें कैसे विकसित की जाएंगी।

Jacqueline Fernandez’s assertion recorded in betting app case | बेटिंग एप मामले में जैकलीन फर्नांडिस, बादशाह का नाम आया: संजय दत्त को प्रमोशन के लिए मिले थे 25 लाख, ED ने मैनेजर के बयान लिए

6 घंटे पहले

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200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुकेश चंद्रशेखर से नाम जुड़ने के मामले में पहले ही कानूनी पचड़ों में फंसी जैकलीन फर्नांडिस का नाम बेटिंग एप मामले में सामने आया है। 12 जून को एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट और साइबर पुलिस ने मुंबई बेस्ड इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में फेयरप्ले बेटिंग एप के मामले में रेड की थी, जो महादेव बेटिंग एप की सहायक कंपनी है। रेड में पुलिस को कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनमें जैकलीन फर्नांडिस, संजय दत्त और सिंगर-रैपर बादशाह का नाम मिला है। अब इस मामले में ईडी और साइबर पुलिस ने बादशाह के अलावा जैकलीन और संजय के मैनेजर्स का बयान रिकॉर्ड किया है।

हाल ही में आई फ्री प्रेस जरनल की रिपोर्ट के अनुसार, एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने जांच शुरू करने से पहले मामले से जुड़े लोगों के स्टेटमेंट्स रिकॉर्ड किए हैं। इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट ने रेड में मिले डॉक्यूमेंट्स की जांच की थी, जिसमें सामने आया है कि जैकलीन फर्नांडिस, संजय दत्त और बादशाह का कंपनी के साथ लेन-देन रहा है। ये स्टार्स, सट्टेबाजी करने वाली फोरप्ले बेटिंग एप के प्रमोशन में इन्वॉल्व रहे हैं। सभी के बयान जांच के लिए भेजे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जैकलीन फर्नांडिस को दुबई बेस्ड कंपनी ट्रिम जनरल ट्रेडिंग एलसीसी से एप एंडोर्स करने के लिए पैसे मिले थे। वहीं दूसरी तरफ बादशाह को मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया के ल्यूकोस ग्रुफ एफजेडएफ की तरफ से पैसों का भुगतान हुआ था। महाराष्ट्र साइबर सेल ने बादशाह से उनके डॉक्यूमेंट्स, कॉन्ट्रैक्ट और पैसों के लेन-देन के दस्तावेजों पर सवाल किए हैं। बादशाह का मुंबई बेस्ड टेलेंट मैनेजमेंट फर्म, टीएम वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड और आफ्टरआर्स प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड से बेटिंग एप प्रमोट करने का एग्रीमेंट भी मिला है।

संजय दत्त को एप प्रमोट करने के लिए मिले 25 लाख रुपए

इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट और साइबर सेल के अनुसार, संजय दत्त को इंस्टाग्राम और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बेटिंग एप प्रमोट करने के लिए सिंगापुर की गेमिंग कंपनी की तरफ से 25 लाख रुपए का भुगतान किया गया था।

रणबीर कपूर से भी की गई थी पूछताछ

बताते चलें कि महादेव बेटिंग एप का केस बीते एक साल से चल रहा है। बीते साल अक्टूबर में इस एप का प्रमोशन करने के मामले में रणबीर कपूर से छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के ऑफिस में पूछताछ की गई थी। उन पर कोई आरोप नहीं थे। क्योंकि रणबीर ने एप का प्रमोशन किया था, ऐसे में उन्हें बेटिंग एप से लेन-देन समझने के लिए समन किया गया था।

क्या है पूरा मामला?

2023 में सौरभ चंद्राकर नाम के शख्स ने दुबई में 200 करोड़ रुपए के खर्च में शादी की थी। लैविश शादी करने पर वो एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट की रडार पर आया था। क्योंकि सौरभ चंद्राकर चंद सालों पहले छत्तीसगढ़ के भिलाई में जूस बेचा करता था। जांच में सामने आया कि सौरभ चंद्राकर अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिलकर ऑनलाइन स्पोर्ट्स सट्टेबाजी एप (महादेव एप) के जरिए नए यूजर्स को जोड़कर मनी लॉन्ड्रिंग करता है।

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच के दौरान सामने आया कि इस बेटिंग एप और सौरभ चंद्राकर से कई बॉलीवुड सेलेब्स भी जुड़े हुए हैं। सौरभ की शादी में बॉलीवुड के करीब 14-15 सेलेब्स ने परफॉर्म करने के लिए मोटी फीस ली थी।

वरिष्ठ नागरिक धारा 80टीटीबी का ले सकते हैं फायदा, आय पर इतनी कटौती का कर सकते हैं दावा

धारा 80टीटीबी करदाताओं को सावधि जमा सहित किसी भी बैंक जमा से अर्जित ब्याज आय से कटौती की अनुमति देती है। बैंक जमा पर ब्याज जैसी आय प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिक को आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा करने की अनुमति है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 10:12:31 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 10:19:15 PM (IST)

वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा फायदा।

बिजनेस डेस्क, इंदौर। धारा 80टीटीबी करदाताओं को सावधि जमा सहित किसी भी बैंक जमा से अर्जित ब्याज आय से कटौती की अनुमति देती है। बैंक जमा पर ब्याज जैसी आय प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिक को आयकर अधिनियम की धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा करने की अनुमति है। अभिषेक शर्मा, चार्टर्ड एकाउंटेंट ने धारा 80टीटीबी के बारे में पूरी जानकारी दी है।

वरिष्ठ नागरिक का अर्थ है एक निवासी व्यक्ति, जिसकी आयु पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक हो। यह कटौती केवल उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध है, जो भारत के निवासी हैं। भारत में निवासी व्यक्ति के रूप में कोई भी वरिष्ठ नागरिक संबंधित वित्तीय वर्ष के दौरान जमा (बचत या सावधि) पर अर्जित ब्याज आय से 50 हजार रुपये तक की कटौती का दावा कर सकता है। हालांकि, इस खंड में कुछ सीमाएं और अपवाद हैं।

एक करदाता निम्नलिखित के पास रखी गई जमाराशियों (सावधि जमाओं सहित) पर अर्जित ब्याज के संबंध में धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा कर सकता है। इनमें किसी भी बैंक या बैंकिंग संस्थान सहित एक बैंकिंग कंपनी, बैंकिंग व्यवसाय में लगी एक सहकारी समिति (सहकारी भूमि बंधक बैंक या सहकारी भूमि विकास बैंक सहित), डाकघर शामिल हैं।

80टीटीबी के तहत कटौती का कर सकते हैं दावा

आपने पुरानी आयकर व्यवस्था को चुना है, तो आप धारा 80टीटीबी के तहत कटौती का दावा कर सकते हैं। यह कटौती नई आयकर व्यवस्था या धारा 115बीएसी के तहत वैकल्पिक कर व्यवस्था के तहत उपलब्ध नहीं है। आप कर-बचत उत्पादों में सोच-समझकर निवेश करके अपनी कर देयता को कम कर सकते हैं और भरपूर बचत के साथ एक सुरक्षित वित्तीय भविष्य बना सकते हैं। आपके वित्तीय उद्देश्य, जोखिम सहनशीलता और तरलता की जरूरतें, सभी कर बचाने के लिए आपके द्वारा चुने गए बैंकिंग साधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Raisen Information: यूं ही नहीं पड़ा नाम, वाकई “रायल” था रायसेन का टाइगर

लंबे समय से इस बाघ की तलाश थी, आखिर अब वह पूरी हो गई। इंदौर के पास महू से चलकर जंगल-जंगल घूमते हुए वह रायसेन तक पहुंचा, काफी भटकने के बाद उसने रायसेन के आसपास अपने अनुकूल क्षेत्र को टेरेटरी बनाया। इस संघर्ष के दौरान तार के बाड़े में फंसने से उसी पीठ पर गंभीर घाव भी हुआ, जिसे महीने भर में उसने ठीक किया।

By Chetan Rai

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 07:28:33 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 09:31:31 PM (IST)

रायसेन में रेस्क्यू हुआ रॉयल टाइगर।

HighLights

  1. संघर्षों ने बनाया सशक्त, सामान्य बाघों से अलग हो गया बर्ताव
  2. उसे रेस्क्यू के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है
  3. बाघ को पकड़ने में 10 दिन लग गए थे

चेतन राय, रायसेन। रेस्क्यू किए गए बाघ को रायसेन में रायल टाइगर की पहचान मिली थी। एक बार बाघ को शहर के सांची रोड स्थित “रायल” नाम के एक शादी गार्डन में घुसकर बेखौफ घूमते देखा गया था। उसके बेखौफ अंदाज और रायल गार्डन में घुसने के इत्तेफाक से उसे यह नाम मिला, लेकिन कहा जाता है कि इत्तेफाक भी यूं ही नहीं होते। रायसेन का बाघ वाकई रायल था, यह हम नहीं कह रहे। वो पूरी टीम कह रही है, जो बीते तीस दिन से बाघ को पकड़ने जंगल-जंगल भटक रही थी। रायल टाइगर कई मायनों में अलग और अनूठा था, उसका व्यवहार सामान्य बाघों की तरह नहीं था। उसे रेस्क्यू के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भेज दिया गया है, वाइल्ड लाइफ प्रेमी इस बात को जान पा रहे हैं कि एक शानदार बाघ रायसेन से चला गया है।

“रायल” जिसका अर्थ होता है राजशी, शाही अथवा नबावी। इसे जीवन जीने के अंदाज के तौर पर देखा जाता है। यही नाम रायसेन में रेस्क्यू किए गए बाघ को यहां के लोगों ने दिया था। एक घटना के बाद जब उसे पकड़ने अभियान चलाया गया तो पहले उसके व्यवहार का आंकलन किया गया।

करीब 20 दिन स्थानीय टीम ने बाघ का सर्वे किया, इतने समय में टीम ये जान गई कि बाघ सामान्य से कुछ अलग है। टीम को समझ आ गया कि रॉयल टाइगर को पकड़ पाना उनके वश की बात नहीं। इसके बाद कान्हा, पन्ना, वन विहार और सतपुड़ा से विशेषज्ञों की टीम व पांच हाथी बुलाए गए।

इतने बड़े तामझाम के बाद भी बाघ को पकड़ने में 10 दिन लग गए। टीम लीडर डीएफओ विजय कुमार इस बात को पूरी ईमानदारी से स्वीकारते हैं कि बाघ की इंटेंलीजेंसी काफी बेहतर थी और कई मौकों पर वह हमारी सोच से एकदम अलग बर्ताव करता था, इसलिए उसे पकड़ना चुनौतीपूर्ण हो गया था।

हमारे द्वारा जंगल में लगाए गए कैमरों से बचने में भी वह माहिर था। एक बार यदि किसी कैमरे की फ्लैश चमक जाए तो दोबारा वह उसके सामने कभी नहीं आया। वह अपनी उम्र के हिसाब से शारीरिक और मानसिक रूप से काफी अधिक परिपक्व था।

तीन गुना बड़ी टेरेटरी बनाई

डीएफओ विजय कुमार के अनुसार एकमात्र घटना को छोड़ दिया जाए तो बाघ ने कभी भी इंसानों के साथ असामान्य व्यवहार नहीं किया। बस सामान्य टाइगरों से वह इसलिए अलग था कि इंसानों से नजदीकी उसे डराती नहीं थी। बेखौफ होकर शहर, गांव, सड़क और खेत से गुजरता था।

ऐसा अमूमन दूसरे बाघ नहीं करते और यहां के अन्य बाघों का भी ऐसा व्यवहार कभी सामने नहीं आया। सामान्यता बाघ इंसानों से दूर ही रहते हैं। 50 से 60 वर्ग किमी की सामान्य टेरेटरी की तुलना में उसने डेढ़ सौ वर्ग किमी में टेरेटरी बनाई थी, जिसमें लगातार घूमता रहता था। शारीरिक रूप से काफी सक्रिय था। एक बार किए शिकार को उसने कभी दोबारा नहीं खाया।

संघर्षों ने बना दिया मजबूत

रॉयल टाइगर का सामान्य से अलग व्यवहार होने के पीछे का कारण है कि वह समय से पहले अपनी मां से बिछड़ गया। इसके बाद उसने अकेले जंगल में संघर्ष करते हुए खुद को बड़ा किया। इन्हीं संघर्ष और चुनौतियों ने उसे समय से पहले शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत कर दिया।

MP Information: रात में एक साथ 15 हजार पुलिसकर्मी उतरे मैदान में, दबिश देकर आठ हजार अपराधी और वारंटी पकड़े

डीजीपी सुधीर सक्सेना ने एक बजे बीएनपी देवास, ढाई बजे कोतवाली सीहोर और चार बजे कोहेफिजा थाना पहुंचकर कांबिंग आपरेशन का जायजा लिया। रात में ही जोनल सभी आइजी से बात कर उनके जिलों में आपरेशन की जानकारी ली।

By shashikant Tiwari

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 09:16:47 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 09:17:50 PM (IST)

MP News: रात में एक साथ 15 हजार पुलिसकर्मी उतरे मैदान में, दबिश देकर आठ हजार अपराधी और वारंटी पकड़े

HighLights

  1. मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक्शन में पुलिस, डीजीपी भी कई थानों में पहुंचे
  2. सभी आइजी, डीआइजी, एसपी और थाना प्रभारी भी आपरेशन में जुटे
  3. योजना को बहुत गोपनीय रखा गया था, जिससे अपराधी छिप न जाएं

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल।मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात अपराधियों और वारंटियों को पकड़ने लिए कांबिंग आपरेशन चलाया गया, जिसमें 15 हजार से अधिक पुलिसकर्मी मैदान में उतरे। अभियान में आठ हजार अपराधी और वारंटियों को पकड़ा गया।

डीजीपी सुधीर सक्सेना, सभी जोनल आइजी, डीआइजी, एसपी, 370 डीएसपी स्तर के अधिकारी और नीचे का अमला गश्त में लगा रहा। डीजीपी ने एक बजे बीएनपी देवास, ढाई बजे कोतवाली सीहोर और चार बजे कोहेफिजा थाना पहुंचकर कांबिंग आपरेशन का जायजा लिया। रात में ही जोनल सभी आइजी से बात कर उनके जिलों में आपरेशन की जानकारी ली।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने 31 मई को पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर अपराधियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था। प्रदेश भर में पुलिस एक साथ एक समय पर अपराधियों और वारंटियों को पकड़ने के लिए उतरी, पर योजना को बहुत गोपनीय रखा गया था, जिससे अपराधी छिप न जाएं। गश्त के लिए सभी जिला मुख्यालयों पर अधिक से अधिक पुलिस बल को एकत्रित कर विस्तार से ब्रीफिंग की गई। इसके बाद अलग-अलग दल बनाकर गश्त के लिए रवाना किया गया। रातभर चले अभियान में गिरफ्तारी वारंट के लगभग पांच हजार से अधिक अपराधियों, 2500 स्थायी वारंटियों, 75 फरार अपराधियों तथा 1800 से ज्यादा जिलाबदर अपराधियों की चैकिंग की गई। कुछ जिला बदर के अपराधी जिला बदर की शर्तों का उल्लंघन करते हुए पाए गए जिनके विरुद्ध अलग से कार्रवाई की जा रही है।

125 से अधिक इनामी बदमाशों को किया गिरफ्तार

विभिन्न अपराधों में वांछित 125 से अधिक ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर इनाम घोषित था। साथ ही 650 से अधिक अन्य वांछित अपराधियों को पकड़ने में सफलता मिली है। डीजीपी ने पहले से ही निर्देशित किया था कि किसी के साथ अभद्रता न हो। महिलाओं एवं बच्चों के साथ व्यवहार में पूरी शालीनता रखी जाए।

T20 World Cup: पाकिस्तान ने आखिरी मैच में जीता टॉस, क्या चुनी बल्लेबाजी या गेंदबाजी? कैसी है प्लेइंग XI

नई दिल्ली. आईसीसी टी20 विश्व कप से बाहर हो चुकी पाकिस्तान की टीम अपने आखिरी लीग मैच में सम्मान बचाने उतरी है. कप्तान बाबर आजम ने टॉस जीतकर इस मैच में पहले गेंदबाजी करे का फैसला लिया है. आयरलैंड के खिलाफ इस डेड रबर मुकाबले में तेज गेंदबाज नसीम शाह नहीं खेल रहे हैं. कप्तान ने आज के इस मैच के लिए अब्बास अफरीदी को प्लेइंग इलेवन में जगह दी है.

आईसीसी टी20 विश्व कप के अपने आखिरी मुकाबले में आयरलैंड के खिलाफ खेलने उतरी पाकिस्तान ने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव किया है. टॉस जीतने के बाद कप्तान बाबर आजम ने बताया कि वह इस मैच को किसी और मुकाबले की तरह ही खेलने वाले हैं. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व चेयरमैन ने पूछा कि टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है और इस मैच के नतीजे के किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा तो ऐसे मैच को किस तरह से खेलेंगे. बाबर ने कहा हम यहां सारे मैच खेलने की तैयारी करके आए थे. इसका नतीजे पर फर्क पड़े ना पड़े इसको भी बाकी मैच की तरह ही जीतने के इरादे से खेलेंगे.

EVM पर फिर तेज हुई राजनीति, शिवसेना नेता पर लगा फोन से कनेक्ट करने का आरोप, EC का आया जवाब

मस्क के ईवीएम हैक होने की बात पर राहुल गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को ईवीएम पर सवाल उठाने का मौका मिल गया है। महाराष्ट्र के शिवसेना नेता रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर पर ईवीएम और मोबाइल फोन संबंधित मामले में एफआईआर हुई है। उसके बाद विपक्ष ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर दी है। इन सबके बीच चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 06:48:34 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 06:48:34 PM (IST)

EVM पर फिर तेज हुई राजनीति, शिवसेना नेता पर लगा फोन से कनेक्ट करने का आरोप, EC का आया जवाब
चुनाव आयोग ने दिया विपक्ष के आरोपों का जवाब।

एजेंसी, नई दिल्ली। ईवीएम पर शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता पर दर्ज हुई एफआईआर और टेस्ला के मालिक एलोन मस्क के बयान के बाद से राजनीति फिर से तेज हो गई है। राहुल गांधी ने निशाना साधते हुए ईवीएम को ब्लैक बॉक्स बता दिया, जिसको खोला नहीं जा सकता है। चुनाव आयोग ने सभी आरोपों का जवाब देते हुए बताया कि ईवीएम को हैक नहीं किया जा सकता है।

महाराष्ट्र के शिवसेना नेता रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर पर आरोप लगा कि वह गोरेगांव में मतगणना केंद्र पर कथित तौर पर मोबाइल लेकर घुसे थे। उन पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। उसके बाद से ईवीएम को लेकर बहस तेज हो गई है।

चुनाव आयोग ने दी सफाई

#WATCH | Mumbai Suburban Returning Officer, Vandana Suryavanshi says, “No OTP is required to unlock the EVM. There isn’t any cell OTP wanted to unlock the EVM as it’s a non-programmable offence…It has superior technical options and there’s no communication machine on the EVM…It… pic.twitter.com/EEB4Cn4AlT

— ANI (@ANI) June 16, 2024

रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने इन सभी आरोपों का जवाब प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर दिया। उन्होंने कहा कि ईवीएम पूरी तरह से सुरक्षित है, क्योंकि यह किसी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ती है। इसको ओपन करने के लिए किसी भी तरह के ओटीपी की जरूरत नहीं होती है। यह हैक नहीं हो सकती है, क्योंकि यह किसी भी डिवाइस कनेक्ट नहीं होती है।

बैलेट पेपर से हो चुनाव- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि ‘टेक्नॉलजी’ समस्याओं को दूर करने के लिए होती है। अगर, वही मुश्किलों की वजह बन जाए, तो उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। आज जब विश्व के कई चुनावों में ईवीएम को लेकर गड़बड़ी की आशंका जाहिर की जा रही है। दुनिया के जाने-माने टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स ईवीएम में हेराफेरी के खतरे की ओर खुलेआम लिख रहे हैं, तो फिर ईवीएम के इस्तेमाल की जिद के पीछे की वजह क्या है, ये बात भाजपाई साफ करें। आगामी सभी चुनाव बैलेट पेपर (मतपत्र) से कराने की अपनी मांग को हम फिर दोहराते हैं।

Kiara misbehaved with the cabin crew member! | कियारा ने केबिन क्रू मेंबर से की बदतमीजी!: मेंबर ने लगाए एक्ट्रेस पर आरोप, कहा- कियारा हमेशा एटीट्यूड में रहती हैं

कुछ ही क्षण पहले

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कियारा आडवाणी को लेकर एक केबिन क्रू मेंबर ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। केबिन क्रू मेंबर ने कहा कि उनका कियारा के साथ अच्छा एक्सपीरियंस नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि एक बार एक्ट्रेस फ्लाइट से ट्रैवल कर रही थीं, तब उन्होंने केबिन क्रू मेंबर और उनके साथियों के साथ बदतमीजी की थी। केबिन क्रू मेंबर के मुताबिक, कियारा हमेशा एटीट्यूड में रहती हैं।

केबिन क्रू मेंबर ने यह खुलासा एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में किया है। इस इंटरव्यू का कुछ हिस्सा सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, जिसके कमेंट सेक्शन में लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट कर बताया कि उनका भी एक्सपीरियंस कियारा के साथ अच्छा नहीं रहा, जब वो पहली बार उनसे मिली थीं।

हालांकि इस वीडियो पर कई फैंस कियारा के सपोर्ट में भी उतरे हैं। फैंस का कहना है कि कियारा का नेचर ऐसा नहीं है। वो बहुत प्यारी और सुलझी हुई महिला हैं।

पढ़िए क्या है पूरा मामला?

हाल में एक केबिन क्रू मेंबर ने बताया कि कियारा के साथ उनकी टीम का एक्सपीरियंस बहुत खराब रहा है। क्रू मेंबर ने उस घटना का भी जिक्र किया जब कियारा बहुत भड़क गई थीं।

क्रू मेंबर ने बताया कि एक बार जर्नी के दौरान कियारा को काजू और बादाम ऑफर किया गया तो उन्होंने खराब लहजे में लेने से इनकार कर दिया। फिर कियारा ने क्रू मेंबर से अपने असिस्टेंट को बुलाने के लिए कहा ताकि वे उन्हें काजू दे सकें।

वीडियो के सामने ही लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट करने लगे। इस यूजर ने कमेंट कर लिखा कि उनका भी कियारा के साथ खराब एक्सपीरियंस रहा है। यूजर ने लिखा कि पहली बार कियारा से उनकी मुलाकात एक कैफे में हुई थी। जाते समय कियारा का लिप बाम गिर गया था और लुढ़क कर उनके पैरों के पास आ गया था। लेकिन कियारा खुद ना उसे उठाकर अपने असिस्टेंट को लिप बाम उठाने के लिए भेजा। लिप बाम उठाने के बाद असिस्टेंट ने उस महिला के सामने ही लिप बाम को सैनेटाइज किया था। कियारा का ये रवैया देख महिला को बहुत बुरा लगा था।

Bhopal Information: बस आपरेटर मां एसोसिएट को बीसीएलएल दिखा सकता है बाहर का रास्ता

सोमवार को शासकीय अवकाश की वजह से इस मामले में कोई कार्रवाई आगे नहीं बढ़ेगी। यह मामला मंगलवार तक सुलझ पाएगा। लिहाजा आज और कल बस यात्रियों का परेशान होना तय है। रविवार को भी बागसेवानिया डिपो पर चालक और परिचालक हड़ताल पर रहे।

By PANKAJ SHRIVASTAVA

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 07:05:44 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 07:05:44 PM (IST)

HighLights

  1. नोटिस देने के बाद भी शुरू नहीं हुआ बसों का संचालन
  2. तीसरे दिन भी नहीं चली बसें, चालक-परिचालकों की हड़ताल जारी
  3. हजारों यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड बीसीएलएल बस आपरेटर मां एसोसिएट को बाहर का रास्ता दिखा सकता है। दरअसल नोटिस देने के बावजूद छह रूटों पर चलने वाली 149 बसें तीसरे दिन भी नहीं चलीं। इससे शहर के हजारों यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा। बीसीएलएल और मां एसोसिएट बीच आपसी 6 करोड़ 80 लाख के पेमेंट का विवाद का असर चालक-परिचालक पर पड़ा है। चालक और परिचालक पिछले तीन दिन से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। चालकों का कहना है कि जब तक उनके पीएफ और ईएसआइसी की राशि बैंक में जमा नहीं होती। तब तक बसें डिपो में खड़ी रहेंगी । चूंकि सोमवार को शासकीय अवकाश की वजह से इस मामले में कोई कार्रवाई आगे नहीं बड़ेगी। यह मामला मंगलवार तक सुलझ पाएगा। लिहाजा आज और कल बस यात्रियों का परेशान होना तय है। रविवार को भी बागसेवानिया डिपो पर चालक और परिचालक हड़ताल पर रहे।

चालक-परिचालकों को दी जा रही आश्वासन की लालीपाप

मां एसोसिएट के चालक और परिचालकों को बीसीएलएल के अफसर आश्वासन की लॉलीपॉप दे रहे हैं। चालक बताते हैं कि अफसरों का कहना है कि दो-दो महीने में पीएफ आई ईएसआइसी का राशि जमा करवा दी जाएगी। उधर इस संबंध में कर्मचारी नेता अजीज खान का कहना है कि सभी का निर्णय है कि जब तक बैंक से राशि जमा होने का संदेश नहीं आएगा। तब तक खड़े नहीं चलाएंगे।

इनका कहना है

– हर महीने 15 लाख के घाटे में बसेंं चला रहे हैं । बीसीएलएल को कई बार जो डिफरेंस राशि है उसका भुगतान करें, लेकिन वह दे नहीं रहे । आमने-सामने चर्चा के बाद देखते हैं क्या होता है।

अतुल जैन, डायरेक्टर, मां एसोसिएट

– मंगलवार को बस आपरेटर से आमने-सामने चर्चा होगी। यदि मंगलवार तक बसें नहीं चलाई गईं तो बस आपरेटर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बस आपरेटर को नोटिस दे दिया है।

निधि सिंह, अपर आयुक्त

MP Information: धार जिले के अमझेरा में 25 दिनों बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

कई दिनों की दहशत के बाद आखिर यह तेंदुआ पकड़ में आ गया है। धार से वन अमले की टीम को बुलाया गया। इनके साथ ग्रामीणों की मदद से पिंजरे को खाई से उपर लाकर पिंजरे को वन विभाग के वाहन में स्थानांतरित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत कर तेंदुए को खंडवा जिले में औंकारेश्वर के घने जंगलों में भेजा जाएगा।

By Navodit Saktawat

Publish Date: Solar, 16 Jun 2024 06:03:03 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 16 Jun 2024 06:03:03 PM (IST)

MP News: धार जिले के अमझेरा में 25 दिनों बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ
पकड़ा गए तेंदुए की आयु ढाई से तीन वर्ष है।

HighLights

  1. सूचना पर वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंची।
  2. पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाया गया।
  3. पता चला कि यह एक मादा तेंदुआ है।

धार-अमझेरा। 22 मई को धार जिले अमझेरा से सटे भेरूघाट के ग्राम हाथीपावा में घर की बागड़ लगा रहे चार ग्रामीणों पर घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके बाद से ही ग्राम हाथीपावा व आसपास के ग्रामीण इलाके में ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई थी।

घटना के बाद तुरंत ही वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी सक्रिय हो गए थे। अगले ही दिन ग्राम हाथीपावा की गहरी खाई वटकानाला में पिंजरा लगा दिया गया था। लगातार कई दिनों की सर्चिंग के बाद भी तेंदुए का पता नहीं लग पा रहा था। कर्मचारी एवं ग्रामीण तेंदुए की खोजबीन में लगे हुए थे।

25 दिनों के बाद रविवार की सुबह जब ग्रामीणों ने तेंदुए की आवाज सुनी तो मालूम हुआ कि खूंखार तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया है। सूचना मिलने पर केशवी बिट प्रभारी निर्मल डावर तुरंत मौके पर पहुंचे। पिंजरे को जंगली पत्तों से ढककर पिंजरे पर छांव की गई।

इस संबंध में सरदारपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी शैलेन्द्र सोलंकी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिंजरे में तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना पर हमारी वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंची पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाया गया। इसके आधार पर पता चला कि पकड़ा गया तेंदुआ मादा तेंदुआ है।