‘YRF didn’t honor its guarantees’ | ‘YRF ने अपने किए वादों का सम्मान नहीं किया’: फरीदा जलाल बोलीं- मैंने रिश्ता निभाने की पूरी कोशिश की, यश चोपड़ा ने तोड़ दिया वादा

1 घंटे पहले

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बीते जमाने की दिग्गज एक्ट्रेस फरीदा जलाल हाल ही में संजय लीला भंसाली की सीरीज ‘हीरामंडी’ में नजर आई हैं। सीरीज में कुदसिया बेगम के किरदार को मिल रहे प्यार से फरीदा जलाल बहुत भावुक हैं। इसी दौरान एक इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने यश चोपड़ा के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपना वादा तोड़ दिया था। एक्ट्रेस ने इस बात का भी खुलासा कि वो ‘हीरामंडी 2’ में नजर नहीं आएंगी। उन्होंने बताया कि पहले सीजन में उनका एक सीन काट दिया गया है।

यश चोपड़ा की फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ में फरीदा जलाल ने काजोल की मां लाजवंती का किरदार निभाया था। इस फिल्म के बाद यश चोपड़ा ‘दिल तो पागल है’ में भी फरीदा जलाल को कास्ट करना चाह रहे थे। एक्ट्रेस ने कहा- ‘दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ के बाद एक दिन मुझे यश जी का फोन ‘दिल तो पागल है’ के लिए आया। इस फिल्म में रोल छोटा था। उन्होंने कहा कि मेरे पास तुम्हारे लिए रोल है, लेकिन आदित्य को लगता है कि तुम वह नहीं करोगी। मुझे या आदित्य को कभी ना मत कहना। मैं चाहता हूं कि यह सिलसिला चलता रहा। मुझे उनकी बात अच्छी लगी।

फिल्म ‘दिल तो पागल है’ में फरीदा जलाल ने अक्षय कुमार की मां की छोटी सी भूमिका निभाई थी। एक्ट्रेस ने कहा- मुझे बहुत खुशी हुई थी जब यश जी ने कहा था कि वो चाहते हैं कि हमारा रिश्ता कभी खत्म न हो। मैंने उस फिल्म में एक सीन किया, मैंने रिश्ता निभाने की पूरी कोशिश की। लेकिन उस फिल्म के बाद YRF से किसी और फिल्म के लिए कॉल नहीं आया। YRF ने अपने किए वादों का सम्मान नहीं किया । मैं रिश्ता जारी रखने के लिए तैयार थी, लेकिन अगर आप मेरी जगह किसी और को कास्ट करते हैं, तो दुख होता है।

हाल ही में ‘हीरामंडी’ का सीजन 2 भी अनाउंस किया गया है। फरीदा से जब पूछा गया कि सीजन 2 में उनका किरदार क्या होगा? एक्ट्रेस ने कहा- सीजन 1 में आलमजेब और कुदसिया बेगम का बेड वाला सीन काट दिया गया था। ऑरिजिनल सीन के अनुसार आलमजेब की प्रेग्नेंसी की बात सुनकर मैं दवाइयां मांगती हूं, जिससे मेरी जीने की इच्छा दिखती है। वह सीन क्यों काट दिया गया, मुझे नहीं पता।

Reasi Terror Assault: रियासी आतंकी हमले से गुस्से में केंद्रीय मंत्री, कहा- पाकिस्तान के साथ युद्ध करना होगा

रियासी आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मेरा मानना है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया है। यह हमला जानबूझकर सिर्फ डर पैदा करने के लिए किया था, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार सरकार बना रहे हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:23 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:23 PM (IST)

Reasi Terror Attack: रियासी आतंकी हमले से गुस्से में केंद्रीय मंत्री, कहा- पाकिस्तान के साथ युद्ध करना होगा
रियासी आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा बयान।

एएनआइ, नई दिल्ली। रियासी आतंकी हमले पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म हो गया है। यह हमला जानबूझकर सिर्फ डर पैदा करने के लिए किया था, क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी तीसरी बार सरकार बना रहे हैं। इस तरह घटनाएं होती रहीं, तो हमें पाकिस्तान के साथ युद्ध शुरू करना होगा। आतंकवादी पीओके के रास्ते भारत में प्रवेश करते हैं।

CG Information: मनमानी फीस को लेकर आयोग सख्त, निजी स्कूलों को बाहर बोर्ड लगाकर बतानी होगी फीस, आदेश जारी

Chhattisgarh Information: अब निजी स्कूल मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगे। उन्हें स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा वेबसाइट पर भी जानकारी अपलोड करनी होगी। इसे लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आदेश जारी कर दिया है।

By Ashish Kumar Gupta

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:48 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:24:48 PM (IST)

HighLights

  1. निजी स्कूल अब मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगेl
  2. निजी स्कूलों में मनमानी फीस को लेकर आयोग हुआ सख्त l
  3. सार्वजनिक करनी होगी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरीl

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। अब निजी स्कूल मनमानी तरीके से फीस वसूल नहीं कर सकेंगे। उन्हें स्कूलों के बाहर 4×8 फीट का बोर्ड लगाकर फीस की जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। इसके अलावा वेबसाइट पर भी जानकारी अपलोड करनी होगी। इसे लेकर बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आदेश जारी कर दिया है। आयोग ने सख्त रवैया अपनाते हुए सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि निजी स्कूलों की फीस की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

गौरतलब है कि प्रदेश में निजी स्कूलों की फीस को लेकर कई तरीके की शिकायत हर साल आती है। किसी न किसी बहाने से कई निजी स्कूल के संचालक मनमानी फीस लागू कर देते हैं। इससे विवाद की स्थिति भी निर्मित हो जाती है। अब जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ अशासकीय फीस विनियमन और शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार फीस तय होगी। उसी के मुताबिक स्कूल अपनी फीस बढ़ा सकते हैं।

20 जून तक मांगी गई है जानकारी

राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्राइवेट स्कूलों को 20 जून तक फीस की सूची मांगी है। इसमें यह भी कहा गया है कि तय मानक के अनुसार ही फीस की बढ़ोतरी करनी होगी। तय की गई कक्षावार फीस में प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से छूट देने और अन्य नाम से फीस लेने का अधिकार नहीं होगा। प्रवेश या बच्चों के शाला ट्रांसफर करने की प्रक्रिया में भी पालकों से मनमाने फीस वसूली न की जाए।

इस कारण से फीस को लेकर है दिक्कत

आयोग के पत्र के अनुसार छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूलों में फीस विनियमन कानून के अनुसार स्कूल फीस समिति में जागरूक और निष्पक्ष अभिभावकों को शामिल नहीं करने, आय-व्यय से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं करने और जिला फीस समिति की नियमित बैठक नहीं करने की वजह से प्रथम बार की उपयुक्त फीस का निर्धारण नहीं हो पाया है।

MP Information: प्रदेश में खुलेंगे ड्राइविंग स्कूल, टेस्ट में पास होने पर ही बनेंगे लाइसेंस

इसमें ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। इसमें सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एक यार्ड में आधुनिक मशीनें भी लगेंगे। साथ ही वाहनों की पार्किंग की सुविधा सहित बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था होगी। नियमों के दिशा-निर्देश भी अंकित किए जाएंगे। इसमें मोटर सइकिल, मोपैड, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन भी रहेंगे। इन वाहनों से लोगों का टेस्ट लिया जाएगा।

By Brajendra verma

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 03:00:59 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 03:21:01 PM (IST)

MP News: प्रदेश में खुलेंगे ड्राइविंग स्कूल, टेस्ट में पास होने पर ही बनेंगे लाइसेंस

HighLights

  1. -छतरपुर में प्रदेश का पहला ड्राइविंग स्कूल होगा
  2. 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है
  3. एक-एक करके प्रदेश के हर जिले में बनेंगे ड्राइविंग स्कूल

ब्रजेंद्र वर्मा। परिवहन विभाग की देखरेख में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ड्राइविंग स्कूल खोले जा रहे हैं। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्रालय की कार्ययोजना के अनुसार प्रदेश के पांच राज्यों में छतरपुर, भोपाल, इंदौर, बैतूल, सिंगरौली में ड्राइविंग स्कूल खुलेंगे। इनमें सार्वजनिक निजी-भागीदारी(पीपीपी)मोड पर छतरपुर में प्रदेश का सबसे पहला ड्राइविंग स्कूल शुरू होगा। अब तक 35 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

बाकी 65 प्रतिशत काम नवंबर-दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। एक ड्राइविंग स्कूल को विकसित करने में पांच करोड़ रुपये का खर्च है। ड्राइविंग स्कूल खुलने के बाद यहां पर तैनात विशेषज्ञ आवेदकों का ड्राइविंग का टेस्ट लिया करेंगे। इस दौरान ट्रैफिक नियमों को भी बताएंगे।

दाएं,बांए,अंधा मोड़ों पर कैसे गाड़ियां चलाने सहित अन्य बारीकियों को भी समझाएंगे। टेस्ट में पास होने पर ही ड्राइविंग स्कूल से प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इस आधार पर आरटीओ-डीटीओ में फोटो खींचने व डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवेदक परमानेंट ड्राइविंंग लाइसेंस बनवा सकेंगे।

गौरतलब है कि अभी ऐसा कोई ड्राइविंग स्कूल नहीं है, जिसमें ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले टेस्ट लिया जाता है और पास होने पर प्रमाण पत्र दिया जा रहा हो। अभी कार, व्यवसायिक, भारी वाहन चलाना सीखाने के लिए ड्राइविंग स्कूल हैं, जिनमें लोग 1500 से 2000 रुपये देकर कार चलाना सीखते हैं। प्रदेश भर में एक दिन में सात से आठ हजार तक परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं।

ऐसे होंगे स्कूल

जिला स्तर पर 3.5 एकड़ जमीन और संभागीय स्तर पर 5.5 एकड़ जमीन पर ड्राइविंग स्कूल बनाए जाने के कार्ययोजना है। इसमें ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। इसमें सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एक यार्ड में आधुनिक मशीनें भी लगेंगे। साथ ही वाहनों की पार्किंग की सुविधा सहित बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था होगी। नियमों के दिशा-निर्देश भी अंकित किए जाएंगे। इसमें मोटर सइकिल, मोपैड, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन भी रहेंगे। इन वाहनों से लोगों का टेस्ट लिया जाएगा।

ऐसे काम करेंगे

छतरपुर में ड्राइविंग स्कूल विकसित कराने वाले निजी एजेंसी के संचालक डा. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि ड्राइविंग स्कूल में वाहन चलाने वाले आवेदकों की रिकार्डिंग होगी। तीन महीने तक रिकार्डिंग रखी जाएगी। ड्राइिंवग संबंधी नियमों को को पूछा जाएगा। नहीं बताने वाले आवेदकों को नियम बताए भी जाएंगे। इसमें दो, चार पहिया, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन और बिना गेयर वाले वाहनों का टेस्ट कराया जाएगा। टेस्ट का शुल्क परिवहन विभाग के समन्वय से शुल्क तय किया जाएगा।

अभी यह व्यवस्था

एनआइसी के पोर्टल सारथी परिवहन से आनलाइन आवेदन किया जाता है। लर्निंग लाइसेंस स्वयं आधार कार्ड के जरिए पोर्टल से बना सकते हैं या फिर कियोस्क से बनवा सकते हैं। इसके लिए आरटीओ व डीटीओ नहीं जाना होता है। वहीं परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए पोर्टल पर आनलाइन आवेदन किया जाता है। इसके बाद समय मिलने पर आरटीओ-डीटीओ जाकर फोटो खींचाने व डिजिटल हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया करानी होती है। अभी हर संभागीय व जिला स्तर पर आटौमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक नहीं बने हैं। इससे कई बार बिना टेस्ट के ही लाइसेंस जारी कर दिए जाते हैं। इससे सड़क हादसे बढ़ रहे हैं।

इनका कहना है

सबसे पहले छतरपुर में ड्राइविंग स्कूल शुरू होगा। इसके बाद बैतूल, इंदौर, भोपाल, सिंगरौली में ड्राइविंग स्कूलों का काम पूरा किया जाएगा। निजी एजेंसियां ड्राइविंग स्कूल तैयार करने का काम कर रही हैं। इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में पारदर्शित आएगी।

उमेश जोगा, अपर परिवहन आयुक्त

VIDEO: पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल, पूर्व कप्तान का आरोप- वह गेंद बर्बाद करने के लिए खेल रहा था

नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप में भारत पर जीत के लिए जब पाकिस्तान को तकरीबन छह के रनरेट से रन बनाने थे, तब उसका एक बैटर 60-65 की स्ट्राइक रेट से बैटिंग कर रहा था. 13वें ओवर में बैटिंग करने आए इस बैटर ने 23 गेंदें खेलीं और सिर्फ 15 रन बनाए. और जब बारी आई आखिरी ओवर की जिसमें पाकिस्तान को 6 गेंद पर 18 रन चाहिए थे, तो वह पहली ही बॉल पर आउट हो गया. इमाद वसीम अपने इस प्रदर्शन के चलते निशाने पर आ गए हैं. पाकिस्तान के कप्तान रह सलीम मलिक ने इमाद वसीम के खेल पर सवाल उठाए हैं. सलीम मलिक फिक्सिंग के आरोप में बैन हो चुके हैं. इस कारण सलीम मलिक

पाकिस्तान की टीम रविवार को भारत के खिलाफ 120 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 7 विकेट पर 113 रन ही बना पाई. इस बीच उसने 59 गेंद डॉट खेलीं यानी इन पर कोई रन नहीं बनाया. भारत ने यह मैच छह रन से जीता. पाकिस्तान की यह दूसरी हार थी. वह अमेरिका से पहले ही हार चुका है. भारत से हारने के बाद उसके सुपर-8 में पहुंचने की उम्मीद बेहद कम हो गई है.

VIDEO: पाकिस्तान हारा तो मैदान पर ही रोने लगा 21 साल का खिलाड़ी, भारतीय टीम ने ढाढ़स बंधाया तो साथी ने गले लगाया

पाकिस्तानी ऑलराउंडर इमाद वसीम ने 23 गेंद पर 15 रन बनाए. इमाद जब बैटिंग करने के लिए क्रीज पर उतरे तो पाकिस्तान को 46 गेंद पर 47 रन की जरूरत थी. पूर्व कप्तान सलीम मलिक ने कहा,‘आप उसकी (वसीम) पारी पर गौर करो तो ऐसा लगता है कि वह रन बनाने के बजाय गेंद बर्बाद कर रहा है और लक्ष्य का पीछा करते हुए चीजों को मुश्किल बना रहा है.’

UIDAI: ऐसे पता करें कहां-कहां इस्तेमाल हो रहा आपका आधार कार्ड, फ्रॉड से बचना है तो तत्काल करें ये काम

आधार कार्ड से यूजर की कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुड़ी होती हैं, ऐसे में यदि इसका दुरुपयोग होने पर आधार कार्ड धारक को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। लिहाजा आप आधार कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसकी हिस्ट्री चेक कर सकते हैं और गलत उपयोग होने की जानकारी लगने पर मदद भी ले सकते हैं।

By Bharat Mandhanya

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 01:37:44 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 02:32:27 PM (IST)

महत्‍वपूर्ण दस्‍तावेज है आधार कार्ड

HighLights

  1. आधार कार्ड के गलत इस्तेमाल से हो सकता है नुकसान
  2. आधार कार्ड हिस्‍ट्री से इसके उपयोग का लगा सकते हैं पता
  3. आधिकारिक वेबसाइट पर सर्च कर सकते हैं आधार हिस्‍ट्री

बिजनेस डेस्क, इंदौर। आज के दौर में आधार कार्ड बहुत उपयोगी हो चुका है। प्रत्येक सरकारी कार्य में आधार कार्ड आवश्यक होता है। बैंकिंग सेक्टर में तो आधार कार्ड का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया गया है।

आधार कार्ड में हमारी महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे डेट ऑफ बर्थ, ऐड्रेस मौजूद होती है। इसके अलावा यह हमारे बैंक और पैन कार्ड से भी लिंक होता है। ऐसे में अगर यह गलत हाथों में चला जाए तो इसका काफी दुरुपयोग भी किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति को नुकसान झेलना पड़ सकता है।

यह जान लेना भी जरूरी है कि हमारे आधार कार्ड कहां-कहां उपयोग हो रहा है ताकि फ्रॉड से बचा जा सके। यहां आपको बताते हैं कि आप आपके आधार कार्ड की हिस्ट्री कैसे चेक कर सकते हैं। साथ ही यह जान सकते हैं कि आपके आधार कार्ड का उपयोग कहां-कहां हुआ है।

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कैसे चेक करें (Easy methods to verify Aadhar Card Historical past)

अपने आधार कार्ड की हिस्ट्री जानने के लिए आप इसकी आधिकारिक वेबसाइट https://resident.uidai.gov.in/aadhaar-auth-history अथवा इसके एप पर जाएं। यहां आप 6 महीने की आधार हिस्ट्री की चेक कर सकते हैं।

बता दे कि आपको आधार हिस्ट्री में इस बात की जानकारी मिल जाएगी कि आपका आधार कार्ड का उपयोग कौन सी तारीख से किया जा रहा है। आधार की जानकारी देने पर UIDAI द्वारा रिस्पॉन्स कोड जारी होता है। आधार हिस्ट्री में इस बात की भी जानकारी मिल जाती है कि इसका उपयोग कौन सी ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी द्वारा किया जा रहा है।

क्या करें यदि आधार का गलत उपयोग हो रहा है

अगर आपके आधार कार्ड दुरुपयोग हो रहा है तो आपको ऑथेंटिकेशन यूजर एजेंसी (AUA) से संपर्क करना होगा। इसके साथ ही आप आधार कार्ड की हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद मांग सकते हैं।

Odisha Politics: ‘मेरी वजह से हारी BJD, तो’…., यह कहकर वीके पांडियन ने सक्रिय राजनीति से लिया संन्यास

5टी के अध्यक्ष और बीजेडी नेता वीके पांडियन ने कहा कि मैंने यह तय किया है कि मैं खुद को सक्रिय राजनीति से अलग कर रहा हूं। अगर मैंने इस यात्रा के दौरान किसी को ठेस पहुंचाई है, तो मुझे खेद है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Solar, 09 Jun 2024 03:54:15 PM (IST)

Up to date Date: Solar, 09 Jun 2024 03:56:27 PM (IST)

Odisha Politics: 'मेरी वजह से हारी BJD, तो'...., यह कहकर वीके पांडियन ने सक्रिय राजनीति से लिया संन्यास
वीके पांडियन ने राजनीति से लिया संन्यास।

एएनआई, भुवनेश्वर। बीजेडी़ ने वीके पांडियन ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया है। दरअसल, ओडिशा में भाजपा की जीत के बाद बीजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन पटनायक का ढाई दशक का लंबा राज खत्म हो गया। उनकी हार का मुख्य जिम्मेदार उनके कथित उत्तराधिकारी वीके पांडियन को माना गया। भाजपा ने उनको बाहरी के तौर पर प्रोजक्ट किया, जिसका खामियाजा बीजेडी को चुनाव में उठाना पड़ा।

5टी के अध्यक्ष और बीजेडी नेता वीके पांडियन ने कहा कि मैंने यह तय किया है कि मैं खुद को सक्रिय राजनीति से अलग कर रहा हूं। अगर मैंने इस यात्रा के दौरान किसी को ठेस पहुंचाई है, तो मुझे खेद है। अगर, मेरे खिलाफ चले विपक्ष के अभियान की वजह से बीजेडी की हार हुई है, तो मैं आफ सभी से माफी मांगना चाहता हूं।

#WATCH | 5T Chairman & BJD chief VK Pandian says, “…Now consciously I resolve to withdraw myself from energetic politics. I’m sorry if I’ve harm anybody on this journey. I’m sorry if this marketing campaign narrative towards me has had an element to play in BJD’s loss…”

(Supply: BJD) pic.twitter.com/Hf1stid8Gn

FIR in opposition to Digangana Suryavanshi, akshay kumar concerned | दिगांगना सूर्यवंशी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज: ​​​​​​​जीनत अमान की सीरीज शोस्टॉपर के लिए अक्षय कुमार के नाम पर 6 करोड़ ठगे

16 मिनट पहले

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सीरीज शोस्टॉपर लगातार विवादों से घिरी हुई है। कुछ समय पहले ही खबर थी कि पैसों की कमी के चलते जीनत अमान की ओटीटी डेब्यू सीरीज शोस्टॉपर बंद पड़ गई है, वहीं अब सीरीज के मेकर्स ने एक्ट्रेस दिगांगना सूर्यवंशी के खिलाफ करोड़ों की ठगी करने के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की है। एक्ट्रेस पर आरोप हैं कि उन्होंने अक्षय कुमार के नाम पर मेकर्स से 6 करोड़ रुपए ठगे हैं।

एमएच फिल्म्स ने एक्ट्रेस दिगांगना सूर्यवंशी के खिलाफ अंबोली पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई शिकायत में बताया है कि एक्ट्रेस ने मेकर्स को आश्वासन दिया था कि उनकी अक्षय कुमार, शाहरुख खान और सलमान खान से अच्छी जान-पहचान है। उन्होंने मेकर्स से कहा था कि वो सीरीज शोस्टॉपर के लिए उन्हें बतौर प्रेजेंटर लेकर आएंगी। इस वादे के साथ उन्होंने अक्षय को फिल्म का प्रेजेंटर बनाने के लिए मेकर्स से 6 करोड़ रुपए लिए थे और अब पैसे देने से मुकर गई हैं। मेकर्स ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दिगांगना ने दी मेकर्स को धमकी

एमएच फिल्म्स प्रोडक्शन के डायरेक्टर मनीष हरिशंकर की वकील फाल्गुनी ब्रह्मभट्ट ने न्यूज 18 से बातचीत में बताया है कि दिगांगना ने मेकर्स से एक बड़ी रकम वसूलने की कोशिश की और जब उन्हें भुगतान नहीं किया गया तो उन्होंने मेकर्स को धमकी दी कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं तो मेकर्स को गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

एक्ट्रेस की डिजाइनर और एक्टर राकेश बेदी के खिलाफ भी मुकदमा

एक्ट्रेस दिगांगना सूर्यवंशी के अलावा उनके फैशन डिजाइनर कृष्ण परमार और एक्टर राकेश बेदी के खिलाफ भी मेकर्स ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है। आरोप हैं कि उन दोनों ने मीडिया को शो से जुड़े हुए गलत बयान दिए हैं, जिससे उनकी सीरीज की छवि खराब हुई है।

सीरीज अनाउंसमेंट के दौरान ली गई श्वेता तिवारी और दिगांगना की तस्वीर।

सीरीज अनाउंसमेंट के दौरान ली गई श्वेता तिवारी और दिगांगना की तस्वीर।

बताते चलें कि कुछ समय पहले ही मीडिया रिपोर्ट्स थीं कि पैसों की कमी के चलते सीरीज शोस्टॉपर बंद पड़ गई है। रिपोर्ट्स ये भी रहीं कि जिन लोगों ने फिल्म में पैसे लगाए थे उन्हें उनके पैसे वापस नहीं मिल रहे हैं। कहा गया था कि फिल्म से जुड़े कलाकारों को भी उनकी फीस नहीं दी जा रही है। हालांकि मेकर्स ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उन्होंने बताया है कि सभी कलाकारों को 90 प्रतिशत फीस दी जा चुकी है।

सीरीज की शूटिंग के दौरान ली गई डायरेक्टर मनीष हरिशंकर, जीनत अमान और जरीना वाहब की तस्वीर।

सीरीज की शूटिंग के दौरान ली गई डायरेक्टर मनीष हरिशंकर, जीनत अमान और जरीना वाहब की तस्वीर।

मेकर्स पर भी उठ रहे हैं सवाल

हाल ही में सीरीज से जुड़े एक करीबी सूत्र ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में बताया है कि मेकर्स फायनेंसर्स के पैसे लौटाने से बचने के लिए कलाकारों पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि सीरीज पिछले 2 सालों से अटकी हुई है। फायनेंसर्स अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, लेकिन मनीष हरिशंकर सीरीज किसी को बेच नहीं सके हैं। खुद को बचाने के लिए मनीष ने एक्टर्स पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है, जो सरासर बेबुनियाद हैं।

बताते चलें कि वेटरन एक्ट्रेस जीनत अमान इस सीरीज से ओटीटी डेब्यू करने वाली हैं। सीरीज में जीनत अमान, दिगांगना सूर्यवंशी, श्वेता तिवारी, आकांक्षा पुरी, जरीना वाहब, किरण कुमार, राकेश बेदी जैसे कई कलाकार अहम किरदारों में हैं।

बिग बॉस का हिस्सा रही हैं दिगांगना सूर्यवंशी

टीवी शो एक वीर की अरदास वीरा से फेम हासिल करने वालीं एक्ट्रेस दिगांगना सूर्यवंशी टीवी इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा हैं। वो शकुंतला, कृष्णा अर्जुन जैसे शोज में भी नजर आई हैं। दिगांगना ने रियलिटी शो बिग बॉस 9 में बतौर कंटेस्टेंट हिस्सा लिया था। शो में उन्होंने दावा किया था कि उनके पेरेंट्स हर साल उनके बर्थडे पर उन्हें दूध से नहलाते हैं। टीवी शोज के अलावा दिगांगना फ्रायडे, जलेबी, हिप्पी, सीटीमार जैसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं।

DAVV Indore End result: बीबीए और बीसीए का पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद भी सेकंड ईयर की अंकसूची नहीं

डीएवीवी इंदौर रिजल्ट : प्रथम वर्ष की अंकसूची भी विद्यार्थियों को कालेज से वितरित करवा दी, लेकिन द्वितीय वर्ष की अंकसूची नहीं मिली है। जबकि इन विद्यार्थियों का अंतिम वर्ष पूरा हो चुका है। बीबीए-बीसीए वाले विद्यार्थियों का परिणाम निकल चुका है। मगर उनके पास दूसरे वर्ष की अंकसूची तक नहीं है। पूछने पर विश्वविद्यालय में अंकसूची की कमी बताई जा रही है।

By Prashant Pandey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 02:51:52 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 02:56:01 PM (IST)

देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर।

HighLights

  1. बीबीए-बीसीए के विद्यार्थी हो रहे परेशान, विश्वविद्यालय में लगाई गुहार।

DAVV Indore End result: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। बीबीए-बीसीए पाठ्यक्रम पूरा कर चुके छात्र-छात्राएं इन दिनों परेशान हैं। अंतिम वर्ष का परिणाम आ चुका है। मगर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की तरफ से इन्हें द्वितीय वर्ष की अंकसूची अभी तक जारी नहीं हुई है। इस वजह से इनके सामने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है।

कॉलेजों में पूछने पर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में अधिकारियों से मिलने का कहा जाता है। ऐसे में छात्र-छात्राओं ने अधिकारियों को जल्द अंकसूची जारी करने की गुहार लगाई है, क्योंकि अगले कुछ दिनों में डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्नीकल एजुकेशन (डीटीई) एमबीए-एमसीए के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू करेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अंतर्गत जिन विद्यार्थियों ने सत्र 2020-21 में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। जो च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत अंकों की बजाए विद्यार्थियों को क्रेडिट दिए जाते हैं। इसके चलते विश्वविद्यालय को इनके लिए अंकसूची का प्रारूप बदलना पड़ा है। ये बनकर तैयार हो चुका है।

प्रथम वर्ष की अंकसूची भी विद्यार्थियों को कालेज से वितरित करवा दी, लेकिन द्वितीय वर्ष की अंकसूची नहीं मिली है। जबकि इन विद्यार्थियों का अंतिम वर्ष पूरा हो चुका है। बीबीए-बीसीए वाले विद्यार्थियों का परिणाम निकल चुका है। मगर उनके पास दूसरे वर्ष की अंकसूची तक नहीं है। पूछने पर विश्वविद्यालय में अंकसूची की कमी बताई जा रही है।

इसके लिए एजेंसी को जल्द ही खाली अंकसूची भेजने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बिना अंकसूची के डीटीई की काउंसिलिंग में हिस्सा नहीं ले सकेंगे, क्योंकि पंजीयन के बाद दस्तावेज अपलोड करना होते हैं।

अशासकीय निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डा. राजीव झालानी का कहना है कि विद्यार्थियों को अंकसूची दिए जाने को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं विश्वविद्यालय के मुताबिक एजेंसी को एक लाख अंकसूची भेजने के निर्देश दिए हैं। उप कुसचिव प्रज्वल खरे का कहना है कि एजेंसी से अंकसूची मिलते ही विद्यार्थियों को जारी करेंगे। पूरी प्रक्रिया में दस से पंद्रह दिनों का समय लगेगा।

Bhopal Information: ऐशबाग में आठ महीने में सिर्फ खड़े हुए पिलर के बीम, न जाने कब बनेगा एफओबी

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि आठ महीने में यह ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन यह ब्रिज नौ महीने में भी बन नहीं पाया। इसके चलते ऐशबाग से बनखेड़ी की ओर रोजाना आने-जाने वाले करीब 25 हजार से अधिक राहगीरों को डेढ़ किलोमीटर घूमकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

By PANKAJ SHRIVASTAVA

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 08:15:55 AM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 01:51:49 PM (IST)

Bhopal News: ऐशबाग में आठ महीने में सिर्फ खड़े हुए पिलर के बीम, न जाने कब बनेगा एफओबी

HighLights

  1. एफओबी के नहीं बनने से रोजाना 25 हजार से अधिक राहगीर होते परेशान
  2. डेढ़ किलोमीटर चक्कर घूम कर पहुंचते हैं बरखेड़ी
  3. रेलवे से नहीं मिल रहे सहयोग के कारण अटका काम

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ऐशबाग फुटओवर ब्रिज (एफओबी) प्रोजेक्ट का काम पिछले नौ महीने से ठंडे बस्ते में है । इस एफओबी का निर्माण तीन करोड़ की लागत से किया जाना था। पिछले साल सितंबर माह में इस एफओबी का काम बड़े जोर-शोर से शुरू किया गया था। तब लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि आठ महीने में यह ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा, लेकिन यह ब्रिज नौ महीने में भी बन नहीं पाया। इसके चलते ऐशबाग से बनखेड़ी की ओर रोजाना आने-जाने वाले करीब 25 हजार से अधिक राहगीरों को डेढ़ किलोमीटर घूमकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जब से बरखेड़ी रेलवे फाटक बंद हुआ है, तब से राहगीर परेशान हैं । आपको जानकर हैरत होगी कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बीते नौ महीने में एफओबी निर्माण के लिए रेलवे क्रासिंग के दोनों तरफ चार-चार पिलर के बीम भर खड़े किए हैं।

रेलवे से नहीं मिल रहे सहयोग के कारण अटका काम

रेलवे क्रासिंग पर बनाए जाने वाले एफओबी का निर्माण रेलवे के नहीं मिल रहे सहयोग की वजह से लंबे समय से अटका हुआ है। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार अधिकारी बताते हैं कि ट्रेनों की आवाजाही जब इस रूट पर बंद होगी, तब ही एफओबी का काम हो पाएगा। एफओबी का स्ट्रक्चर तैयार है । उस सिर्फ फिट करना है । चूंकि रेलवे पटरी पर ट्रेनों की आवाजाही जारी है। इस कारण यह काम नहीं हो पा रहा, जैसे ही रूट क्लियर मिलेगा, तुरंत एफओबी के स्ट्रक्चर को फिट कर दिया जाएगा।

जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर

ऐशबाग से बरखेड़ी की तरफ जाने वाले राहगीर रोजाना अपनी जान को जोखिम में डालकर पटरी क्रास करते हैं। दरअसल जिस स्थान पर ब्रिज बनाया जाना है। उधर रेलवे द्वारा दीवार पटरी के दोनों तरफ दीवार बनाई गई थी, ताकि कोई निकल ना सके। चूंकि वहां एफओबी का काम शुरू हुआ तो प्रोजेक्ट स्थल पर बनाई दीवार को तोड़ दिया गया। इसके चलते अधिकांश राहगीर लंबा चक्कर लगाने से बचने के लिए उक्त स्थल से अपनी जान को जोखिम में डालकर पटरी पार करते हैं। इससे यहां हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।

फैक्ट फाइल

2023 को शुरू हुआ था प्रोजेक्ट पर काम

03 करोड़ की लागत से बनाया जाना है एफओबी

08 महीने रखी गई थी प्रोजेक्ट की समय सीमा

17.0 लंबी और 1.80 मीटर सीढ़ियों की चौड़ाई

10 फीट एफओबी की चौड़ाई

60 मीटर एफओबी की लंबाई

36.20 मीटर और 30 मीटर पुल के डेक स्लैब की लंबाई

इनका कहना है

एफओबी का स्ट्रक्चर बनकर तैयार है। जैसे ही रेलवे रूट क्लियर करके देगा। एफओबी के स्ट्रक्चर को फिट कर दिया जाएगा। सिविल वर्क के तहत पिलर के बीम खड़े किए जा चुके हैं।

रवि शुक्ला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी भोपाल