Lok Sabha Speaker: कैसे होता है लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव, ओम बिरला जीते, तो बना लेंगे ये रिकॉर्ड, जानें स्पीकर के इतिहास से जुड़ी रोचक बातें
लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव प्रोटेम स्पीकर द्वारा करवाया जाता है। पचास प्रतिशत से अधिक वोट पाने वाले उम्मीदवार को विजेता घोषित किया जाता है। एनडीए की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखेंगे। यह चुनाव जीतने के साथ ही ओम बिरला उन सांसदों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे, जो दो बार लोकसभा अध्यक्ष बने हैं।
By Bharat Mandhanya
Publish Date: Wed, 26 Jun 2024 10:24:58 AM (IST)
Up to date Date: Wed, 26 Jun 2024 10:24:58 AM (IST)
HighLights
- संविधान के अनुच्छेद 93 में लोकसभा अध्यक्ष का उल्लेख है
- पहली लोकसभा में स्पीकर के पद पर पहली बार चुनाव हुआ
- अब तक पांच सदस्य दो बार बने हैं लोकसभा के अध्यक्ष
Lok Sabha Speaker Election डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए आज चुनाव होगा। एनडीए की ओर से ओम बिरला उम्मीदवार है, तो वहीं विपक्ष ने के सुरेश को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, कल तक यही माना जा रहा था कि सर्वसम्मति से लोकसभा स्पीकर बनाया जा सकता है, लेकिन विपक्ष ने के सुरेश को प्रत्याशी घोषित कर दिया। ऐसे में अब वोटिंग के आधार प तय होगा कि लोकसभा का नया अध्यक्ष कौन होगा।
कैसे होगा लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव
जिन सांसदों की अब तक शपथ नहीं हो पाई है, प्रोटेम स्पीकर सबसे पहले उन सदस्यों को शपथ दिलाएंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रस्तावक के तौर पर ओम बिरला के नाम का प्रस्ताव रखेंगे उनके साथ एक अनुमोदक भी होगा। इसके बाद विपक्ष की ओर से के सुरेश के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा और उनके साथ भी अनुमोदक होगा।
दोनों नामों का प्रस्ताव पेश होने के बाद सदन में वोटिंग करवाई जाएगी। जिसे सर्वाधिक वोट मिलेंगे, प्रोटेम स्पीकर उसे विजेता घोषित करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और विपक्ष के नेता अध्यक्ष को आसन तक लेकर आएंगे। यहां प्रोटेम स्पीकर आसन नवनिर्वाचित स्पीकर को सौंपेंगे और उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू होगा।

क्या कहता है नंबर गेम
नंबर गेम के हिसाब से लोकसभा अध्यक्ष के पद पर एनडीए को जीत मिलना तय माना जा रहा है। 543 सीटों वाली लोकसभा में एनडीए के 293 सांसद है। वहीं विपक्ष के इंडी गठबंधन के 233 और अन्य दलों के 16 सांसद है। ऐसे में ओम बिरला दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनते दिख रहे हैं।
ओम बिरला के नाम दर्ज होगा ये रिकॉर्ड
एमए अय्यंगर, डॉ. गुरदयाल सिंह ढिल्लों, डॉ. नीलम संजीव रेड्डी, डॉ. बलराम जाखड़ और गंती मोहन चंद्र बालयोगी ऐसे लोकसभा अध्यक्ष रहे हैं, जो दो बार इस पद पर रहे हैं। इनमें से सर्वाधिक लंबा कार्यकाल डॉ. बलराम जाखड़ का रहा है। वे 1980 से लेकर 1985 और इसके बाद 1989 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे हैं।
ओम बिरला दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष बनने के साथ ही दूसरी बार स्पीकर बनने वाले छठें सांसद बन जाएंगे। इसके साथ ही 18वीं लोकसभा का कार्यकाल पूरा करते ही बलराम जाखड़ के भी सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे।
दो बार लाेकसभा अध्यक्ष बनने वाले सांसद
| एमए अय्यंगर |
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| डॉ. गुरदयाल सिंह ढिल्लों |
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| डॉ. नीलम संजीव रेड्डी |
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| डॉ. बलराम जाखड़ |
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| गंती मोहन चंद्र बालयोगी |
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इससे पहले कब हुए चुनाव
लोकसभा अध्यक्ष के लिए इससे पहले दो बार वोटिंग हो चुकी है। एक बार 1952 पहली लोकसभा में तो दूसरी बार 1976 में चुनाव के जरिए स्पीकर चुना गया था।
1952
1952 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा के पूर्व सदस्य गणेश वासुदेव मावलंकर के नाम का प्रस्ताव रखा था। लेकिन कम्युनिस्ट आंदोलन के संस्थापक एके गोपालन ने शांताराम मोरे का नाम प्रस्तावित किया। इसके बाद हुए चुनाव में मावलंकर को 394 वोटों मिले और लोकसभा के अध्यक्ष चुने गए।
1976
1976 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकसभा स्पीकर के लिए बलिराम भगत के नाम का प्रस्ताव रखा, लेकिन सांसद पी एम मेहता ने जगन्नाथ राव जोशी के नाम का प्रस्तावित किया। भगत के पक्ष में 344 वोट आए और वे लोकसभा अध्यक्ष बनें।
अब तक के लोकसभा अध्यक्ष
- गणेश वासुदेव मावलंकर
- एमए अयंगार
- डॉ. गुरदयाल सिंह ढिल्लों
- डॉ. नीलम संजीव रेड्डी
- बलि राम भगत
- के.एस. हेगडे
- डॉ. बलराम जाखड़
- रबी राय
- शिवराज वी. पाटिल
- पूर्णो अगिटोक संगमा
- गंती मोहन चंद्र बालयोगी
- मनोहर जोशी
- सोमनाथ चटर्जी
- मीरा कुमार
- सुमित्रा महाजन
- ओम बिरला











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