By Dheeraj kumar Bajpai
Publish Date: Fri, 28 Jun 2024 01:53:59 PM (IST)
Up to date Date: Fri, 28 Jun 2024 02:03:04 PM (IST)
नईदुनिया प्रतिनिधि,जबलपुर। गोवंश हत्या के विरोध में सिवनी, बालघाट के बाद जबलपुर के कटंगी में हिंदूवादी संगठनों ने बंद का आव्हान किया। सुबह से बाजार बंद रहा। हिंदूवादी संगठन के नेताओं ने प्रशासन की जांच पर सवाल करते हुए कार्रवाई की मांग की।
बंद को व्यापारियों का भी समर्थन
जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खाेलते हुए बंद का आव्हान कर दिया। व्यापारियों ने भी इस मामले में समर्थन देते हुए बाजार बंद रखा। सुबह से दुकानों के शटर नहीं खुले। जानकारी कलेक्टर दीपक सक्सेना को लगी तो वो एसपी आदित्य प्रताप सिंह के साथ कटंगी नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे और हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत की।
दोपहर बाद बाजार खोल दिया
कलेक्टर ने कहा कि उन्हें बताया गया कि पांच गोवंश के ही अवशेष थे इसलिए उन्होंने यह जानकारी दी। इस मामले की दोबारा जांच करवाई जाएगी और जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बंद खत्म हुआ। दोपहर बाद व्यापारियों ने बाजार खोल दिया।
ज्ञापन देते हुए ये भी रखी मांग
बजरंग दल के सुमित सिंह ठाकुर, रघुराज यादव समेत कई नेताओं ने ज्ञापन देते हुए मांग उठाई कि गौवंश हत्या करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो उनके मकान तोड़े जाए। गौवंश तस्कर के वाहनों को राजसात किया जाए।
धारदार हथियार से काटा गया था
चिकित्सकों की रिपोर्ट में ये भी साफ हुआ है कि तीन अवशेष की जांच में पता चला है कि उन्हें धारदार हथियार से काटा गया था। प्रशासन ये स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि काटे गए जानवर गोवंश हैं। पूरे मामले में बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने जांच की।
मवेशियों के अवशेष देखा था
कलेक्टर दीपक सक्सेना ने पूरे मामले में एसडीएम, एसडीओपी, सीएमओ, तहसीलदार और थाना प्रभारी तथा पशु चिकित्सक से जांच करवाई थी। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने कटंगी के पास पहाड़ी पर मृत मवेशियों के अवशेष देखा था।
सूचना गांव में आग की तरह फैली
बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद बजरंग दल व अन्य संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और नारेबाजी शुरू की थी। कुछ देर बाद एएसपी ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, टीआइ पूजा उपाध्याय, प्रशासनिक व नगरपालिका अधिकारी, पशु चिकित्सक व पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मवेशियों के अवशेष (कंकाल) एकत्र कर पहाड़ी से नीचे लाए गए। जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेजा गया था।
ये भी जांच रिपोर्ट में
– 57 पशु अवशेष के संबंध में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत नहीं होता है कि उन्हें मारा गया है। यह साक्ष्य नहीं मिले हैं कि मौक़ा स्थल पर जानवरों को अवैध ढंग से काटा जाता रहा है।
– यह साक्ष्य भी नहीं मिले हैं कि तुल्ला बाबा की पहाड़ी में मृत जानवरों को लाकर फेंका जाता रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पालतू एवं जंगली जानवर विचरण करते हैं। दुर्घटना या सामान्य मृत्यु होने पर शव वहीं पड़े रहते हैं, जो कालान्तर में अवशेष में परिवर्तित हो जाते हैं।
– प्रकरण में पुलिस द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है। विस्तृत छानबीन और साक्ष्य के आधार पर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।