Panchayat’s Banrakas Durgesh Kumar should not getting good roles | पंचायत के ‘बनराकस’ को नहीं मिल रहे अच्छे रोल: बोले-‘अगले दो साल तक काफी काम है लेकिन कमर्शियल फिल्मों के ऑफर नहीं मिल रहे’

2 दिन पहले

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वेब सीरीज ‘पंचायत 3’ में भूषण यानी ‘बनराकस’ का रोल निभाकर दुर्गेश कुमार इन दिनों चर्चा में हैं। दुर्गेश को अपने करियर में इस रोल से पहली बार इतनी सफलता मिली है।इससे पहले वो फिल्मों में छोटे-मोटे रोल निभाते नजर आए हैं लेकिन सक्सेस का स्वाद चखने के लिए उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि पंचायत 3 की सफलता के बाद भी दुर्गेश का संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। उनका कहना है कि अभी भी उन्हें किसी ने कोई अच्छा रोल ऑफर नहीं किया है।

‘कमर्शियल फिल्मों के ऑफर नहीं मिल रहे’

एक इंटरव्यू में दुर्गेश ने कहा, मैं अभी भी यही कहूंगा कि मुझे अच्छे रोल नहीं मिल रहे हैं। ऐसा नहीं है कि मुझे काम नहीं मिल रहा है लेकिन मुझे बड़ी कमर्शियल फिल्मों के कोई ऑफर नहीं मिल रहे हैं। तब भी जो छोटे-मोटे रोल ऑफर हो रहे हैं, मैं उनके जरिए परफॉर्म करने की कोशिश कर रहा हूं। मेरे पास अगले दो साल तक के लिए काफी काम है।

वेबसीरीज 'पंचायत' के एक सीन में दुर्गेश।

वेबसीरीज ‘पंचायत’ के एक सीन में दुर्गेश।

सॉफ्ट पोर्न फिल्मों में काम करना पड़ा

दुर्गेश ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में बताया कि वो 2013 में पहली बार मुंबई आए थे। इसके बाद उन्होंने कई ऑडिशन दिए लेकिन कास्टिंग डायरेक्टर्स उन्हें कहते थे कि उनमें टैलेंट है लेकिन ऑडिशन में बात नहीं बन रही। इसके बाद उन्हें इम्तियाज अली की फिल्म ‘हाईवे’ में काम करने का मौका मिला लेकिन इसके बाद भी जब उन्हें काम नहीं मिला तो उन्हें गुजारा करने के लिए सॉफ्ट पोर्न फिल्में तक करनी पड़ीं। दुर्गेश बोले, ‘मैं एक्टिंग के बिना नहीं रह सकता था। मैंने कई तरह के काम कर लिए क्योंकि मुझे पता था कि मेरे अंदर कितनी संभावना है।’

‘महाराज’ में आएंगे नजर

दुर्गेश कुमार की अगली फिल्म ‘महाराज’ है जिसमें वो कॉमिक रोल करते नजर आएंगे। इसमें उनके मात्र दो सींस हैं। ये आमिर खान के बेटे जुनैद की डेब्यू फिल्म है। इसके अलावा दुर्गेश सैफ अली खान की फिल्म ‘कर्त्तव्य’ में नजर आएंगे। उन्हें फिल्म ‘गैंग्स ऑफ गाजियाबाद’ में शत्रुघ्न सिन्हा, आशुतोष राणा और मुकेश तिवारी के साथ भी देखा जा सकेगा। उन्होंने ‘लापता लेडीज’ और ‘भक्षक’ में भी काम किया है।

Morena Information: बिजली चोरी करने के अनोखे फंडे, कहीं मीटर में लगवा रहे चिप तो कहीं सीधे काट रहे केबल

कस्बे के आउटर इलाकों व गली मोहल्लों में तो बिजली चोरी के सैकड़ों मामले मिल जाएंगें। जहां सीधे ही ट्रांसफार्मर से लोग तार डालकर बिजली चोरी करते हैं, लेकिन कस्बे के मुख्य इलाकाें में भी लोग चोरी करने से बाज नहीं आते।

By Hariom Gaur

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 12:29:15 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 04:51:17 PM (IST)

HighLights

  1. जौरा में इस समय भीषण बिजली संकट
  2. फाल्ट बढ़ा रहे मुसीबत, मुख्य इलाकों तक में होती है बिजली चोरी

नईदुनिया न्यूज, जौरा। कस्बे के आउटर इलाकों व गली मोहल्लों में तो बिजली चोरी के सैकड़ों मामले मिल जाएंगें। जहां सीधे ही ट्रांसफार्मर से लोग तार डालकर बिजली चोरी करते हैं, लेकिन कस्बे के मुख्य इलाकाें में भी लोग चोरी करने से बाज नहीं आते। इसके लिए अलग-अलग तरीके खोजे जाते हैं। जिसमें कहीं मीटरों में चिप टाइप एक डिवाइस लगा दी जाती है जिससे मीटर धीमा हो जाता है तो कहीं सीधे केबल को ही काटकर कटिया डालकर बिजली का उपयोग किया जा रहा है। इसके पीछे बिजली कंपनी भी कहीं न कहीं जिम्मेदार है।

उल्लेखनीय है कि कस्बे में बिजली चोरी को रोकने के लिए खुले तारों की जगह केबल डाली गई, लेकिन लोगों ने उसका भी तोड़ निकाल लिया। जिन खंभों पर कटे तार है ऐसी जगहों पर डायरेक्ट तार घरों के लिए डाले जा रहे है। कुछ जगहों पर केबल में कट लगाकर सीधे ही वे तार जोड़कर बिजली चोरी की जा रही है।

इस तरह के हथकंडे अपनाए जाने से फाल्ट भी बढ़ते जा रहे हैं, जिससे अन्य उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि बिजली चोरी के लिए अपनाए जा रहे इन उपायों की जानकारी बिजली कंपनी के अधिकारियों को भी है, लेकिन वे भी इस पर लगाम नहीं लगा पा रहे। गर्मी बढ़ते ही लाइन लास बढ़ गया है।

ऐसे में लोगों ने बिजली चोरी करने के नए-नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। इसके साथ ही कुछ इलाकों में मीटर पर चिप भी लगाई जाती है, जो मीटर की रफ्तार को रोक देती है। खास बात यह है कि बिजली चोरी देर रात से सुबह तक की जाती है। कुछ इलाकों में दिन भर देखी जा सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है बिजली चोरी करने वाले लोग बिना लाइनमैन के चोरी नहीं कर सकते हैं। जहां कहीं भी बिजली चोरी की जा रही है वहां पर या तो सीधे ट्रांसफार्मर से कनेक्शन जोड़ा गया है या फिर पोल से कुछ स्थानों पर लोग बीच में कटिया लगाकर बिजली चोरी कर रहे हैं। क्षेत्रीय मीटर रीडर को मामले की जानकारी होने के चलते जैसे ही कोई टीम चेकिंग के लिए पहुंचती है उससे पहले ही केबल हटा दिए जाते हैं।

नए बिजली कनेक्शन के लिये लगा रहे है विभाग के चक्कर

जौरा के वार्डो में कई ऐसे परिवार है जो स्थाई बिजली कनेक्शन के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे है। कुछ लोगों ने अस्थाई बिजली कनेक्शन लेकर अपने भवन का निर्माण कार्य कराना शुरू कर दिया है। रहवासी गोलू श्रीवास्तव ने बताया कि एक साल पहले बिजली विभाग में नए कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था। विभाग के चक्कर भी काटे, ऊपर से फोन लगवाए तब जाकर बड़ी मुश्किल से कनेक्शन हुआ।

कमला ने बताया कि नया घर बन रहा है। स्थाई कनेक्शन नही मिला। अस्थाई कनेक्शन लेकर नए घर का काम शुरू किया है। संजय अग्रवाल ने बताया कि मेरा मीटर ट्रांसफर होना था। विभाग के चक्कर भी लगाए। आखिर मीटर ट्रांसफर नही हुआ है। जौरा कस्बे में कुछ परिवार ऐसे है जिन्होंने बताया कि एक साल पहले उन्होंने अपना नया मकान बनाकर तैयार किया है, लेकिन उसे बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा।

बिजली विभाग के अधिकारियों को हमारा आग्रह निवेदन समझ नही आ रहा है जब तक उग्र आंदोलन नही किया जायेगा तब तक सुनवाई नही होगी एक दो दिन में बड़ा आंदोलन तय किया जायेगा

पंकज उपाध्याय, विधायक जौरा।

-स्टेशन पर बिजली कटौती बहुत हो रही है। यात्रियों को बिजली की वजह से सुविधाएं नही मिल पा रही है बिजली की वजह से पानी की समस्या रहती है

हरिओम पाल, स्टेशन मास्टर जौरा

-जौरा कस्बे में आठ से लेकर दस घंटे की कटौती की जा रही है। रात में भी बिजली कटौती की जा रही है। ट्रांसफार्मर फूंकने पर 40-40 घंटों तक सुनवाई नही होती है। बिजली चोरी का ग्राफ आसमान तक पहुंच गया है। जले ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर ईमानदार उपभोक्ता पर शिकंजा कसा जाता है।

संदीप अग्रवाल, अध्यक्ष व्यापार मंडल जौरा

-जौरा में बिजली कनेक्शन की बात है तो नगर पालिका लिखकर दे कि जो कनेक्शन मांगेंजा रहे है वह वैध हैं। हमने तो लिस्ट भी मांगी है। उपभोक्ताओं को हम अस्थाई कनेशन दे रहे है। वहीं कटौती की वजह है कि यहां 11 केवी की लाइन डाली जा रही है। जिसकी वजह से लाइनों को बंद करना पड़ता है।

पुष्पेन्द्र यादव, ए ईं बिजली विभाग जौरा

Medical Schools: बुधनी सहित 5 जगहों पर नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की तैयारी, फैकल्टी की भर्ती शुरू

सरकार बनने के अब इस संकल्प को पूरा करने में सबसे अधिक जोर है। इसी कड़ी में अगले वर्ष 5 कॉलेज शुरू होना लगभग तय माना जा रहा है। इनमें सबसे तेज काम बुधनी मेडिकल कॉलेज का चल रहा है। राजगढ़ कॉलेज भवन बनाने का काम पिछड़ा है।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 04:53:32 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 04:53:32 PM (IST)

Medical Colleges: बुधनी सहित 5 जगहों पर नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की तैयारी, फैकल्टी की भर्ती शुरू

HighLights

  1. बुधनी छोड़ बाकी 4 कालेज केंद्र सरकार के सहयोग से बनाए जा रहे हैं।
  2. सभी जगह 150-150 सीटें होंगी।
  3. बुधनी में नर्सिंग कॉलेज भी शुरू किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अगले वर्ष (2025-26) में 5 नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने प्रारंभ कर दी है। इनमें शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी, राजगढ़, श्योपुर, सिंगरौली और मंडला का मेडिकल कालेज शामिल है। सभी जगह 150-150 सीटें होंगी।

बुधनी में नर्सिंग कॉलेज भी शुरू किया जाएगा। मापदंड पूरा करने में कोई कमी नहीं रह जाए, इसलिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने लगभग एक वर्ष पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। श्योपुर और सिंगरौली में फैकल्टी की पदस्थापना भी शुरू हो गई है, क्योंकि मान्यता मिलने में सबसे बड़ी अड़चन फैकल्टी को लेकर ही आती है। कॉलेज भवन का निर्माण भी तेजी से चल रहा है।

60 फीसदी राशि केंद्र से मिली

बता दें कि बुधनी छोड़ बाकी 4 कालेज केंद्र सरकार के सहयोग से बनाए जा रहे हैं। 60 प्रतिशत राशि केंद्र से मिली है, 40 प्रतशित राज्य सरकार लगा रही है। दरअसल, विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में घोषणा की थी कि प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में अगले पांच वर्ष के भीतर सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

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सरकार बनने के अब इस संकल्प को पूरा करने में सबसे अधिक जोर है। इसी कड़ी में अगले वर्ष 5 कॉलेज शुरू होना लगभग तय माना जा रहा है। इनमें सबसे तेज काम बुधनी मेडिकल कॉलेज का चल रहा है। राजगढ़ कॉलेज भवन बनाने का काम पिछड़ा है।

अब अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान ने निर्माणाधीन कालेजों की समीक्षा कर कहा है कि इस वर्ष अंत तक सभी कऑलेजों का भवन तैयार हो जाना चाहिए। बता दें कि इनमें सिंगरौली और श्योपुर का कॉलेज इसी वर्ष से शुरू करने की तैयारी पहले थी, पर भवन नहीं बन पाने के कारण अगले वर्ष से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

इस वर्ष यानी 2024-25 में सिवनी, नीमच और मंदसौर में सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल सकती है। इसके साथ प्रदेश में 17 सरकारी और 13 निजी मिलाकर कुल 30 मेडिकल कालेज हो जाएंगे।

अगले वर्ष से 5 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी गई है। सभी जगह भवन बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इस वर्ष भी सिवनी, नीमच और मंदसौर मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है। – डॉ. एके श्रीवास्तव संचालक, चिकित्सा शिक्षा

बुमराह की धांसू बॉलिंग के बाद इंटरव्‍यू लेने पहुंची वाइफ संजना, पूछा- ‘पूछा डिनर में…’ जस्‍सी ने लुटाया प्‍यार
हाइलाइट्स

जसप्रीत बुमराह ने 24 गेंदों में से 15 डॉट बॉल फेंकी.जसप्रीत बुमराह ने रिजवान का विकेट लिया, जो टर्निंग प्‍वाइंट बना.मैच के बाद वाइफ संजना गणेशन ने बुमराह का इंटरव्‍यू लिया.

नई दिल्‍ली. भारत और पाकिस्‍तान के बीच मैच के दौरान जसप्रीत बुमराह का जादू जमकर चला. एक वक्‍त ऐसा था जब पाकिस्‍तान को जीत को 48 गेंदों पर 48 रन की ही दरकार थी. यहां से जस्‍सी ने मोहम्‍मद रिजवान को आउट कर टीम इंडिया की वापसी करवाई. मुकाबले के बाद जस्‍सी का इंटरव्‍यू लेने के लिए उनकी पत्‍नी संजना गणेशन पहुंची. संजना टी20 वर्ल्‍ड कप में आईसीसी डिजिटल प्‍लेटफॉर्म के लिए एंकरिंग कर रही हैं. पहले संजना ने बुमराह का इंटरव्‍यू लिया, अंत में दोनों के बीच मजेदार प्‍यार भरे पल भी देखने का मिले.

इंटरव्‍यू खत्‍म होने के बाद जसप्रीत बुमराह ने संजना से कहा- आधे घंटे में फिर मिलते हैं. वहीं, संजना ने भी जवाब देते हुए पूछ लिया कि आज डिनर में क्‍या है? हालांकि संजना के सवाल पूछते ही इंटरव्‍यू वहीं खत्‍म हो गया। जस्‍सी और संजना ने कुछ साल पहले ही लव मैरिज की थी. संजना स्‍पोर्ट्स जर्नलिस्‍ट हैं. दोनों की मुलाकात इसी तर्ज पर एक इंटरव्‍यू के दौरान हुई थी. भारत-पाकिस्‍तान मैच के बाद दोनों की बातचीत का वीडियो आईसीसी की तरफ से अपने इंस्‍टाग्राम हैंडल पर शेयर किया गया, जो इस वक्‍त काफी ज्‍यादा वायरल हो रहा है. जसप्रीत बुमराह ने अपने चार ओवरों में 15 बॉल डॉट फेंकी. इस दौरान उन्‍होंने 14 रन देकर तीन विकेट भी लिए. यह जसप्रीत बुमराह ही थे, जो धीरे-धीरे मुकाबले को पाकिस्‍तान की पहुंच से दूर ले गए.

यह भी पढ़ें:- 24 गेंद…15 डॉट.. 3 विकेट… जसप्रीत बुमराह ने ऐसे पलट दी बाजी, भारत ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

मैच के बाद जसप्रीत बुमराह ने कहा, “रोहित शर्मा की कप्तानी बहुत स्पष्ट थी. हम थोड़े निराश थे क्योंकि हम कुल मिलाकर अधिक रन जोड़ना चाहते थे, लेकिन पहली पारी के बाद टीम की बैठक में यह स्पष्ट था कि आगे क्या है, हमारे नियंत्रण में क्या है और हम उस पर ध्यान केंद्रित करने और किसी भी तरह की घबराहट पैदा नहीं करने की कोशिश कर रहे थे.”

Dewas Elevate Accident: देवास नगर निगम में लिफ्ट गिरी, MIC सदस्य सहित 8 का किया रेस्क्यू

जिस समय हादसा हुआ, उसी समय नगर निगम में विधायक गायत्री राजे पवार बैठक लेने पहुंची थी। इस दौरान महापौर गीता अग्रवाल, सभापति रवि जैन, विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, निगम आयुक्त रजनीश कसेरा सहित तमाम जिम्मेदार मौजूद थे।

By Sandeep Chourey

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 06:00:44 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 06:00:44 PM (IST)

Dewas Lift Accident: देवास नगर निगम में लिफ्ट गिरी, MIC सदस्य सहित 8 का किया रेस्क्यू
काफी देर की मशक्कत के बाद लिफ्ट में फंसे सभी लोगों को निकाला गया।

HighLights

  1. ओवरलोड से गिर रही लिफ्ट
  2. सेफ्टी रोप के कारण रुकी
  3. देवास नगर निगम में टला बड़ा हादसा

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। नगर निगम में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा टल गया। निगम की लिफ्ट में कई लोगों के सवार होने के कारण लिफ्ट नीचे गिरने लगी, जो सेफ्टी रोप के चलते दो मंजिलों के बीच फंस गई। काफी देर की मशक्कत के बाद लिफ्ट में फंसे सभी लोगों को निकाला गया। लिफ्ट प्रथम तल से भूतल की ओर जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ। लिफ्ट में MIC सदस्य मुस्तफा अहमद सहित 8 लोगों को कुछ देर बाद सकुशल बाहर निकाल लिया गया।

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जिस समय हादसा हुआ, उसी समय नगर निगम में विधायक गायत्री राजे पवार बैठक लेने पहुंची थी। इस दौरान महापौर गीता अग्रवाल, सभापति रवि जैन, विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, निगम आयुक्त रजनीश कसेरा सहित तमाम जिम्मेदार मौजूद थे।

महू में भी हुआ लिफ्ट हादसा

गौरतलब है कि देवास के अलावा महू के एक निजी अस्पताल में भी रविवार देर रात तीसरी मंजिल से लिफ्ट गिर गई थी, जिसके कारण 4 लोग घायल हो गए थे। मिली जानकारी के मुताबिक, रात 10 बजे यह हादसा हुआ था। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और सभी की हालत ठीक है।

Reasi Terror Assault: ‘India-Pakistan की बातचीत से घाटी में लौटेगी शांति’…, रियासी आतंकी घटना पर बोले उमर अब्दुल्ला

रियासी बस आतंकी हमले पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आतंकी हमला हुआ है। दुर्भाग्य से जिन इलाकों को हमने आतंकवाद से मुक्त कराया था, इस नेतृत्व में उन इलाकों में उग्रवाद देखा जा सकता है।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 04:50:48 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 04:50:48 PM (IST)

Reasi Terror Attack: 'India-Pakistan की बातचीत से घाटी में लौटेगी शांति'..., रियासी आतंकी घटना पर बोले उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला का रियासी आतंकी हमले पर बयान।

एएनआई, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने रियासी आतंकी हमले पर सरकार को पाकिस्तान से बातचीत की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि घाटी में हिंसा धारा 370 की वजह से नहीं थी। भाजपा के यह दावे अब झूठे साबित हो रहे हैं। घाटी में हिंसा को रोकने के लिए दोनों देशों को बैठकर बातचीत करनी होगी।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमें धोखे में रखकर जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन लिया गया था। अब हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसमें सुधार करेगी। हमारी मांग है कि राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव कराए जाने चाहिए।

#WATCH | Jammu and Kashmir Nationwide Convention vice-president Omar Abdullah says, “…We hope that the way in which we have been betrayed is corrected. Statehood must be restored and Meeting Elections must be performed…”

On the Reasi bus terror assault, he says, “This isn’t… pic.twitter.com/8il9xHpeSN

— ANI (@ANI) June 10, 2024

रियासी में आतंकी हमला दुर्भाग्यपूर्ण

रियासी बस आतंकी हमले पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि आतंकी हमला हुआ है। दुर्भाग्य से जिन इलाकों को हमने आतंकवाद से मुक्त कराया था, इस नेतृत्व में उन इलाकों में उग्रवाद देखा जा सकता है।

दोनों देशों को बात कर रोकनी होगी घटनाएं

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जिन लोगों ने यह दावा किया था कि यहां हालात सामान्य हैं, उनको सामने आकर जवाब देना चाहिए। हमने हमेशा से कहा कि यहां हालात सामान्य नहीं हैं। हमने हमेशा कहा कि अनुच्छेद 370 की वजह से घाटी में बंदूकें नहीं उठायी जाती हैं। बीजेपी वालों के दावे यह थे कि धारा 370 की वजह से यहां हिंसक घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बातचीत का माहौल बनाना होगा। दोनों देशों को इसके लिए भूमिका निभानी होगी।

Panchayat Actor Faisal Malik Mumbai Battle Story | Gangs of Wasseypur | पंचायत के ‘प्रहलाद चा’ कभी स्टेशन पर सोते थे: खाने में खूब मिर्ची डालते थे ताकि जल्दी पेट भरे; कोविड में पिता की मौत से टूटे

मुंबई1 दिन पहलेलेखक: आशीष तिवारी/अरुणिमा शुक्ला

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इस बार की स्ट्रगल स्टोरी में कहानी पंचायत के प्रहलाद चा यानी फैसल मलिक की। - Dainik Bhaskar

इस बार की स्ट्रगल स्टोरी में कहानी पंचायत के प्रहलाद चा यानी फैसल मलिक की।

‘पंचायत’ के प्रहलाद चा यानी फैसल मलिक। यह नाम पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में है। हो भी क्यों न, ‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में अपनी संजीदा अदाकारी से इन्होंने सबका दिल जीत लिया है। ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्म में चंद मिनट का रोल करने वाले फैसल मलिक आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। हालांकि सफलता की सीढ़ी इन्होंने आसानी से नहीं चढ़ी है। इसके लिए इन्हें काफी स्ट्रगल भी करना पड़ा है।

उनकी संघर्ष की कहानी जानने के लिए हम मुंबई के अंधेरी वेस्ट के यारी रोड स्थित उनके घर पहुंचे। हमने रिंग बजाई तो दरवाजा भी उन्होंने ही खोला। हाय-हैलो हुआ, उन्होंने कहा कि पहले नाश्ता करिए फिर इंटरव्यू करेंगे। नाश्ते के बाद हमने इंटरव्यू शुरू कर दिया।

फैसल ने कहा कि मुंबई आने के बाद उन्हें रहने-खाने की सबसे ज्यादा दिक्कत हुई थी। खाने को पैसे नहीं होते थे। किसी तरह एक टाइम के खाने का जुगाड़ हो जाता था। खाने में खूब मिर्ची भर देते थे और कई गिलास पानी पी लेते थे, जिससे कि कम खाने में ही पेट भर जाए।

फैसल ने बताया कि फिल्मों में आने से पहले वे एक टीवी चैनल में बतौर वीडियो एडिटर कार्यरत थे। उनसे 20-20 घंटे काम कराया जाता था। एक बार पैर टूटने के बावजूद वे काम करते रहे थे।

तो चलिए फैसल की संघर्ष की कहानी, उन्हीं की जुबानी सुनते हैं…

फिल्म देखने पर घरवालों से मार पड़ती थी
फैसल मलिक का जन्म इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। बचपन के दिनों के बारे में फैसल ने बताया, ‘आम बच्चों की तरह मेरा बचपन भी सामान्य बीता। कभी नहीं सोचा था कि बड़ा होकर एक्टर ही बनूंगा।

हां, फिल्में देखना बहुत पसंद था, लेकिन परिवार वालों को मेरी यह आदत बिल्कुल रास नहीं आती थी। इस कारण मैं छिप-छिप कर फिल्में देखता था। कई बार तो मेरी यह चोरी पकड़ी भी गई, मार भी बहुत पड़ी। कई दफा मार खाने के बाद भी फिल्में देखना बंद नहीं किया।’

फैसल ग्रेजुएशन (B.Sc) पूरी करने से पहले ही मुंबई जाकर एक्टर बनना चाहते थे, लेकिन घरवाले उनके फैसले के खिलाफ थे। इस बात को लेकर घरवालों से बहुत ज्यादा बहस भी हुई। तब इस कंडीशन में बड़े भाई ने उनका साथ दिया और मुंबई स्थित अपने दोस्त के यहां फैसल को भेज दिया। बाद में मां और पिता भी उन्हें सपोर्ट करने लगे।

संघर्ष क्या होता है, मुंबई पहुंचकर पता चला
इस सफर के बारे में फैसल कहते हैं, ‘मैं 22 साल की उम्र में मुंबई आया। यहां BKC (मुंबई का एक एरिया) में भाई के दोस्त के घर में रहता था। शुरुआत में तो सबको लगता है कि मुंबई आने पर महानायक अमिताभ बच्चन ही बन जाएंगे। हालांकि यहां रहने के बाद असलियत पता चलती है।

मुंबई पहुंचने के बाद मैं किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में एक्टिंग कोर्स करने लगा। हालांकि 3 महीने बाद ही एहसास हो गया कि ये आसान दिखने वाला काम बिल्कुल भी आसान नहीं है। फीस से लेकर रहने और खाने का भी इंतजाम करना था। घर से ज्यादा पैसे मांगना सही नहीं लगा। इस वजह से मैंने कुछ काम करने का फैसला किया।’

पहली सैलरी महज 700 रुपए प्रति महीना थी
फैसल ने बताया कि जब वे मुंबई आए थे, तब अब्बू उन्हें हर महीने का खर्च भेजते थे, लेकिन इलाहाबाद की तुलना में मुंबई का खर्च बहुत ज्यादा था। वे लंबे समय तक अब्बू पर बोझ नहीं बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने कमाना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले मैंने सहारा इंडिया में बतौर टेप लॉगिन करने का काम किया जिसे आमतौर पर इंटर्न करते हैं। यहां मुझे सबसे निचले स्तर का काम मिला था। इस काम के दौरान मुझे सैकड़ों वीडियो टेप से घंटों मेहनत करके कुछ खास तरीके के विजुअल निकालने होते थे। फिर कुछ समय बाद मैं रात में दोस्त की मदद से एडिटिंग सीखने लगा। 2-3 महीने में पूरा काम सीख लिया था। एक दिन खुद से प्रोमो कट किया, एडिट किया और सर को दिखाया। मेरा काम देख वो बहुत खुश हुए और टेप चिपकाने की जगह प्रोमो कट करने का काम मिल गया।

पहली सैलरी की बात करूं तो मुझे 700 रुपए प्रति महीना मिलते थे, फिर 1300 रुपए और बाद में 3200 रुपए प्रति महीना मिलने लगे। सहारा में काम करने के बाद जी सिनेमा और स्टार वन में भी काम किया था।’

जब 20 फीट से नीचे गिरने पर पैर टूट गया
फैसल ने बताया कि वे काम को लेकर बहुत जुनूनी थे। इतने कि 5-6 दिन लगातार ऑफिस में रहकर काम करते थे। उनका यही जुनून एक दिन उन पर भारी पड़ गया। ये बात उस वक्त की है, जब वे किसी प्रोजेक्ट में बतौर एसोसिएट प्रोड्यूसर काम कर रहे थे। यहां उन्हें 20-20 घंटे काम करना पड़ता था।

एक दिन वे लगातार कई घंटों से काम कर रहे थे। तभी 20 फीट की ऊंचाई पर जाकर कैमरे में सीन देखने लगे। उन्हें इतना भी ध्यान नहीं रहा कि वे 20 फीट ऊपर हैं और तभी अचानक नीचे गिर गए। इस हादसे में उनका पैर भी टूट गया। हालांकि इसका असर उन्होंने अपने काम पर नहीं पड़ने दिया। अस्पताल जाकर प्लास्टर लगवाने के बाद वे दोबारा रात में एडिटिंग करने पहुंच गए।

फैसल की खुद की प्रोडक्शन कंपनी भी है। इसके तहत उन्होंने रिवॉल्वर रानी, सात उचक्के जैसी फिल्मों का प्रोडक्शन किया है।

फैसल की खुद की प्रोडक्शन कंपनी भी है। इसके तहत उन्होंने रिवॉल्वर रानी, सात उचक्के जैसी फिल्मों का प्रोडक्शन किया है।

कई रातें बिना खाए गुजारीं, सड़क और स्टेशन पर भी सोना पड़ा
आम स्ट्रगलर्स की तरह फैसल को भी मुंबई में खाने-रहने की दिक्कत हुई। उन्होंने कहा, ‘जब पैसों की तंगी थी, तब पूरा दिन बिना खाए गुजार देता था ताकि बचत की जा सके। खाने में मिर्च डालकर खाता था और खूब पानी पीता था। ऐसा करने से कम खाने में ही पेट भर जाता था।

बहुत लंबे समय तक भाई के दोस्त के घर नहीं रह सकता था। हालात ऐसे भी बने कि कई रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। स्टेशनों पर भी सोना पड़ा। खैर ये सारी चीजें एक्सपीरियंस के लिहाज से बहुत जरूरी होती हैं।’

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में लाइन प्रोड्यूसर थे, किस्मत से मिल गया रोल
एडिटिंग फील्ड से जुड़ने के बाद फैसल ने एक्टिंग में जाने के बारे में बिल्कुल नहीं सोचा था, लेकिन एक इत्तफाक ने उनका परिचय एक्टिंग से करा दिया। फैसल कहते हैं, ‘मैं अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में लाइन प्रोड्यूसर था। इलाहाबाद में सिर्फ 4 दिन की शूटिंग के लिए बहुत मुश्किल से एक लोकेशन फाइनल हुई थी।

फिल्म में इंस्पेक्टर गोपाल सिंह का किरदार जो शख्स निभा रहा था, वो शूटिंग के पहले दिन आया ही नहीं। तब मुझसे यह रोल करने के लिए कहा गया। पहले लगा कि 1-2 सीन का रोल होगा, इसलिए मैंने हामी भर दी। बाद में पता चला कि इस कैरेक्टर का लंबा स्क्रीन स्पेस है।

उस दिन एक दिलचस्प वाकया भी हुआ। जो शख्स पहले यह रोल करने वाला था, वो मुझसे थोड़ा दुबला-पतला था। प्रोडक्शन टीम ने उसी के हिसाब से वर्दी सिलवाई थी। तुरंत दूसरी वर्दी की व्यवस्था करने में शूटिंग बहुत लेट हो जाती। मजबूरी वश मैंने किसी तरह वो वर्दी पहनी, लेकिन पैंट फट गई। उसे दोबारा सिला गया, जिसके बाद मेरा शॉट कम्प्लीट हुआ।’

फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में फैसल ने पुलिस ऑफिसर का रोल निभाया था। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकार भी दिखाई दिए थे।

फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में फैसल ने पुलिस ऑफिसर का रोल निभाया था। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी, राजकुमार राव और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकार भी दिखाई दिए थे।

फैसल ने बताया कि फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद उनके पास सिर्फ पुलिस ऑफिसर के रोल आते थे। उन्होंने एक-दो ऑफर को स्वीकार भी कर लिया था, लेकिन खराब कहानी की वजह से अधिकतर को ठुकरा देते थे। इसके बाद फैसल को 2-3 फिल्म और 4-5 सीरीज में देखा गया।

‘पंचायत’ के प्रहलाद चा के किरदार के लिए बहुत वजन बढ़ाना पड़ा
फिर फैसल की झोली में ‘पंचायत’ सीरीज गिरी, जिससे वे घर-घर में प्रहलाद चा के नाम से फेमस हुए। ‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में फैसल ने एक अलग छाप छोड़ी है। पिछले दो सीजन में मस्ती मजाक करने वाले प्रहलाद चा का किरदार इस सीजन में रुला देने वाला है।

फैसल ने बताया कि सीरीज के डायरेक्टर दीपक कुमार मिश्रा ने उन्हें ध्यान में रखकर ही प्रहलाद चा का किरदार लिखा था। इस तरह से वे ऐसे एक्टर रहे जिनकी कास्टिंग सीरीज के लिए सबसे पहले हुई। बाकी सभी की कास्टिंग बाद में हुई थी।

इस रोल में ढलने के लिए उन्होंने बॉडी ट्रांसफॉर्म भी किया है। इस बारे में उन्होंने कहा, ‘मेकअप वगैरह कुछ नहीं था। रोल के लिए मैंने काफी ज्यादा वजन बढ़ाया है। दिन भर में सिर्फ दो घंटे सोता था। स्लीप साइकल बदलने की वजह से मैंने काफी वजन बढ़ा लिया। मेकअप वगैरह करके भी देखा था, लेकिन उसमें वो फील नहीं आ रहा था।’

कोविड में पिता की मौत से टूट गए थे
‘पंचायत’ के तीसरे सीजन में फैसल का किरदार पहले की तुलना में थोड़ा संजीदा है। वजह यह है कि दूसरे सीजन में फैसल के ऑन-स्क्रीन बेटे का निधन हो जाता है। इसके बारे में वे कहते हैं, ‘मौत एक कड़वा सच है। यह कभी न कभी सबकी जिंदगी में घटित होना ही है। कोविड के दौरान मेरे पिता का निधन हो गया। मेरे करीबी दोस्त भी गुजर गए।

‘पंचायत’ में इमोशनल सीन्स की शूटिंग के वक्त मुझे उनका ख्याल आता था। शायद इस वजह से एक्टिंग काफी नेचुरल लगी है। मैंने जो भी किया है, वो सब खुद से ही किया है। जो मेरे अंदर से निकल रहा था, वही स्क्रीन पर भी दिख रहा था।’

ये बात बताते हुए फैसल थोड़े भावुक भी हो गए। उनकी आंखों में मैंने नमी भी देखी।

तस्वीर में पत्नी के साथ फैसल। फैसल ने बताया कि जब वे एडिटर का काम करते थे, तभी उनकी मुलाकात कुमुद शाही से हुई थी, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। कुमुद उनकी बॉस थीं। कुछ समय की दोस्ती के बाद दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग धर्म की वजह से उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। हालांकि बाद में सब ठीक हो गया।

तस्वीर में पत्नी के साथ फैसल। फैसल ने बताया कि जब वे एडिटर का काम करते थे, तभी उनकी मुलाकात कुमुद शाही से हुई थी, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। कुमुद उनकी बॉस थीं। कुछ समय की दोस्ती के बाद दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग धर्म की वजह से उनके परिवार वाले इस रिश्ते के खिलाफ थे। हालांकि बाद में सब ठीक हो गया।

आने वाले प्रोजेक्ट्स के बारे में फैसल ने कहा कि वे 3-4 फिल्मों और 2-3 वेब सीरीज में दिखाई देंगे। इस लिस्ट में जो तेरा है वो मेरा, सब फर्स्ट क्लास जैसी फिल्मों का नाम शामिल है।

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Rewa Information: बारहवीं की छात्रा को घर में घुसकर युवक ने मारी गोली, अस्‍पताल में भर्ती

पुलिस मौके पर पहुंची है। यह घटना सिविल लाइन थाने की है। छात्रा की पहचान वंशिका सिंह के रूप में की गई है जबकि गोली मारने वाले युवक का नाम अभिषेक पांडे है।

By Navodit Saktawat

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 05:29:18 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 05:34:46 PM (IST)

छात्रा की पहचान वंशिका सिंह के रूप में की गई है जबकि गोली मारने वाले युवक का नाम अभिषेक पांडे है।

नईदुनिया प्रतिनिधि, रीवा। यहां अपने भाई के साथ घर में मौजूद कक्षा बारहवीं की छात्रा को घर में घुसकर युवक ने गोली मार दी। उसे गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मौके पर पहुंची है। यह घटना सिविल लाइन थाने की है। छात्रा की पहचान वंशिका सिंह के रूप में की गई है जबकि गोली मारने वाले युवक का नाम अभिषेक पांडे है।

भारत-पाकिस्तान का अगला मैच कब? क्या T20 वर्ल्ड कप में फिर होगी भिड़ंत, चैंपियंस ट्रॉफी के लिए लाहौर भी तैयार

नई दिल्ली. भारत-पाकिस्तान का मुकाबला हुए अभी चंद घंटे ही हुए हैं कि क्रिकेटप्रेमी इन दोनों टीमों के अगले मैच के बारे में सर्च करने लगे हैं. कई क्रिकेटप्रेमी जानना चाह रहे हैं कि क्या ये दोनों टीमें टी20 वर्ल्ड कप 2024 में दोबारा भिड़ सकती हैं. अगर हां तो कब और अगर नहीं तो वह कौन सा टूर्नामेंट होगा, जब भारत और पाकिस्तान फिर टकराएंगे. आइए इन सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप 2024 में एक ही ग्रुप ए में हैं. दोनों टीमों का मुकाबला हो चुका है, जिसमें भारत ने 6 रन से जीत दर्ज की. टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट के मुताबिक हर ग्रुप से टॉप-2 टीमें सुपर-8 राउंड में प्रवेश करेंगी. सुपर-8 में हर टीम 3 मैच खेलेगी, लेकिन वह अपने ग्रुप की टीम से नहीं भिड़ेगी. इसे यूं समझें कि अगर भारत और पाकिस्तान दोनों सुपर-8 ग्रुप में जाते हैं, तो इन दोनों टीमों का मुकाबला इस स्टेज पर नहीं होगा.

T20 World Cup: भारत ने पाकिस्तान की ताबूत में ठोक दी कील, सुपर-8 का सपना किया मुश्किल, जीत से भी नहीं बनेगी बात!

इसका मतलब यह है कि भारत और पाकिस्तान की इस टूर्नामेंट में दोबारा भिड़ंत सेमीफाइनल या फाइनल में तो हो सकती है, लेकिन सुपर-8 स्टेज पर नहीं. टूर्नामेंट के दोनों सेमीफाइनल 27 जून को खेले जाएंगे. इसके बाद 29 जून को फाइनल होगा. स्पष्ट है कि भारत और पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप में दोबारा भिड़ सकते हैं, लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब ये दोनों टीमें सुपर-8 स्टेज से आगे बढ़ें.

मौजूदा समय में भारतीय टीम अपने दोनों मैच जीतकर सुपर-8 की रेस में सबसे आगे है. पाकिस्तान अपने दो मैच हार चुका है, लेकिन इसके बावजूद वह सुपर-8 में पहुंच सकता है. ऐसा तब होगा जब वह अपने दोनों मैच जीते और अमेरिका की टीम अपने दोनों मैच हार जाए.

अगर टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत दोबारा नहीं होती है तो फिर इसके लिए अगले साल मार्च तक इंतजार करना होगा. मार्च 2025 में पाकिस्तान की मेजबानी में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी होनी है. इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान का मुकाबला संभव है. क्रिकबज के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी ) भारत-पाक का मुकाबला लाहौर में कराना चाहता है. इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. भारतीय टीम लंबे समय से पाकिस्तान दौरे पर नहीं गई है.

Tags: Champions Trophy, Icc T20 world cup, India Vs Pakistan, Pakistan cricket, T20 World Cup, Crew india

PM मोदी ने खोला अपनी ऊर्जा का राज, PMO के अधिकारियों को बताया क्यों नहीं थकते

तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों को पहली बार संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी ऊर्जा का राज उनके सामने खोल दिया। उन्होंने बताया कि आखिर कैसे वह ऊर्जा भरे रहते हैं।

By Anurag Mishra

Publish Date: Mon, 10 Jun 2024 05:22:00 PM (IST)

Up to date Date: Mon, 10 Jun 2024 05:28:04 PM (IST)

PM मोदी ने खोला अपनी ऊर्जा का राज, PMO के अधिकारियों को बताया क्यों नहीं थकते
पीएम मोदी ने पीएमओ अधिकारियों को किया संबोधित।

एएनआइ, नई दिल्ली। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों को पहली बार संबोधित किया। पीएम मोदी ने पीएमओ के अधिकारियों के सामने अपनी ऊर्जा का राज खोल दिया। उन्होंने बताया कि मेरे अंदर का विद्यार्थी हमेशा जीवित रहता है। यही मेरी ऊर्जा का कारण है।

पीएम मोदी ने कहा कि एक सफल व्यक्ति वह है जिसके अंदर का छात्र कभी नहीं मरता है। इस चुनाव में कई बार लोगों ने मुझसे एक सवाल पूछा। यह सवाल पिछले 30 वर्षों से मुझसे पूछा जाता है कि मुझे इतनी ऊर्जा कहां से मिलती है। मेरी ऊर्जा का रहस्य यह है कि मैं अपने अंदर के विद्यार्थी को हमेशा जीवित रखता हूं। जो व्यक्ति अपने अंदर के विद्यार्थी को जीवित रखता है वह कभी शक्तिहीन नहीं होता, कभी कमजोर नहीं होता और वह कभी आलसी नहीं होता। वह हमेशा ऊर्जा से भरा रहता है।

#WATCH | In his first handle to the officers of PMO, after assuming workplace of the Prime Minister for the third time, PM Modi says, “A profitable individual is the one whose internal scholar by no means dies. Many individuals have requested me this query on this election and for the final 30 years,… pic.twitter.com/bmgny03zYv

— ANI (@ANI) June 10, 2024

तीन बातों को ध्यान में रखकर मिलेगी सफलता

उन्होंने कहा कि विचारों में स्पष्टता होनी चाहिए। इस सरकार में कोई उलझन नहीं है। हमें पता है कि हमें कहां जाना है। दूसरा हमें अपने विश्वास पर दृड़ रहना चाहिए। मैं जो सुन रहा हूं, वह भले ही मेरे विचारों से मेल ना खाता हो, लेकिन मंजिल को पाने का तरीका यही है। ऐसे में हमें उस पर काम शुरू कर देना चाहिए। तीसरा मुझे अपने व्यक्तित्व को इस तरह से ढालना होगा कि मुझे उस काम को प्राथमिकता देनी होगी। अपना अधिकतम समय उस काम में लगाना होगा।