IND vs ENG: रोहित ने जड़ी फिफ्टी, सूर्या ने ठोके 47, लेकिन नहीं मिला प्लेयर ऑफ द मैच, कौन रहा हकदार?

नई दिल्ली. भारत की टीम ने टी20 वर्ल्‍ड कप 2024 के दूसरे सेमीफाइनल में इंग्‍लैंड को धूल चटाकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. अब भारत का सामना फाइनल में साउथ अफ्रीका से होगा. भारत को फाइनल में पहुंचाने का श्रेय रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल को जाता है. जिनके दम पर टीम इंडिया ने फाइनल में जगह बनाई. सब ने अच्छा प्रदर्शन किया. लेकिन प्लेयर ऑफ द मैच कौन बना? चलिए जानते हैं.

दरअसल, भारत बनाम इंग्लैंड मैच के बाद प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड अक्षर पटेल को दिया गया. अक्षर ने इस मैच में कमाल की गेंदबाजी करते हुए कुल 3 विकेट अपने नाम किए. उन्होंने इंग्लैंड के शुरुआती 3 बल्लेबाज जोस बटलर, मोईन अली और जॉनी बेयरस्टो को चलता किया. इन तीन खिलाड़ियों के आउट होने के बाद इंग्लैंड की टीम कमजोर पड़ गई और लगातार विकेट गंवाती गई. अक्षर ने 3 विकेट लेने के अलावा 6 गेंदों में 10 रन भी बनाए थे.

भारत के लिए कप्‍तान रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर रन बनाने की जिम्‍मेदारी उठाई. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए साथ मिलकर 73 रन जोड़े. 39 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेलने के बाद 14वें ओवर में हिटमैन आदिल राशिद की गेंद पर बोल्‍ड हो गए. जल्‍द ही सूर्यकुमार यादव भी 36 गेंदों पर 47 रन बनाने के बाद आर्चर की गेंद पर आउट हो गए. लेकिन उनका यह स्कोर इंग्लैंड को हराने के लिए काफी था. कुलदीप यादव ने भी मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 3 विकेट अपने नाम किए थे.

FIRST PUBLISHED : June 28, 2024, 06:02 IST

Munjya Actor Abhay Verma Battle Story; Modi Biopic | Sanjay Leela Bhansali | पिता बीमार पड़े तो घर बेचने की नौबत आई: मुंज्या फेम एक्टर अभय बोले- एक बार ट्रांसजेंडर समझ कर लड़के बदसलूकी करने लगे थे

55 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/अरुणिमा शुक्ला

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हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘मुंज्या’ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है। फिल्म ने 20 दिनों में 110.70 करोड़ की कमाई कर ली है। फिल्म के डायरेक्शन और कहानी की हर तरफ चर्चा हो रही है, लेकिन जिसकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वे हैं फिल्म के लीड एक्टर अभय वर्मा।

यह पहली ऐसी फिल्म है, जिसमें अभय ने लीड किरदार निभाया है। उन्हें मनोज बाजपेयी की वेब सीरीज फैमिली मैन सीजन 2 में भी देखा गया था। करियर की शुरुआत में उन्होंने संजय लीला भंसाली की भी एक फिल्म में काम किया था।

हालांकि ये आसान दिखने वाला सफर बिल्कुल आसान नहीं था। अभय और उनके परिवार ने एक वक्त ऐसा भी देखा जब तंगी की वजह से घर तक बेचना पड़ा। पिता बीमार हुए तो घर की जिम्मेदारियों को मां ने निभाया। पैसे नहीं थे तो उन्होंने कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई पूरी कराई।

दोपहर 2 बजे मुंबई में स्थित दैनिक भास्कर के ऑफिस में अभय वर्मा अपनी संघर्ष की ये कहानी हमें बता रहे थे।

आज की स्ट्रगल स्टोरी में पढ़िए अभय वर्मा के संघर्ष की कहानी, उन्हीं की जुबानी…

कर्ज लेकर मां ने पढ़ाई पूरी करवाई
बचपन के दिनों के बारे में अभय कहते हैं, ‘मेरा, मां-पापा, भाई और बहन से भरा-पूरा परिवार था। पापा की एक छोटी सी ज्वेलरी की दुकान थी। एक मिडिल क्लास परिवार की जैसी कंडीशन होती है, ठीक वैसी ही मेरे घर की भी थी।

हम सब उस कंडीशन में खुशी से जी ही रहे थे कि पापा को जॉन्डिस हो गया। मैं उस वक्त छठी क्लास में था। दिन-प्रतिदिन पापा की तबीयत खराब होती चली गई। जॉन्डिस इतनी बढ़ गई कि उनका लिवर खराब हो गया। डॉक्टर्स ने उन्हें प्रॉपर बेड रेस्ट की सलाह दी।

पूरे परिवार में सिर्फ पापा ही कमाने वाले थे। पापा के बीमार होने पर ये जिम्मेदारी मां के कंधों पर आ गई। पापा का मेडिकल खर्च ही इतना ज्यादा था कि धीरे-धीरे सारे पैसे खत्म होने लगे। कमाई का दूसरा कोई जरिया नहीं था। ऐसे में हम जिस घर में रहते थे, उसे बेचना पड़ा। बाद में पूरा परिवार एक छोटे से घर में शिफ्ट हो गया।

आर्थिक तंगी का ऐसा दौर आया कि मेरी फीस के लिए भी पैसे नहीं बचे। पढ़ाई तो करनी जरूरी थी, तब मां ने इसके लिए कर्ज लिया, जिसे बाद में मैंने अपनी कमाई से चुकाया। आज इस बात की खुशी है कि मैं इस भार को कम करने में मां की मदद कर पाया।

आज मैं AC वाले घर में रहता हूं। यहां AC वाले ऑफिस में बैठकर आपको इंटरव्यू दे रहा हूं, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था कि घर में पंखे तक नहीं थे।’

ये बातें करते हुए अभय भावुक हो जाते हैं। कुछ समय शांत रहने के बाद वे दोबारा कहानी बताना शुरू करते हैं।

भंसाली की फिल्म राम लीला देखकर एक्टर बनने का फैसला किया
क्या भाई की वजह से एक्टिंग फील्ड में आने का फैसला किया? जवाब में अभय ने कहा, ‘ऐसा नहीं है। मैंने तो कभी एक्टर बनने के बारे में सोचा भी नहीं था। एक्टिंग का खुमार कैसे लगा, इसकी एक कहानी है। दरअसल 8वीं क्लास में मेरे मार्क्स बहुत कम आए थे। इसके बाद भी मैं रिजल्ट वाले दिन संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘गोलियों की रासलीला राम लीला’ देखने चला गया।

फिल्म खत्म हो गई, लेकिन मैं बुत बनकर खड़ा रहा। सोचने लगा कि फिल्म के किरदारों के जैसे मैं भी लोगों को एंटरटेन कर सकता हूं। फिल्म का डायरेक्शन देख कर मैं पागल हो गया। यही वो पल था, जब मैंने एक्टर बनने का फैसला किया।’

कम उम्र में पिता का साया उठा, मां ने एक्टर बनने के फैसले को सपोर्ट किया
क्या घरवालों ने एक्टर बनने के फैसले को सपोर्ट किया? अभय ने बताया, ‘मैं इस ख्वाब के बारे में पापा को नहीं बता पाया था। 3 साल तक तक वे बेड पर ही रहे। इस सपने के बारे में उन्हें बताने का मौका ही नहीं मिला।

जब 9वीं क्लास में गया तो पापा का निधन हो गया। इसके बाद सब कुछ मां ने ही किया। जब उन्हें मेरे इस ख्वाब के बारे में पता चला तो उन्होंने बहुत सपोर्ट किया।’

तस्वीर में मां के साथ अभय।

तस्वीर में मां के साथ अभय।

19 साल की उम्र में एक्टर बनने मुंबई आए
अभय ने बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे 19 साल की उम्र में मुंबई आ गए थे। यहां उन्हें रहने-खाने की दिक्कत नहीं हुई क्योंकि बड़े भाई अभिषेक पहले से यहां रहते थे, लेकिन काम पाने के लिए उन्हें भी बाकी स्ट्रगलर्स की तरह ही मशक्कत करनी पड़ी।

संघर्ष से भरा ऑडिशन का सफर
रिजेक्शन और ऑडिशन का दौर कैसा रहा? जवाब में अभय कहते हैं, ‘पहला ब्रेक पाने से पहले बहुत सारे रिजेक्शन फेस करने पड़े। जब मुंबई में नया था, तब रोज सुबह एक बैग में 4-5 तरह के कपड़े लेकर ऑडिशन देने आराम नगर चला जाता था। मुंबई में आरामनगर वो जगह है, जहां पर सबसे ज्यादा ऑडिशन होते हैं।

सुबह से रात तक घूम-घूम कर ऑडिशन देता और फिर NOT FIT टैग के साथ घर वापस चला जाता। शुरुआत में तो बहुत बुरा लगता था, मायूस भी हो जाता था। तब भाई ने समझाते हुए कहा- इस फील्ड में ऐसा ही होता है। तुम ऑडिशन देने के बाद भूल जाया करो, रिजल्ट का इंतजार ना किया करो।

इसके बाद भाई के इसी सजेशन को फॉलो किया। लगभग एक-डेढ़ साल के बाद मुझे संजय लीला भंसाली की फिल्म मन बैरागी में काम मिला। इस फिल्म में मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोल प्ले किया था।’

अभय ने एक ऐड फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ भी काम किया है।

अभय ने एक ऐड फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ भी काम किया है।

एक्टिंग प्रोफेशन चुनने पर लोगों ने ताना भी मारा
एक्टिंग प्रोफेशन चुनने पर किसी ने कभी मजाक बनाया? इस सवाल पर अभय हंसते हुए कहते हैं, ‘कॉलेज का पहला दिन था। एक टीचर ने सब बच्चों का इंट्रोडक्शन लिया। जब मैंने उन्हें बताया कि मैं एक्टर बनना चाहता हूं, तब उन्होंने ताने भरे लहजे में कहा- अच्छा तो तुम एक्टर बनोगे।

यह ऐसी घटना है, जिसे शायद कभी भूल नहीं पाऊंगा। आज मैं जिस मुकाम पर हूं, शायद लोगों के इन्हीं तानों ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की थी।

सीरीज फैमिली मैन 2 के लिए सिर्फ 4 दिन शूटिंग की, फिर भी पॉपुलैरिटी मिली
अभय को इसके बाद मर्जी और लिटिल थिंग्स जैसी सीरीज में देखा गया था, लेकिन इन सीरीज से उन्हें बहुत ज्यादा पॉपुलैरिटी नहीं मिली। इसके बाद अभय वेब सीरीज फैमिली मैन 2 में दिखे। इसमें उन्होंने कल्याण का रोल निभाया था।

इसमें काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में अभय ने बताया, ‘मैंने इस सीरीज के लिए सिर्फ 4 दिन शूटिंग की थी। शूटिंग करते वक्त इस बात का बिल्कुल आभास नहीं था कि मैं कल्याण के रोल में इतना हिट हो जाऊंगा। इस सीरीज में काम करने के बाद एहसास हुआ कि 4 दिन की शूटिंग में भी हम इतना बेहतर काम कर सकते हैं, जिसे दर्शक 40 साल तक याद रख सकें।’

सीरीज फैमिली मैन सीजन 2 में अभय ने कल्याण नाम के शख्स का रोल निभाया था। इस सीरीज में मनोज बाजपेयी, प्रियामणि, सामंथा रुथ प्रभु और शारिब हाशमी जैसे कलाकार दिखाई दिए थे।

सीरीज फैमिली मैन सीजन 2 में अभय ने कल्याण नाम के शख्स का रोल निभाया था। इस सीरीज में मनोज बाजपेयी, प्रियामणि, सामंथा रुथ प्रभु और शारिब हाशमी जैसे कलाकार दिखाई दिए थे।

रियल ट्रांसजेंडर समझ कर लड़कों ने बदसलूकी करने की कोशिश की
2023 की फिल्म सफेद में अभय ने ट्रांसजेंडर चांदनी का किरदार निभाया था। इस किरदार में ढलने के लिए उन्होंने एक अनोखा तरीका अपनाया था। उन्होंने बताया, ‘जब मुझे इस रोल का ऑफर मिला तो मां-भाई नहीं चाहते थे कि मैं इस फिल्म में काम करूं। शुरुआत में मैं भी इस रोल को लेकर श्योर नहीं था, लेकिन कुछ समय बाद मैं काम करने के लिए राजी हो गया।

मैं इस किरदार में अपनी अलग छाप छोड़ना चाहता था। मैं शूटिंग शुरू होने के 2 महीने पहले बनारस चला गया और वहां ट्रांसजेंडर की तरह रहने लगा। आज भी समाज में ट्रांसजेंडर्स को हीन दृष्टि से देखा जाता है और ये चीज मैंने भी फील की। जब रियल बनकर लोगों से मिलता था, तब उनका रवैया मेरे प्रति बहुत अच्छा रहता था, लेकिन जब मैं ट्रांसजेंडर की वेशभूषा में लोगों से मिलता, तो लोग दुत्कार देते थे।

एक दिन मैं लेट नाइट होटल वापस लौट रहा था। तभी कुछ बदमाश लड़के मिले, जो नशे में धुत थे। उन्होंने ट्रांसजेंडर समझ कर मुझे बीच रास्ते में रोक लिया और बदतमीजी करने लगे। मामला ज्यादा बिगड़ ना जाए, इसलिए मैंने उन लोगों को अपनी असलियत बता दी कि मैं ट्रांसजेंडर नहीं हूं, बस फिल्म के लिए ऐसा कर रहा हूं। तब उन लोगों ने मुझे जाने दिया।

इस घटना के बाद एक दिन और मेरे साथ ऐसा हादसा हुआ। उस दिन मैं डरा नहीं बल्कि बदतमीजी करने वालों को जमकर सुनाया। तब वे लोग माफी मांग कर भाग गए।

फिल्म मुंज्या के लिए आलिया भट्ट को रिप्लेस किया, एक्ट्रेस को रिप्लेस करने वाले पहले एक्टर
हाल में रिलीज हुई फिल्म मुंज्या को दर्शकों का बहुत प्यार मिल रहा है। फिल्म के लीड रोल में अभय वर्मा ही हैं। फिल्म में काम करने के एक्सपीरियंस के बारे में अभय ने कहा, ‘ करीब 150 लोगों के ऑडिशन के बाद मुझे बिट्टू के रोल में कास्ट किया गया है।

खास बात ये है कि पहले स्क्रिप्ट के हिसाब से बिट्टू का रोल कोई एक्ट्रेस करने वाली थीं। इसके लिए आलिया भट्ट का नाम लगभग फाइनल हो गया था, लेकिन बाद में मुझे चुना गया। मैं पहला ऐसा एक्टर हूं, जिसने किसी रोल के लिए एक्ट्रेस को रिप्लेस किया है।

सब कुछ फाइनल हो जाने के बाद किसी कारणवश शूटिंग 2-3 महीने के लिए रोक दी गई थी। इस कारण मैं बहुत डर गया था कि कहीं मुझे इस रोल से निकाल कर किसी बड़े एक्टर को ना कास्ट कर लिया जाए। हालांकि ऐसा हुआ नहीं।

फिल्म की शूटिंग के वक्त एक दिन मुझे चोट लग गई और स्पाइन फ्रैक्चर हो गया। पहले सोचा था कि होटल के बेहतरीन गद्दे पर सोऊंगा, लेकिन चोट लगने के बाद होटल की जमीन पर सोना पड़ा। हालांकि इस चोट ने शूटिंग के वक्त मेरी बहुत मदद की। चोट के कारण बॉडी में हमेशा दर्द बना रहता था और मैं सो भी नहीं पाता था। जिस कारण स्क्रिप्ट के हिसाब से नेचुरली ही चेहरे पर दर्द और थकान के एक्सप्रेशन दिखे।’

अभय ने बताया कि उनका कोई अपकमिंग प्रोजेक्ट नहीं है। फिलहाल वे फिल्म मुंज्या की सफलता एन्जॉय कर रहे हैं।

खबरें और भी हैं…
गुजरात मॉडल की तर्ज पर लागू करें परिवहन चेक पाइंट व्यवस्था, CM मोहन यादव ने कहा- उपलब्ध कराएं सस्ती परिवहन सेवाएं

मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव के आदेश के बाद गुजरात जैसी परिवहन चेक पोस्ट व्यवस्था पर काम होगा। इसमें ई-चेक पोस्ट वेबासाइट पर जाकर ट्रांसपोर्टर पहले से ही वाहन के संबंध में फीस भर सकता है। इस व्यवस्था से नागरिकों को सस्ती परिवहन सेवाओं का लाभ उठाने का मौका मिलेगा।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 05:16:21 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 05:16:21 AM (IST)

अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. गुजरात में वर्ष 2019 से 17 चेक पोस्ट समाप्त हुए।
  2. इस व्यवस्था से परिवहन विभाग की आय में हुई वृद्धि।
  3. सीएम मोहन यादव ने कहा- प्रदेश में ई-व्हीकल व्यवस्था बढ़ाई जाए।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में जल्द ही गुजरात मॉडल की तर्ज पर परिवहन चेक पोस्ट व्यवस्था लागू की जाएगी। इस व्यवस्था में ट्रांसपोर्टर पूर्व में ही ई-चेक पोस्ट वेबसाइट पर अपने वाहन के संबंध में आवश्यक स्व-घोषणा कर निर्धारित फीस जमा कर सकता है। जांच में दोषी पाए जाने पर दोगुनी फीस जमा करवाने का प्रविधान है।

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में की परिवहन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में नागरिकों को सस्ती व सुलभ परिवहन सेवाओं का लाभ दिया जाए, इसलिए आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाएं। मुख्यमंत्री डा. यादव ने व्यवस्था के लिए होमगार्ड सहित आवश्यक अमले तथा बजट की सहमति प्रदान की।

बैठक में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव वीरा राणा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डा. राजेश राजौरा, परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

ऐसी है गुजरात की वाहन चेकिंग व्यवस्था

गुजरात में वर्ष 2019 से 17 चेक पोस्ट समाप्त किए गए। चेक पोस्ट के स्थान पर चेक पाइंट के नाम से 58 चेक पाइंट स्थल अधिसूचित किए गए। चेक पाइंट पर अधिकारी आठ-आठ घंटे ड्यूटी करते हैं। प्रत्येक चेक पाइंट पर एक अधिकारी के साथ गार्ड एवं वाहन चालक भी रहते हैं।

राज्य को चार जोन में विभक्त कर व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था से परिवहन विभाग की आय में भी वृद्धि हुई है। वाहन में बाडी वार्न कैमरा, स्पीड गन, रडार गन व इंटरसेप्टर जैसे उपकरण होते हैं। मोटर वाहन निरीक्षक, सहायक मोटर वाहन निरीक्षक मिलाकर लगभग 850 पद स्वीकृत किए गए हैं। मध्य प्रदेश के अधिकारी इस व्यवस्था का अध्ययन कर प्रदेश में व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश

प्रदेश में ई-व्हीकल व्यवस्था बढ़ाई जाए। यात्री बसों के आने का समय निर्धारित हो। व्यवस्था का सख्ती से पालन हो। इससे यात्री भी अवगत रहें। ओवरलोडिंग न होने दी जाएं। निर्धारित स्थान पर बस स्टैंड की व्यवस्था हो। बसें अव्यवस्थित न खड़ी हों। घोषित स्थान पर स्टैंड बनाया जाए। बस स्टैंड तथा बस स्टाप की आवश्यकता को देखते हुए नए बस स्टाप बनाए जाएं। विद्यार्थियों के लिए महाविद्यालय में लर्निंग लाइसेंस बनाने की सुविधा प्रदान की जाएं। ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ाया जाएं। परिवहन विभाग विभिन्न जन सुविधाओं के लिए बेहतर प्रबंधन करें।

CM मोहन यादव ने किया एलान, कहा- मप्र में होगी जल पुलिस की व्यवस्था, वाटर एंबुलेंस का होगा संचालन

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की बैठक में अहम निर्णय लिए। उन्होंने केन-बेतवा परियोजना के जल्द भूमिपूजन की तैयारी करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों के लिए सस्ते दामों में बिजली उपलब्ध हो सके। नर्मदा नदी के घाटों को सुंदर व स्वच्छ बनाने के दिए निर्देश।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 05:30:10 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 05:30:10 AM (IST)

CM मोहन यादव ने किया एलान, कहा- मप्र में होगी जल पुलिस की व्यवस्था, वाटर एंबुलेंस का होगा संचालन
सीएम मोहन यादव की बैठक के दौरान की फाइल फोटो।

HighLights

  1. केंद्र सरकार से मप्र को जल संरक्षण व सिंचाई योजनाओं के लिए मिलेगा सहयोग- सीएम
  2. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की समीक्षा।
  3. केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती काली सिंध परियोजना के क्रियान्वयन पर भी हुई बातचीत।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। नर्मदा नदी के प्रमुख घाटों पर जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाए। प्रदेश में सिंचाई के साधनों के विस्तार का कार्य निरंतर हो। केंद्र सरकार से ऐसे कार्यों के लिए पर्याप्त धन राशि भी प्राप्त होगी। यह बात गुरुवार को मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने मंत्रालय में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अंतर्गत नर्मदा नियंत्रण मंडल की गतिविधियों की समीक्षा बैठक में कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राज्यमंत्रीद्वय वी. सोमन्ना और राजभूषण चौधरी से जल संरक्षण कार्यों के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा हुई है। मध्य प्रदेश के हितों के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग प्राप्त होगा। प्रदेश के दो बड़े नदी जोड़ो अभियान केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध परियोजना के क्रियान्वयन के विषयों पर भी निर्णायक बातचीत हुई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जल्द ही केन-बेतवा परियोजना की एजेंसी तय करें, जिससे उसके भूमिपूजन की तैयारी की जाए। किसानों को सस्ते दाम पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए जल विद्युत के नए स्रोत विकसित किए जाएं। वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों का उपयोग भी किया जाए। बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं के निकट भविष्य में लोकार्पण पर भी चर्चा हुई।

नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से क्रियान्वित योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई। बैठक में बड़ादेव संयुक्त माइक्रो सिंचाई परियोजना, मां रेवा उद्वहन सिंचाई परियोजना, सोंडवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, निवाली उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, महेश्वर जानापाव उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, सेंधवा उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना, धार उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना सहित अन्य परियोजनाओं के संबंध में चर्चा हुई।

नर्मदा किनारे बसे ग्रामीणों को मिले परिवहन सुविधा

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि हमने नर्मदा से काफी कुछ लिया है। हम नर्मदा को कुछ देने का भी सोचें। सभी सार्वजनिक घाट स्वच्छ और सुंदर हों, इसके लिए प्रशासनिक अमले और आमजन को सजग रहना है। जन श्रद्धा के विभिन्न स्थानों को विकसित किया जाए। आमजन की उपयोगिता के अनुरूप घाटों के अलावा नदी के पास स्थित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों को भी सुविधायुक्त बनाया जाए।

नर्मदा परिक्रमा करने वाले यात्रियों के लिए शेड आदि बनाए जाएं। जन अभियान परिषद और अन्य स्वैच्छिक संगठन परिक्रमा करने वालों के लिए अन्य सुविधाओं के विकास के लिए प्रयास करें। वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाए। पर्यटन विकास की दृष्टि से योजनाएं लागू करने को भी प्राथमिकता दें। इसी तरह ग्रामवासियों की सहूलियत को देखते हुए नर्मदा में छोटे मालवाहक जहाज के संचालन और मत्स्य पालन की संभावना पर भी कार्य किया जाए। नर्मदा घाटी से संबंधित जैव विविधता का शोध भी किया जाए। मोती की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा सकता है। इन सभी कार्यों की नियमित मानिटरिंग हो।

मप्र में होगी जल पुलिस और वाटर एंबुलेंस व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता अनुसार जल पुलिस की व्यवस्था भी होना चाहिए, जो प्रमुख घाटों और नदी के किनारे स्थित स्थानीय निवासियों के हित में कार्य करें। ओंकारेश्वर की तरह अन्य स्थानों पर भी नवकरणीय ऊर्जा का उपयोग किया जा सकता है। सोलर फ्लोटिंग प्लांट लगाने के स्थान चिह्नित करने की कार्रवाई करें। इस संबंध में आगामी ग्लोबल समिट में इस क्षेत्र में इच्छुक निवेशकों को आमंत्रित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने गांव के लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के उद्देश्य से वाटर एंबुलेंस संचालन के लिए स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए। यशवंत सागर सहित अन्य जलाशयों में जल उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाए, जिससे ग्रीष्मकाल में जल राशि के माध्यम से संकट की स्थिति को टालने में मदद मिलेगी।

IND vs ENG Semifinal: इंग्लैंड को हराने के बाद रोहित शर्मा ने कहा- अब फाइनल में हम…

नई दिल्ली. भारत और इंग्लैंड (India vs England) के बीच हुए सेमीफाइनल मुकाबले को जीतकर भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप 2024 के फाइनल में एंट्री कर ली है. जहां उनका सामना साउथ अफ्रीका से होगा जो पहली बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची है. इस मैच में रोहित शर्मा ने बल्ले के साथ गजब की पारी खेली. उन्होंने अर्धशतक जड़ा. मैच के बाद उन्होंने कहा कि टीम अच्छी स्थिति में है. हम फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगे.

रोहित शर्मा ने मैच के बाद कहा,” इस गेम को जीतना बहुत संतोषजनक है. हमने एक टीम के रूप में वास्तव में कड़ी मेहनत की. इस खेल को इस तरह से जीतना सभी का शानदार प्रयास था. हमने परिस्थितियों के साथ बहुत अच्छे से तालमेल बिठाया. परिस्थितियाँ थोड़ी चुनौतीपूर्ण थीं, हमें खुद को ढालना पड़ा और यही इस खेल तक हमारी सफलता की कहानी रही. हमने परिस्थितियों के साथ बहुत अच्छे से तालमेल बिठाया है, परिस्थितियों का बहुत अच्छे से सामना किया. हम फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे, बस इतना ही मैं कह सकता हू. टीम अच्छी स्थिति में है, वे अच्छा खेल रहे हैं. मैं बस यही उम्मीद कर सकता हूं कि फाइनल में हम एक और अच्छा प्रदर्शन करेंगे.”

T20 World Cup: आईपीएल का हीरो, टी20 वर्ल्ड कप 2024 में जीरो, 2 मैचों में खाता भी नहीं खुला

रोहित शर्मा ने इस मैच में छक्के के जरिए अपना अर्धशतक पूरा किया. उन्होंंने सैम करेन की गेंद पर छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया. रोहित शर्मा शर्मा 57 रन बनाकर आउट हुए. उन्हें आदिल राशिद ने बोल्ड किया. भारत को तीसरा झटका रोहित के रूप में लगा था. उस समट भारत ने 14 ओवर में 3 विकेट पर 113 रन बना लिए थे. उसके बाद सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पंड्या का तूफान देखने को मिला. जिनके दम पर भारतीय टीम 171 रन बनाने में कामयाब हुई.

Tags: Icc T20 world cup, India Vs England, Rohit sharma, T20 World Cup

Delhi Hearth: दिल्ली के ओखला फेज 2 में एक फैक्ट्री में आग लगने से मचा हड़कंप, दूर से दिख रहीं आग की लपटें

दिल्ली के ओखला फेज 2 में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई है। अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंच गया है। दमकल की कई गाड़ियां आग बुझाने की कोशिश कर रही हैं। इस घटना में नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। दिल्ली के निलोठी गांव में हनुमान धर्म कांटा के पास एक फैक्ट्री में भी इसी तरह कुछ दिन पहले आग लग गई थी।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 04:24:57 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 04:24:57 AM (IST)

Delhi Fire: दिल्ली के ओखला फेज 2 में एक फैक्ट्री में आग लगने से मचा हड़कंप, दूर से दिख रहीं आग की लपटें
फैक्ट्री में लगी आग को बुझाते दमकल कर्मचारी।।

एएनआई, दिल्ली। गुरुवार देर रात दिल्ली के ओखला फेज 2 में एक फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई। आग इतनी भीषण लगी है कि उसकी लपटें दूर से भी दिखाई दे रही हैं।

लोगों आग लगने के बाद इसकी सूचना अग्निशमन विभाग को दी। दमकल की कई गाड़िया मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। अभी तक घटना में किसी भी तरह के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।

वीडियो में दिख रहीं आग की तेज लपटें

फैक्ट्री में आग की घटना का वीडियो समाचार एजेंसी एएनआई ने साझा किया है, जिसमें आग की तेज लपटों को देखा जा सकता है।

खबर अपडेट की जा रही है…

MP Information: जश्न के साथ होगा नए कानूनों का स्वागत, 1 जुलाई को जिला और थाने स्तर पर होंगे कार्यक्रम

1 जुलाई से देश भर में नए आपराधिक कानून को लागू कर दिया जाएगा। इनका स्वागत जिला मुख्यालय पर ढोल-नगाड़ों के साथ किया जाएगा। इस बीच पुलिस विभाग ने पहले से समझना शुरु कर दिया है। नए कानूनों के बारे में 60 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 04:30:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 04:30:03 AM (IST)

नए आपराधिक कानून का जश्न से स्वागत।

HighLights

  1. स्वतंत्रता के बाद पहली बार कानूनों को न्याय केंद्रित किया गया।
  2. 1 जुलाई को जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर दी जाएगी जानकारी।
  3. भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता व भारतीय साक्ष्य अधिनियम होंगे लागू।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। नए कानूनों का प्रदेश भर में जोरदार स्वागत की तैयारी है। प्रत्येक थाना क्षेत्र और जिला मुख्यालय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिले के कार्यक्रम में वहां के पुलिस अधीक्षक, जनप्रतिनिधि सहित जिले के बुद्धिजीवी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा। कुछ जगह ढोल-नगाड़े से स्वागत की तैयारी भी जनप्रतिनिधियों ने की है।

बता दें कि देशभर में एक जुलाई से न्याय केंद्रित तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू होने जा रहे हैं। स्वतंत्रता के बाद पहली बार कानूनों को दंड नहीं बल्कि न्याय केंद्रित किया है।

एडीजी सीआइडी पवन श्रीवास्तव ने बताया कि थाना क्षेत्र में किसी भी उपयुक्त जगह पर कार्यक्रम होगा। इसमें सेवानिवृत पुलिस अधिकारी, महिलाएं, बजुर्ग, स्कूल-कालेज के विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। पहले नए कानूनों के बारे में बताया जाएगा। इसके वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

नए कानूनों के संबंध में दी गई जानकारी

उन्होंने बताया कि नए कानूनों के संबंध में प्रदेश भर में 60 हजार से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया है। उन्हें बदलावों के संबंध में बताया गया है। इसके अतिरिक्त सॉफ्टवेयर में किस तरह से एंट्री की जानी है। साक्ष्य कैसे एकत्र किए जाने हैं। इन सभी बिंदुओं पर उन्हें जानकारी दी गई।

प्रदेश पुलिस ने किया विवेचकों को प्रशिक्षित

राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) के अधिकारियों ने बताया कि जिलों में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और माक टेस्ट के माध्यम से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के बारे में जानकारी दी गई। प्रदेश पुलिस ने 31 हजार से अधिक विवेचकों को प्रशिक्षित भी किया है।

सीसीटीएनएस के बारे में कर्मचारियों को दी गई ट्रेनिंग

सभी जिलों में क्राइम एंड क्रिमनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) का संचालन करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को भी बताया गया है कि वह दैनिक रिपोर्ट सीसीटीएनएस में किस तरह अंकित करें। एडीजी एससीआरबी चंचल शेखर ने बताया सीसीटीएनएस में जरूरी बदलाव कर लिए गए हैं जो 30 जून की रात 12 बजे से प्रभावी हो जाएंगे।

मप्र हाई कोर्ट बार को ही वहन करना होगा बिजली का बिल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यथास्थिति रखें कायम

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन पर 94 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है। एसोसिएशन की यह मांग है कि इस बिल को राज्य सरकार को भरना चाहिए। बार एसोसिएशन हाई कोर्ट में हारने के बाद सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर यथास्तिथि को कायम कर दिया है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 04:41:51 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 04:41:51 AM (IST)

मप्र हाई कोर्ट बार को ही वहन करना होगा बिजली का बिल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यथास्थिति रखें कायम
मप्र हाई कोर्ट बार के बिजली बिल का सुप्रीम कोर्ट में चल रहा मामला। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने बार एसोसिएशन याचिका को कर दिया था निरस्त।
  2. राज्य शासन ने कहा- अधिवक्ता संघ का बिजली बिल भरने की नहीं कोई नीति।
  3. सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन लड़ रहा केस।

नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के बिजली बिल रिकवरी प्रकरण में यथास्थिति कायम रखने की व्यवस्था दी है। इस अंतरिम निर्देश के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा व न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की युगलपीठ ने राज्य शासन सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया है। मामले की अगली सुनवाई समान प्रकृति के अन्य लंबित प्रकरणों के साथ की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट ने 3 मई 2024 को हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन, जबलपुर की उस याचिका को निरस्त कर दिया था, जिसके माध्यम से बिजली आपूर्ति विच्छेद करने और बिल वसूली को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में साफ किया था कि अधिवक्ता संघों को आवंटित जगहों का बिजली बिल उन्हें ही वहन करना होगा।

राज्य शासन ने भी दलील दी थी कि उनके पास ऐसी कोई नीति नहीं है, जिसके तहत वह अधिवक्ता संघों को बिजली बिल में छूट प्रदान करें। सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने पक्ष रखा।

2014 तक राज्य शासन ने उठाया था बिजली का खर्चा

सिद्धार्थ राधेलाल गुप्ता ने दलील दी कि हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का 94 लाख रुपये बिजली बिल लंबित है। कायदे से विधि विभाग, मप्र शासन को बिजली खर्च वहन करना चाहिए। वर्ष 2014 तक अधिवक्ता संघों के बिजली बिल का खर्चा राज्य शासन ही उठाता था। कालांतर में कई संघों ने भी यह सुविधा दिए जाने मांग की, जिसके चलते सुविधा बंद कर दी गई। दरअसल, बार एसोसिएशन में वकीलों के अलावा पक्षकार भी आते हैं। लिहाजा, उन्हें यह छूट मिलनी चाहिए।

Ind vs Eng Guyana Climate: कितने बजे मुकाबला शुरू हुआ तो होगा पूरा मैच, कब तक हो सकता है 10-10 ओवरों का गेम?
हाइलाइट्स

भारत की टीम टी20 वर्ल्‍ड कप में शानदार प्रदर्शन कर रही है.इंग्‍लैंड की टीम भी जीत की मजबूत दावेदार मानी जा रही है.इंग्‍लैंड को हराकर भारत के पास फाइनल में पहुंचने का मौका है.

नई दिल्‍ली. भारत और इंग्‍लैंड के बीच टी20 वर्ल्‍ड कप 2024 का सेमीफाइनल मुकाबला बारिश के चलते प्रभावित होता नजर आ रहा है. भारतीय समयानुसार शाम करीब 5 बजे से फिर वेस्‍टइंडीज के गुयाना में बारिश शुरू हो गई है. ऐसे में रात आठ बजे मैच शुरू हो पाएगा, इस बात की उम्‍मीद कम ही नजर आती है. सेमीफाइनल मुकाबले में कोई एक्‍सट्रा दिन नहीं दिया गया है. यही वजह है कि हर हाल में मुकाबले का नतीजा देर रात तक आएगा. आईसीसी ने सेमीफाइनल मैच को खत्‍म करने के लिए 250 मिनट का अतिरिक्त समय दिया है.

अब सवाल यह उठता है कि कितने बजे तक मैच शुरू होगा तो लोगों को पूरे 20-20 ओवरों का मुकाबला भारत और इंग्‍लैंड के बीच देखने को मिल सकता है. ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार, आईसीसी प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि भारतीय समयानुसार मैच रात 12.10 बजे से पहले शुरू हो जाता है तो पूरे 20-20 ओवरों का मुकाबला देखने को मिल सकता है.

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10-10 ओवरों का मैच कितने बजे तक संभव
ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत और इंग्‍लैंड के बीच सेमीफाइनल मैच आधी रात को शुरू होना सभी संभव है. वेस्‍टइंडीज में जब दोपहर के 4:14 बजे होंगे तो भारत में रात को 1:44 का समय होगा. अगर इस वक्‍त तक मैच शुरू हो जाता है तो फैन्‍स को फाइनल खेलने वाली टीम का पता लगाने के लिए 10-10 ओवरों का मैच देखने को मिल सकता है.

अगर मैच नहीं हुआ तो क्‍या होगा?
मन में यह सवाल उठना लाजमी है कि अगर भारत और इंग्‍लैंड के बीच सेमीफाइनल मैच नहीं हो सका तो कौन सी टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मैच खेलेगी. अगर यह मैच नहीं हुआ तो ग्रुप स्‍तर पर शानदार प्रदर्शन के दम पर रोहित शर्मा की कप्‍तानी वाली टीम को फाइनल खेलने का मौका मिलेगा. ऐसा इसलिए होगा क्‍योंकि ग्रुप स्‍तर पर टीम इंडिया ने इंग्‍लैंड के मुकाबले शानदार प्रदर्शन किया था.

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कुटीर व ग्रामोद्योग विभाग में मानव संसाधन की कमी होगी पूरी, नई जनरेशन को देख आकर्षक बनाएं जाएंगे उत्पाद

कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को उत्पादों की मांग को बढ़ाने के लिए नवाचार अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभाग को मिले बजट का पूरा उपयोग होना चाहिए, जिससे वह लैप्स ना हो पाए।

By Anurag Mishra

Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 03:25:00 AM (IST)

Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 03:25:28 AM (IST)

कुटीर व ग्रामोद्योग विभाग की फाइल फोटो।

HighLights

  1. राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने ली समीक्षा बैठक।
  2. कम लागत में सबसे अधिक रोजगार देने वाला विभाग- मंत्री
  3. भारत सरकार से अनुदान सहायता लेने का करें प्रयास- मंत्री

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। कुटीर एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को नई जनरेशन की मांग के अनुरूप और अधिक बेहतर व आकर्षक बनाया जाएगा। इससे उत्पादों की मांग बढ़ेगी और उत्पाद बनाने वाले कारीगर को भी सीधा लाभ मिलेगा। इसके लिए पुराने अनुभवों से सीख लेकर नए व नवाचारी तरीके अपनाएं जाएंगे।

विभागीय उत्पादों की व्यापक स्तर पर मार्केटिंग की जाएगी और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के सभी उत्पाद एक ही छत के नीचे (एक ही कैंपस में) बेचने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कम अमले में ज्यादा आउटपुट मिलेगा। यह निर्देश गुरुवार को कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने मंत्रालय में विभागीय संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक में दिए।

राज्यमंत्री जायसवाल ने विभागीय गतिविधियों में और अधिक तेजी लाने के लिए अधिकारियों को पूरे मनोयोग एवं क्षमता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग सबसे कम लागत में सबसे अधिक लोगों को रोजगार दिलाने वाला विभाग है। इसके उत्पाद लोग पसंद करते हैं।

मानव संसाधनों की कमी की करें पूर्ति

राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि विभागीय बजट का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए। किसी भी सूरत में बजट लैप्स न हो। विभाग में भौतिक व मानव संसाधनों की कमी की शीघ्र पूर्ति करें।

भारत सरकार से अनुदान सहायता लेने का करें प्रयास

उन्होंने कहा कि संसाधनों की व्यवस्था करें, कारीगरों और हितग्राहियों को प्रशिक्षित करें, नए तरीकों से उत्पाद तैयार कराएं। भारत सरकार से भी कुटीर एवं ग्रामोद्योग के विकास के लिए फंड/अनुदान सहायता लेने के प्रयास किए जाने चाहिए।

विंध्या वैली की पानी की बोतलों का करें उपयोग

उन्होंने कहा कि सभी शासकीय बैठकों में विंध्या वैली द्वारा निर्मित पानी की बोतल का उपयोग किया जाए, इससे विंध्या वैली द्वारा निर्मित पानी के अलावा अन्य उत्पादों की मार्केटिंग के साथ-साथ विभागीय आय भी बढ़ेगी।